हमें एयरक्राफ्ट न देने का मतलब है कि आप चाहते हैं हम मर जाएं: ज़ेलेंस्की

सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करके राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने दुनिया के नेताओं से यूक्रेन में नो फ्लाई जोन बनाने की अपील फिर दोहराई है.

लाइव कवरेज

ब्रजेश मिश्र and कमलेश मठेनी

  1. रूस और अमेरिका से रिश्तों को लेकर क्या तलवार की धार पर चल रहा है भारत?

  2. युद्ध के बीच यूक्रेन में हुई शादी

    घुटनों पर बैठे जोड़े को बाकी सैनिक चारों से घेरे हैं.

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    यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद दोनों देशों की सेनाएं 11 दिनों से लड़ रही हैं.

    इस बीच यूक्रेन की राजधानी कीएव के बाहरी इलाके में यूक्रेन के क्षेत्रीय रक्षा बल के एक जोड़े ने शादी की.

    वलेरी और लीसया ने एख छोटी सेरेमनी में शादी की. इस दौरान यूक्रेनी सशस्त्र सेना के दूसरे जवान और कीएव के मेयर भी मौजूद थे.

    एक सैनिक ने सेरेमनी के दौरान लीसया का हेलमेट पकड़ रखा है.

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    कीएव के मेयर विटाली क्लिस्तो ने शादी पर जोड़े को बधाई दी.

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    शादी के बाद जश्न में शामिल वलेरी और लीसया.

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  3. हमें एयरक्राफ्ट न देने का मतलब है कि आप भी चाहते हैं हम मर जाएं: ज़ेलेंस्की

    वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की

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    अब से थोड़ी देर पहले हमने ख़बर दी थी कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की कीएव के दक्षिण-पश्चिम में बसे शहर विनितस्या के नागरिक हवाई अड्डे के पूरी तरह ध्वस्त होने की बात बता रहे हैं.

    सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करके उन्होंने दुनिया के नेताओं से यूक्रेन में नो फ्लाई जोन बनाने की अपील फिर दोहराई है.

    इस पोस्ट में उन्होंने कहा कि लोगों को बचाना दुनिया के नेताओं का मानवीय दायित्व है. वो ऐसा कर सकते हैं.

    उन्होंने कहा, '' अगर आप ऐसा नहीं करते और अपनी रक्षा करने के लिए हमें लड़ाकू विमान भी नहीं देते तो इसका एक ही निष्कर्ष निकला जा सकता है और वो ये कि आप भी चाहते हैं कि धीरे-धीरे हम मार दिए जाएं. ''

    नेटो देश अब तक यूक्रेन के ऊपर नो-फ्लाई जोन बनाने की बात खारिज करते आए हैं. अगर ऐसा हुआ तो यूक्रेन के आसमान पर उड़ने वाले किसी भी रूसी विमान को नेटो को रोकना होगा. ऐसे में जरूरत पड़ी तो उन्हें रूसी विमानों को मार गिराना होगा.

    नेटो देशों का कहना है कि इससे रूस के साथ नेटो देशों का सीधा संघर्ष शुरू हो जाएगा.

  4. रूस: यूक्रेन पर हमले के विरोध में प्रदर्शन करने वाले 3500 गिरफ़्तार - रिपोर्ट

    यूक्रेन पर हमले के विरोध में प्रदर्शन

    रूसी समाचार एजेंसी इंटरफ़ैक्स ने रूस के गृह मंत्रालय के हवाले से यह जानकारी दी है.

    रिपोर्ट के मुताबिक-

    • राजधानी मॉस्को में रविवार को विरोध प्रदर्शन में करीब 2500 लोगों ने हिस्सा लिया जिनमें से 1700 को हिरासत में लिया गया है.
    • सेंट पीटर्सबर्ग में हुए विरोध प्रदर्शन में करीब 1500 लोग शामिल थे जिनमें से 750 को गिरफ़्तार किया गया.
    • इसके अलावा अन्य जगहों पर करीब 1200 लोग विरोध प्रदर्शनों में शामिल हुए जिनमें से 1061 को हिरासत में ले लिया गया.
    रूस में विरोध प्रदर्शन

    गृह मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, जिन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है उन्हें स्थानीय पुलिस स्टेशन ले जाकर ‘‘कानूनी कार्रवाई तय की जा रही है.’’

