You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
बाघों की साल 2022 में संख्या बढ़कर 3,167 हुई, पीएम मोदी ने जारी किया आंकड़ा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देश में बाघों की संख्या का नया आंकड़ा जारी किया. साल 2022 में बाघों की संख्या बढ़कर 3,167 हो गई है.
2018 में बाघों की संख्या 2,967 थी वहीं 2014 में ये संख्या 2,226 थी.
बाघों की संख्या बीते चार सालों में 6.7 फ़ीसदी बढ़ गई है.
प्रोजेक्ट टाइगर के 50 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को कर्नाटक के बांदीपुर और मुदुमलाई टाइगर रिज़र्व पहुंचे थे वहां उन्होंने 20 किलोमीटर लंबी जीप सफ़ारी की.
इसके बाद प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के पहाड़ी जिले नीलगिरी के मुदुमलाई में पीएम मोदी ने एक हाथी शिविर का दौरा भी किया. मोदी ने यहां कुछ हाथियों को गन्ना भी खिलाया और हाथियों की देखरेख में लगे महावतों से भी मिले.
मोदी ने ऑस्कर पुरस्कार जीतने वाली डॉक्यूमेंट्री 'एलिफेंट व्हिस्परर्स' के पात्रों और फ़िल्म की टीम से भी मुलाकात की.
पीएम मोदी ने बाघों के संरक्षण गतिविधियों में शामिल फ़्रंटलाइन फ़ील्ड स्टाफ़ और स्वयं सहायता समूहों के साथ भी बातचीत की.
मोदी शनिवार रात ही कर्नाटक पहुंच गए थे. प्रधानमंत्री मोदी ने 'अमृत काल' के दौरान बाघ संरक्षण के लिए सरकार का विज़न भी पेश किया. उन्होंने इंटरनेशनल बिग कैट्स अलायंस (आईबीसीए) की शुरुआत भी की.
क्या कह रहे हैं लोग?
इन सबके बीच सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा पीएम मोदी के 'नए लुक' की हो रही है.
कुछ लोग मोदी के सफ़ारी लुक की तारीफ़ कर रहे हैं तो कुछ ने आलोचना भी की है.
पीएम मोदी ने इस दौरे के बाद ट्वीट किया, "सुबह का समय सुंदर बांदीपुर टाइगर रिज़र्व में बिताया और भारत के वन्य जीवन, प्राकृतिक सुंदरता और विविधता की झलक देखी."
पीएम मोदी जब बांदीपुर टाइगर रिज़र्व पहुंचे तो उन्होंने काली हैट, खाकी रंग की पैंट और कैमोफ्लॉज प्रिंट की टी-शर्ट पहनी थी.
सोशल मीडिया पर लोग इस लुक को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
निमो ताई नाम के सोशल मीडिया यूज़र ने लिखा है, "मोदी जी दिन में 20 घंटे काम करते हैं... ताकि अगले पीआर के लिए अपना लुक तय कर सकें".
माया नाम की एक यूज़र ने लिखा, "मैं अपने बिस्तर से अब तक उठ भी नहीं पाई हूं और यहां प्रधानमंत्री मोदी उठकर, यात्रा कर अच्छे से टाइगर रिज़र्व के लिए तैयार हो गए हैं. वो हमारे लिए नए बेंचमार्क बना रहे हैं."
वहीं लता नाम की यूज़र लिखती हैं, "पीएम मोदी हैंडसम लग रहे हैं."
आम आदमी पार्टी के राजस्थान के नेता चंद्र शेखर सारस्वत ने लिखा है, "लुक बदलने से अच्छा है देश पर भी ध्यान दो."
ट्विटर बायो में खुद को पत्रकार बताने वाले नवल कांत सिन्हा ने लिखा है, "माना कि कांग्रेस के शशि थरूर सर का जलवा है लेकिन जब इस 72 साल के लड़के की फोटो आती है तो बड़े-बड़े स्टार्स को रश्क हो जाता होगा. प्रोजेक्ट टाइगर के 50 साल पूरे होने पर आज कर्नाटक के बांदीपुर और मुदुमलाई टाइगर रिज़र्व दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी".
