यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों के एडवाइज़री जारी, बताया गया क्या करें, क्या न करें
यूक्रेन ख़ासकर खारकीएव में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए रक्षा मंत्रालय की तरफ़ से एडवाइज़री जारी की गई है.
इस एडवाइज़री में बताया गया है कि अगर किसी कठिन हालात में वहां फंस जाएं तो क्या करना है क्या नहीं करना है. साथ ही स्थानीय नियम और बचाव के बारे में जानकारी साझा की गई है.
ये भी बताया गया है कि कैसे हालातों से भारतीय नागरिकों को सामना करना पड़ सकता है.
एडवाइज़री की मुख्य बातें:
वो कठिन हालात, जिसका सामना करना पड़ सकता है:
- हवाई हमला, ड्रोन हमला
- मिसाइल हमला
- जंगी हथियारों से हमले
- गोलाबारी
- ग्रेनेड विस्फोट
- मोलोटोव कॉकटेल का हमला
- बिल्डिंग का गिर जाना
- मलबे का गिरना
- इंटरनेट कनेक्टिविटि नहीं मिलना
- बिजली/भोजन/पानी की कमी
- बेहद सर्द मौसम का सामना
- मानसिक आघात या घबराहट होना
- चोट या मेडिकल सपोर्ट की कमी
- ट्रांसपोर्टेशन की कमी
- सेना के जवानों से आमना-सामना हो जाना
क्या करें
- भारतीय साथियों से जानकारी हासिल करें, शेयर करें
- मानसिक रूप से मजबूत रहें
- अपने आप को दस भारतीय छात्रों के छोटे समूहों में व्यवस्थित करें
- अपने लोकेशन को समूह के संयोजक को बताते रहें
- एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाएं और उसमें मिली सभी जानकारी को दूतावास को या दिल्ली में साझा करें
- फ़ोन की बैटरी बचाने के लिए केवल समूह के संयोजक या उप संयोजक को अधिकारियों से बातचीत करने दें.
क्या न करें
- अपने बंकर, बेसमेंट या शेल्टर से बाहर न निकलें
- भीड़ वाले इलाकों में न जाएं
- स्थानीय प्रदर्शनकारियों में शामिल न हों
- सोशल मीडिया पर कमेंट करने से बचें
- हथियार या कोई भी गोला बारूद न उठाएं
- सैन्य वाहनों या इससे जुड़ी किसी भी चीज़ के साथ तस्वीर न लें
- लाइव युद्ध स्थितियों की तस्वीर न लें
- चेतावनी सायरन की स्थिति में, जहां भी संभव हो तत्काल आश्रय लें. अगर आप खुले में हैं, तो पेट के बल लेट जाएं और अपने सिर को अपने बैकपैक से ढक लें
- शराब या मादक पदार्थों का सेवन न करें
- ठंड से बचें, गीले मोजे न पहनें
- क्षतिग्रस्त इमारतों से बचें और मलबों से सावधान रहें
- कांच की खिड़कियों से दूर रहें
- चेक-पोस्ट पर सैन्य कर्मियों का सामना किए जाने पर अचानक कुछ करने से बचें या अनुचित गतिविधियों में शामिल न हों
इसी के साथ भारतीय नागरिकों के लिए सर्वाइवल गाइडलाइन भी दी गई है. इसमें एक छोटी किट तैयार रखने की बात है. साथ ही रूस में बातचीत के लिए तीन लाइन का भी ज़िक्र है.