    मानवाधिकारों की वेबसाइट ओवीडी-इनफ़ोके मुताबिक, रूस में अब तक यूक्रेन हमले का विरोध करने वाले करीब 10946 लोगों को हिरासत में लिया गया है.

    रूस
  5. पुतिन ने अर्दोआन को बताया- यूक्रेन पर कब बंद होगा रूस का हमला

    पुतिन अर्दोआन

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    रूस यूक्रेन में अपना सैन्य ऑपरेशन तभी रोकेगा, जब यूक्रेन लड़ना छोड़ दे और उसकी मांगें मान ले. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ये बात तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन से फोन पर बातचीत के दौरान कही.

    रूस इस बात पर जोर दे रहा है कि यूक्रेन में इसकी थल, वायु और नौसेना की ओर से किया गया हमला एक विशेष सैन्य ऑपरेशन है. राष्ट्रपति पुतिन का मानना है कि यूक्रेन के 'नाज़ीकरण' को ख़त्म करने के लिए यह ज़रूरी है.

    राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि हमला योजना के मुताबिक चल रहा है और यह अपने समय पर है.

    पिछले दिनों पश्चिमी देशों के रक्षा विश्लेषकों ने कहा था कि यूक्रेन में रूस का सैन्य अभियान उतनी अच्छी तरह नहीं चल पा रहा है, जितनी उम्मीद की गई थी. उस समय भी पुतिन ने ऐसी ही टिप्पणियां की थीं.

    रूस के बयान के मुताबिक पुतिन को उम्मीद है कि यूक्रेन के वार्ताकार ज्यादा 'सकारात्मक रुख' अख्तियार करेंगे. अर्दोआन के दफ्तर ने कहा है कि तुर्की के राष्ट्रपति ने तुरंत संघर्ष विराम की अपील की है.

  6. यूक्रेन छोड़कर भाग रहे तीन लोगों की रूसी बमबारी में मौत

    इरपिन में हमला

    यूक्रेन में रूस की बमबारी से डरकर लोग देश छोड़कर भाग रहे हैं.

    इस बीच ख़बर मिली है कि इरपिन में रूस की बमबारी में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है. रूस ने एक टूटे हुए पुल को निशाना बनाया था जिसका इस्तेमाल लोग भागने के लिए कर रहे थे.

    न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस बमबारी में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हुई है.

    अख़बार के मुताबिक, कुछ लोगों का समूह खुली हुई सड़क से दौड़कर जा रहा था और यूक्रेनी सैनिक सुरक्षित जगह तक पहुंचने में उनकी मदद कर रहे थे.

    ज़ेलेंस्की

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    रूसी हमले में नागरिक हवाई अड्डा तबाह: ज़ेलेंस्की

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की के मुताबिक, रूस की बमबारी में राजधानी कीएव के दक्षिण पश्चिम में स्थित नागरिक हवाई अड्डा पूरी तरह तबाह हो चुका है.

    अब तक रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीएव के उत्तर और पूर्वी इलाकों के साथ यूक्रेन के दक्षिणी इलाकों को निशाना बनाया है.

    यूक्रेन रूस युद्ध

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    मारियुपोल में बिगड़ते हालात

    उधर मारियुपोल के सिटी काउंसिल ने कहा है कि संघर्ष विराम की घोषणा के बावजूद रूस की तरफ से हो रही बमबारी के चलते वहां से लोगों को निकालना संभव नहीं हो रहा.

    उन्होंने बताया कि सुबह लोगों को निकालने की योजना पर काम शुरू हुआ लेकिन रूसी बमबारी की वजह से इसे स्थगित करना पड़ा.

    शहर में पांच दिनों से लोग बिना खाना-पानी के फंसे हुए हैं. यहां बिजली भी नहीं है.

  7. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 06 मार्च 2022, सुनिए वात्सल्य राय से

  8. यूक्रेन पर हमले की कार्रवाई में पुतिन को नाकाम होना चाहिए: बोरिस जॉनसन

    बोरिस जॉनसन

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    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि यूक्रेन पर हमले की कार्रवाई में पुतिन को हर हाल में नाकाम होना चाहिए. उन्होंने कहा कि पुतिन इसमें नाकाम होते हुए देखे जाने चाहिए.

