You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
कोरोना वायरस ने दुनिया को नमस्ते की कीमत कैसे समझाई?
प्रकाशित
ज़्यादा पुरानी बात नहीं, जब दो देशों के राष्ट्राध्यक्ष मिलते थे तो गर्मजोशी से हाथ मिलाया जाता था और कैमरा थामे लोग इस पल को कैद कर सकें, इसलिए उसकी अवधि भी काफ़ी होती थी.
यहां तक कि हाथ मिलाने के अंदाज़ें से मुलाकातों की कामयाबी और नाकामी के संकेत खोजे जाते थे. लेकिन कोरोना ने ज़िंदगी बदली और हाथ मिलाने का अंदाज़ भी.
अब लोग हाथ नहीं मिलाते, ऐसे में अभिवादन करने और स्वीकार करने के लिए भारतीय नमस्ते काफ़ी काम आ रहा है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)