You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

रूस-यूक्रेन युद्धः कई शहरों में भीषण तबाही, लाशें भी नहीं उठा पा रहे लोग

राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि उनका सैन्य अभियान योजना के मुताबिक चल रहा है. वहीं बेलारूस में रूस और यूक्रेन के बीच वार्ता हुई है.

लाइव कवरेज

दिलनवाज़ पाशा

  1. बेलारूस ने अपने सैनिकों को यूक्रेन में घुसने का आदेश दिया- यूक्रेन

    यूक्रेन की सेना का कहना है कि उन्हें लगता है कि बेलारूस ने गुरुवार को अपने सैनिकों को यूक्रेन में घुसकर लड़ाई में शामिल होने का आदेश दे दिया है.

    एक फ़ेसबुक पोस्ट में यूक्रेन की सेना की तरफ़ से कहा गया है कि "बेलारूस की सैन्य यूनिट की कमान को सीमा पार कर यूक्रेन में घुसने का आदेश दे दिया गया है."

    यूक्रेन का आरोप है कि रूस मिसाइलें दागने के लिए बेलारूस की ज़मीन का इस्तेमाल कर रहा है.

    बेलारूस एक पूर्व सोवियत राष्ट्र है जिसकी सीमाएं यूक्रेन से सटी हैं.

    माना जाता है कि रूस का बेलारूस की सत्ता पर ग़हरा प्रभाव है.

    कई विश्लेषक बेलारूस को रूस का आश्रित राज्य मानते हैं.

    कीएव की तरफ़ बढ़ रहा रूस का विशाल सैन्य बेड़ा भी बेलारूस के रास्ते ही घुसा है.

  2. रूस की सुपरस्टार गायिका को ओपेरा से हटाया गया

    यूक्रेन में जारी संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय कला संस्थानों को मुश्किल स्थिति में डाल दिया है.

    कई संस्थानों को इस मुद्दे पर सिद्धांतवादी पक्ष लेना पड़ रहा है.

    न्यू यॉर्क स्थित मेट्रोपॉलिटन ओपेरा ने ऊंचे सुर में गाने वाली अपनी सुपरस्टार गायिका एना नेतब्रेंको की प्रस्तुति पर इस सत्र के लिए प्रतिबंध लगा दिया है.

    यदि एना व्लादिमीर पुतिन के लिए समर्थन बंद करने की ओपेरा की मांग को नहीं मानती हैं तो अगले सत्र में भी उन पर रोक लगाई जा सकती है.

    ओपेरा के जनरल मैनेजर पीटर गेल्ब ने कहा कि नेतब्रेंको को गंवाना कला के लिए एक बड़ा नुक़सान है.

    एना नेतब्रेंको को ओपेरा इतिहास की महान हस्तियों में शामिल किया जाता है.

    उन्होंने कहा, "पुतिन आम लोगों को मार रहे हैं और इस परिस्थिति में और कोई रास्ता नहीं है."

    एना की जगह यूक्रेन की गायिका लियुदमाइला मोनास्त्रिस्का को ओपेरा में शामिल किया जाएगा. उन्होंने साल 2012 में अपने करियर की शुरुआत की थी.

    ऐसा लग रहा है कि रूस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय के लिए अलग-थलग पड़ जाएगा. मेट्रोपॉलिटन के एक अधिकारी ने कहा कि ये कल्पना करना अभी मुश्किल है कि नेतब्रेंको ओपेरा में फिर से लौट सकेंगी.

  3. सऊदी अरब ने यूक्रेन और रूस के बीच मध्यस्तता की पेशकश की

    सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने रूस और यूक्रेन के नेताओं से कहा है कि वो दोनों देशों के बीच मध्यस्तता कराने के लिए तैयार हैं.

    सऊदी क्राउन प्रिंस ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फ़ोन पर अलग-अलग बात की और युद्ध के राजनीतिक समाधान का समर्थन किया.

    उन्होंने ज़ेलेंस्की से कहा कि सऊदी अरब आए यूक्रेन के पर्यटकों और नागरिकों का वीज़ा तीन और महीनों के लिए बढ़ा दिया जाएगा.

    सऊदी अरब के मीडिया के मुताबिक पुतिन ने सऊदी क्राउन प्रिंस को फ़ोन किया था. फ़ोन पर वार्ता के दौरान सउदी क्राउन प्रिंस ने यूक्रेन युद्ध को लेकर सऊदी अरब की स्थिति स्पष्ट की.