    उन्होंने एक छह सूत्री प्लान ऑफ एक्शन पेश किया है और कहा है कि पुतिन अपनी महत्वाकांक्षा पूरी न कर सकें इसके लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस प्लान ऑफ एक्शन के मुताबिक मिलकर काम करना होगा.

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    इस प्लान ऑफ एक्शन में यूक्रेन को मानवीय सहायता देने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन तैयार करने को कहा गया है. साथ ही यूक्रेन को आत्मरक्षा के प्रयास में मदद करने और पुतिन सरकार पर अधिकतम आर्थिक दबाव बनाने की अपील की गई है.

    उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है, ''पूरी दुनिया देख रही है. हमारे बारे में भविष्य के इतिहासकार नहीं बल्कि यूक्रेन के लोग अपनी राय बनाएंगे.''

  9. यूक्रेन में भारत ने वो कर दिखाया जो बड़े-बड़े देशों के लिए मुश्किल है: पीएम मोदी

    नरेंद्र मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि यूक्रेन संकट के समय भारत ऑपरेशन गंगा चलाकर जिस तरह अपने नागरिकों को युद्ध क्षेत्र से बाहर निकाल रहा है, वो भारत के बढ़ते प्रभाव का साक्ष्य है.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को महाराष्ट्र के पुणे की सिंबॉयसिस यूनिवर्सिटी के स्वर्ण जयंती समारोह में पहुंचे थे.

    इस दौरान उन्होंने यूक्रेन पर रूस के हमले की वजह से फंसे भारतीयों को वापस लाने और भारत के प्रभाव का ज़िक्र किया.

    पीएम मोदी ने कहा, ‘‘दुनिया के बड़े बड़े देशों को ऐसा करने में कई मुसीबतें झेलनी पड़ रही हैं. लेकिन ये भारत का बढ़ता हुआ प्रभाव है कि हम हज़ारों छात्रों को वहां से अपने वतन वापस ला चुके हैं.’’

  10. यूक्रेन का दावा- अब तक रूस के 88 लड़ाकू विमान नष्ट हुए

    रूसी बख्तरबंद गाड़ी

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    यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने रूस के साथ जारी संघर्ष को लेकर अपनी दैनिक रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट के अनुसार-

    • युद्ध की शुरुआत से लेकर अब तक रूस के 88 हवाई जहाज़ और हेलिकॉप्टर नष्ट हो चुके हैं.
    • यूक्रेन ने अब तक कई रूसी पायलटों को पकड़ा है.
    • देश के दक्षिण-पूर्व में मौजूद मारियुपोल शहर में यूक्रेनी सेना रूसी सेना से मुक़ाबला कर रही है. यहां यूक्रेन का महत्वपूर्ण बंदरगाह है.
    • देश के दक्षिण में ओडेसा के पास मायकोलेव में बड़ी मात्रा में रूसी 'साजो-सामान' पकड़ा गया है.
    • यूक्रेनी सेना के प्रतिरोध को देखते हुए रूसी सेना का "मनोबल टूट रहा है".

    बीबीसी यूक्रेनी सेना के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर सकता. रूस ने यूक्रेन में अपनी सेना को हुए नुक़सान के बारे में कम ही जानकारी दी है, लेकिन जानकार मानते हैं कि यूक्रेन का कड़ा प्रतिरोध उनके लिए आश्चर्य की बात है.

    उनका कहना है कि रूस को यहां सप्लाई लाइन्स को लेकर और अपने सैनिकों के मनोबल को लेकर परेशानी झेलनी पड़ रही है.

  11. यूक्रेन में रूसी सेना की रफ़्तार हुई धीमी

      • Author, फ्रैंक गार्डनर, बीबीसी सुरक्षा संवाददाता
    रूसी टैंक

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    अब तक यूक्रेन में रूसी सेना की रफ्तार धीमी ही रही है.

    माना जा रहा था हमले से पहले रूसी सेना में बड़े बदलाव किए गए और उन्हें 'बटालियन टैक्टिकल ग्रूप्स' में बांटा गया.

