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रूस-यूक्रेन युद्धः कई शहरों में भीषण तबाही, लाशें भी नहीं उठा पा रहे लोग

राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि उनका सैन्य अभियान योजना के मुताबिक चल रहा है. वहीं बेलारूस में रूस और यूक्रेन के बीच वार्ता हुई है.

लाइव कवरेज

दिलनवाज़ पाशा

  1. यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों के एडवाइज़री जारी, बताया गया क्या करें, क्या न करें

    यूक्रेन ख़ासकर खारकीएव में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए रक्षा मंत्रालय की तरफ़ से एडवाइज़री जारी की गई है.

    इस एडवाइज़री में बताया गया है कि अगर किसी कठिन हालात में वहां फंस जाएं तो क्या करना है क्या नहीं करना है. साथ ही स्थानीय नियम और बचाव के बारे में जानकारी साझा की गई है.

    ये भी बताया गया है कि कैसे हालातों से भारतीय नागरिकों को सामना करना पड़ सकता है.

    एडवाइज़री की मुख्य बातें:

    वो कठिन हालात, जिसका सामना करना पड़ सकता है:

    • हवाई हमला, ड्रोन हमला
    • मिसाइल हमला
    • जंगी हथियारों से हमले
    • गोलाबारी
    • ग्रेनेड विस्फोट
    • मोलोटोव कॉकटेल का हमला
    • बिल्डिंग का गिर जाना
    • मलबे का गिरना
    • इंटरनेट कनेक्टिविटि नहीं मिलना
    • बिजली/भोजन/पानी की कमी
    • बेहद सर्द मौसम का सामना
    • मानसिक आघात या घबराहट होना
    • चोट या मेडिकल सपोर्ट की कमी
    • ट्रांसपोर्टेशन की कमी
    • सेना के जवानों से आमना-सामना हो जाना

    क्या करें

    • भारतीय साथियों से जानकारी हासिल करें, शेयर करें
    • मानसिक रूप से मजबूत रहें
    • अपने आप को दस भारतीय छात्रों के छोटे समूहों में व्यवस्थित करें
    • अपने लोकेशन को समूह के संयोजक को बताते रहें
    • एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाएं और उसमें मिली सभी जानकारी को दूतावास को या दिल्ली में साझा करें
    • फ़ोन की बैटरी बचाने के लिए केवल समूह के संयोजक या उप संयोजक को अधिकारियों से बातचीत करने दें.

    क्या न करें

    • अपने बंकर, बेसमेंट या शेल्टर से बाहर न निकलें
    • भीड़ वाले इलाकों में न जाएं
    • स्थानीय प्रदर्शनकारियों में शामिल न हों
    • सोशल मीडिया पर कमेंट करने से बचें
    • हथियार या कोई भी गोला बारूद न उठाएं
    • सैन्य वाहनों या इससे जुड़ी किसी भी चीज़ के साथ तस्वीर न लें
    • लाइव युद्ध स्थितियों की तस्वीर न लें
    • चेतावनी सायरन की स्थिति में, जहां भी संभव हो तत्काल आश्रय लें. अगर आप खुले में हैं, तो पेट के बल लेट जाएं और अपने सिर को अपने बैकपैक से ढक लें
    • शराब या मादक पदार्थों का सेवन न करें
    • ठंड से बचें, गीले मोजे न पहनें
    • क्षतिग्रस्त इमारतों से बचें और मलबों से सावधान रहें
    • कांच की खिड़कियों से दूर रहें
    • चेक-पोस्ट पर सैन्य कर्मियों का सामना किए जाने पर अचानक कुछ करने से बचें या अनुचित गतिविधियों में शामिल न हों

    इसी के साथ भारतीय नागरिकों के लिए सर्वाइवल गाइडलाइन भी दी गई है. इसमें एक छोटी किट तैयार रखने की बात है. साथ ही रूस में बातचीत के लिए तीन लाइन का भी ज़िक्र है.

  2. रूस के ख़िलाफ़ इंटरेनशनल क्रिमिनल कोर्ट में युद्ध अपराध जांच में क्या-क्या शामिल होगा?, अन्ना होलीगन, बीबीसी संवाददाता

    यूक्रेन पर हमले के बाद अब रूस को युद्ध अपराध जांच का सामना करना पड़ा रहा है. 39 देशों ने इसकी मांग की थी और ये सबूत है इसका कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस हमले को लेकर किस तरह की चिंता है.

