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कट्ठा सिम्हाचलम: आँखों में रोशनी नहीं और ग़रीबी की मार अलग से, फिर भी बने आईएएस
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कट्ठा सिम्हाचलम ने आईएएस बनने के लिए उन्होंने बहुत मेहनत और लगन से प्रयास करना शुरू किया. परिवार की आर्थिक स्थिति और उनकी आंखों की रोशनी न होना, दोनों इस राह में बाधा नहीं बन पाए.
कट्ठा सिम्हाचलम बचपन से देख नहीं सकते. वो अभी आईएएस अधिकारी हैं.
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