    ये आठ सौ से हज़ार सैनिकों की यूनिट्स हैं जो टैंकों, ड्रोन्स और मल्टीपल रॉकेट लॉन्च सिस्टम्स के साथ मिलकर काम कर रही हैं. लेकिन ऐसा नहीं लगता कि सब योजना के मुताबिक़ हो पा रहा है.

    ख़ासकर यूक्रेन के उत्तर में रूसी कमांडर इस आधुनिक किस्म के युद्ध का पूरा फायदा उठाने में नाकाम रहे हैं.

    टैंक

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    उनकी गाड़ियां बीच-बीच में बिगड़ती रही हैं और शायद उन्होंने ये उम्मीद भी नहीं की थी कि उन्हें यूक्रेन में इस तरह के प्रतिरोध का सामना करना पड़ेगा. बड़ी संख्या में रूस के सैनिक इस जंग में मारे गए हैं साथ ही युद्ध में इस्तेमाल होने वाले उनके उपकरणों को भी खासा नुक़सान पहुंचा है.

    रूसी सेना अपने क्रूर और आज़माए हुए तरीका अपना रही है. वो शहरों की घेराबंदी कर रही है, उस पर लगातार हवाई हमले कर रही है, साथ ही टैंकों और दूसरे हथियारों से भी फायरिंग कर रही है. उसका उद्देश्य है कि यूक्रेन को बचा रहे लोगों का मनोबल टूट जाए और वो हथियार डाल दें.

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूक्रेन पर हमले के लिए रूस की कड़ी आलोचना की जा रही है. हालांकि इससे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर कोई असर पड़ता नहीं दिखता. उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि युद्ध रोकने का उनका कोई इरादा नहीं है.

  12. हम रूस के साथ जंग को टालना चाहते हैं: ब्रिटिश सैन्य प्रमुख

    ब्रिटेन के चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़ एडमिरल सर टोनी रैडेकिन

    ब्रिटेन के चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़ एडमिरल सर टोनी रैडेकिन ने कहा कि रूस की धमकियों को लेकर ब्रिटेन और उसके सहयोगी काफ़ी सतर्क हैं.

    बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘‘हमें शांति और ज़िम्मेदारी बनाए रखनी है, इसलिए हम राष्ट्रपति पुतिन की नई और कभी-कभी स्पष्ट रूप से विचित्र और हास्यास्पद टिप्पणी पर जल्दबाजी में प्रतिक्रिया नहीं देते.’’

    उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ब्रिटेन दुनिया के सबसे बड़े सैन्य गठबंधन नेटो का हिस्सा है और उसके पास परमाणु हमलों से बचाव का उपाय है.

    उन्होंने कहा, ‘‘हम तैयार हैं. हम राष्ट्रपति पुतिन का सामना करने की अपनी क्षमता को लेकर भी बिल्कुल आश्वस्त हैं.’’

    बीबीसी से बातचीत में एडमिरल सर टोनी रैडेकिन ने कहा कि यूक्रेन के लोग जिस तरह के भयानक हालात का सामना कर रहे हैं ऐसे में नेटो और रूस के बीच युद्ध ‘वो आखिरी चीज़ होगी जो हम चाहेंगे.’

    उन्होंने कहा कि रूस के सेना प्रमुख से बातचीत के लिए उनकी कोशिश चल रही है.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इस बात पर नाराज़गी जताई थी कि ब्रिटेन समेत नेटो के दूसरे सदस्य यूक्रेन के ऊपर नो-फ्लाई ज़ोन बनाने से इनकार कर रहे हैं. नो-फ्लाई ज़ोन बनाने से रूस को यूक्रेन पर हवाई हमला करने से रोका जा सकता है. अगर नेटो गठबंधन के देश ऐसा करते हैं तो वे रूस से सीधी लड़ाई में शामिल हो जाएंगे.

    हालांकि सर टोनी रैडेकिन का कहना है कि रूस को यूक्रेन पर हमले में बहुत सफलता नहीं मिली है इसलिए वो आश्वस्त हैं कि ब्रिटेन की प्रतिक्रिया ठीक है.

  13. यूक्रेन की उप प्रधानमंत्री ने कहा- हालात और बिगड़ रहे हैं

    ओल्हा स्टेफनिश्यना

    यूक्रेन की उप प्रधानमंत्री का कहना है कि यूक्रेन में हालात अब और बिगड़ रहे हैं.

