रोहित शर्मा छाए लेकिन पाकिस्तान से मुक़ाबले में क्या दिखेगा यह दमख़म

    • Author, अभिजीत श्रीवास्तव
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
  • प्रकाशित

भारत और अफ़ग़ानिस्तान के बीच दिल्ली में हुए वर्ल्ड कप 2023 के इस मुक़ाबले को कप्तान रोहित शर्मा के लिए याद किया जाएगा.

अफ़ग़ानिस्तान की 272 रनों की पारी में कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने 80 रन तो अज़मतुल्लाह उमरज़ई ने 62 रन बनाए.

वहीं भारतीय गेंदबाज़ी जसप्रीत बुमराह के नाम रही, जिन्होंने चार विकेट लिए और वर्ल्ड कप में अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन किया.

इसके बाद जब भारत की बल्लेबाज़ी आई तो कप्तान रोहित शर्मा ने वो अद्भुत पारी खेली, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा.

मैच के बाद कप्तान रोहित बोले भी, "मैं इस पर लंबे वक़्त से काम कर रहा था. मुझे ख़ुशी है कि आज मैं एक बड़ी पारी खेलने में कामयाब रहा. शतक बनाना हमेश ही ख़ास होता है विशेष तौर पर जब यह वर्ल्ड में बना हो."

रिकॉर्ड तोड़ते गए रोहित...

अपनी 131 रनों की पारी के दौरान रोहित बल्ले से यूं गरज रहे थे, मानो गेंदबाज़ गेंद कहाँ डालने वाला है ये पहले से पता हो.

पिच पर उतरने के साथ रोहित अपने ऐसे चिर परिचित अंदाज़ में दिखे कि चार साल पहले इंग्लैंड का वर्ल्ड कप याद आ गया.

तब रोहित ने पांच शतक के साथ टीम की ओर से सर्वाधिक 648 रन बनाए थे. वैसे तब से खेले गए 39 मैच में यह रोहित का केवल तीसरा शतक है.

लेकिन मैच के हीरो रहे भारतीय कप्तान ने अपनी इस यादगार पारी में एक एक कर कई रिकॉर्ड अपने नाम किए.

22 रन पर पहुंचते ही रोहित ने वर्ल्ड कप में सबसे तेज़ (केवल 19 पारियों में) हज़ार रन पूरे किए और डेविड वॉर्नर के रिकॉर्ड की बराबरी की.

जब रोहित ने इस पारी का तीसरा छक्का जड़ा, तो वनडे में सर्वाधिक छक्के का क्रिस गेल का रिकॉर्ड भी ध्वस्त हो गया.

फिर केवल 63 गेंदों पर शतक पूरा करते ही 40 साल पुराना सबसे तेज़ शतक का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए. 1983 के वनडे वर्ल्ड कप में कपिल देव ने ज़िम्बॉब्वे के ख़िलाफ़ 72 गेंदों पर शतक जमाया था.

मैच के बाद रोहित वर्ल्ड कप में सबसे तेज़ शतक का भारतीय रिकॉर्ड तोड़ने पर बोले, "बल्लेबाज़ी के लिए यह एक अच्छी पिच थी और मैं अपना नैचुरल गेम खेल रहा था. मैं जानता था कि जब एक बार आप सेट हो गए तो यह पिच बल्लेबाज़ी के लिए आसान होती जाएगी."

रोहित के सात शतक कितने ख़ास?

रोहित वनडे वर्ल्ड कप में सात शतक बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज़ बने हैं. उन्होंने सचिन तेंदुलकर के छह शतकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा.

रोहित ने यह शतक वर्ल्ड कप की अपनी 19वीं पारी में बनाया, जबकि सचिन तेंदुलकर ने अपना छठा शतक 41वीं पारी में बनाई थी. इतना ही नहीं जब सचिन ने वर्ल्ड कप में अपनी 19वीं पारी खेली थी तब तक उन्होंने केवल तीन शतक ही बनाए थे.

