आईपीएल क्वालीफायर : गुजरात टाइटंस इस मामले में राजस्थान रॉयल्स से बहुत पीछे लेकिन जीत पर दावा मज़बूत

    • Author, प्रदीप कुमार
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
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गुजरात टाइटंस बनाम राजस्थान रॉयल्स. आईपीएल सीज़न 15 के पहले क्वालिफ़ायर में यही दोनों टीमें आमने-सामने हैं. जिसकी उम्मीद लीग की शुरुआत के समय शायद ही किसी को रही होगी.

कोलकाता के ईडन गार्डन में होने वाले आईपीएल के पहले प्ले-ऑफ़ मुक़ाबले में जीत हासिल करने वाली टीम को सीधे फ़ाइनल का टिकट मिल जाएगा.

इस टूर्नामेंट में दोनों टीमों का प्रदर्शन अब तक चौंकाने वाला रहा है. ख़ासकर हार्दिक पांड्या की कप्तानी में गुजरात टाइटंस की कामयाबी को लेकर किसी ने भरोसे से कोई दावा नहीं किया था. लेकिन टीम 14 मैचों में सबसे ज़्यादा 10 मैच जीतकर लीग में शीर्ष पर रही है.

इस दौरान गुजरात टाइटंस ने क्या कुछ कर दिखाया है, इस पर एक नज़र डाल लेते हैं.

टूर्नामेंट के लीग मैचों में सात बार रनों का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंसन ने छह बार मुक़ाबला जीतने का करिश्मा दिखाया है,

यह दर्शाता है कि टीम की बल्लेबाज़ी पर दबावों का कोई असर नहीं होता.

गुजरात के बल्ले का दम

इसके अलावा पारी के 16वें से 20वें ओवर (डेथ) के दौरान टीम ने 11.6 की औसत से रन बनाए हैं, जो किसी भी टीम का इस सीज़न का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है. यानी गुजरात के बल्लेबाज़ों ने किसी भी टीम की तुलना में आख़िरी ओवरों में ज़्यादा तेज़ी से रन बटोरे हैं.

लेकिन दिलचस्प ये है कि तेज़ी से रन बटोरने के लिए गुजरात के बल्लेबाज़ों ने छक्के लगाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है.

इस आईपीएल में गुजरात टाइटंस की टीम ने लीग के 14 मैचों में 69 छक्के लगाए हैं, यह किसी भी टीम की ओर से इस सीज़न में लगाए गए सबसे कम छक्के हैं.

इस सीज़न में सबसे ज़्यादा छक्के लगाने के मामले में गुजरात का कोई भी बल्लेबाज़ पहले 13 बल्लेबाज़ों में शामिल नहीं है.

छक्कों की बरसात

इस सूची में राजस्थान रॉयल्स के जोस बटलर सबसे आगे चल रहे हैं. तीन शतक और तीन अर्धशतक की बदौलत वो अब तक सबसे ज़्यादा 629 रन बना चुके हैं और उनके बल्ले से अब तक 37 छक्के निकले हैं.

उनके अलावा शिमरोन हेटमायर और संजू सैमसन भी 21-21 छक्के लगा चुके हैं. इन तीन खिलाड़ियों का धमाल ऐसा है कि सीज़न में सबसे ज़्यादा 116 छक्के इस टीम के नाम ही हैं.

लेकिन इसका दूसरा पहलू ये है कि ताबड़तोड़ छक्के लगाने वाले बल्लेबाज़ों की मौजूदगी के बाद भी 16 से 20वें ओवर के बीच राजस्थान रॉयल्स की टीम ने 8.3 की औसत से रन बनाए हैं जो किसी भी टीम के लिए इस सीज़न में सबसे कम है.

ये अंतर बहुत दिलचस्प है. जिसके पास छक्के लगाने वाले स्टार खिलाड़ी हैं उनसे आख़िरी ओवरों में रन नहीं बन रहे हैं और जिसके पास ताबड़तोड़ छक्के लगाने वाले बल्लेबाज़ नहीं हैं वो अंतिम ओवरों में तेज़ी से रन बटोर रहा है.

दोनों टीम में सितारों की भरमार

काग़ज़ पर देखें तो राजस्थान के पास जोस बटलर, संजू सैमसन और शिमरोन हेटमायर जैसे बल्लेबाज़ हैं तो दूसरी ओर शुभमन गिल, रिद्धिमान साहा, हार्दिक पांड्या और डेविड मिलर जैसे खिलाड़ी हैं.

हार्दिक पांड्या और शुभमन गिल टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ साबित हुए हैं.