    बीबीसी से बातचीत में ओल्हा स्टेफनिश्यना ने कहा कि यूक्रेन में रूस की ‘‘चरमपंथी योजना’’ की एक और लहर शुरू हो गई है.

    उन्होंने कहा कि यूक्रेन के शहरों में रूस ने अस्पतालों और किंडरगार्टन पर बमबारी की है, जिससे हालात और खराब हुए हैं.

    वह कहती हैं कि रूस के हमले का विरोध करने के यूक्रेन के दृढ़ संकल्प के बावजूद, यह युद्ध का अंत नहीं है.

    उन्होंने कहा कि सैनिकों की मौत के अलावा भी रूस को हुए भारी नुकसान के बावजूद व्लादिमीर पुतिन रुक नहीं रहे, बल्कि और आक्रामकता को बढ़ावा दे रहे हैं.

    बीबीसी वन से बातचीत में ओल्हा स्टेफनिश्यना ने कहा कि ‘‘यूक्रेन की सेना हमेशा की तरह अब भी मज़बूत है.’’

  14. यूक्रेन छोड़कर जाने वालों का आंकड़ा 15 लाख के पार

    यूक्रेन रूस युद्ध
    इमेज कैप्शन, यूक्रेन से भागकर लोग पश्चिमी देशों में शरण ले रहे हैं

    यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद देश छोड़कर जाने वालों का आंकड़ा 15 लाख के पार पहुंच गया है.

    संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी के उच्चायुक्त फ़िलिपो ग्रांडी के मुताबिक, बीते 10 दिनों में 15 लाख से अधिक लोग सीमापार कर पड़ोसी मुल्कों में पहुंचे.

    दूसरे विश्व युद्ध के बाद अब यूरोप में शरणार्थियों का आंकड़ा तेज़ी से बढ़ा है.

  15. यूक्रेन के मारियुपोल में नए संघर्ष विराम की घोषणा

    मारियुपोल

    दक्षिणी यूक्रेन के मारियुपोल शहर में नए अस्थायी संघर्ष विराम की घोषणा की गई है.

    मारियुपोल की सिटी काउंसिल के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार संघर्ष विराम सुबह 10 बजे से रात 9 बजे के बीच लागू रहेगा.

    आम नागरिकों को तय रास्ते से स्थानीय समयानुसार दोपहर 12 बजे से शहर छोड़कर निकलने की अनुमति होगी.

    हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि लड़ाई थम गई है या नहीं.

    आम नागरिकों को शहर की तीन जगहों से बसों के ज़रिए बाहर ले जाया जाएगा.

    निजी वाहनों के ज़रिए भी लोग शहर से बाहर जा सकेंगे लेकिन उन्हें बसों के पीछे चलने की सलाह दी गई है. साथ ही यह भी कहा गया है कि कार की सभी सीटें भरी होनी चाहिए.

    शनिवार को भी ऐसी ही घोषणा की गई थी, हालांकि वो ज़्यादा देर तक लागू नहीं रह पाई. यूक्रेन ने रूस पर संघर्ष विराम के दौरान बमबारी के आरोप लगाए थे.

  16. रूस में प्रतिबंध के बावजूद आप इस तरह देख पाएंगे बीबीसी की ख़बरें

    बीबीसी

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    जैसा कि हम रिपोर्ट करते आ रहे हैं, रूसी प्रशासन ने दर्जनों पश्चिमी मीडिया कंपनियों की वेबसाइट्स तक नागरिकों की पहुंच को प्रतिबंधित कर दिया है. इसमें बीबीसी की रूसी और अंग्रेज़ी भाषा की वेबसाइट्स के साथ-साथ फ़ेसबुक और ट्विटर हैंडल भी शामिल हैं.

    रूस ने बीबीसी पर "गलत जानकारी" फ़ैलाने का आरोप लगाया है. रूस की संसद के स्पीकर ने कहा कि पश्चिमी मीडिया संस्थानों का "इस्तेमाल हमारे ख़िलाफ़ नफ़रत और झूठ फ़ैलाने के लिए हथियार की तरह किया जा रहा है. हमें सबसे पहले इस पर ध्यान देना चाहिए."