    वहीं रूस की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने ऊर्जा को लेकर अपनी चिंताओं पर बात की. दोनों देश तेल उत्पादन को लेकर 'एक दूसरे के पक्ष के साथ समन्वय' बनाने पर सहमत हुए. सऊदी अरब और रूस ओपेक प्लस गठबंधन के अहम सहयोगी हैं.

    रूस के बयान में कहा गया है, "पश्चिमी देशों के रूस के ख़िलाफ़ लगाए गए प्रतिबंधों का संज्ञान लेते हुए व्लादिमीर पुतिन ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के मुद्दे के राजनीतिकरण की अस्वीकार्यता पर ज़ोर दिया."

  4. पुतिन यूक्रेन में अंधेरा कर सकते हैं, उसकी आत्मा को नहीं मार सकतेः पूर्व यूक्रेनी राष्ट्रपति

    यूक्रेन के पूर्व राष्ट्रपति पेत्रो पोरोशेंको ने बीबीसी से कहा है कि यूक्रेन का समूचा राष्ट्र मिलकर 'पुतिन को पीट रहा है'.

    उन्होंने यूक्रेन के लोगों से कभी भी हार ना मानने की अपील की है.

    पोरोशेंको ने कहा, "वो बत्तियां बुझा सकते हैं, वो यूक्रेन के लिए गर्मी की आपूर्ति को रोक सकते हैं लेकिन वो कभी भी यूक्रेन की आत्मा को नहीं मार सकेंगे."

    पेत्रो पोरोशेंको पांच साल तक यूक्रेन के राष्ट्रपति थे. फिर वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने साल 2019 में भारी बहुमत से चुनाव जीत लिया था.

  5. रूस के 19 अरबपतियों पर अमेरिका ने लगाए नए प्रतिबंध

    अमेरिका ने रूस के अरबपतियों पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की है.

    8 रईसों को अमेरिका के वित्तीय संस्थानों से अलग कर दिया जाएगा और उनकी संपत्तियों को ज़ब्त कर लिया जाएगा. इनमें अरबपति कारोबारी अलीशेर उस्मानोव भी शामिल हैं.

    रूस के प्रेस सचिव दिमित्री पेस्कोव और तेल कारोबारी निकोलाई तोकारेव पर भी ये प्रतिबंध लगाए गए हैं.

    इसके अलावा 19 अरबपतियों और उनके परिवार के 47 लोगों की अमेरिका यात्रा पर भी रोक रहेगी.

    अमेरिका ने कहा है कि इसके अलावा रूस के सात कंपनियों और उनसे जुड़े 26 लोगों पर भी प्रतिबंध लगाया जा रहा है.

    ये 'रूस के उद्देश्यों को सही ठहरा रहे हैं और झूठ फैलाकर रूस के रणनीतिक हितों को बढ़ावा दे रहे हैं.'

    राष्ट्रपति जो बाइडेन ने गुरुवार को कहा कि रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों का ग़हरा असर हो रहा है.

    उन्होंने कहा कि अब पश्चिमी देश एकजुट होकर पुतिन पर अब तक इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध लगाने जा रहे हैं.

  6. मारियुपोल में भीषण तबाही, लाशें भी नहीं उठा पा रहे लोग

    यूक्रेन के लिए रणनीतिक रूप से अहम दक्षिणी तटीय शहर मारियुपोल में रूस की भीषण बमबारी जारी है.

    अधिकारियों का कहना है कि बमबारी की वजह से हुई तबाही से शहर में बिजली चली गई है और पानी की आपूर्ति बंद हो गई है.

    शहर के डिप्टी मेयर सर्गेई ओरलोव ने मानवीय त्रास्दी की चेतावनी देते हुए कहा है कि प्रशासन मारे गए लोगों की लाशें भी नहीं उठा पा रहा है.

    वहीं उत्तरी शहर चेर्नीहीव की आपात सेवाओं का कहना है कि रूसी विमानों ने रिहायशी इलाक़ों पर बमबारी की है जिसकी वजह से कम से कम 22 लोग मारे गए हैं.

    राजधानी कीएव से 60 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित बोरोदयांका शहर की ड्रोन फुटेज में बमबारी से हुई बर्बादी दिख रही है. इमारतें तबाह हो गई हैं.