    लेकिन इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (आईसीसी) के आदेश पर हो रही है ये जांच सिर्फ़ प्रतीकात्मक नहीं है, जांच तत्काल शुरू हो सकती है.

    आईसीसी के अभियोजक करीम ख़ान ने बीबीसी को बताया है कि उन्होंने एक टीम को क्षेत्र में भेज दिया है.

    ये टीम उस क्षेत्र में अत्याचार के सबूत इकट्ठा करने और उसे संरक्षित करने का काम करेगी.

    कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में युद्ध अपराध, मानवता के ख़िलाफ़ अपराध, नरसंहार या ऐसा कुछ जो जिनेवा कन्वेंशन का उल्लंघन करता हो, शामिल है.

    उदाहरण के तौर पर, आवासीय क्षेत्रों में गोलीबारी, जानबूझकर नागरिकों को निशाना बनाना या ऐसे बिल्डिंग पर हमले करना जिसका कोई सैन्य संबंध न हो, जैसे- खारकीएव में कॉन्सर्ट वेन्यू पर हमला और कीएव में टीवी टावर पर हमला.

    साथ ही, ऐसे हथियारों का इस्तेमाल जो सटीक न हों और उनसे नागरिकों के हताहत होने का ख़तरा हो.

    ऐसे ही कुछ हथियारों के इस्तेमाल का आरोप अमेरिका में यूक्रेन की राजदूत ने रूस पर लगाया था. हालांकि, इस आरोप को क्रेमलिन ने ख़ारिज़ कर दिया था.

    आईसीसी की तरफ़ से जांच करने वाली टीम एक-एक चीज़ देखकर सबूतों को जुटाएगी. आख़िरकार टॉप पर बैठे ऐसे लोग जिन्होंने ये आदेश दिए थे या हमले की साजिश रची थी उनके ख़िलाफ आरोप लगाएगी.

    रूस आईसीसी का सदस्य नहीं है इसलिए हेग में आकर न्याय का सामने करने के लिए किसी भी रूसी नागरिक को प्रत्यर्पित करना होगा. लेकिन जैसा कि इतिहास हमें बताता है, जो नेता आज शक्तिशाली दिखते हैं, ऐसा लगता है कि उन्हें छूआ नहीं जा सकता, वो कल शायद ऐसे न हों.

  3. ब्रेकिंग न्यूज़, यूक्रेन और रूस के बीच बेलारूस में चल रही बातचीत

    बेलारूस में यूक्रेन और रूस के प्रतिनिधियों के बीच दूसरे राउंड की बातचीत चल रही है.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति के सलाहकार ने ट्वीट कर ये जानकारी दी है.

    तत्काल युद्धविराम, युद्ध की वजह से तबाह हुए शहरों और गांवों के नागरिकों को बाहर निकालने के लिए कॉरिडोर जैसे मुद्दे बातचीत के एजेंडे में हैं.

  4. यूक्रेन ने कहा- ब्रिटेन में उसके दूतावास पर साइबर हमला हुआ है

    ब्रिटेन में यूक्रेन के दूतावास के ट्वीटर हैंडल से यह बताया गया है कि वहां साइबर हमला हुआ है.

    ट्वीट में लिखा गया है, "ब्रिटेन में यूक्रेन के दूतावास पर लगातार साइबर हमलों के कारण हमारा आधिकारिक वेबसाइट और इमेल इस वक़्त काम नहीं कर रहे."

    इसके साथ ही संपर्क साधने के लिए तीन जीमेल आईडी भी दी गई हैं.

  5. पुतिन ने मैक्रों से कहा- यूक्रेन में रूस अपना लक्ष्य हासिल करेगा

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से कहा है कि यूक्रेन में रूस अपने मक़सद को हासिल करेगा.

    पुतिन ने कहा है कि रूस, यूक्रेन को ''डिमिलिट्राइज'' करेगा और उसे तटस्थ बनाएगा.

    दोनों के बीच फ़ोन पर बातचीत हुई है, इस बातचीत के रीड-आउट के मुताबिक़, पुतिन ने कहा है कि यूक्रेन अगर बातचीत में देरी करने की कोई कोशिश करता है तो इससे रूस की मांगें और बढ़ती जाएंगी.

    बातचीत के दौरान पुतिन ने मैक्रों के बुधवार को दिए एक बयान से भी असहमति जताई, जिसमें मैक्रों ने कहा था कि युद्ध शुरू करने के लिए रूस के राष्ट्रपति ही ज़िम्मेदार हैं.

