एशिया कप फ़ाइनलः वो पाँच फ़ैक्टर जो तय कर सकते हैं भारत की जीत

    • Author, संजय किशोर
    • पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
  • प्रकाशित

भारतीय उपमहाद्वीप का ताज दांव पर है. कोलंबो का आर प्रेमदासा स्टेडियम एक ब्लॉकबस्टर फ़ाइनल के लिए तैयार है.

भारत और श्रीलंका के बीच नौवां एशिया कप फ़ाइनल खेला जाएगा.

भारतीय क्रिकेट टीम के लिए एशिया कप 2023 ख़िताब जीतना इसलिए भी अहम है क्योंकि तीन हफ़्ते बाद ही भारत में आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप खेला जाना है जिसकी मेज़बानी भारत कर रहा है.

रोहित शर्मा एंड कंपनी पर 2011 दोहराने का दबाव है जब महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बना था.

एशिया कप में अब तक भारत का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है. रोहित शर्मा की टीम अपने प्रशंसकों को विश्वास नहीं दिला पायी है कि इस वर्ल्ड कप में टीम इंडिया फिर इतिहास लिख पाएगी.

एशिया कप में भारत की फ़ाइनल तक की राह पाकिस्तान के ख़िलाफ़ ख़राब खेल के साथ शुरू हुई और उसके बाद नेपाल के ख़िलाफ़ ठोस जीत हुई जिससे टीम को सुपर फ़ोर में जगह मिल गई.

पहले मैच में बारिश की दख़लअंदाज़ी के बाद भारत ने दो दिवसीय खेल में पाकिस्तान को बुरी तरह से हराया, फिर श्रीलंका के ख़िलाफ़ रोमांचक जीत हासिल की और फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की की.

सुपर फ़ोर के अंतिम गेम में बांग्लादेश के ख़िलाफ़ हार के बाद आलोचक एक बार फिर टीम पर सवाल उठा रहे हैं.

श्रीलंका अपने मैदान पर फ़ाइनल खेल रही है और अपनी पिच पर श्रीलंका को हराना आसान नहीं है, ख़ासकर जब 35 हज़ार दर्शक अपनी टीम को चैंपियन बनते देखना चाह रहे हों.

तो ऐसी पाँच बातें क्या हैं जिस पर राहुल द्रविड़ और रोहित शर्मा की टीम को नज़र रखनी चाहिए.

1. अपनी पिच पर लंकन हैं टाइगर्स

मेज़बान श्रीलंका ने पिछले हफ़्ते भारत को यह अहसास करा दिया था कि मेज़बान टीम को उनकी पिच पर हल्के में मत लेना.

श्रीलंका के गेंदबाज़ों ने भारत को 213 रन पर ऑलआउट कर दिया था. सभी दस विकेट स्पिनरों ने लिए थे, जिसमें चार विकेट तो पार्ट टाइम ऑफ स्पिनर सी असलांका ने लिए थे.

प्रेमदासा की पिच धीमी और टर्निंग रहने की उम्मीद है. बीच के ओवर में स्पिनर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. वैसे श्रीलंका को फ़ाइनल के पहले करारा झटका लगा है. मिस्ट्री स्पिनर महेश तीक्षणा फ़ाइनल से बाहर हो गए हैं.

उनकी जगह स्पिन-गेंदबाज़ ऑलराउंडर सहान अराचिगे को टीम में शामिल किया गया है. हालाँकि मेज़बान टीम के पास दुनिथ वेलालागे और धनंजय डी सिल्वा हैं. वेलालागे ने रोहित शर्मा, शुभमन गिल, विराट कोहली, केएल राहुल और हार्दिक पांड्या का विकेट लिया था. ज़ाहिर है श्रीलंका के स्पिनर भारत की कड़ी परीक्षा लेंगे.

2. कुसल-सदीरा को जल्दी करो आउट

श्रीलंका के नंबर तीन बल्लेबाज़ कुसल मेंडिस पर मेज़बान टीम की उम्मीदें टिकी हुई हैं. मेंडिस शानदार फॉर्म में हैं. पिछली पारी पाकिस्तान के ख़िलाफ़ खेली थी जिसमें शानदार 91 रन बनाए थे.

मेंडिस पांच मैचों में 253 रनों के साथ, एशिया कप में शुभमन गिल के बाद दूसरे सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं.

पाकिस्तान के ख़िलाफ़ 91 रन के अलावा बांग्लादेश के ख़िलाफ़ 50 और अफ़ग़ानिस्तान के विरुद्ध 92 रनों की पारी खेली है. भारतीय पेस बैटरी उन पर शॉर्ट गेंदबाज़ी करने की कोशिश कर सकते हैं. मेंडिस शॉर्ट या बैक-ऑफ़-ए-लेंथ गेंद के ख़िलाफ़ असहज दिखते हैं. बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज़ भी उन्हें परेशान करते रहे हैं. रविंद्र जडेजा और कुसल मेंडिस के बीच टक्कर दिलचस्प होगी.