वर्ल्ड कप में सात शतक बनाने वाले पहले बल्लेबाज़ बनने पर रोहित ने कहा, "मैं इन चीज़ों के बारे में नहीं सोचता, अभी वर्ल्ड कप में कई मैच खेले जाने हैं और मैं अपना फ़ोकस बरकरार रखना चाहता हूं. मैं इस पर ध्यान रखता हूं कि टीम को मुझसे क्या चाहिए."

रोहित ने कहा, "मुझे पता है कि मैं बतौर सलामी बल्लेबाज़ मैच में उतरता हूं और यह मेरा काम है कि ख़ास कर जब चेज़ कर रहे हों तो इस तरह की शुरुआत दूं, जिससे टीम पर से दबाव कम हो और वह सामान्य स्थिति में बनी रहे. जब यह काम कर जाता है तो बहुत अच्छा दिखता है पर कई बार ऐसा नहीं होता है. लेकिन मैं चाहता हूं कि इस तरह की पारी खेलता रहूं जिससे विपक्ष पर दबाव बने."

पाकिस्तान के मैच से पहले कमज़ोर कड़ी पर फ़ोकस

रोहित जानते हैं कि यह इस वर्ल्ड कप का केवल दूसरा मुक़ाबला था. अब टीम इंडिया 14 अक्टूबर को इस टूर्नामेंट के सबसे बड़े मुक़ाबले में पाकिस्तान से मुक़ाबला करने वाली है.

वनडे वर्ल्ड कप में पाकिस्तान से कभी नहीं हारने वाली टीम इंडिया निश्चित रूप से गज़ब के फ़ॉर्म में दिख रही है और निश्चित रूप से उस मुक़ाबले के लिए पूरी तरह से तैयार होकर ही मैदान में उतरेगी.

पर कुछ ऐसी चीज़ें हैं, जिस पर टीम इंडिया को पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मैच में उतरने से पहले दुरुस्त करना होगा.

पहला, शुभमन गिल की ग़ैर मौजूदगी में पारी की शुरुआत के लिए उतारे गए ईशान किशन का बल्ला उस कदर नहीं चल रहा जैसी उनसे अपेक्षा है.

वर्ल्ड कप के अपने डेब्यू मैच में वो शून्य बनाए तो दूसरे मैच में अफ़ग़ानिस्तान जैसी टीम के ख़िलाफ़ उनके बल्ले से बड़ी पारी नहीं निकली. साथ ही पिछली नौ पारियों में उनके बल्ले से कोई अर्धशतक नहीं लगा है.

हाँ, पाकिस्तान के ख़िलाफ़ अपने डेब्यू मैच में ईशान ने ज़रूर 82 रनों की बेहतरीन पारी खेली थी, लिहाजा उम्मीद की जानी चाहिए कि शनिवार को एक बार फिर वो बैट से जवाब देंगे.

श्रेयस और हार्दिक

दूसरा, श्रेयर अय्यर और हार्दिक पंड्या ने अब तक पिच पर भरपूर समय नहीं बिताए हैं. लिहाजा उन्हें नेट पर और अधिक पसीने बहाने होंगे.

हार्दिक को अपनी गेंदबाज़ी पर भी फ़ोकस करना होगा क्योंकि भले ही वो विकेट ले रहे हैं लेकिन बहुत महंगे भी साबित हो रहे हैं.

सिराज के लय बिगड़े

तीसरा और सबसे अहम, सिराज का फ़ॉर्म. अभी एशिया कप के फ़ाइनल की यादें ताज़ा हैं जहां मोहम्मद सिराज ने छह विकेट लेकर श्रीलंका की टीम को पूरी तरह घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था.

लेकिन वर्ल्ड कप के शुरुआती दो मैचों में वो फीके रहे हैं. अपने ओवरों के दौरान वो एक या दो ढीली गेंद फेंकते रहे हैं और अफ़ग़ानिस्तान के बल्लेबाज़ो ने तो उनकी गेंदों पर जम कर (10) चौके जमाए.

हो सकता है पाकिस्तान के ख़िलाफ़ शमी को टीम में शामिल किया जाए पर अगर सिराज ही खेलते हैं तो नेट में उन्हें कड़ी मेहनत करनी होगी और अपनी खोई चमक वापस पानी होगी.