    हाल में रूस की संसद में एक नया बिल पास किया गया है जिसके मुताबिक़ ‘फ़ेक न्यूज़’ फैलाने वाली या देश के पक्ष को चुनौती देने वाली सूचना पर रिपोर्टिंग करने पर 15 साल जेल की सज़ा हो सकती है.

    स्वतंत्र पत्रकारिता पर नकेल कसने वाला ये कदम तब उठाया गया जब बीबीसी ने ये जानकारी दी कि यूक्रेन पर हमला शुरू होने के बाद से लोगों ने बीबीसी रूसी सेवा को रिकॉर्ड संख्या में पढ़ा है.

    लेकिन, प्रतिबंध के बावजूद भी आप बीबीसी की ख़बरें देख सकते हैं. कैसे, यहां हम बता रहे हैं-

    • ऐप स्टोर या गूगल प्लेस्टोर से Psiphon ऐप डाउनलोड करें.
    • बीबीसी की जिस साइट पर जाना है उसे टॉर ब्राउज़र पर ढूंढें जो इस यूआरएल से मिल सकती है. टॉर ब्राउज़र या ओनियन ब्राउज़र (आईफ़ोन्स) पर ही ये यूआरएल काम करेगा.
    • अगर ऐप तक पहुंच प्रतिबंधित है तो get@psiphon3.com or gettor@torproject.org पर एक ब्लैंक ईमेल भेजें. इसके बाद आपको एक ईमेल प्राप्त होगा जिसमें डायरेक्ट और सुरक्षित डाउनलोड लिंक दिया जाएगा.

    बीबीसी ने यूक्रेन और रूस के कुछ हिस्सों में हर दिन चार घंटे वर्ल्ड सर्विस इंग्लिश न्यूज़ प्रसारित करने वाली दो नई शॉर्टवेव फ्रीक्वेंसी को भी शुरू किया है:

    • 15735 kHz, 14:00 GMT से 16:00 GMT
    • 5875 kHz, 20:00 GMT से 22:00 GMT
    बीबीसी न्यूज़
  17. यूक्रेन-रूस संघर्ष: ज़ेलेंस्की की अपील पर इसराइली प्रधानमंत्री ने की पुतिन से मुलाक़ात

    इसराइल के प्रधानमंत्री नफताली बेनेट

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    यूक्रेन-रूस संघर्ष के बीच इसराइल के प्रधानमंत्री नफ़ताली बेनेट ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की है. वो शनिवार को रूस की राजधानी मॉस्को पहुंचे.

    इस बैठक का महत्व इस बात से लगाया जा सकता है कि इसराइली प्रधानमंत्री ने इस दौरे के लिए शबात (यहूदियों के अनुसार आराम का दिन) को तोड़ दिया. यहूदी क़ानून के तहत केवल जान का ख़तरा होने की स्थिति में ही इसे तोड़ा जा सकता है.

    बेनेट की इस बैठक के बारे में तब तक अधिक जानकारी नहीं दी गई है. हालांकि बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच क़रीब तीन घंटे तक बातचीत हुई.

    बेनेट और पुतिन इससे पहले भी कई बार मुलाक़ात कर चुके हैं और दोनों देशों के बीच अच्छे रिश्ते बताए जाते हैं. भले ही इसराइल अमेरिका का अहम सहयोगी है लेकिन प्रधानमंत्री बेनेट के रूस के साथ भी अच्छे संबंध हैं.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की जो खुद यहूदी हैं, उन्होंने इसराइल के प्रधानमंत्री से इस मामले में मध्यस्थता करने की अपील की थी.

    इस दौरे में प्रधानमंत्री बेनेट के साथ हाउसिंग मंत्री ज़ीव एलकिन भी थे जो लंबे समय तक इसराइली नेताओं के साथ रूसी भाषा के अनुवादक का काम भी कर चुके हैं. वो यूक्रेन के शहर खारकीएव में पैदा हुए हैं और अब भी यूक्रेन में उनके रिश्तेदार रहते हैं.

    इस बैठक के बाद नफ़ताली बेनेट जर्मनी की यात्रा पर चले गए. जर्मनी में वो चांसलर ओलाफ़ स्कोल्ज़ से मिलने वाले हैं.

