कट्ठा सिम्हाचलम: आँखों में रोशनी नहीं और ग़रीबी की मार अलग से, फिर भी बने आईएएस
प्रकाशित
कट्ठा सिम्हाचलम ने आईएएस बनने के लिए उन्होंने बहुत मेहनत और लगन से प्रयास करना शुरू किया. परिवार की आर्थिक स्थिति और उनकी आंखों की रोशनी न होना, दोनों इस राह में बाधा नहीं बन पाए.
कट्ठा सिम्हाचलम बचपन से देख नहीं सकते. वो अभी आईएएस अधिकारी हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)