You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
बीजिंग में 109 मंज़िला इमारत से टकराए विमान पर चीन क्यों है चुप, आख़िर हुआ क्या था?
- Author, केली एनजी
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 6 मिनट
एक छोटे विमान के बीजिंग की सबसे ऊंची इमारत से टकराने के बाद चार दिन बीत चुके हैं. इस हादसे में पायलट की मौत हो गई थी.
विमान में उसके अलावा और कोई सवार नहीं था. इस क्रैश में 13 अन्य लोग घायल हुए हैं.
लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह दुर्घटना कैसे हुई.
सरकारी अख़बार बीजिंग डेली में प्रकाशित 60 शब्दों की एक रिपोर्ट में केवल बुनियादी तथ्य दिए गए हैं. यह अब तक इस दुर्घटना पर चीन का एकमात्र आधिकारिक बयान है.
यह दुर्घटना कम्युनिस्ट पार्टी के मुख्यालय झोंगनानहाई से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर हुई थी.
शुक्रवार को हुए इस क्रैश से 109 मंज़िला सीआईटीआईसी टावर के किनारे कई छेद हो गए थे, जिन्हें बाद में ढक दिया गया.
इंटरनेट से वीडियो ग़ायब
इस घटना के नाटकीय वीडियो इंटरनेट से हटा दिए गए हैं. कम से कम तीन विमानन कंपनियों ने बीबीसी को बताया कि उन्हें हल्के विमानों का संचालन निलंबित करने के लिए कहा गया है.
इन कंपनियों ने इसके बारे में विस्तार से बात करने से इनकार कर दिया. उन्हें इस बारे में चर्चा नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं.
जानकारी के अभाव के बीच इस बात को लेकर अटकलें बढ़ रही हैं कि यह विमान ऐसे शहर में कैसे प्रवेश कर गया, जहां बेहद कड़े हवाई क्षेत्र नियंत्रण लागू हैं.
चीन में सेंसरशिप कोई नई बात नहीं है. चीन में कम्युनिस्ट पार्टी, देश के नेताओं या सरकार की आलोचना आम बात नहीं है. इनके बारे में जो भी चर्चाएं आलोचनात्मक लगती हैं, राजनीतिक असर रखती हैं या संवेदनशील मुद्दों को छूती हैं, वे जल्द ही ग़ायब हो जाती हैं.
लेकिन इस बार बात इससे कहीं आगे बढ़ गई है. गगनचुंबी इमारत की वे तस्वीरें और मीम भी चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिए गए हैं, जिनका शुक्रवार की घटना से कोई संबंध नहीं था.
इमारत का था एक ख़ास डिज़ाइन
चीनी शराब को रखने वाले बर्तन के आकार वाली यह इमारत स्थानीय लोगों के आकर्षण का केंद्र है. बहुत से लोग इसे सौभाग्य का प्रतीक मानते हैं.
इम्तिहान में अच्छे नतीजों की चाहत हो या नौकरी.. कई युवा एक छोटी-सी प्रार्थना के साथ इस बिल्डिंग की तस्वीरों को ऑनलाइन साझा करते हैं.
न्यूज़लेटर 'आई ऑन डिजिटल चाइना' चलाने वाली मान्या कोएत्से कहती हैं कि इस बार सेंसरशिप तंत्र इतनी तेज़ी और व्यापक रूप से इसलिए सक्रिय हुआ, क्योंकि संभव है कि बीजिंग का नेतृत्व "अब भी नहीं जानता कि आख़िर हुआ क्या है."
वह कहती हैं कि यह एक बेहद असामान्य घटना है. उनका कहना है कि इससे सरकार की क्षमता पर सवाल उठते हैं.
यहां तक कि जिन विमानन कंपनियों ने बीबीसी से पुष्टि की कि घटना के बाद अधिकारियों ने हल्के विमानों के संचालन पर रोक लगा दी है, वे भी इससे अधिक कुछ कहना नहीं चाहती थीं.
बीजिंग के एक उड़ान प्रशिक्षण संस्थान में एक महिला ने कहा, "हमें कहा गया है कि इस बारे में बात न करें."
चेंगदू की एक अन्य कंपनी ने यह बताने से इनकार कर दिया कि यह निर्देश किस प्राधिकरण की ओर से आया था और तुरंत फ़ोन काट दिया.
