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युद्ध के यूरोप में फैलने के ख़तरे के कारण यूक्रेन में नो फ़्लाई ज़ोन नहीं बनाएगा नेटो
यूक्रेन और रूस के बीच वीकेंड में हो सकती है आगे की बातचीत, फिलहाल भीषण लड़ाई जारी
लाइव कवरेज
दिलनवाज़ पाशा
हम पुतिन की सेना को दफ़न कर देंगेः यूक्रेन
यूक्रेन के राष्ट्रपति के एक सलाहकार ने कहा है कि उनके देश की सेना भाग्य से या संयोग से कामयाब नहीं हो रही है.
फ़ेसबुक पर की गई एक लंबी पोस्ट में एलेक्सेई एरेस्तोविच ने कहा, "हमारी कामयाबी एक पैटर्न है. हमने एक ख़ास रणनीति बनाई है जो कारण और प्रभाव पर आधारित है."
उन्होंने कहा कि यूक्रेन की सेना और जनता का प्रतिरोध रूस की युद्ध मशीन को बर्बाद कर देगा.
वो कहते हैं, "रूस की सेना मज़बूत नहीं है, वो बस विशाल है."
एरेस्तोविच ने कहा कि विदेशी रक्षा अधिकारी यूक्रेन की सेना की शक्ति और नेतृत्व को देखकर चकित हैं.
उन्होंने कहा कि यूक्रेन के पास हमले की तैयारी करने के लिए बहुत समय नहीं था, बावजूद इसके यूक्रेन की सेना युद्ध क्षेत्र में कामयाब हो रही है.
उन्होंने कहा, "पुतिन के दस में से आठ सैनिक यहां हैं, हम उन्हें यहीं दफ़न करेंगे."
बीबीसी के बाद सीएनएन और ब्लूमबर्ग ने भी रूस में कामकाज रोका
सीएनएन और ब्लूमबर्ग न्यूज़ रूस में अस्थायी तौर पर अपना कामकाज रोकने जा रहे हैं.
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के एक नया क़ानून लागू करने के बाद ये क़दम उठाया गया है.
अब रूस में सेना के ख़िलाफ़ 'फ़ेक न्यूज़' चलाने के आरोप में पंद्रह साल तक की जेल हो सकती है.
ब्लूमबर्ग की तरफ़ से जारी बयान में कहा गया है कि 'क़ानून में बदलाव के बाद किसी भी स्वतंत्र पत्रकार को अपराधी माना जा सकता है, ऐसे में देश के भीतर सामान्य पत्रकारिता जारी रखना भी असंभव हो गया है.'
वहीं सीएनएन के एक प्रवक्ता ने कहा है कि चैनल रूस में अपना प्रसारण बंद करने जा रहा है.
शुक्रवार को बीबीसी ने भी रूस में अपना कामकाज बंद कर दिया था.
इसके अलावा बीबीसी की रूसी सेवा जैसी कई वेबसाइटों की पहुंच रूस के भीतर रोक दी गई है. फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया पर भी रोक है.
यूक्रेन में हमले का शिकार हुई स्काई न्यूज़ की टीम
यूक्रेन में युद्ध की कवरेज कर रही ब्रितानी चैनल स्काई न्यूज़ की टीम हमले का शिकार हुई है.
युद्ध के दौरान कवरेज कर रहे पत्रकार ख़तरे में रहते हैं. स्काई न्यूज़ की टीम की रिपोर्ट ने इस ख़तरे को विस्तार से दिखाया है.
मुख्य संवाददाता स्टुअर्ट रैमसे और उनकी टीम राजधानी कीएव के बाहर हमले का शिकार हो गई.
चमत्कारिक तरीक़े से टीम के सदस्यों अपनी जान बचाने में कामयाब रहे.
पत्रकारों का ये दल अब सुरक्षित ब्रिटेन लौट चुका है.
इस हमले में घायल हुए रैमसे का कहना है कि वो और उनके सहमकर्मी बहुत भाग्यशाली हैं.
नो फ़्लाई ज़ोन न बनाने पर ज़ेलेंस्की ने पश्चिमी देशों की आलोचना की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने अपने देश के आसमान में नो फ़्लाई ज़ोन बनाने की मांग को बार-बार ठुकराने पर पश्चिमी देशों की आलोचना की है.
यूक्रेन के लोगों के लिए टीवी पर प्रसारित संदेश में बोलते हुए ज़ेलेंस्की ने कहा कि पश्चिमी नेता जानते हैं कि यूक्रेन के ख़िलाफ़ रूस की आक्रामकता बढ़ती जाएगी.
