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#SonamKapoor पिता और 'कर्म' पर ट्वीट पर क्यों फंसीं सोनम कपूर
बॉलीवुड कलाकार सोनम कपूर रविवार को अपने एक ट्वीट के लिए सोशल मी़डिया में चर्चा में रहीं. फादर डे के मौक़े पर किए एक ट्वीट को लेकर उन्हें लोगों ने ट्रोल किया जिस कारण वो लगभग पूरे दिन ट्विटर ट्रेंड में बनी रहीं.
फादर डे के मौक़े पर सोनम कपूर ने ट्वीट किया था, "आज फादर डे केपर मैं आपसे कहना चाहती हूं कि मैं अपने पिता की बेटी हूं और मैं आज उन्हीं की वजह से इस मुक़ाम पर हूं, मुझे प्रिविलेज यानी विषेशाधिकार मिले हैं. ये कोई अपमान नहीं है. मुझे ये सब देने के लिए मेरे पिता ने कड़ी मेहनत की है. ये मेरा कर्म है कि कि मैं कहां पैदा हुई और किसके परिवार में पैदा हुई. मुझे मेरे पिता की बेटी होने पर गर्व है."
हाल में कलाकार सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद बॉलीवुड में भाई-भतीजावाद को लेकर चर्चा तेज़ हो गई है. पुलिस का कहना है कि सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या की.
कई लोग सुंशात सिंह राजपूत के समर्थन में हैं और उनका कहना है कि बॉलीवुड के जाने माने निर्माता केवल स्टारकिड्स (जानेमाने अभिनेताओं के बच्चों) को काम का मौक़ा देते हैं.
सुशांत की मौत के बाद सोशल मीडिया पर फिल्म निर्माता करण जौहर को इस कारण से ट्रोल किया गया था जिसके बाद करण जौहर ने फिल्म व्यवसाय से जुड़े कई लोगों को ट्विटर पर अनफॉलो कर दिया था.
इसी सप्ताह सोनाक्षी सिन्हा ने ये कहते हुए अपना ट्विटर अकांउट बंद कर दिया है कि उन्हें नकारात्मकता से दूर रहना है और खुद के मानसिक स्वास्थ्य को बचाए रखना है.
गायक सोनू निगम ने भी म्यूज़िक इंडस्ट्री को लेकर बताया कि यहां एक कलाकार को किस तरह का दबाव झेलना पड़ता है. उन्होंने कहा कि अगर गुटबाज़ी ख़त्म नहीं हुई तो यहां से भी कोई बुरी ख़बर आ सकती है.
उर्मिला मातोंडकर और कंगना रनौत ने भी कहा कि बॉलीवुड में भाई-भतीजावाद के चलते सही टैलेंट और कड़ी मेहनत को मौक़ा नहीं दिया जाता.
सोनम के ट्वीट पर लक्ष्मी नारायण ने लfखा, "प्रिविलेज कोई बुरी बात नहीं लेकिन क्या आपने अपने प्रिविलेज का इस्तेमाल संघर्ष कर रहे कलाकारों की बेहतरी के लिए किया है? हम यहां बेहद बुरी चीज़ के बारे में बात कर रहे हैं. भाई-भतीजावाद और कुछ अमीरों के प्रीविलेज के कारण छोटे शहरों से आए मेहनत करने वाले कलाकारों को काम या तो मिल नहीं रहा या फिर उनसे काम छीना जा रहा है."
स्वाति नाम के एक ट्विटर हैंडल ने लिखा, "काश प्रिविलेज के साथ आपको विरासत में थोड़ी विनम्रता भी मिली होती."
आनिया अज़ीज़ ने लिखा है, "समाज के भीतर मौजूद उत्पीड़न और असमानता के ढांचे को सोनम सही ठहरा रही हैं और वो इसे 'कर्म' का नाम दे रही हैं. ऐसा लगता है कि सोनम का मानना है कि ग़रीब ग़रीब होने के लायक है जबकि अमीर को और अमीर मिलनी चाहिए."
तेजस ने लिखा "सोनम ने जातिवाद और वर्गवाद की आधुनिक संज्ञा ही बता दी है."
मनमीत का सवाल है, "तो आपका मतलब है कि जो लोग प्रिविलेज्ड नहीं हैं या ग़रीब हैं वो अपने कर्म के कारण ग़रीब हैं या फिर इस कारण कि उनके पिता ने कड़ी मेहनत नहीं की. आपको शायद इस बात का पता नहीं है कि हर पिता अपने बच्चों की भलाई के लिए अपनी क्षमता के अनुसार कड़ी मेहनत करते हैं."
सुमिन विश्वकर्मा ने सुशांत सिंह राजपूत की तरफ इशारा करते हुए लिखा, "आपको अपने पिता पर गर्व तो होना ही चाहिए लेकिन उस पिता का क्या जिसे अपने बेटे पर गर्व था. भाई-भतीजावाद के कारण इंडस्ट्री के बाहर से आ रहे टैलेंट का रास्ता रोक दिया जाता है."
अभिषेक सिंह ने तंज कसते हुए लिखा, "मुझे इस बात की खुशी है कि सोनम कपूर ने ये तो माना कि वो अपने पिता की वजह से कलाकार हैं. सार्वजनिक तौर पर ये स्वीकार करने के लिए कि सोनम का सम्मान किया जाना चाहिए कि उनमें कोई टैलेंट नहीं और वो अपने पिता के प्रभाव के कारण इंडस्ट्री में है."
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