  6. खारकीएव में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को दूतावास ने ये गूगल फॉर्म भरने के लिए कहा

    यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों को एक फॉर्म तुरंत भरने के लिए कहा है. ट्विटर पर साझा किए गए इस फॉर्म में इमेल, नाम, पासपोर्ट नंबर, मोबाइल नंबर, लोकेशन जैसी जानकारी मांगी गई हैं.

    इससे पहले भारतीय दूतावास ने नागरिकों को तुरंत खारकीएव छोड़ देने के लिए कहा था.

    बता दें कि भारत सरकार यूक्रेन से नागरिकों को निकालने के लिए ''ऑपरेशन गंगा'' चला रही है.

    सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़, यूक्रेन से अबतक 6,200 भारतीय नागरिकों को वापस लाया जा चुका है. अगले दो दिनों में 7400 से अधिक भारतीय नागरिकों को विशेष उड़ानों के जरिए भारत लाए जाने की उम्मीद है.

  7. बीबीसी हिन्दी का डिजिटल बुलेटिन ‘दिनभर’, 03 मार्च 2022, सुनिए मोहम्मद शाहिद से

  8. भारत सरकार ने कहा- यूक्रेन से अब तक 6,200 नागरिकों को वापस लाया गया

    भारत सरकार की तरफ़ से बताया गया है कि अबतक यूक्रेन से 6,200 भारतीय नागरिकों को वापस लाया जा चुका है. इनमें 10 फ्लाइट्स के जरिए आज आने वाले 2185 नागरिक शामिल हैं.

    अगले दो दिनों में 7400 से अधिक भारतीय नागरिकों को विशेष उड़ानों के जरिए भारत लाए जाने की उम्मीद है.

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची का कहना है कि ऑपरेशन गंगा के तहत 18 फ्लाइट्स अगले 24 घंटे के लिए शेड्यूल की गई हैं.

    प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ज़्यादा से ज़्यादा फ्लाइट्स का इंतज़ाम करने की कोशिश में जुटी है जिससे अगले 2-3 दिन में भारतीयों को वापस लाया जा सके.

    अरिंदम बागची ने यूक्रेन और उसके ऐसे पड़ोसी देशों का आभार जताया है, जिन्होंने भारतीय नागरिकों को अपने यहाँ रखा और मदद मुहैया कराई.

    बता दें कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया,किरेन रिजिजू और जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह यूक्रेन के पड़ोसी देशों में गए हैं, ताकि वहाँ फँसे हुए भारतीय नागरिकों को वापस लाए जाने की प्रक्रिया तेज़ हो सके.

  9. यूक्रेन पर रूस का हमला: बीते कुछ घंटों में क्या-क्या हुआ?

    यूक्रेन पर रूस के हमले का आज आठवाँ दिन है. कीएव पर रूस ने हमला और तेज़ कर दिया है. इस बीच यूक्रेन और रूस दोनों तरफ़ से अलग-अलग बयान और दावे भी सामने आ रहे हैं. ऐसे में जानते हैं कि बीते कुछ घंटों में 'यूक्रेन संकट' को लेकर क्या-क्या हुआ है.

