शिवम दुबे- रॉबिन उथप्पा के छक्कों की बरसात लेकिन जडेजा ने जीत किसको समर्पित की?

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क्रिकेट का रोमांच क्या हो सकता है, इसका अंदाज़ा मंगलवार को आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच मुक़ाबले में दिखा.

लगातार चार मैच हारने के बाद चेन्नई सुपर किंग्स के लिए ये मैच हर हाल में जीतना ज़रूरी था. लेकिन मैच के पहले दस ओवरों के बाद तस्वीर यही लग रही थी कि चेन्नई एक और हार की तरफ़ बढ़ रही है.

दस ओवरों में चेन्नई के दो विकेट पर 60 रन थे. लेकिन अनुभवी रॉबिन उथप्पा और युवा बल्लेबाज़ शिवम दुबे के इरादे कुछ और थे. तब तक दोनों के बल्ले से एक- एक छक्का निकला था.

लेकिन दस ओवरों के बाद इन दोनों के बीच मानो छक्के लगाने की होड़ लग गई. शिवम दुबे ने पहले हसरंगा और बाद में शहबाज़ अहमद की गेंद पर छक्का लगा कर इसकी शुरुआत की.

रॉबिन उथप्पा ने 13वें ओवर में ग्लेन मैक्सवेल को तीन छक्के जड़ कर फिर से बढ़त हासिल कर ली.

16वें ओवर में रॉबिन उथप्पा ने मोहम्मद सिराज़ की लगातार तीन गेंदों पर दो छक्के और एक चौका लगाया. तो अगले ओवर में शिवम दुबे ने आकाशदीप की चार गेंदों के बीच में दो छक्के और एक चौका जड़ दिया.

इन दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 165 रनों की साझेदारी की. रॉबिन उथप्पा ने 50 गेंदों पर चार चौके और नौ छक्के की मदद से 88 रन बनाए. वहीं शिवम दुबे महज 46 गेंदों पर 95 रन बनाकर नाबाद रहे. उन्होंने अपनी पारी में पांच चौके और आठ छक्के लगाए.

पहली बार चेन्नई की एक पारी में 17 छक्के

रॉबिन उथप्पा ने नौ छक्कों में तीन छक्के गेंदबाज़ के ठीक पीछे साइट स्क्रीन पर लगाए तो चार छक्के मिडविकेट के स्टैंड में जाकर गिरे.

लेकिन मैच का सबसे लंबा छक्का यानी 102 मीटर की लंबाई पर शिवम दुबे ने हेजलवुड की गेंद पर जड़ा. इसके अलावा लॉन्ग ऑन पर 94 मीटर की दूरी तक का सिक्सर भी दुबे के बल्ले से ही निकला. लेकिन आकाशदीप की हाथ से फिसली एक फुलटॉस को शिवम दुबे ने अपर कट के माध्यम से प्वाइंट पर छक्का जड़ा.

हालांकि आख़िरी ओवर में उनके सामने शतक बनाने का मौका था. हेजलवुड की गेंदों पर चार गेंदों पर दो छक्के लगाकर शिवम 92 रन तक पहुंचे ज़रूर लेकिन आख़िरी दो गेंद पर वे आठ रन नहीं बना सके. हालांकि उनकी इस पारी के चलते उन्हें मैन ऑफ़ द मैच से आंका गया.

इन दोनों बल्लेबाज़ों ने आपस में 17 छक्के लगाए. इतने छक्के आईपीएल के 15 सीज़न के इतिहास में चेन्नई सुपर किंग्स की टीम की ओर से एक मैच में कभी नहीं लगे. चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से किसी एक मैच में सबसे ज़्यादा छक्के का रिकॉर्ड बन गया. इसमें 15 छक्के आख़िरी के दस ओवर में आए, जिस दौरान चेन्नई की टीम ने कुल 156 रन बटोरे.

इन दोनों की बल्लेबाज़ी को देखने वाले कई क्रिकेटरों ने ख़ूब प्रशंसा भी की. भारत के पूर्व खिलाड़ी के. श्रीकांत ने ट्वीट किया है, 'दोनों बल्लेबाज़ शतक के हकदार थे, मेरी देखी अब तक की श्रेष्ठ पारियों में एक है ये पारी.'

सचिन तेंदुलकर ने भी इन दोनों की पारी को फैबुलस बताया. इन दोनों की बदौलत चेन्नई की टीम ने इस सीज़न में अब तक का सबसे बड़ा स्कोर तो बना दिया.