एक और बल्लेबाज़ जिसने 'सुपर फ़ोर' स्टेज में सबको प्रभावित किया वह हैं 28 साल के सदीरा समरविक्रमा. पिछले तीन मैचों में 158 रन बनाए और टूर्नामेंट में 216 रन.

बांग्लादेश के ख़िलाफ़ समरविक्रमा की सिर्फ़ 72 गेंदों में 93 रनों की पारी में दो छक्के शामिल थे. उन्होंने अब तक टूर्नामेंट में अपनी टीम के लिए सबसे ज़्यादा छक्के जमाए हैं.

पाकिस्तान के 253 रनों का पीछा करते हुए, कुसल मेंडिस और सदीरा समरविक्रमा ने तीसरे विकेट के लिए 100 रनों की शानदार साझेदारी की थी.

3. पिच और मौसम के हिसाब से हो प्लेइंग इलेवन

टॉप ऑर्डर में छेड़छाड़ की ज़रूरत नहीं है. हाँ, गेंदबाज़ी में बदलाव की ज़रूरत होगी क्योंकि बांग्लादेश के ख़िलाफ़ पिछले मैच में एक साहसिक पारी के दौरान अक्षर पटेल चोटिल हो गए थे और टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं.

सवाल है कि शार्दुल ठाकुर या वॉशिंगटन सुंदर कौन होंगे भारत के आठवें नंबर?

इस एशिया कप में ओस की कमी से स्पिनर छाए हुए हैं.

पांच मैचों में स्पिनरों ने 48.7% विकट लिए हैं. प्रेमदासा में ऑफ़ स्पिनर ने 18.5% फ़ीसदी विकेट लिए हैं.

बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स स्पिनर सबसे क़िफायती भी रहे हैं, जिन्होंने प्रति ओवर केवल 4.3 रन दिए.

ऐसे में ज़ाहिर है बाएं हाथ के बल्लेबाजों के ख़िलाफ़ अपने ऑफ़ ब्रेक के साथ वॉशिंगटन सुंदर बेहतर विकल्प हैं.

लेकिन वॉशिंगटन ने शुक्रवार को बेंगलुरु से उड़ान भरी और शार्दुल पूरे समय श्रीलंका में रहे और गेंद से महत्वपूर्ण योगदान दिया.

मैच के दिन भारत को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेना है.

4. निचले क्रम को देना होगा योगदान

ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा का बल्ला चल नहीं पा रहा है. जडेजा ने इस एशिया कप में 53 गेंदों पर 8.3 की औसत से सिर्फ़ 25 रन बनाए हैं.

स्पिन गेंदबाज़ों के सामने वे संघर्ष करते हुए नज़र आए हैं. उन्होंने सिर्फ़ छह विकेट ही लिए हैं.

उनकी फ़ॉर्म में गिरावट चिंताजनक है. 2021 के बाद से इस ऑलराउंडर ने इस एशिया कप से पहले तक नौ एकदिवसीय मैच खेले हैं.

उन खेलों में बल्ले से उनका औसत 37.3 का रहा और इस दौरान स्ट्राइक रेट 59.8 का ही रहा.

5. कुलदीप यादव होंगे एक्स फ़ैक्टर

कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव करियर के बेहतरीन दौर में चल रहे हैं. एशिया कप में 4 मैचों में 9 विकेट ले चुके हैं. पाकिस्तान के ख़िलाफ़ 25 रन देकर 5 और श्रीलंका के विरुद्ध 43 रन देकर 4 विकेट लिए थे.

श्रीलंका के ख़िलाफ़ 10 मैचों में 18 विकेट लेकर उनका औसत केवल 21.3 है. ज़ाहिर है श्रीलंका के बल्लेबाज़ों को उनसे पार पाने का रास्ता खोजना होगा.

दोनों टीमें अलग-अलग मिशन के साथ फ़ाइनल में हैं.

भारत ने 2018 में एशिया कप जीत के बाद से कोई मल्टी-टीम ट्रॉफ़ी नहीं जीती है. टीम के सामने इस जिंक्स को तोड़ने की चुनौती है.

वहीं श्रीलंका दुनिया को यह बताना चाहती है कि भले ही वे क्वॉलिफ़ायर खेल कर वर्ल्ड कप में पहुँचे हैं लेकिन उनमें उलटफ़ेर का माद्दा है.

एक रोमांचक फ़ाइनल हो, इसके लिए मौसम का साफ़ रहना भी ज़रूरी है. पिछले सप्ताह के अधिकांश दिन बारिश से प्रभावित रहे हैं.

मौसम विभाग ने दोपहर में बारिश की चेतावनी तो दी है लेकिन फ़ाइनल के लिए एक अतिरिक्त दिन रखा गया है. प्रेमदासा का ग्राउंड बारिश के बाद जल्द खेल के लिए तैयार हो जाता है.

एशिया कप में भारत और श्रीलंका दो सबसे सफल टीमें हैं और क्रमशः सात और छह बार खिताब जीत चुकी हैं.

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