    • राजधानी कीएव में पिछले कुछ घंटों में बड़े धमाके हुए हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि धमाकों की आवाज़ अंडरग्राउंड बंकर में भी सुनी जा सकती है.
    • यूक्रेन के दक्षिणी शहर खेरसन पर अब रूस का नियंत्रण हो गया है. एक स्थानीय ने बीबीसी से बताया कि शहर में नए नियम लागू कर दिए गए हैं. रूसी सैनिकों को उकसाने से या तेज़ कार चलाने से मना किया गया है.
    • संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि यूक्रेन पर हमले के कारण अब तक क़रीब 10 लाख लोग पलायन कर चुके हैं और इनमें से 5 लाख से ज़्यादा पोलैंड गए हैं.
    • इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने यूक्रेन में युद्ध अपराधों और मानवता के ख़िलाफ़ अपराधों की जाँच की शुरुआत के आदेश दिए हैं.
    • खारकीएव और मारियुपोल अभी भी यूक्रेन के ही नियंत्रण में हैं. लेकिन यहाँ पर भी भारी गोलीबारी की ख़बरें हैं.
    • रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर हो रही बयानबाजी पर पश्चिमी देशों पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि परमाणु युद्ध के बारे में रूस ने सोचा भी नहीं है और ये पश्चिमी देशों के दिमाग की उपज है. लावरोफ़ का कहना है कि पश्चिमी देशों के नेता ही परमाणु युद्ध की बात करते हैं और ये उनके प्रोपेगैंडा का हिस्सा है.
    • यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ताज़ा वीडियो संदेश में रूस और रूस के सैनिकों को चेतावनी देते नज़र आए, साथ ही यूक्रेन की सेना और नागरिकों की तारीफ़ करते दिखे. ज़ेलेंस्की का कहना है कि संख्या में 10 गुना होने ज़्यादा होने के बावजूद रूसी सैनिकों का आत्मविश्वास टूटता जा रहा है और वो ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में वापस जा रहे हैं.
    • उधर, यूक्रेन की सेना ने दावा किया है कि अभी तक रूस के साथ चल रहे संघर्ष में रूस के नौ हज़ार सैनिक मारे गए हैं. ऐसा ही दावा राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने अपने संबोधन में भी किया है.
    • टाइम मैगज़ीन ने अपने कवर पेज पर वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की को ख़ास जगह दी है. मैगज़ीन के कवर पर लिखा है- ‘वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की और यूक्रेन के नायक.’
    • फ्रांस की सरकार ने अपने नागरिकों को रूस छोड़ने के लिए कहा है. फ्रांस की तरफ़ से कहा गया है कि जिन नागरिकों की रूस में मौजूदगी ''ज़रूरी'' नहीं है, उन्हें रूस छोड़ देना चाहिए.
    • चीन की राजधानी बीजिंग में होने वाले पैरालंपिक 2022 में रूस और बेलारूस के खिलाड़ी भाग नहीं ले सकेंगे. अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति ने एक बयान जारी करके इस बात की जानकरी दी.
    • भारत में जर्मनी के राजदूत वॉल्टर जे लिंडनर ने यूक्रेन में मानव ढाल के रूप में भारतीय छात्रों को बंधक बनाए जाने के रूस के दावे को सरकारी प्रोपेगैंडा कहा है.
    • रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुति के धुर विरोधी विपक्षी नेता एलेक्स नवेलनी के आह्वान के बाद पुतिन के गृहनगर सेंट पीटर्सबर्ग में उग्र प्रदर्शन हुए. इस दौरान कई लोगों को गिरफ़्तार भी किया गया है.
  10. यूक्रेन से लौटे भारतीय छात्रों से मिले पीएम नरेंद्र मोदी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन से लौटे भारतीय छात्रों से अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मुलाक़ात की है. इन छात्रों ने पीएम मोदी के साथ अपने अनुभव साझा किए. ये छात्र वाराणसी और उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों से थे. भारत ने यूक्रेन से भारतीय नागरिकों ख़ासकर छात्रों को सुरक्षित वापस लाने के लिए ऑपरेशन गंगा शुरू किया है.

    इस अभियान में भारतीय वायु सेना भी शामिल हैं. मोदी सरकार के कई मंत्री यूक्रेन से सटे देशों में हैं, जहाँ से वे भारतीय छात्रों की वापसी की निगरानी कर रहे हैं. पिछले दिनों खारकीएव में भारत के एक छात्र नवीन की मौत हो गई थी. भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि नवीन की मौत गोलाबारी में हुई. नवीन के दोस्तों का कहना है कि नवीन पास की दुकान में सामान लेने गए थे, लेकिन वे वापस नहीं लौटे.

    रूस ने यूक्रेन पर आरोप लगाया था कि वो भारतीय छात्रों को बंधक बनाकर मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहा है. हालाँकि विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है.

  11. बीबीसी विशेष LIVE: युद्धग्रस्त यूक्रेन में दूसरे भारतीय की मौत

    यूक्रेन-रूस युद्ध पर बीबीसी हिन्दी की ख़ास पेशकश.

  12. यूक्रेन के खेरसन में नए नियम- 'रूस के सैनिकों को उकसाओ मत'

      • Author, क्रिस बेल
      • पदनाम, बीबीसी न्यूज़

    यूक्रेन का दक्षिणी शहर खेरसन अब रूस के नियंत्रण में है. एक स्थानीय ने बीबीसी से बताया कि शहर में नए नियम लागू कर दिए गए हैं.