दोनों ने 400-400 से ज़्यादा रन बनाए हैं. वहीं पहले पांच मैचों में टीम का हिस्सा नहीं रहे रिद्धिमान साहा ने बाद में ज़ोरदार खेल दिखाया है.

उधर राजस्थान की ओर से जोस बटलर के अलावा संजू सैमसन भी 374 रन बना चुके हैं.

गेंदबाज़ी में कौन किस पर भारी?

दोनों टीमों के पास बेहतरीन गेंदबाज़ भी मौजूद हैं. हैदराबाद की ओर से मोहम्मद शमी और राशिद ख़ान ने 18-18 विकेट झटके हैं जबकि राजस्थान रॉयल्स की ओर से युजवेंद्र चहल सबसे ज़्यादा 26 विकेट झटक चुके हैं.

वहीं युवा तेज़ गेंदबाज़ प्रसिद्ध कृष्णा ने 15 विकेट चटकाए हैं.

लेकिन इस मुक़ाबले में जिस एक पहलू पर लोगों की नज़र होगी वो है जोस बटलर और राशिद ख़ान के बीच की टक्कर का.

दोनों का आमने-सामने सात बार सामना हुआ है और चार बार राशिद ख़ान ने जोस बटलर को चलता कर दिया है, ऐसे में देखना होगा कि क्या बटलर इस अहम मुक़ाबले में राशिद ख़ान की स्पिन का सामना कर पाते हैं या नहीं.

दोनों टीमें लीग मैच में एक बार टकरा चुकी हैं, तब गुजरात टाइटंस ने राजस्थान रॉयल्स को 37 रनों से हराया था. गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए चार विकेट पर 192 रन बनाए थे. यह वही मुक़ाबला था जिसमें हार्दिक पांड्या ने नाबाद 87 रनों की पारी खेली थी. जोस बटलर के 24 गेंदों पर 54 रन की पारी के बाद भी राजस्थान ये मुक़ाबला हार गई थी.

लेकिन गुजरात टाइटंस की टीम पहले सीज़न में इतिहास बनाने के इरादे से उतरेगी.

यहां मुक़ाबला जीतकर टीम का इरादा फ़ाइनल से पहले थोड़ा रेस्ट करने का होगा. वहीं दूसरी ओर राजस्थान रॉयल्स की टीम आईपीएल के पहले सीज़न की चैंपियन टीम रह चुकी है.

बारिश का डर

तब शेन वॉर्न की कप्तानी में टीम ने सबको चौंकाते हुए ख़िताब जीत लिया था. लेकिन 2011 से प्ले ऑफ़ की शुरुआत के बाद से टीम कभी शीर्ष दो टीमों में जगह नहीं बना सकी, इस लिहाज़ से देखें तो टीम का प्रदर्शन उम्मीद से कहीं बेहतर रहा है.

ऐसे में टीम का इरादा इस साल ख़िताब जीतकर शेन वॉर्न को श्रद्धाजंलि देने का होगा. ऐसे में गुजरात टाइटंस के ख़िलाफ़ जीत हासिल कर टीम फ़ाइनल में जगह सुनिश्चित करना चाहेगी. हालांकि इस मुक़ाबले में हार के बाद भी टीम के सामने एक मौका ज़रूर होगा.

और ये मौक़ा दोनों टीमों के पास होगा. लिहाज़ा दोनों टीमों पर बहुत ज़्यादा दबाव नहीं होगा.

लेकिन क्रिकेट के रोमांच में कोलकाता की बारिश का खलल पड़ सकता है. अगर ऐसा हुआ तो आईपीएल के नियमों के मुताबिक कम से कम पांच ओवरों का मुक़ाबला कराया जा सकता है.

अगर बारिश की वजह से खेल नहीं हो पाया तो लीग मैचों में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर गुजरात की टीम सीधे फ़ाइनल में पहुंच जाएगी. शायद ही कोई खेल प्रेमी बिना मुक़ाबले के किसी टीम को फ़ाइनल में पहुंचता देखना चाहे.

वैसे इस बार के आईपीएल में गुजरात और लखनऊ की दो नयी टीमें शामिल हुईं. हार्दिक पांड्या गुजरात और केएल राहुल लखनऊ के कप्तान बनाए गए. दोनों टीमें इस आईपीएल की तीन सबसे कामयाब टीमों में शामिल हुईं.

बुधवार को कोलकाता के ही ईडन गार्डन में लखनऊ सुपर जाएंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच मुक़ाबला होगा. इस मुकाबले की विजेता टीम को 27 मई को होने वाले दूसरे क्वालिफ़ायर मुक़ाबले में खेलने को मौक़ा मिलेगा. जहां उसकी टक्कर पहले क्वालिफ़ायर में हार का सामना करने वाली टीम से होगा.

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