उन्होंने पश्चिमी देशों के नेताओं पर व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन के शहरों पर बमबारी करने का लाइसेंस देने के आरोप लगाए. "वो ये जानते हैं कि नए हवाई हमले और लोगों की मौत अपरिहार्य है, नेटो ने जानबूझकर यूक्रेन के हवाई क्षेत्र को बंद न करने का फ़ैसला लिया है."
ज़ेलेंस्की ने राजधानी कीएव से जारी वीडियो संदेश में ये बात कही है. उन्होंने कहा, "आज नेटो गठबंधन के नेतृत्व ने नो फ़्लाई ज़ोन स्थापित करने से इनकार करके रूस को यूक्रेन के शहरों और गांवों पर बमबारी जारी रखने की अनुमति दे दी है."
ज़ेलेंस्की के बयान से पहले ब्रसेल्स में नेटो महासचिव येंस स्टोलटेयनबर्ग ने कहा था कि यूक्रेन के हालात भयावह हैं लेकिन गठबंधन सेनाएं हवाई या ज़मीनी रास्ते से यूक्रेन में दाख़िल नहीं होंगी.
पश्चिमी देशों का कहना है कि नो फ़्लाई ज़ोन बनाने से रूसी पश्चिमी विमानों पर हमला करेंगे और इससे युद्ध के और भी तीव्र होने की आशंका है.
समय के साथ रूस के ख़िलाफ़ युद्ध जीत सकता है यूक्रेनः ब्लिंकन
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंक ने बीबीसी से कहा है कि उन्हें विश्वास है कि यूक्रेन रूस को युद्ध में हरा देगा.
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि वो ये नहीं कह सकते कि युद्ध कितना लंबा चलेगा लेकिन यूक्रेन की पराजय अपरिहार्य नहीं है.
उन्होंने स्वीकार किया कि, "अगर रूस युद्ध में अपनी पूरी ताक़त झोंक देता है तो उसकी सेना की क्षमता यूक्रेन के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा है."
लेकिन उन्होंने यूक्रेन के लोगों के ज़ज़्बे को सलाम करते हुए कहा कि समय के साथ ये स्पष्ट हो जाएगा कि रूस यूक्रेन के लोगों को अपनी मर्ज़ी के आगे झुका नहीं पाएगा.
उन्होंने कहा, "यदि रूस किसी भी तरीक़े से यूक्रेन की सरकार को हटाकर अपनी कठपुतली सरकार बिठाना चाहता है तो साढ़े चार करोड़ यूक्रेनवासी किसी ना किसी तरीक़े से हटा ही देंगे."
ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिका और दूसरे सहयोगी देश युद्ध के और तीव्र होने को लेकर चिंतित हैं.
उन्होंने कहा, "एक युद्ध जो यूक्रेन तक सीमित रहे उससे ख़राब अगर कोई चीज़ हो सकती है तो वो ये है कि ये युद्ध और भी तीव्र हो और यूक्रेन से आगे बढ़ जाए."
रूस ने फ़ेसबुक के बाद ट्विटर और यूट्यूब पर भी प्रतिबंध लगाया
रूस में फ़ेसबुक पर प्रतिबंध की रिपोर्टों के बाद अब ट्विटर और यूट्यूब पर रोक की भी ख़बरें आ रही हैं.
रूस की समाचार सेवा तास के मुताबिक देश के मीडिया नियामक रोस्कोमनाडज़ोर ने ट्विटर पर रोक लगा दी है.
वहीं समाचार सेवा इंटरफे़क्स ने इससे पहले बताया था कि ट्विटर को रूस में ब्लॉक कर दिया गया है.
मीडिया नियामक की वेबसाइट पर पोस्ट किए गए एक संदेश के मुताबिक रूस में ट्विटर की पहुंच सीमित कर दी गई है. 24 फ़रवरी को महाभियोजक कार्यालय के एक निर्णय के बाद ऐसा किया गया है.
रूस ने इसी दिन यूक्रेन पर आक्रामण किया था. वहीं फ़ेसबुक की मूल कंपनी मेटा का कहना है कि उसकी सेवाएं इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप अभी रूस में काम कर रही हैं.
रूस में यूट्यूब, ट्विटर और फ़ेसबुक सबसे चर्चित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हैं. यहां लाखों लोग इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं और यहां से सूचनाएं प्राप्त करते हैं.
