रूस ने ईरान को लेकर शर्त रख अमेरिका की परेशानी बढ़ाई
2015 के ईरान परमाणु समझौते को बहाल करने की कोशिश को यूक्रेन संकट के कारण पहले ही झटका लगा था. इस बीच रूस ने एक शर्त रख दी है, जिससे पश्चिम के देशों की परेशानी बढ़ गई है.
रूस ने मांग की है कि अमेरिका इस बात की गारंटी दे कि प्रतिबंधों का असर ईरान के साथ उसके व्यापार पर नहीं होगा. यूक्रेन पर हमले को लेकर पश्चिम के देशों ने रूस पर बेहद कड़े प्रतिबंध लगाए हैं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अनुसार, रूस के विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोफ़ ने कहा कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के कारण ईरान के साथ परमाणु समझौता बाधित हो गया है.
रूस की इस शर्त के कारण अमेरिका की उन कोशिशों को झटका लग सकता है, जिसके तहत वह ईरान का मसला जल्द सुलझाने की कोशिश कर रहा था.
हालांकि अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि रूस पर प्रतिबंध यूक्रेन पर हमले के कारण लगा है और इसे ईरान के परमाणु क़रार से जोड़ने का कोई मतलब नहीं है.
ब्लिंकन ने सीबीएस को दिए इंटरव्यू में कहा, ''दोनों मसले बिल्कुल अलग हैं और इन्हें साथ में नहीं जोड़ा जा सकता है. ईरान के साथ समझौता होने के क़रीब है लेकिन कई चुनौतीपूर्ण मुद्दे अब भी हल होने बाक़ी हैं.''
समाचार एजेंसी रॉयटर्स से ईरान के एक अधिकारी ने कहा कि तेहरान रूस के स्पष्टीकरण का इंतज़ार कर रहा था.
उस अधिकारी ने कहा, ''रूस ने अमेरिका से लिखित गारंटी मांगी है. रूस चाहता है कि ईरान के साथ कारोबार, निवेश और सैन्य-तकनीक सहयोग को लेकर पाबंदी ना रहे. रूस जो चाहता है, उसे समझने की ज़रूरत है.''