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पाकिस्तानी टीम का एक भी लड़का इंडिया में नहीं खेल पाएगा: जावेद मियांदाद
पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के पूर्व कैप्टन जावेज मियांदाद ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की नीतियों और पाकिस्तानी खिलाड़ियों के प्रदर्शन की कड़ी आलोचना की है.
अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किए गए वीडियो में मियांदाद ने कहा है कि पाकिस्तान का एक भी मौजूदा बल्लेबाज़ इंडिया, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ़्रीका या न्यूज़ीलैंड की टीम में नहीं खेल सकता.
तकरीबन छह मिनट के इस वीडियो में मियांदाद ने कहा है पाकिस्तानी टीम के पास अच्छे गेंदबाज़ तो हैं लेकिन बल्लेबाज़ नहीं हैं.
जावेद मियांदाद ने यह बात पाकिस्तानी बल्लेबाज़ अहमद शहज़ाद के एक बयान के जवाब में कही हैं.
शहज़ाद ने क्रिकेट पाकिस्तान को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, "अपनी फ़िटनेस और स्किल्स को ध्यान में रखकर बोलूं तो मुझे लगता है कि मैं अगले 12 वर्षों तक पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर सकता हूं और ये बात मैं बढ़ा-चढ़ाकर नहीं कह रहा हूं."
वीडियो में मियांदाद ने जो बातें कहीं, वो कुछ इस तरह हैं:
अभी शहज़ाद ने कहा कि वो 12 साल तक खेल सकते हैं. वो बच्चे हैं, मैं उन्हें ज़रा समझाऊं. खेलने को तो आप 20 साल तक खेल सकते हैं. मैं इसकी गारंटी लेता हूं. लेकिन क्रिकेट परफ़ॉर्मेंस का गेम है. रोज़ परफ़ॉर्मेंस दीजिए, आपको कौन निकालने वाला है?
चाहे जल्दी हो या देरी से, कोई खिलाड़ी तभी निकलता है जब वो परफ़ॉर्म नहीं कर पाता. अगर आप परफ़ॉर्म नहीं करेंगे, दूसरे लड़के करेंगे तो मुल्क के लिए आपको थोड़े रखेंगे.
सारी दुनिया में देख लीजिए, इंग्लैंड को ही देख लीजिए. वहां सिरीज़ टू सिरीज़ खिलाते हैं. ऑस्ट्रेलिया सिरीज़ टु सिरीज़ खिलाता है. एक सिरीज़ में फेल हो जाइए फिर वो भूल जाता है कि पिछली सिरीज़ में आपने 500 रन बनाए थे.
ये पाकिस्तान ही है कि एक बार 100 रन बना ले तो आदमी 10 इनिंग खेलता है. फेल हो गए लेकिन परवाह नहीं है, इसीलिए तो टीम में प्रॉबल्म हुई है. मुझे कोई भी पाकिस्तानी प्लेयर इस वक़्त बता दें जो ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, दक्षिण अफ़्रीका या इंडिया की टीम के लिए खेल सके. गेंदबाज़ी में हैं मगर बल्लेबाज़ी में एक भी नहीं है.
हमारे यहां एक मैच के बाद आठ-आठ साल तक खिला रहे हैं. यही वजह है कि हम डूबते जा रहे हैं. आप पेड हैं, आप प्रोफ़ेशनल हैं. आप काम भी न करें तो पैसा किस चीज़ का भाई? पाकिस्तान क्रिकेट किसी की जागीर नहीं है. ये उसकी जागीर है जो हर बार रन बनाता है. 10 में से आठ बार उसकी परफ़ॉर्मेंस होनी चाहिए.
आप इंडिया को ही देख लीजिए. हमारा एक भी लड़का क्या दुनिया की किसी टीम में घुस सकता है? है ही नहीं! बना ही नहीं रहे अपने आप को. मुझे विवियन रिचर्ड की एक बात याद है. उनसे किसी बच्चे ने ऐसे ही पूछा कि आप कौन हैं? उन्होंने जवाब दिया, "आप लाइब्रेरी में जाइए और मेरे बारे में ढूंढकर पढ़िए."
मैं कहता हूं कि थोड़ा दुनिया-दारी के बारे में जानो. अख़बार पढ़ा करो. जब बुरा करो तब ज़रूर पढ़ो कि लोग तुम्हारे बारे में क्या कह रहे हैं. मैंने ख़ुद ऐसा किया है.
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