'फ़ेक न्यूज़' पर जेल के क़ानून पर पुतिन ने दस्तख़त किए
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उस विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए हैं जिसके तहत देश की सेनाओं के ख़िलाफ़ 'फ़ेक न्यूज़' प्रसारित करने पर 15 साल तक की जेल हो सकती है.
इस विधेयक को रूस के सांसदों ने गुरुवार को सर्वसम्मित से पारित किया था.
हाल के दिनों में रूस की कई स्वतंत्र मीडिया संस्थानों को बंद होना पड़ा है.
इन संस्थानों ने यूक्रेन पर रूस के आक्रामण को 'हमला' या 'युद्ध' कहा था. रूस यूक्रेन पर आक्रामण को अपनी सेनाओं का विशेष अभियान बता रहा है.
रूस की सरकार ने इसे हमला या युद्ध कहने पर रोक लगा दी है.
पुतिन ने एक और विधेयक पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत रूस पर प्रतिबंध की मांग करने वालों को जेल की सज़ा दी जा सकती है.
ज़ेलेंस्की ने यूरोप से कहा- आज आप सब यूक्रेनी हैं
रूस के आक्रामण का सामना कर रहे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने एक बार फिर से यूरोप का शुक्रिया कहा है.
अपने टेलीग्राम चैनल पर एक नया वीडियो जारी करते हुए ज़ेलेंस्की ने कहा, “आज हम सब सैनिक हैं. कुछ सेना में हैं और देश की सेवा कर रहे हं. कुछ डॉक्टर हैं और कुछ लोग देश के बच्चों और अपने परिवारों को बचाने में जुटे हैं. ये हमारा दिल है, यूक्रेन का दिल, जो बुराई के सामने एकजुट खड़ा है.”
युद्ध में मारे गए लोगों के सम्मान में उन्होंने एक मिनट का मौन भी रखा. उन्होंने यूरोप के लोगों से सड़कों पर निकलकर यूक्रेन का समर्थन करने की अपील की और कहा, “हमारी लडाई में साथ दो, अगर यूक्रेन खड़ा नहीं रहा तो यूरोप भी खड़ा नहीं रह पाएगा. अगर हम गिरेंगे तो तुम भी गिरोगे.”
अपना संदेश समाप्त करते हुए ज़ेलेंस्की ने कहा, “आज आप सब लोग यूक्रेनी हो.”
विश्लेषणः गुप्त योजना नाकाम होने के बाद असमंजस में रूस
....में - Author, गोर्डन कोरेरा, बीबीसी सुरक्षा संवाददाता
यूक्रन को लेकर रूस का शुरुआती राजनीतिक प्लान लगता है ख़राब हो गया है, जैसे कि उसकी सेना का प्लान ख़राब हुआ है.
हालांकि इस नाकामी से ये डर भी पैदा हुआ है कि आगे रूस क्या-क्या कर सकता है. यूरोपीय खुफ़िया अधिकारी चेतावनी देते हैं कि रूस और दमनकारी क़दम उठा सकता है.
पिछले कुछ सालों से रूस की ख़ुफ़िया एजेंसी एफ़एसबी यूक्रेन के भीतर एजेंट बनाने में लगी थी ताकि जब आक्रामण हो तब उन्हें काम पर लगाया जा सके. उनसे उम्मीद की गई थी कि वो देश के अहम संस्थानों पर नियंत्रण कर लेंगे.
लेकिन कम समय में तख़्तापलट करने की रूस की उम्मीद अब ख़त्म हो चुकी है. हो सकता है कि रूस के अंडरकवर नेटवर्क की क्षमता को अधिक करके आंका गया हो या फिर यूक्रेन से इस तरह के प्रतिरोध की उम्मीद ही ना की गई हो.
अब रूस को यूक्रेन को लेकर अपनी राजनीतिक और सैन्य योजना पर फिर से काम करना पड़ रहा है.
शहरों पर सेना के नियंत्रण के बाद एफ़एसबी की ज़िम्मेदारी होगी कि वहां अपने कठपुतली राजनेता बिठाए जाएं.
यूरोपीय ख़ुफ़िया अधिकारियों ने चेताया है कि अपने नियंत्रण वाले शहरों में रूस प्रतिरोध को दबाने के लिए कई तरह के क़दम उठा सकता है.
एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया, “संभावित विरोध और प्रदर्शनों को कुचलने के लिए रूसी अधिकारी आक्रामक रणनीति पर काम कर रहे हैं.”
