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भारत बनाम बांग्लादेशः क्या रोहित का ये बड़ा दांव टीम इंडिया को सेमीफ़ाइनल में पहुंचाएगा?
- Author, नवीन नेगी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
- प्रकाशित
अहमदाबाद से क़रीब 650 किलोमीटर दूर चलकर अब भारतीय क्रिकेट टीम महाराष्ट्र के पुणे शहर पहुंच चुकी है.
पुणे की हवा में थोड़ी नमी और आसमान में हलके बादल हैं, लेकिन पूरी फ़िज़ा में क्रिकेट वर्ल्ड कप की गर्मी साफ़ दिखाई देती है.
भारत की टीम ऑस्ट्रेलिया, अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान को हराकर अब बांग्लादेश का सामना करने के लिए तैयार है.
वहीं बांग्लादेश ने अपने तीन में से एक मैच जीता है और वो खिलाड़ियों की फ़ॉर्म और फ़िटनेस से जूझ रही है.
क्या टीम इंडिया चलेगी ये दांव?
आमतौर पर जब कोई टीम जीतती है तो उसकी कई छोटी-छोटी खामियां जीत की खुशी के बीच छिप जाती हैं.
टीम इंडिया भी इस समय जीत के रथ पर सवार है. लेकिन एक ऐसी कड़ी है जो आने वाले मैचों में कप्तान रोहित और कोच द्रविड़ का सिरदर्द बढ़ा सकती है.
यहां बात हो रही है मीडियम पेस ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर की.
इस वर्ल्ड कप में तीन में से दो मैच खेलने वाले शार्दुल को जहां बैटिंग करने का मौक़ा ही नहीं मिला वहीं कप्तान ने उन्हें बॉलिंग के लिए भी बहुत कम ओवर दिए.
उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ छह तो पाकिस्तान के ख़िलाफ़ महज़ दो ओवर डाले. ऐसे में कई क्रिकेट एक्सपर्ट ये बोल रहे हैं कि शार्दुल की जगह मोहम्मद शमी या फिर सूर्यकुमार यादव ज़्यादा बेहतर विकल्प हो सकते हैं.
मीडिया से बात करने पहुंचे टीम इंडिया के बॉलिंग कोच पारस म्हाम्ब्रे से जब टीम कॉम्बिनेशन में बदलाव का सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वो जीतने वाली टीम के साथ ही जाना चाहेंगे.
सूर्यकुमार यादव के बारे में उन्होंने कहा कि वो एक चैंपियन खिलाड़ी हैं लेकिन उन्हें किसकी जगह टीम में लाया जाए इसका जवाब अभी उनके पास भी नहीं है.
पारस म्हाम्ब्रे के इस जवाब के बावजूद पुणे में मौजूद पत्रकारों के बीच सबसे ज़्यादा चर्चा इसी बात पर हो रही थी कि क्या टीम इंडिया किसी खिलाड़ी को आराम देने के बारे में सोच सकती है?
लंबा टूर्नामेंट, थकान और फिटनेस
मौजूदा वर्ल्ड कप राउंड रॉबिन फॉर्मेट में खेला जा रहा है. यानी इसमें हिस्सा लेने वाली सभी टीमें एक-दूसरे से भिड़ेंगीं. ऐसे में हर टीम को कम से कम नौ मैच खेलने ही हैं.
भारतीय टीम चाहेगी की सेमीफ़ाइनल में पहुंचने वाली स्थिति में उसके अहम खिलाड़ी पूरी तरह फिट और फ्रेश रहें.
इसीलिए यह चर्चा भी हो रही है कि क्या बांग्लादेश के ख़िलाफ़ शुभमन को आराम देकर ईशान किशन को पिच पर उतारा जा सकता है.
मैच की पहली शाम शुभमन और ईशान दोनों ही प्रैक्टिस के लिए आए, दोनों ने जमकर घंटेभर तक पसीना बहाया.
दूसरा बदलाव बॉलिंग में हो सकता है, जहां बुमराह को आराम देकर मोहम्मद शमी को शामिल किया जा सकता है.
शमी ने इस वर्ल्ड कप में अभी तक एक भी मैच नहीं खेला है. वहीं बुमराह सालभर से चोटिल होने के बाद कुछ महीने पहले ही टीम में वापिस लौटे हैं.
टीम मैनेजमेंट अपने इन खिलाड़ियों के बॉडी मैनेजमेंट पर ज़रूर ध्यान देना चाहेगी.
क्या बांग्लादेश करेगी पलटवार?
वैसे तो इस वर्ल्ड कप में दो उलटफेर हो चुके हैं.
जिस तरह अफ़ग़ानिस्तान ने मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन इंग्लैंड को हराया और नीदरलैंड्स ने दक्षिण अफ़्रीका को मात दी, उसनेे बड़ी टीमों को चौकन्ना कर दिया है.
बांग्लादेश भी बड़े टूर्नामेंट में उलटफेर के लिए जानी जाती है.
मैच से पहले जब बांग्लादेश के कोच चंदिका हथुरुसिंघे मीडिया के सामने आए तो उनकी आंखों में इसी तरह के उलटफेर करने की उम्मीद दिख रही थी.
उन्होंने कहा कि, "पिछले दिनों वर्ल्ड कप में जो उलटफेर हुए हैं, उसने इस टूर्नामेंट को खोल दिया है. हमें भी इससे प्रेरणा मिली है. हमारे पास छह मैच हैं और हम जीतने के लिए मैदान में उतर रहे हैं."
साल 2007 के वर्ल्ड कप में भारत भी बांग्लादेश के उलटफेर का शिकार हो चुकी है.
पिछला रिकॉर्ड देखें तो बीते 12 महीनों में भारत और बांग्लादेश के बीच कुल चार वनडे मैच हुए हैं, जिसमें से बांग्लादेश ने तीन मैच जीते वहीं भारत ने महज़ एक मैच.
इतना ही नहीं दोनों टीमों के बीच हाल ही में एशिया कप में खेला गया वनडे मैच भी बांग्लादेश ने ही जीता था. ऐसे में टीम इंडिया इस वर्ल्ड कप में किसी नए उलटफेर की शिकार होने से बचना चाहेगी.
बांग्लादेश के लिए मुस्तफ़िज़ुर रहीम, लिटन दास, शाकिब अल हसन, मेहदी हसन मिराज़ अहम भूमिका निभाते नज़र आएंगे.
पुणे की पिच और कुछ आंकड़े
पुणे की पिच की बात करें तो यह पूरी तरह से बल्लेबाज़ों के मुफीद नज़र आती है.
इसके साथ ही मैदान की बाऊंड्री भी कुछ खास बड़ी नहीं हैं. सबसे छोटी बाऊंड्री 53 मीटर की है वहीं सबसे बड़ी बाऊड्री फ्रंट में 74 मीटर की है.
इस मैदान में अभी तक कुल सात वनडे इंटरनेशनल मैच हुए हैं जिसनें से चार मैच पहले बैटिंग करने वाली टीम ने जीते हैं.
इसके साथ ही एक दिलचस्प आंकड़ा यह है कि बांग्लादेश की टीम 25 साल बाद भारत में कोई वनडे मैच खेलने उतर रही है.
आख़िरी बार बांग्लादेश ने भारत में साल 1998 में वानखेड़े में वनडे मैच खेला था.
कुल मिलाकर पुणे में जहां टीम इंडिया अपनी जीत का चौका लगाना चाहेगी, वहीं बांग्लादेश की टीम अपने जुझारू अंदाज़ के साथ इस मैच में अपनी छाप छोड़ने की पूरी कोशिश करेगी.
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