    नीना (बीबीसी ने ये तय किया है कि पूरा नाम इस्तेमाल नहीं किया जाएगा) कहती हैं, ''शहर में अब सन्नाटा पसरा है. कल भी यहाँ सन्नाटा ही था, उससे पहले लड़ाई देखी जा सकती थी, धमाके हो रहे थे.''

    वो आगे कहती हैं, ''कल कोई भी अपने घर से बाहर नहीं निकला क्योंकि बाहर बहुत ख़तरा था लेकिन आज लोग बाहर निकल रहे हैं, खाने का सामान ख़रीद रहे हैं.''

    लेकिन नीना का ये भी कहना है कि अब भी बाहरी इलाक़ों में लड़ाई की आवाज़ सुनी जा सकती है.

    वो आगे बताती हैं कि कुछ नियम उन्हें मानने पड़ रहे हैं. ''हमें कुछ नियम मानने पड़ रहे हैं. वो हमारी सरकार से सहमत थे कि हमें रूसी सैनिकों को भड़काना नहीं चाहिए.''

    ''हम समूह में नहीं हो सकते, तेज़ कार ड्राइव नहीं कर सकते. हमें अपनी कार को रोकने पर रुकना होगा और कार में क्या है उसे दिखाना होगा और किसी को भड़काने से बचना होगा.''

    वो कहती हैं कि स्थानीय लोगों के पास अब बिजली, पानी और इंटरनेट की सुविधा है. साथ ही ऐसा सुनने में आ रहा है कि मेडिकल आपूर्ति की उम्मीद है.

    नीना का कहना है, ''मुझे उम्मीद है कि इसमें बहुत अधिक समय नहीं लगेगा और सब ठीक हो जाएगा. सभी सामान्य लोग युद्ध के ख़िलाफ़ हैं लेकिन हम कुछ नहीं कर सकते.''

  13. यूक्रेन की उप प्रधानमंत्री ने कहा- नेटो के हाथ भी ख़ून से रंगे हैं

    यूक्रेन की उप प्रधानमंत्री का कहना है कि यूक्रेन के ऊपर नो फ़्लाई ज़ोन लागू करने से इनकार कर नेटो भी नागरिकों की मौत का आंशिक जिम्मेदार बन गया है.

    बीबीसी रेडियो 4 के वर्ल्ड टूनाइट प्रोग्राम में उप प्रधानमंत्री ओल्हा स्टेफ़ानिश्याना ने कहा, ''ये अमानवीय है, ये जानते हुए भी कि फ़ैसला नहीं लेने से नागरिक और बच्चे मारे जाएँगे.''

    उन्होंने कहा, ''नागरिकों के ख़ून से सिर्फ़ रूस के हाथ ही नहीं रंगे हैं, जिन लोगों की मौत हुई उनमें ऐसे दो बच्चे के माता-पिता भी हैं जिनके बच्चे अभी एक दिन पहले ही पैदा हुए थे और अगले दिन गोलीबारी में बच्चों ने अपने माता-पिता को खो दिया.''

    यूक्रेन की उप प्रधानमंत्री ने अपने शब्दों के चयन के लिए माफ़ी भी मांगी है लेकिन कहा है कि वो ये सब एक ''बम शेल्टर'' में बैठकर बोल रही हैं.

    बता दें कि नेटो के सदस्यों ने नो-फ़्लाई ज़ोन लागू करने से इनकार कर दिया था, उन्हें डर था कि इसकी वजह से संघर्ष और बढ़ सकता है और इससे रूस और पश्चिमी देशों के बीच युद्ध छिड़ सकता है.

  14. परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की आशंका को लेकर अब क्या बोले रूस के विदेश मंत्री?

    यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच ऐसी परमाणु हथियारों को लेकर भी बयानबाजी तेज़ हो गई थी.

    बीते सप्ताह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि उन्होंने अपनी परमाणु सेना को विशेष अलर्ट पर रखा है.

    एक दिन पहले ही रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने तीसरे विश्व युद्ध की बात की थी और कहा था कि अगर ऐसा हुआ तो ये परमाणु युद्ध होगा.

    लेकिन अब लावरोफ़ का कहना है कि परमाणु युद्ध के बारे में रूस ने सोचा भी नहीं है और ये पश्चिमी देशों के दिमाग की उपज है.