लेकिन इस शानदार स्कोर के बाद भी महेंद्र सिंह धोनी और रविंद्र जडेजा की ये टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाती, अगर श्रीलंकाई स्पिनर महेश तिकशाना ने अहम मौकों पर टीम को कामयाबी नहीं दिलाई होती.

तिकशाना की गेंदबाज़ी का कमाल

मैच के शुरुआती ओवरों में ही महेश ने फ़ैफ़ डू प्लेसि और अनुज रावत को सस्ते में आउट कर दिया. महेश तिकशाना के आईपीएल में पहले शिकार बने फ़ैफ़.

50 रन तक चार विकेट गंवाने के बाद भी आईपीएल में डेब्यू करने वाले सुयश प्रभुदेसाई और शाहबाज़ अहमद ने संघर्ष जारी रखा. ये दोनों जब धीरे धीरे टीम को पटरी पर लाते दिखे तभी लगातार दो ओवरों में तिकशाना ने प्रभुदेसाई और शाहबाज़ को पवेलियन भेजकर चेन्नई को जीत के क़रीब तक पहुंचाया.

शाहबाज़ ने 27 गेंद पर 41 रन बनाए जबकि सुयश ने 18 गेंद पर 34 रनों की पारी खेली. सुयश ने तीन ज़ोरदार छक्के लगाए.

चेन्नई के कप्तान रविंद्र जडेजा की गेंद पर अंबाति रायडू ने एक बेहतरीन कैच लपक कर आकाशदीप का खाता नहीं खोलने दिया. लेकिन इस कैच से ज़्यादा चर्चा उस कैच की हो रही है जो जडेजा ने लपाका.

मैच के आख़िरी पलों में दिनेश कार्तिक ने महज 14 गेंदों पर दो चौके और तीन छक्के की मदद से 34 रन बनाकर मैच का रोमांच बढ़ा दिया था. लेकिन 18वें ओवर में बाउंड्री लाइन पर रविंद्र जडेजा ने एक बेहतरीन कैच लपककर हार के ख़तरे को दूर किया. जडेजा ने उम्दा गेंदबाज़ी करते हुए इस अहम मुक़ाबले में तीन विकेट भी चटकाए.

कप्तान के तौर पर आईपीएल में पहली जीत हासिल करने के बाद रविंद्र जडेजा ने इस जीत को अपनी पत्नी को समर्पित किया. जडेजा की चीज़ों को सेलिब्रेट करने का अपना अनोखा अंदाज़ रहा है और वो इसे जब तब ज़ाहिर करते रहे हैं.

कोहली महज एक रन बना सके

लेकिन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलौर की टीम की हार की सबसे बड़ी वजह टीम के स्टार बल्लेबाज़ों का पूरी तरह नाकाम होना रहा. टीम के कप्तान फ़ैफ़ डू प्लेसि खुद महेश तिकशाना की गेंद पर क्रिस जॉर्डन को एक आसान सा कैच थमा बैठे. उन्होंने महज आठ रन बनाए. अगर इन तीनों से कोई एक बल्लेबाज़ भी विकेट पर टिक गया होता तो चेन्नई के अरमानों पर पानी फिर सकता था.

वहीं टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली महज तीन गेंद खेल सके और एक रन बनाकर मुकेश चौधरी की गेंद पर शिवम दुबे को कैच थमा बैठे. बल्ले से धमाल मचाने वाले शिवम ने शानदार कैच लपक कर कोहली को महज एक रन पर पवेलियन भेज दिया.

इन दोनों के अलावा टीम को ज़ोरदार बल्लेबाज़ ग्लेन मैक्सवैल से ढरों उम्मीद थी. मैक्सवेल ने तिकशाना की लगातार दो गेंदों पर छक्के लगाकर संकेत दिया कि वे स्पिन के सामने मुस्तैदी से रन बटोरने को तैयार हैं. लेकिन रविंद्र जडेजा की तेज़ और कम लंबाई की गेंद पर चकमा ख़ाकर वे बोल्ड हो गए. मैक्सवेल ने तब 11 गेंद पर 26 रन बटोरे थे.

बहरहाल चेन्नई सुपर किंग्स ने इस जीत से दो अंक हासिल कर लिए हैं. अब आईपीएल के इतिहास की सबसे कामयाब मुंबई इंडियंस की टीम चार मैचों में चार हार के साथ सबसे निचले पायदान पर मौजूद है.

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