रोहित शर्मा ने भले ही शतक जड़ कर अपने फ़ॉर्म में वापसी के संकेत दे दिए हैं लेकिन पहले मैच में भारत के तीन बल्लेबाज़ अपना खाता खोलने में कामयाब नहीं हो सके थे. उनमें रोहित के साथ किशन और श्रेयर अय्यर भी शामिल थे.

क्या गिल की होगी वापसी?

टीम इंडिया के नियमित ओपनर शुभमन गिल बीमार होने की वजह से शुरुआती दो मैच नहीं खेल सके हैं.

वैसे तो ख़बरों के मुताबिक़ गिल चेन्नई से अहमदाबाद जा रहे हैं. पर चूंकि वो बीमारी से उबर रहे हैं तो ये देखना होगा कि टीम मैनेजमेंट उन्हें आगे के मैचों में पूरी तरह से फिट होकर उतारना चाहेगी या पाकिस्तान के ख़िलाफ़ वो मैदान पर दिखेंगे.

बहरहाल गिल हों या किशन या श्रेयस, ये तीनों वर्ल्ड कप में पहली बार पाकिस्तान का सामना कर रहे होंगे. इनके साथ मोहम्मद सिराज का भी यह डेब्यू वर्ल्ड कप है. तो निश्चित रूप से इन पर अपने चिर प्रतिद्वंद्वी के ख़िलाफ़ बेहतरीन प्रदर्शन का दबाव तो रहेगा ही.

भारत के ख़िलाफ़ पाकिस्तान कितना तैयार

जहाँ एक तरफ़ हम ये बात कर रहे हैं कि भारतीय टीम पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मैच से पहले कितनी तैयार है. वहीं दूसरी ओर यह भी देखना होगा कि यह चिर प्रतिद्वंद्वी अपने सबसे बड़े मैच के लिए कितना तैयार है.

एशिया कप में पाकिस्तान की टीम ने बेहद ही निराशाजन प्रदर्शन किया था और फ़ाइनल तक नहीं पहुंच सकी थी. लेकिन भारत की तरह ही उसने भी वर्ल्ड कप के दोनों शुरुआती मैच जीते हैं.

एक ओर उसके विकेट कीपर मोहम्मद रिज़वान 199 रन बना चुके हैं, तो अब्दुल्लाह शफ़ीक़ ने मिले एक मौक़े को शतक में तब्दील किया.

पर ये मुक़ाबले नीदरलैंड्स और श्रीलंका जैसी अपेक्षाकृत कमज़ोर टीमों के ख़िलाफ़ थी.

इसके बावजूद नीदरलैंड के ख़िलाफ़ पाकिस्तान की टीम बग़ैर पूरे ओवर खेले ऑल आउट हो गई तो श्रीलंका के सामने उसके गेंदबाज़ों ने बहुत फ़ीका प्रदर्शन किया और 344 रन लुटाए.

साथ ही इन कमज़ोर टीमों के ख़िलाफ़ भी कप्तान बाबर आज़म और इफ़्तिख़ार अहमद सरीखे बड़े क्रिकेटरों के बल्ले से रन नहीं निकल सके.

इसके बावजूद पाकिस्तान इस बड़े मैच में एक ज़बरदस्त आत्मविश्वास के साथ उतरेगा क्योंकि उसने श्रीलंका के ख़िलाफ़ मैच में इसी मंगलवार को वर्ल्ड कप के इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज़ किया है.

अहमदाबाद में स्टेडियम सुरक्षा छावनी में तब्दील

14 अक्टूबर को भारत का अगला मैच पाकिस्तान के साथ है. दोनों टीमें अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मुक़ाबला करेंगी.

इस स्टेडियम में क़रीब 1.30 लाख दर्शकों के बैठने की क्षमता है और मैच के सभी टिकट बिक चुके हैं.

इस मैच की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने पूरी जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि मैच के दौरान 7 हज़ार से अधिक पुलिसकर्मी, चार हज़ार होमगार्ड तैनात किए जाएंगे.

साथ ही एनएसजी की तीन टीमें, एंटी ड्रोन स्क्वाड, बम डिस्पोजेबल स्क्वाड और एनडीआरएफ़, एसडीआरएफ़ की टीमें भी वहां मौजूद होंगी.

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