    लावरोफ़ का कहना है कि पश्चिमी देशों के नेता ही परमाणु युद्ध की बात करते हैं और ये उनके प्रोपेगैंडा का हिस्सा है, वो (पश्चिमी देश) चाहते हैं कि वहाँ के लोगों पर दबाव बने जिससे रूस के ख़िलाफ़ उनकी सोच बने.

    नेपोलियन और हिटलर से अमेरिका की तुलना

    इस दौरान वो अमेरिका की तुलना नेपोलियन और हिटलर से भी करते नज़र आए. उन्होंने कहा, ''पहले के दिनों नेपोलियन और हिटलर का मक़सद यूरोप को अपने अधीन करना था, अब अमेरिका ऐसा करता है.''

    लावरोफ़ ने कहा कि नॉर्डस्ट्रीम 2 गैस पाइपलाइन को रद्द करना यूरोपीय संघ की "जगह दिखाता है", ये बताता है कि फ़ैसले पीछे अमेरिका का हाथ है.

    रूस के सरकारी चैनल को दिए गए एक इंटरव्यू में लावरोफ़ ने कहा कि उनका मानना है कि कुछ विदेशी नेता रूस के ख़िलाफ़ युद्ध की तैयारी कर रहे थे और अब यूक्रेन में रूस अपने सैन्य अभियान को अंत तक जारी रखेगा.

    उन्होंने ज़ेलेंस्की पर नाज़ीवाद फैलाने का आरोप भी लगाया. रूस के दावे को दोहराते हुए लावरोफ़ ने कहा कि यूक्रेन की सरकार नियो-नाज़ी शासन है और वो कई शहरों-कस्बों में लूट मचाए हुए हैं.

    मानव ढाल के तौर पर नागरिकों का इस्तेमाल कर रहा यूक्रेन- लावरोफ़

    रूस के विदेश मंत्री का ये भी कहना है कि यूक्रेन अब नागरिकों को मानव ढाल के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है. वो बार-बार हॉलीवुड का ज़िक्र भी करते आए कि लोगों को सिर्फ ''हॉलीवुड मूवी नहीं देखनी चाहिए'' जो वेस्टर्न मीडिया ने लिखी है और ''जिसमें एक दुश्मन होता है''.

    उन्होंने कहा कि नेटो, रूस की कीमत पर पश्चिम की सुरक्षा को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है.

  15. यूक्रेन के इस टेनिस स्टार ने कहा- मेरे पास गन, रूस के ख़िलाफ़ लड़ने को तैयार

    यूक्रेन के टेनिस खिलाड़ी सर्जी स्टाखोवस्की ने कहा है कि रूसी आक्रमण के ख़िलाफ़ लड़ने के लिए वे स्वदेश लौट आए हैं.

    बीबीसी रेडियो 5 लाइव के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके पास युद्ध का कोई अनुभव नहीं है, लेकिन वे अपने देश की रक्षा करना चाहते हैं.

    सर्जी स्टाखोवस्की ने कहा- मेरे पास एक बंदूक है और मैं इसका इस्तेमाल करने को तैयार हूँ. पुतिन ने यूक्रेन के लोगों के लिए रिजर्व सैनिक में शामिल होना आसान बना दिया है, क्योंकि उन्होंने ये फ़ैसला किया कि यूक्रेन कभी था ही नहीं.

  16. रूसी सैनिकों को संदेश से लेकर यूक्रेन के नायकों को सलाम तक, ज़ेलेंस्की ने क्या-क्या कहा?

    रूस के साथ युद्ध के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की अपने वीडियो संदेश के जरिए लगातार जानकारी साझा कर रहे हैं.

    ताज़ा वीडियो में वो रूस, रूस के सैनिकों को चेतावनी देते नज़र आए, साथ ही यूक्रेन की सेना और नागरिकों की तारीफ़ करते दिखे.

    सोशल मीडिया पर शेयर किए गए इसे वीडियो में ज़ेलेंस्की कहते हैं कि यूक्रेन को तोड़ने की योजना बरसों से बनाई जा रही थी, कई बार इसके लिए कोशिशें की गईं और यहाँ के लोगों के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाई जा रही थी लेकिन यूक्रेन ने हमलावरों को न सिर्फ़ रोका बल्कि उनको हराया है.

    ज़ेलेंस्की का कहना है कि संख्या में 10 गुना होने ज़्यादा होने के बावजूद रूसी सैनिकों का आत्मविश्वास टूटता जा रहा है और वो ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में वापस जा रहे हैं.