बीजिंग अपने राजनीतिक केंद्र के ऊपर लगभग 100 वर्ग किलोमीटर के स्थायी नो-फ्लाई ज़ोन को लागू करता है. इसमें तियानआनमेन स्क्वायर और झोंगनानहाई शामिल हैं.
इस घटना को सुरक्षा में चूक माना जा रहा
झोंगनानहाई एक कड़ी सुरक्षा वाला वह परिसर है जहां देश के शीर्ष नेता रहते और काम करते हैं.
चीनी मामलों के विश्लेषक बिल बिशप ने इस घटना को "सुरक्षा में बड़ी चूक" बताते हुए एक्स पर लिखा, "अगर कुछ और सेकंड तक उड़ान जारी रहती, तो विमान झोंगनानहाई तक पहुंच सकता था... यह बीजिंग की सुरक्षा व्यवस्था के लिए भूकंप जैसा होता."
बीजिंग ने हाल ही में सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए ड्रोन संबंधी नियमों को भी सख्त किया है. अब राजधानी में ड्रोन लाने और ले जाने से पहले उनका पंजीकरण कराना ज़रूरी है.
शिकागो काउंसिल ऑफ ग्लोबल अफ़ेयर्स में शोध मामलों के उपाध्यक्ष रेमंड कुओ कहते हैं, "यह फै़क्ट कि एक छोटा विमान, जो अधिकांश ड्रोन की तुलना में काफ़ी बड़ा है, शहर के बड़े हिस्से के ऊपर उड़ने और झोंगनानहाई के काफ़ी क़रीब पहुंचने में सक्षम रहा, राजनीतिक रूप से शर्मिंदगी की बात है और सुरक्षा में एक बड़ी चूक भी."
कुओ कहते हैं कि यह विमान चालक की ग़लती या तकनीकी ख़राबी का मामला हो सकता है, लेकिन वह यह भी जोड़ते हैं कि यह "संभावित रूप से जानबूझकर किया गया" भी हो सकता है.
किस तरह का था यह विमान
उड़ान ट्रैकिंग सेवा फ्लाइटराडार24 के अनुसार, यह विमान दो सीटों और एक इंजन वाला ऑरोरा एसए60एल था, जिसे चीनी कंपनी सनवर्ड एयरक्राफ्ट ने बनाया है.
इसकी लंबाई 6.9 मीटर और पंखों का फैलाव 8.6 मीटर है. इसे पर्यटन, हवाई फोटोग्राफी और मनोरंजन संबंधी उड़ानों के लिए तैयार किया गया है.
चीन के बाहर कुछ लोगों को शुक्रवार की इस घटना ने 2001 में हुए 11 सितंबर के हमलों की याद दिला दी, जब आत्मघाती हमलावरों ने अमेरिकी यात्री विमानों को न्यूयॉर्क की दो गगनचुंबी इमारतों से टकरा दिया था, जिसमें हज़ारों लोगों की मौत हुई थी.
रेडिट पर एक यूज़र ने लिखा, "9/11 के दौरान जब पहला विमान पहले टावर से टकराया था, तब मुझे बिल्कुल ऐसा ही न्यूज़ अलर्ट मिला था."
कार्नेगी चाइना से जुड़े शोधकर्ता चोंग जा इयान कहते हैं कि इससे अधिक समानता मई 1987 की उस घटना से है, जो शीत युद्ध के अंतिम दौर में हुई थी, जब जर्मन शौकिया विमान चालक माथियास रस्ट ने अपना हल्का विमान मॉस्को के रेड स्क्वायर में उतार दिया था.
चोंग कहते हैं, "उसकी उड़ान और लैंडिंग ने सोवियत वायु रक्षा प्रणाली की गंभीर कमियों को उजागर किया था. उस घटना के बाद वायु रक्षा और सुरक्षा के लिए ज़िम्मेदार कई वरिष्ठ अधिकारियों को हटाया गया था."
वह आगे कहते हैं कि इसी तरह बीजिंग विमान दुर्घटना के बाद भी कुछ अधिकारियों को उनके पदों से हटाया जा सकता है.
उन्होंने कहा, "एक छोटे विमान का सीआईटीआईसी टावर से टकराना यह दर्शाता है कि कोई ड्रोन या मिसाइल भी ऐसा कर सकती है. यह बीजिंग की सुरक्षा के लिए ज़िम्मेदार एजेंसियों के लिए कुछ हद तक शर्मिंदगी की बात है."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.