भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर पड़ोसी देशों की यात्रा पर हैं. इस क्रम में वह सबसे पहले बांग्लादेश पहुँचे. गुरुवार को उन्होंने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना से
मुलाक़ात भी की.
इसके अलावा उन्होंने अपने समकक्ष ए.के.अब्दुल मोमिन के साथ भी भेंट की.
एस जयशंकर के साथ भारत के शीर्ष राजनयिकों का एक दल भी है,जिसमें विनय मोहन क्वात्रा भी शामिल हैं.
भारत और बांग्लादेश दोनों ही यूक्रेन संकट के कारण तेल और ईंधन के दामों में आए उछाल से जूझ रहे हैं.
दोनों पड़ोसी देशों के संदर्भ में एक और बात जो ग़ौर की गई है वह कि यूक्रेन संकट पर संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न मंचो पर दोनों देशों का रुख़ कमोबेश एक सा ही रहा है.
अपने समकक्ष डॉ. मोमिन के साथ एक चरण की बातचीत के बाद डॉ. एस जयशंकर ने कहा, “बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. मोमिन के साथ एक साकारात्मक बातचीत हुई. दोनों ही देशों की ओर से इस बात पर सहमति जताई गई कि देशों के बीच रिश्ते तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं. हमारे साझा हित इसे और आगे बढ़ाएंगे.”
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाक़ात के दौरान जयशंकर ने उन्हें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक व्यक्तिगत संदेश भी दिया.
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय की ओर से एक बयान जारी करके कहा गया है कि दोनों नेताओं की बैठक के दौरान व्यापार पर ख़ासतौर पर ध्यान देने और बढ़ावा देने को लेकर चर्चा हुई.
इसके अलावा वाणिज्य और कनेक्टिविटी को लेकर भी चर्चा हुई. दोनों नेताओं ने बैठक के दौरान कोविड महामारी के कारण और हालिया यूक्रेन संकट के कारण सप्लाई चेन को लेकर आयी बाधा को दूर करने पर भी चर्चा की.
एस जयशंकर के इस दौरे की ढाका की मीडिया में काफी चर्चा है.
दरअसल, यह चर्चा इसलिए है कि डॉ. मोमिन ने बताया कि उन्होंने अपने भारतीय समकक्ष से रैपिड एक्शन बटालियन पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने में मदद करने के लिए आग्रह किया है.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने हालांकि इस संदर्भ में बहुत अधिक जानकारी या विस्तार से बताने से इनकार कर दिया. उन्होंने अपने बयान में कहा कि जबकि बात एक तीसरे देश (अमेरिका) से जुड़ी हुई है तो भारत को संभवत: इस मामले में सार्वजनिक तौर पर बयान नहीं देना चाहिए.
इससे पहले बीते साल दिसंबर में भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विजय दिवस समारोह के दौरान ढाका की यात्रा की थी. ऐसा माना जा रहा है कि बांग्लादेश की प्रधानमंत्री गर्मियों के ख़त्म होने से पहले एक बार भारत का दौरा ज़रूर करेंगी.
भारतीय विदेश मंत्री शुक्रवार को भूटान के लिए रवाना होंगे. वह पड़ोसी देशों (टू नेशन नेबरहुड विज़िट) की यात्रा पर हैं और ढाका उनका पहला स्टॉप था.