    उन्होंने कहा, ''हमारी सेना, सीमा सुरक्षा में लगे जवान और किसान हर एक ने कई रूसी सैनिकों को पकड़ा, और वो (रूसी सैनिक) सभी यही कर रहे हैं कि उन्हें नहीं पता कि वो यहाँ क्यों हैं.''

    ''अपने घर जाओ''

    यूक्रेन के लोगों को संबोधित करते हुए ज़ेलेंस्की ने कहा कि उनके देश की तरफ़ से सभी हमलावरों को जानना चाहिए कि वो जहाँ भी घुसेंगे, वो ख़त्म कर दिए जाएँगे.

    उन्होंने कहा, ''न उनके पास शांति होगी, न खाना होगा और नहीं एक पल वो आराम से बैठ पाएँगे. अगर वो और उपकरण या लोगों को लेकर आते हैं तो भी वो यहाँ कुछ हासिल नहीं कर सकेंगे.''

    रूसी सैनिकों को भ्रमित बच्चे बताते हुए ज़ेलेंस्की ने कहा, ''रूसी सैनिक खाने का सामान ढूँढते नजर आ रहे हैं. ये किसी सुपरपावर के योद्धा नहीं हैं, ये कंफ्यूज्ड बच्चे हैं जो इस्तेमाल किए जा रहे हैं, इन्हें घर ले जाइए.''

    यूक्रेन के राष्ट्रपति ने भी दावा किया कि करीब 9000 रूसी सैनिकों की मौत हो चुकी है. उन्होंने कहा कि वो यूक्रेन को शवों से भरना नहीं चाहते, ऐसे में रूसी सैनिकों को अपने कमांडर से कहना चाहिए कि वो ज़िंदा रहना चाहते हैं और घर जाना चाहते हैं.

    ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन के नागरिकों की जमकर तारीफ़ की

    अपने संबोधन में वोलोदोमीर ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन की सेना के साथ-साथ यहाँ के लोगों की भी जमकर तारीफ़ की.

    उनका कहना है कि रूसी सैनिकों के ख़िलाफ जिस तरह यूक्रेन के लोग डटकर खड़े हो गए, ये बहादुरी के सबसे बड़े उदाहरणों में से एक है.

    ज़ेलेंस्की ने कहा, ''यूक्रेन के लोगों ने बिना हथियारों के भी रूसी सैनिकों को हराया है. मैं ऐसे हीरो नागरिकों की तारीफ करना चाहूता हूँ. नागरिकों ने हमला करने वालों को रोड ब्लॉक कर अंदर नहीं घुसने दिया. लोग दुश्मन के हथियार के सामने डटकर खड़े हो गए. ये ख़तरनाक था लेकिन बहादुरी भरा क़दम था.''

    ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन के कई ऐसे सैनिकों, अधिकारियों के नाम गिनाए, जिनकी इस जंग में मौत हो गई है.

    इस दौरान ज़ेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में रूस के ख़िलाफ़ प्रस्ताव के समर्थन में सामने आए 141 देशों का आभार जताया है. उन 4 देशों का भी नाम लिया, जिन्होंने रूस के पक्ष में वोट दिया है.

  17. ब्रितानी ख़ुफ़िया एजेंसी ने कहा- कीएव की ओर जा रहे रूसी काफ़िले की रफ़्तार धीमी पड़ी

    ब्रिटिश सैन्य खुफ़िया एजेंसी ने दावा किया है कि यूक्रेन की राजधानी कीएव की ओर जा रहा रूसी काफ़िला बीते तीन दिनों में कुछ दूरी तक ही आगे बढ़ा है.

    हालांकि यह काफ़िला बहुत धीमी गति से आगे बढ़ रहा है लेकिन कीएव और दूसरे शहरों पर रूस के हवाई हमले लगार जारी हैं.

    ब्रिटिश सैन्य खुफ़िया एजेंसी के हवाले से कहा गया है कि यह रूसी सैन्य काफ़िला राजधानी के उत्तर दिशा की ओर से आगे बढ़ रहा है.

    मौजूदा समय में यह काफ़िला राजधनी से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर है. रूस के काफ़िले को यूक्रेन की सेना और लोगों का व्यापक विरोध उठाना पड़ रहा है.

    हालांकि रक्षा मंत्रालय की ख़बर में कहा गया है कि खारकीएव, चेर्नेहीएव और मारियुपोल अभी भी यूक्रेन के ही नियंत्रण में हैं.