इनमें हिंसक तरीके से भीड़ पर नियंत्रण, प्रदर्शन के आयोजकों को हिरासत में लिया जाना और प्रदर्शनकारियों का हौसला पस्त करने के लिए सार्वजनिक तौर पर हत्याएं करना तक शामिल हो सकता है.
यूक्रेन से भागकर हंगरी पहुंच रहे हैं विदेशी छात्र
हंगरी में लोग इमरजेंसी रिलीफ़ स्टाफ़ को दान कर रहे हैं और यूक्रेन से आने वाले लोगों को निजी घरों में रहने की जगह देने का प्रस्ताव दे रहे हैं.
बुडापेस्ट वेस्ट स्टेशन पर लोग सेबों की टोकरी से लेकर खाने-पीने का हर सामान और कपड़े लेकर पहुंच रहे हैं. ये 2015 में पैदा हुए शरणार्थी संकट की याद दिलाता है, जब लोगों ने ऐसे ही दिल खोल दिए थे.
हंगरी का सरकार समर्थक मीडिया इस बात पर ज़ोर देता है कि यहां पहुंच रहे शरणार्थी अलग हैं और यूरोपीय मूल के हैं. हालांकि ये पूरा सच नहीं है. स्टेशन पर पहुंच रहे शरणार्थियों में अफ़्रीका, भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान और मध्य पूर्व के छात्र भी शामिल हैं जो मेडिकल पढ़ाई के लिए यूक्रेन आए थे.
सेंट्रल यूक्रेन की विनिस्ता नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में हज़ारों छात्र पढ़ाई कर रहे थे. खारकीएव यूनिवर्सिटी में भी हज़ारों छात्र पढ़ते हैं. यूक्रेन की सीमा के पास जाहोनी में सुबह आठ बजे शरणार्थियों से भरी ट्रेन पहुंची है.
हंगेरियन रिफॉर्म चर्च एड से जुड़ी रेका गिलीज़े कहती हैं, "पहले हम उनके बैग लेते हैं, फिर उनके लिए अनुवादकों का इंतेज़ाम करते हैं और उन्हें खाना और रहने की जगह देते हैं."
बीस साल की मनोवैज्ञानिक अनासतीसिया अपने कुत्ते के साथ हंगरी पहुंची हैं. उन्होंने आक्रमण से एक दिन पहले ही इसे ख़रीदा था. उनके घर के पास जब कई इमारतों पर बम गिरे तो वो देश छोड़कर भाग आईं.
वो कहती हैं कि उन्होंने देश छोड़ कर भाग रहे लोगों में अवसाद के कई लक्षण देखे हैं. वो कहती हैं कि उन्होंने देश छोड़ने की मशक्कत में कई बुरे दृश्य भी देखे. कीव के रेल स्टेशन पर लोग एक दूसरे को धक्का देकर आगे बढ़ रहे थे.
ब्रसेल्स में बोले ब्लिंकन, रूस पर लगाया जा सकता है तेल प्रतिबंध
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ब्रसेल्स में संवाददाताओं से बात कर रहे हैं.
बीबीसी ने उसने पूछा कि क्या अमेरिका रूस पर ऊर्जा प्रतिबंध लगाने का विचार कर रहा है. उन्होंने कहा, "अभी हर विकल्प मौजूद है."
हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बाधित करना अमेरिका के हितों में नहीं है.
उन्होंने कहा कि ऐसा करने से तेल के दाम बढ़ जाएंगे.
ब्लिंकन ने कहा कि 'इसकी जगह हमारी रूची रूस की ऊर्जा का पतन करने में है और दीर्घकालिक अवधि में रूस पर निर्भरता कम करने में है.'
जब उनसे कहा गया कि रूस की मिसाइलें यूक्रेन पर गिर रही हैं, ऐसे में इसमें कितना समय लग सकता है तो उन्होंने कहा, "मैं इसकी कोई समयसीमा तय करने नहीं जा रहा हूं."
यूक्रेन की घेराबंदी करने वाले 92 फ़ीसदी सैन्य बल हमले में शामिल हुए- अमेरिका
यूक्रेन पर रूस के आक्रामण के नौवें दिन पेंटागन के एक शीर्ष अधिकारियों ने पत्रकारों के साथ वार्ता में युद्ध को लेकर अमेरिका के नज़रिए को पेश किया
मुख्य बिंदू-
- आक्रामण के बाद से रूस अब तक यूक्रेन पर 500 से अधिक मिसाइलें दाग चुका है जबकि यूक्रेन की घेराबंदी करने वाले 92 फ़ीसदी सैनिक अब देश में घुस चुके हैं.