  18. यूक्रेन-रूस युद्धः हमले से पहले और बाद की तस्वीरें

    यूक्रेन

    रूसी मिसाइल हमलों ने यूक्रेन के शहरों, क़स्बों और गांवों को तबाह कर दिया है.

    यूक्रेन की राजधानी कीएव से जब कुछ दूरी पर रूसी सैन्य बल जमा हैं तब शहर के ऊपर कई हवाई हमले हुए हैं.

    बीते शनिवार की सुबह एक अपार्टमेंट के ब्लॉक पर रूस ने मिसाइल दागी थी.

    कीएव से उत्तर-पश्चिम में 20 किलोमीटर दूर एक छोटा शहर इरपिन है और बीते सप्ताह से रूसी और यूक्रेनी सैन्य बलों के बीच जारी जंग में यह जगह युद्ध का मोर्चा बनी हुई है.

    यूक्रेन

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    ख़ारकीएव, यूक्रेन का दूसरा सबसे बड़ा शहर है. बीते कई दिनों में रूसी सेना ने यहां पर कई हवाई हमले किए हैं और शहर का केंद्रीय इलाक़ा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है.

    बीते सप्ताह शुरू हुए रूसी हमले के बाद की ये तस्वीरें उन जगहों के पहले और बाद का हाल दिखाती हैं जहां आम लोगों के रिहाइशी इलाक़ों को भारी नुक़सान पहुंचा है. यहां देखें और तस्वीरें-

  19. यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने की अपील, रूस के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी रखें लोग

    राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की

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    रूस के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन के लोगों से रूस के हमले के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी रखने की अपील की है.

    राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने शनिवार रात को कीएव से देश को संबोधित किया. उन्होंने लोगों में जोश भरते हुए कहा कि अब जवाब देने का समय आ गया है.

    उन्होंने कहा, ‘‘आपको बाहर निकलने और इस बुराई को अपने शहरों से बाहर फेंकने की ज़रूरत है.’’

    लेकिन, इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से यूक्रेन को और लड़ाकू विमान देने की अपील की.

    उन्होंने अमेरिका से रूस निर्मित लड़ाकू विमान देने का अनुरोध किया. इन विमानों को यूक्रेन के पायलट चला सकते हैं.

    बताया जा रहा है कि अमेरिकी अधिकारी पोलैंड के नेताओं के संपर्क में हैं ताकि यूक्रेन को मिग लड़ाकू विमान दिए जा सकें.

    पोलैंड सोवियत काल के लड़ाकू विमानों का धीरे-धीरे इस्तेमाल बंद कर रहा है. ऐसे में ये विमान यूक्रेन को दिए जा सकते हैं क्योंकि यूक्रेन के पायलटों पश्चिम देशों में निर्मित विमानों को उड़ाने का प्रशिक्षण नहीं मिला है.

  20. क़रीब 3000 अमेरिकियों ने यूक्रेन में लड़ने की इच्छा जताई

    अमेरिका

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    करीब तीन हज़ार अमेरिकियों ने यूक्रेन में रूस के ख़िलाफ़ लड़ाई के लिए वॉलेंटियर किया है.

    वॉशिंगटन डीसी में यूक्रेन के दूतावास के एक प्रतिनिधि ने समाचार सेवा वॉइस ऑफ़ अमेरिका को इसकी जानकारी दी है. इस प्रतिनिधि के मुताबिक़ क़रीब तीन हज़ार अमेरिकियों ने रूसी हमले के ख़िलाफ़ यूक्रेन की अपील का जवाब दिया है.

    यूक्रेन की बार-बार मांग के बावजूद भी पश्चिम देश यूक्रेन में अपनी सेनाएं नहीं भेज रहे हैं. लेकिन, ये देश यूक्रेन को रूस की सेना से लड़ने के लिए हथियार दे रहे हैं.

    इसके अलावा पश्चिमी देशों ने रूस और उसके कुछ प्रमुख कारोबारियों पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की और यूक्रेन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने रूस से लड़ाई के लिए विदेशी वॉलेंटियर्स की ‘‘अंतरराष्ट्रीय सेना’’ बनाने की अपील की है.

    कुछ दिनों पहले, राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा था करीब 16 हज़ार विदेशियों ने लड़ाई में यूक्रेन की मदद के लिए वॉलेंटियर किया है.