आमिर ख़ान ने कहा, 'सोनम वांगचुक पर नहीं बनी थी थ्री इडियट्स', भूख हड़ताल पर की ये टिप्पणी

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जाने-माने अभिनेता आमिर ख़ान ने आख़िरकार सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बेमियादी भूख हड़ताल पर अपनी चुप्पी तोड़ी है.
सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से दिल्ली के जंतर मंतर पर अनशन कर रहे हैं.
कई लोग सवाल उठा रहे थे कि अन्ना हजारे के अनशन में समर्थन करने पहुँचे आमिर ख़ान अब कहाँ हैं जबकि थ्री इडियट्स फ़िल्म वांगचुक के कामों से ही प्रेरित थी.
गुरुवार को लंदन इंडियन फ़िल्म फेस्टिवल के समापन समारोह में आमिर ख़ान ने इस बात को ख़ारिज किया है कि फ़िल्म थ्री इडियट्स में उनका किरदार 'रैंचो' सोनम वांगचुक से प्रेरित था.
लंदन इंडियन फ़िल्म फेस्टिवल में आमिर ख़ान की फ़िल्म लगान की भी स्क्रीनिंग हुई. 25 साल पूरे होने के मौक़े पर फ़िल्म की विरासत पर एक विशेष बातचीत आयोजित की गई, जिसमें आमिर ने दर्शकों के सवालों के जवाब भी दिए.
आमिर ने कहा कि उन्हें सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर गहरी चिंता है और वह उम्मीद करते हैं कि वह जल्द अपनी भूख हड़ताल ख़त्म करेंगे.
इससे पहले थ्री इडियट्स में चतुर रामालिंगम का किरदार निभाने वाले अभिनेता ओमी वैद्य ने भी वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता जताई थी. वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने लिखा था, "मैं नहीं चाहता कि फुनसुख वांगडू की मौत हो."
कई वर्षों से यह माना जाता रहा है कि थ्री इडियट्स में आमिर ख़ान का किरदार फुनसुख वांगडू, सोनम वांगचुक से प्रेरित था. हालांकि वांगचुक हमेशा इस दावे से ख़ुद को अलग बताते रहे हैं. गुरुवार को आमिर ख़ान ने भी ऐसा ही कहा.

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वांगचुक ने क्या कहा था?
वांगचुक का कहना रहा है कि फ़िल्म बनाते समय उनसे कभी कोई सलाह नहीं ली गई, उनकी सहमति नहीं ली गई और बाद में जब उन्होंने फ़िल्म निर्माताओं को अपने काम और जीवन के कथित इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए पत्र लिखा, तो उसका भी कोई जवाब नहीं मिला. वांगचुक ने एक बार दावा किया था, "वे चुपचाप मेरे स्कूल में फ़िल्म की शूटिंग करने आए थे.
कौन बनेगा करोड़पति में अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत के दौरान भी सोनम वांगचुक ने इस मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट किया था.
उन्होंने कहा था, "अगर आप कहें कि फ़िल्म प्रेरित है, तो मैं इससे इनकार नहीं करूंगा. बहुत से लोग कहते हैं कि यह फ़िल्म मुझ पर आधारित है, लेकिन मैं इससे सहमत नहीं हूँ. सही शब्द यह होगा कि यह शायद मुझसे प्रेरित या प्रभावित हो सकती है.''
''साथ ही मैं नहीं चाहता कि इस देश में लोग किसी बात को सिर्फ़ इसलिए स्वीकार कर लें क्योंकि उसका संबंध किसी फ़िल्म से है. इसलिए अगर यह फ़िल्म मुझसे प्रभावित भी है, तो मुझे इस पर कोई ख़ास गर्व नहीं है. अगर यह मुझसे प्रेरित नहीं है, तो मुझे इसका कोई अफ़सोस भी नहीं है."

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आमिर ख़ान ने क्या कहा?
आमिर ख़ान से लंदन में आयोजित इंडियन फ़िल्म फेस्टिवल में सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को थ्री इडियट्स से जोड़कर पूछा गया तो उन्होंने कहा, ''यह एक ग़लतफ़हमी है. जब हम थ्री इडियट्स बना रहे थे, तब मैं सोनम को जानता तक नहीं था. हाल ही में मैंने चतुर का एक वीडियो देखा, जिसमें उन्होंने ऐसा कहा, लेकिन वह ग़लत हैं. हो सकता है कि वह ऐसा सोचते हों, लेकिन मैं साफ़ करना चाहता हूँ कि न तो राजू और न ही अभिजात जोशी, जो इस फ़िल्म के दो लेखक हैं, हममें से कोई भी उस समय सोनम को नहीं जानता था."
उन्होंने कहा, "हालांकि सोनम जो काम कर रहे हैं, वह बहुत अच्छा है. उनका सम्मान करने और उनके काम की सराहना करने के लिए यह ज़रूरी नहीं है कि वह थ्री इडियट्स के किसी किरदार की प्रेरणा रहे हों. मैं सिर्फ़ तथ्य स्पष्ट करना चाहता था."

इसके बाद आमिर से सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत और उनकी बेमियादी भूख हड़ताल पर सवाल किया गया.
इस पर उन्होंने कहा, "हम सभी उनकी सेहत और उनके जीवन को लेकर बहुत चिंतित हैं. हम उम्मीद करते हैं कि इसका अच्छा समाधान निकले. हम सभी यही चाहते हैं कि वह अपनी भूख हड़ताल ख़त्म करें."
जोश टॉक्स के एक सत्र में सोनम वांगचुक ने बताया था कि उन्हें पहली बार थ्री इडियट्स के बारे में कैसे पता चला.
उन्होंने कहा था, "मैं इसलिए परेशान हूँ क्योंकि लोग लगातार मुझसे पूछते रहते हैं, 'क्या थ्री इडियट्स में जो स्कूल दिखाया गया है, वह आपका ही स्कूल है? क्या आप फुनसुख वांगडू हैं?' मैं यह साफ़ करना चाहता हूँ कि नहीं, मैं फुनसुख वांगडू नहीं हूँ. मैं सोनम वांगचुक हूं. मैं फ़िल्मों में काम नहीं करता, मैं असल ज़िंदगी में काम करता हूँ. मैं ऐसे इनोवेशन पर काम करता हूँ जो भारत से दुनिया तक पहुंचें और हमारे देश का नाम रोशन करे."