    ब्रिटेन का कहना है कि रूस ने अपने सैनिकों के मारे जाने और घायलों का जो आँकड़ा पेश किया है, दरअसल मारे गए और घायल लोगों की संख्या उससे कहीं अधिक है.

  18. यूक्रेन के विदेश मंत्री ने तस्वीर शेयर कर किया दावा- रूसी सैनिकों को रोकने लिए उमड़ा जनसैलाब

    यूक्रेन पर रूस के हमले का ये आठवाँ दिन है और हर दिन के साथ रूस का हमला और तेज़ होता जा रहा है.

    रूस ने कई इलाक़ों को अपने नियंत्रण में ले लिया है और राजधानी कीएव में लगातार धमाकों की ख़बर है.

    इस बीच यूक्रेन की तरफ़ से दावा किया जा रहा है कि अब बड़े पैमाने पर लोग सामने आकर रूसी सैनिकों का मुकाबला कर रहे हैं.

    यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने एक तस्वीर कर दावा किया है कि एक इलाक़े में बड़े पैमाने पर लोगों ने इकट्ठा होकर रूसी सैनिकों का रास्ता रोक दिया.

    कुलेबा का कहना है कि ऐसी कई तस्वीरें और वीडियोज सामने आ रहे हैं.

    इसी के साथ कुलेबा ने रूस के हवाई हमलों के ख़िलाफ़ सहयोगी देशों से अपील की है कि वो यूक्रेन की मदद करें.

    इससे पहले ख़बर आई थी कि स्वीडन की सेना ने आरोप लगाया था कि रूस के चार फ़ाइटर जेट्स ने हवाई सीमा पर लगे प्रतिबंध का उल्लंघन किया है.

    कई यूरोपीय देशों की तरह स्वीडन ने भी रूस पर अपने घरेलू हवाई क्षेत्र को लेकर प्रतिबंध लगा रखा है. हालांकि, स्वीडन नेटो का सदस्य देश नहीं है.

    संघर्ष में मारे गए हैं रूस के 9000 सैनिक- यूक्रेन

    यूक्रेन में चल रही इस जंग से जुड़े दावे दोनों पक्षों से ही किए जा रहे हैं.

    यूक्रेन की सेना का दावा है कि अब तक रूस के साथ चल रहे संघर्ष में रूस के नौ हज़ार सैनिक मारे गए हैं.

    एक दिन पहले ही रूस के रक्षा मंत्रालय ने स्वीकार किया था कि यूक्रेन के साथ संघर्ष में उनके 498 सैनिक मारे गए हैं और 1597 सैनिक घायल हैं.

  19. Russia Ukraine War: रूस-यूक्रेन जंग के साइड इफेक्ट्स, Crude Oil में रिकॉर्ड तेज़ी

    रूस-यूक्रेन जंग के साइड इफेक्ट्स, कच्चे तेल में रिकॉर्ड तेज़ी. भारत पर क्या होगा असर, बता रहे हैं बीबीसी के राघवेंद्र राव और ज़ुबैर अहमद. (कैमरा-शाहनवाज़)

  20. ब्रेकिंग न्यूज़, यूक्रेन में बढ़ते संघर्ष के बीच फ्रांस ने अपने नागरिकों को रूस छोड़ने के लिए कहा

    यूक्रेन पर रूस का हमला लगातार तेज़ होता जा रहा है. ऐसे में अब फ्रांस की सरकार ने अपने नागरिकों को रूस छोड़ने के लिए कहा है.

    फ्रांस की सरकार की तरफ़ से कहा गया है कि जिन नागरिकों की रूस में मौजूदगी ''ज़रूरी'' नहीं है, उन्हें रूस छोड़ देना चाहिए.

    दूसरे देशों ने भी इसी तरह की ट्रैवल एडवाइज़री जारी की है.

    ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय की तरफ़ से अपने नागरिकों को रूस के किसी भी हिस्से में ट्रैवल करने के ख़िलाफ़ एडवाइज़री जारी की गई है और इसे रूस की अर्थव्यवस्था में मची उथल-पुथल से जोड़कर बताया गया है.

    अमेरिकी विदेश मंत्रालय भी यही सलाह दे रहा है. अमेरिकी एडवाइज़री में ''रूसी सरकार के सुरक्षा अधिकारियों की ओर से अमेरिकी नागरिकों की उत्पीड़न की आशंका'' समेत कई कारणों का हवाला दिया गया है.