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BCCI पर उमर और स्वदेशी जागरण मंच का निशाना
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई को निशाने पर लिया है.
वजह है बीसीसीआई का चीन की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी वीवो को आईपीएल का टाइटल स्पॉन्सर बनाए रखने का फ़ैसला.नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने कहा कि एक तरफ देश में चीन के सामान का बहिष्कार हो रहा है, वहीं चीन की कंपनी की आईपीएल की स्पॉन्सरशिप बरकरार रखी गई है.
अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, "बीसीसीआई/आईपीएल गवर्निंग काउंसिल ने चीन की बड़ी कंपनियों समेत सभी प्रायोजकों को बनाए रखने का फ़ैसला किया है. मुझे उन बेवकूफ़ों के लिए बुरा लग रहा है, जिन्होंने अपने टीवी बालकनी से फेंक दिए थे, उन्हें यही दिन देखना बाकी था."
एक और ट्वीट में उन्होंने कहा, "चीन की स्मार्टफोन कंपनी आईपीएल की टाइटल स्पॉन्सर बनी हुई है, जबकि लोगों से कहा जा रहा है कि चीन के उत्पादों का बहिष्कार करें. चीन को हम पर उंगली उठाने का मौका मिल गया है. हमें समझ ही नहीं आ रहा है कि चीन से आने वाले पैसे, निवेश, विज्ञापन और स्पॉन्सरशिप को कैसे मैनेज करें."
रविवार को आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की बैठक में वीवो को स्पॉन्सरशिप बरकरार रखी गई. आईपीएल का 13वां संस्करण 19 सितंबर से 10 नवंबर तक संयुक्त अरब अमीरात में दुबई, शारजाह और अबु धाबी में खेला जाएगा. इसके लिए बोर्ड को मोदी सरकार से ज़रूरी रज़ामंदी भी मिल गई है.
इस बीच, कांग्रेस ने भी मोदी सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान पर निशाना साधा है.
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि आईपीएल में चीन की कंपनी को प्रायोजक बनाए रखना दोहरा मापदंड दिखाता है.
बीजेपी के पूर्व सांसद और दलित नेता उदित राज ने कहा है कि जब अमित शाह के पुत्र बीसीसीआई के सचिव हैं तो ऐसा तो होना ही था. उन्होंने ट्वीट किया, "लद्दाख में जब हमारे 20 सैनिक शहीद हुए तब बयान आया था कि चीनी मोबाइल वीवो का स्पॉन्सरशिप वापस होगा, नहीं हुआ. उसके साथ 2200 करोड़ का करार है. अमित शाह के पुत्र बीसीसीआई में सचिव हैं. है न जनता बुद्धू."
स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक अश्वनी ने भी आईपीएल के इस फ़ैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि पूरी दुनिया चीन का बहिष्कार कर रही है और आईपीएल उन्हें संरक्षण दे रहा है.
अश्वनी महाजन ने ट्वीट किया, " आईपीएल एक धंधा है और इसे चलाने वाले राष्ट्र और इसकी सुरक्षा के प्रति असंवेदनशील हैं. पूरी दुनिया चीन का बहिष्कार कर रही है, आईपीएल उन्हें पनाह दे रहा है. उन्हें समझना चाहिए कि कुछ भी राष्ट्र से ऊपर नहीं है, यहां तक कि क्रिकेट भी नहीं. लोग आईपीएल का बहिष्कार कर सकते हैं."
हालाँकि कुछ लोग आईपीएल के इस फ़ैसले के समर्थन में भी दिखे. रिषभ राज नाम के यूजर्स ने ट्विटर पर लिखा, "बीसीसीआई निजी संस्था है, क्या सरकार प्रायोजक के मामले में उस पर दबाव बना सकती है?"
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