कांग्रेस का निशाना
प्रोजेक्ट टाइगर के 50 साल पूरे होने के जश्न के तौर पर पीएम मोदी ने बांदीपुर टाइगर रिज़र्व का दौरा किया है.
हालांकि, कांग्रेस का कहना है कि मोदी इस प्रोजेक्ट का श्रेय ले रहे हैं.
पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने लिखा है, "आज पीएम बांदीपुर में 50 साल पहले लॉन्च हुए प्रोजेक्ट टाइगर का पूरा क्रेडिट लेंगे. वो खूब तमाशा करेंगे जबकि पर्यावरण, जंगल, वन्य जीव एवं वन क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासियों की रक्षा के लिए बनाए गए सभी कानून ध्वस्त किए जा रहे हैं. वह भले ही सुर्खियां बटोर लें लेकिन हकीकत बिल्कुल उलट है."
उन्होंने एक और ट्वीट में प्रधानमंत्री पर तंज कसा और उन्हें शिकारी शंभू कहा है, जो एक कार्टून किरदार हैं. उन्होंने लिखा, "कभी-कभार काम करने वाले शिकारी शंभू, पीएम क्या पोज़ देते हैं."
इसी महीने के पहली तारीख को प्रोजेक्ट टाइगर के 50 साल पूरे हुए हैं.
इसी दिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी एक ट्वीट में ये कहा था कि 50 साल पहले बाघों के संरक्षण के लिए 'प्रोजेक्ट टाइगर' को इंदिरा गांधी ने लॉन्च किया था.
क्या है प्रोजेक्ट टाइगर और आईबीसीए
एक समय ऐसा आया था जब पूरी दुनिया में बाघों की संख्या तेज़ी से लगातार गिरती चली जा रही थी. बड़े पैमाने पर अवैध शिकार और कोई सुरक्षा न होने की वजह से इस प्रजाति के विलुप्त होने का खतरा भी मंडराने लगा था.
ऐसे में देश की तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार ने इनके संरक्षण का जिम्मा संभाला. साल 1973 में भारत सरकार ने बाघों के संरक्षण के लिए प्रोजेक्ट टाइगर को शुरू किया था.
1973 में 'प्रोजेक्ट टाइगर' के तहत लाए जाने वाले राष्ट्रीय उद्यानों में बांदीपुर भी शामिल था. इसके बाद, कुछ निकटवर्ती आरक्षित वन क्षेत्रों को अभयारण्य में मिलाया गया. मौजूदा समय में बांदीपुरा बाघ अभयारण्य 912.04 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है.
भारत में पहले 9 टाइगर रिज़र्व थे और अब इनकी संख्या बढ़कर 52 हो घई है.
सरकार द्वारा बाघों के संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों के सकारात्मक परिणाम देखने को मिले.
बाघ की गणना के अनुसार भारत में बाघ की संख्या 2 हज़ार 967 है. ये विश्व की संख्या का लगभग 75 फ़ीसदी से अधिक माना जाता है.
पीएम मोदी ने इस दौरे पर इंटरनेशनल बिग कैट्स अलायंस (आईबीसीए) की शुरुआत भी की.
आईबीसीए में ऐसे देश शामिल हैं, जहां 'बिग कैट्स' प्रजाति के सात पशु-बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, पुमा, जगुआर और चीता पाए जाते हैं. यह संगठन इन पशुओं के संरक्षण एवं सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करेगा.
जुलाई 2019 में प्रधानमंत्री ने 'वैश्विक नेताओं के गठबंधन' से आह्वान किया था और एशिया में अवैध शिकार एवं अवैध वन्यजीव व्यापार पर दृढ़ता से रोक लगाने की बात कही थी. प्रधानमंत्री के इसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए आईबीसीए की शुरुआत की जा रही है.
ये भी पढ़ें: कर्नाटक की ये शाही मस्जिद क्या कभी हनुमान मंदिर थी?
कर्नाटक में अगले महीने होने वाले हैं चुनाव
कर्नाटक में 10 मई को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है, जिसके नतीजे 13 मई को आएंगे.
राज्य के चुनावों में प्रधानमंत्री मोदी बीजेपी के स्टार प्रचारक हैं.
चुनाव की तारीखों के एलान के बाद प्रधानमंत्री का ये पहला कर्नाटक दौरा है.
ये भी पढ़ें:
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)