- यूक्रेन के हवाई क्षेत्र पर अभी किसी का एकाधिकार है और दोनों पक्षों में संघर्ष चल रहा है
- राजधानी कीएव की तरफ़ बढ़ रहा रूस का बड़ा सैन्य बेड़ा अभी भी राजधानी से 25 किलोमीटर दूर उत्तर में है.
- चेर्नीहीव और खारकीएव के केंद्रीय इलाक़ों से रूस के सैनिक बस दस किलोमीटर दूर हैं.
- दक्षिणी यूक्रेन के खेरसोन में भीषण लड़ाई चल रही है. रिपोर्टों के मुताबिक ये शहर रूस के नियंत्रण में आ गया था. अमेरिकी अधिकारियों ने रूस के इस दावे को ख़ारिज नहीं किया है.
- ओडेसा के उत्तर-पूर्व में स्थित माइकोलेव शहर में भीषण लड़ाई चल रही है.
- अमेरिका को नहीं लगता है कि रूस के सैनिक मारियुपोल में घुस गए हैं. हालांकि रूस उत्तरी और तटीय इलाक़ों से मारियुपोल की घेराबंदी कर रहा है.
ब्रेकिंग न्यूज़, रूस ने लगाया फ़ेसबुक पर प्रतिबंध
रूस की सरकारी समाचार सेवा आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक रूस ने फ़ेसबुक पर प्रतिबंध लगा दिया है.
न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक रूस में मीडिया पर नज़र रखने वाले नियामक संस्थान रोस्कोमनाडज़ोर ने फ़ेसबुक को प्रतिबंधित करने का फ़ैसला लिया है.
संस्थान का कहना है कि अक्तूबर 2020 के बाद से फ़ेसबुक ने रूस के मीडिया संस्थानों के साथ 26 बार भेदभाव किया है.
फ़ेसबुक ने रूस के सरकारी टीवी चैनल रशिया टुडे (आरटी) और समाचार सेवा आरआईए नोवोस्ती को प्रतिबंधित कर दिया था.रूस में सरकार मीडिया को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है. बहुत से लोग सोशल नेटवर्कों के ज़रिए यूक्रेन-रूस के युद्ध के हालात के बारे में जानकारी ले रहे हैं.
युद्ध के यूरोप में फैलने के ख़तरे के कारण यूक्रेन में नो फ़्लाई ज़ोन नहीं बनाएगा नेटो
नेटो गठबंधन ने यूक्रेन में नो फ़्लाइ ज़ोन बनाने की यूक्रेन की मांग को एक बार फिर ख़ारिज कर दिया है. यूक्रेन ने मांग की थी कि आम लोगों को हवाई हमलों से बचाने के लिए पश्चिमी देश यूक्रेन के आसमान में नो फ़्लाइ ज़ोन स्थापित करें.
नेटो का कहना है कि ऐसा करने से यूक्रेन-रूस में चल रहा युद्ध समूचे यूरोप में फैल सकता है.
विदेश मंत्रियों की बैठक के बात नेटो के महासचिव येंस स्टोलटेयनबर्ग ने कहा कि इस बात पर सहमति बनी है कि नेटो देशों के लड़ाकू विमान यूक्रेन के हवाई क्षेत्र में उड़ान नहीं भरेंगे.
उन्होंने कहा कि गठबंधन की ये ज़िम्मेदारी है कि ये सुनिश्चित किया जाए कि संघर्ष दूसरे देशों में ना फैले.
नेटो के कई सदस्य देश यूक्रेन की सैन्य मदद कर रहे हैं. गठबंधन अपनी पूर्वी सीमाओं पर सैन्य मौजूदगी भी बढ़ा रहा है.
बैठक में येंस स्टोलटेयनबर्ग ने ये भी कहा कि नेटो के यूक्रेन में रूस के क्लस्टर बमों के इस्तेमाल के सबूत भी देखे हैं.
क्या नेटो यूक्रेन के परमाणु संयंत्र को लेकर कुछ कर पाएगा?
....में - Author, फ्रैंक गार्डनर, बीबीसी सुरक्षा संवाददाता
मुझे नहीं लगता है कि किसी ने इसका अनुमान भी लगाया होगा.
पश्चिमी देश यूक्रेन के परमाणु संयंत्र पर रूस के नियंत्रण की जमकर आलोचना तो कर रहे हैं लेकिन मुझे नहीं लगता कि इस मामले में वो सैन्य दख़ल के बिना बहुत कुछ कर सकते हैं.
