अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गुड फ्राइडे पर ट्वीट करके क्यों हुए ट्रोल: सोशल

प्रकाशित
पढ़ने का समय: 2 मिनट

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को गुड फ्राइडे पर अपने एक ट्वीट की वजह से ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा.

ट्विटर यूज़र्स ने उनके इस ट्वीट पर अलग-अलग तरह की टिप्पणियां कीं.

कई ट्विटर यूज़र्स ने उनकी धार्मिक समझ पर सवाल उठाया तो वहीं कई दूसरे ट्विटर यूज़र्स ने ट्रंप के ट्वीट पर टिप्पणी करते हुए अपने अनुभव साझा किए.

आख़िर क्यों ट्रोल हुए ट्रंप?

डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार यानी आज अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करके लिखा, "सभी का गुड फ्राइडे ख़ुशगवार बीते"

लेकिन ईसाई धर्म के मुताबिक़, गुड फ्राइडे उस दिन मनाया जाता है जिस दिन ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था.

ऐसे में ये माना जाता है कि ईसाई समुदाय के लिए ये एक दुख का दिन है. इस दिन लोग मुख्य तौर पर सिर्फ़ प्रार्थना करते हैं.

लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने इसी दिन सभी का दिन खुशियों से भरा बीतने की बधाई दे दी.

ट्रंप के इस ट्वीट पर टिप्पणी करते हुए टॉम निकोलस लिखते हैं, "इन्हें मालूम ही नहीं है कि हॉली फ्राइडे का मतलब क्या है."

एक पत्रकार लॉरी ए कार्टर लिखती हैं, "मैं सच में गुड फ्राउडे को एक जश्न मनाने वाला त्योहार नहीं समझ रही हूँ, क्या मैं ग़लत हूँ?

डेविड लिखते हैं, "ये एक दुख का दिन है. खुशी का दिन रविवार को है. अगले साल तीन साल के बच्चों के लिए ईस्टर के एपिसोड में शामिल हों."

वहीं, एक भारतीय पत्रकार अमित मिश्रा लिखते हैं, "ये आदमी किस मिट्टी का बना है यार..."

रक्षा मामलों के जानकार सी उदय भाष्कर लिखते हैं कि ये ख़ुशगवार बीतना चाहिए या आर्शीवाद के साथ?

ट्विटर यूज़र राम प्रसाद लिखते हैं, "मैं अपेक्षा करता हूँ कि एक रिपोर्टर इस पर सवाल पूछेगा. और ट्रंप इस सवाल को ऐसे घुमाएं कि ..."मैं एक बेहद सकारात्मक व्यक्ति हूँ, ये हमेशा से ख़ुशग़वार रहने वाला दिन था. और इसे दुख का दिन बताना, फेक न्यूज़ है. तुम बहुत ग़लत और नकारात्मक रिपोर्टर हो."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)