पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले में तृणमूल नेता की हत्या के बाद आगजनी, 8 की मौत, 11 गिरफ़्तार
- Author, अमिताभ भट्टासाली, बीबीसी संवाददाता
पश्चिमी बंगाल के बीरभूम ज़िले के रामपुरहाट इलाक़े में सोमवार रात को हुई आगजनी में 8 लोगों की मौत के मामले में अभी तक 11 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है. राज्य के पुलिस महानिदेशक मनोज मालवीय ने बताया है कि घटना की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन कमेटी (एसआईटी) गठित कर दी गई है.
मनोज मालवीय ने बताया कि मरने वाले लोगों में 6 महिलाएं और दो बच्चे थे.
हालांकि इससे पहले आई रिपोर्ट में 10 लोगों के मरने की बात कही गई थी. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ सात शव केवल एक ही घर से निकाले गए हैं.
पुलिस ने बताया है कि स्थानीय तृणमूल नेता और बोक्तुई गाँव के उप प्रधान भादू शेख सोमवार शाम एक चाय की दुकान पर बैठे थे तभी उन पर कुछ लोगों ने बम से हमला किया. उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.
जब भादू शेख की मौत की ख़बर गाँव तक पहुँची, तो उनके समर्थकों ने बोक्तुई गाँव में कई घरों में आग लगा दी. पुलिस ने 10 लोगों की मौत की पुष्टि की है. तीन शव रात में ही निकाल लिए गए थे, सुबह सात शव और निकाले गए हैं.
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि मरने वालों की संख्या अधिक हो सकती है.
बीरभूम के एसपी नगेंद्र नाथ त्रिपाठी ने बताया कि भादू शेख की मौत और बोक्तुई गाँव में लगाई गई आग, इन दोनों घटनाओं एक दूसरे से क्या संबंध है. इसकी जाँच की जा रही है.
लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि बोक्तुई गाँव में आग भादू शेख पर हमले के बाद बदले की कार्रवाई में लगाई गई है.
तृणमूल कांग्रेस के नेता वहाँ पहुँच रहे हैं.
तृणमूल नेता कुणाल घोष ने ट्वीट किया है कि ये घटना चाहे दुर्घटना है या पिछली हत्या की प्रतिक्रिया है या साज़िश, इसकी जाँच की जानी चाहिए. लेकिन इस घटना का राजनीति से कोई संबंध नही हैं. ये एक स्थानीय विवाद का नतीजा है.