समूचे यूक्रेन में इस समय भीषण सैन्य संघर्ष चल रहा है लेकिन नेटो ने अभी तक सैन्य दख़ल की संभावना को ख़ारिज किया है.
दूसरी तरफ़ रूस भी नहीं चाहेगा कि उसकी सीमा के इतनी नज़दीक परमाणु प्रदूषण हो. ऐसे में इस प्लांट से रेडिएशन के ख़तरे की संभावना कम ही है.
हम यूक्रेन के परमाणु संयंत्र की सुरक्षा कर रहे हैं- संयुक्त राष्ट्र में रूस के दूत
संयुक्त राष्ट्र में रूस के प्रतिनिधि वासिली नेबेंज़्या ने कहा है कि यूक्रेन में रूस का परमाणु पॉवर प्लांट और आसपास का इलाक़ा रूस की सुरक्षा में है.
उन्होंने बताया कि प्लांट सामान्य तौर पर काम कर रहा है और यहां रेडिएशन का स्तर भी सामान्य है.
इससे पहले संयु्क्त राष्ट्र में अमेरिका ने रूस के परमाणु संयंत्र पर क़ब्ज़े की आलोचना की और कहा कि दुनिया एक परमाणु त्रास्दी के मुहाने पर पहुंच गई थी.
रूस ने तुर्की में वार्ता की पेशकश का स्वागत किया
संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत ने कहा है कि रूस अगले सप्ताह तुर्की में यूक्रेन और रूस के विदश मंत्रियों की वार्ता के प्रस्ताव का स्वागत करता है.
रूस की सरकारी समाचार सेवा आरआईए ने बताया है कि गेनाडी गतिलोव ने कहा है कि अनातालया में कूटनीतिक फोरम में यूक्रेन और रूस के विदेश मंत्रियों की वार्ता का विचार अच्छा है.
रूस और यूक्रेन के बीच दो दौर की वार्ता हो चुकी है लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है. दोनों देश इस सप्ताहांत एक और वार्ता के लिए तैयार हो गए हैं.
माइकोलेव और एयरपोर्ट से रूसी सैनिकों को खदेड़ाः यूक्रेन
यूक्रेन के सरकारी अधिकारी आंद्रे याकोबचुक का कहना है कि दक्षिणी यूक्रेनी शहर माइकोलेइव से रूस के सैनिकों को खदेड़ दिया गया है.
उन्होंने कहा 'लेकिन शहर के बाहरी इलाक़ों में लड़ाई चल रही है.'
इसी बीच यूक्रैन के सैन्यबलों ने फ़ेसबुक पर वीडियो पोस्ट कर शहर के एयरपोर्ट को अपने नियंत्रण में लेने का दावा किया है. यहां अब यूक्रेन का झंडा फ़हरा रहा है. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है.
शुक्रवार को आई रिपोर्टों में कहा गया था कि रणनीतिक रूप से अहम पांच लाख की आबादी वाले इस शहर में रूस की सेना घुस आई है.
ब्रेकिंग न्यूज़, परमाणु प्लांट पर रूस का हमला लापरवाह था- अमेरिका
यूरोप के सबसे बड़े परमाणु प्लांट पर रूस के नियंत्रण के हमले के बाद ब्रिटेन और अन्य देशों की मांग पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक न्यू यॉर्क में हो रही है.
ज़ेपोरज़िया पॉवर प्लांट पर रूस का नियंत्रण हो गया है. यूक्रेन का कहना है कि यूरोप के इस सबसे बड़े परमाणु बिजली संयंत्र की इमारतों को रूस के हमले में नुक़सान पहुंचा हैं. रूस के हमले में कुछ लोगों की मौत होने का दावा भी किया गया है.
सुरक्षा परिषद की बैठक में अमेरिका की प्रतिनिधि लिंडा थॉमस ग्रीनफ़ील्ड ने कहा है कि रूस का हमला लापरवाह और ख़तरनाक़ था.
उन्होंने कहा, "ईश्वर की कृपा से दुनिया बीती रात एक परमाणु त्रास्दी से बच गई. हमने अपनी आंखों के सामने इस त्रास्द परिस्थिति को घटित होते देखा. हमारी सांसे अटकी थीं."
उन्होंने कहा कि रूस के सैन्य बल एक अन्य परमाणु ठिकाने से बस 32 किलोमीटर दूर हैं और ख़तरा बरक़रार है.