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अभिनेता इमरान ख़ान भी बोले
इस मुद्दे पर आवाज़ उठाने वालों में अभिनेता इमरान ख़ान, फ़ातिमा सना शेख़ और सोनाक्षी सिन्हा जैसे कई प्रमुख नाम शामिल हैं. इन कलाकारों ने जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि छात्रों के साथ ईमानदारी और निष्पक्षता बरती जानी चाहिए.
इमरान ख़ान ने अपने इंस्टाग्राम पर एक लंबी पोस्ट साझा करते हुए लिखा, "पिछले कुछ हफ़्तों से नीट में अनियमितता को लेकर चल रही चर्चाओं को देखना किसी रोलर-कोस्टर सफ़र जैसा रहा है. जैसा कि दार्शनिक मुगातू ने बड़े शानदार अंदाज़ में कहा था, ''मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैं पागल करने वाली गोलियां खा रहा हूँ.'"

जवाबदेही की मांग करते हुए उन्होंने लिखा, "यह कोई राजनीतिक बहस नहीं है... या कम से कम इसे नहीं होना चाहिए. अगर हम छात्रों से उम्मीद करते हैं कि वे पूरी ईमानदारी से परीक्षा दें, तो उन्हें भी उन संस्थाओं से उतनी ही ईमानदारी और जवाबदेही मिलने का अधिकार है जो पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी करती हैं. मेरा मानना है कि यह सिद्धांत इस बात से नहीं बदलता कि आप किस फुटबॉल टीम... माफ़ कीजिए, किस राजनीतिक दल का समर्थन करते हैं."
इमरान ख़ान ने इस पूरे विवाद का छात्रों पर पड़ रहे असर का भी ज़िक्र किया.
उन्होंने लिखा, "उन लाखों छात्रों को, जिनकी ईमानदार मेहनत को एक झटके में नज़रअंदाज कर दिया गया. और उन लाखों लोगों को भी, जिन्होंने अन्याय के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई है और अब भी डटे हुए हैं... मैं आपको देख रहा हूं. आप हम सबके बेहतर भविष्य के लिए अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं और आपके साथ खड़ा होना मेरे लिए सम्मान की बात है."

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फ़ातिमा सना शेख़ और सोनाक्षी सिन्हा ने भी किया समर्थन
दूसरी ओर फ़ातिमा सना शेख़ ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक के समर्थन में आवाज़ उठाई. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए मौजूदा स्थिति को "दिल तोड़ देने वाली" बताया.
प्रदर्शन की कुछ तस्वीरें साझा करते हुए उन्होंने लिखा, "आज 19 दिन हो चुके हैं. हम यह इंतज़ार नहीं कर सकते कि सुनने की शुरुआत तब हो, जब बहुत देर हो जाए. सोनम वांगचुक जैसे व्यक्ति, जिन्होंने इस देश को इतना कुछ दिया है, उन्हें सिर्फ़ अपनी बात सुने जाने के लिए अपनी सेहत दांव पर नहीं लगानी चाहिए. आपकी राजनीति चाहे जो भी हो, छात्रों के भविष्य की रक्षा करना सबसे अहम है. उन्हें इस हालत में देखना सचमुच दुखद है."
वहीं, एक भावुक वीडियो संदेश में सोनाक्षी सिन्हा ने कहा कि वह आमतौर पर इस तरह सार्वजनिक बयान नहीं देतीं, लेकिन सोनम वांगचुक की लंबी भूख हड़ताल को नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता.
उन्होंने कहा, "मैंने पहले कभी इस तरह कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया, लेकिन आज हम उन्हें नज़रअंदाज नहीं कर सकते. सोनम वांगचुक... हम सभी उन्हें जानते हैं. हम जानते हैं कि उन्होंने इस देश के लिए क्या किया है, उनकी उपलब्धियां क्या हैं और उन्हें कितने पुरस्कार मिले हैं."
सरकार की चुप्पी पर नाराज़गी जताते हुए सोनाक्षी ने कहा, "वह भूखे हैं. उन्होंने कई दिनों से कुछ नहीं खाया है. वह किसके लिए बैठे हैं? वह उन बच्चों के भविष्य के लिए बैठे हैं. मैं इस देश के युवाओं को बधाई देना चाहती हूँ. उन्होंने अपनी आवाज़ उठाई है. वे सच और बेहतर भविष्य के लिए लड़ रहे हैं. लेकिन कोई उनकी बात क्यों नहीं सुन रहा? कोई बातचीत शुरू क्यों नहीं कर रहा? कोई उनकी तरफ़ देख भी नहीं रहा. आख़िर कब तक? क्या तब जागेंगे जब इस व्यक्ति की मौत हो जाएगी? और उसकी ज़िम्मेदारी किसकी होगी?"
पिछले कुछ दिनों में फ़िल्म जगत की कई हस्तियों ने सोनम वांगचुक के समर्थन में आवाज़ उठाई है. इनमें शबाना आज़मी, ज़ीनत अमान, प्रकाश राज, नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, अभय देओल, सोनी राजदान और ओमी वैद्य जैसे नाम शामिल हैं.
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