    वहीं रूस की सीमा के पास स्थिति खारकीएव शहर पर भीषण बमबारी जारी है. अभी ये शहर रूस की सेना के नियंत्रण से बाहर है.

  7. पुतिन के दोस्तों की संपत्ति बेचने के लिए अमेरिका में लाया जा रहा क़ानून

    पश्चिमी देशों ने रूस के कई अरबपति कारोबारियों को आर्थिक चोट पहुंचाने के लिए सख़्त प्रतिबंध लगाए हैं. इनमें उनकी संपत्तियां ज़ब्त किया जाना भी शामिल है.

    अमेरिका में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के क़रीबी कारोबारियों पर और भी सख़्त प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं.

    गुरुवार को इन्हीं प्रयासों के तहत द्वपक्षीय सीनेटरों के एक समूह ने एक ऐसा विधेयक पेश किया है जो बाइडेन प्रशासन को ज़ब्त की गई संपत्तियों से यूक्रेन के लोगों की आर्थिक मदद करने का अधिकार देगा.

    इस विधेयक को पेश करने वाले प्रतिनिधि टॉम मालिनोवस्की ने कहा, "आमतौर पर प्रतिबंधित संपत्तियों को ज़ब्त कर लिया जाता है, उन्हें स्थायी तौर पर अधिग्रहित नहीं किया जाता है. सामान्य परिस्थितियों में ये एक तरह का सही सुरक्षाकवच होता है. लेकिन अभी परिस्थितियां असाधारण हैं. हमें लगता है कि पुतिन को सशक्त करने वाली दौलत का इस्तेमाल करना अभी सही होगा."

    मालिनोवस्की का कहना है कि पुतिन के समर्थक अरबपतियों के आलीशान बंगलों और याटों को ज़ब्त किए जाने से युद्धग्रस्त यूक्रेनी लोगों को राहत मिलेगी और इससे उनका हौसला भी बढ़ेगा.

  8. शरणार्थियों को अस्थायी सुविधाएं देने को सहमत हुआ यूरोपीय संघ

    युद्ध की वजह से देश छोड़कर भाग रहे यूक्रेनी शरणार्थियों को तीन साल तक का अस्थायी निवास परमिट देने के लिए यूरोपीय संघ में सर्वसम्मति से सहमति बन गई है.

    ब्रसेल्स में गुरुवार को हुई एक बैठक में यूरोपीय संघ के गृह मंत्रियों ने इस योजना को अनुमति दे दी है. यूरोपीय संघ ने इससे पहले इस तरह की सुविधा नहीं दी है.

    युद्ध से भाग रहे यूक्रेन के लोगों को तीन साल तक यूरोपीय संघ के देशों में रहने की अनुमति के अलावा रोज़गार के अवसर और शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जाएंगी.

    यूरोपीय संघ का कहना है कि लोगों के पास यूक्रेन में रहने का दीर्घकालिक परमिट है या जो वहां शरणार्थी हैं उन्हें भी इस योजना का फ़ायदा दिया जाएगा. यही नहीं अस्थायी कर्मचारी या छात्र, यो इस योजना के योग्य नहीं हैं, उन्हें वापस देश लौटने में मदद की जाएगी.

    इससे पहले हंगरी से मिल रही रिपोर्टों में कहा गया था कि वहां की सरकार ने यूरोपीय संघ की इस योजना का समर्थन नहीं किया है. वहीं यूरोपीय आयोग ने गुरुवार को कहा है कि कुछ बदलावों के बाद ये निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है.

    यूरोपीय संघ की इस योजना के बारे में विस्तृत जानकारी शुक्रवार को मिल सकती है.

    यूक्रेन से अब तक दस लाख से अधिक लोग देश छोड़कर जा चुके हैं.

    यहां तस्वीरों में देखें कैसे बेबस लोग दूसरे देशों की तरफ़ जा रहे हैं.

  9. गफ़लत में हिंसा रोकने के लिए अमेरिका-रूस ने बनाई हॉटलाइन

    अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने रूस के रक्षा मंत्रालय के साथ नई हॉटलाइन स्थापित की है.

    अमेरिकी अधिकारियों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा है कि गफ़लत में 'ग़लत आंकलन, सैन्य घटनाओं और आक्रामकता' को रोकने के लिए ऐसा किया गया है.

    अपना नाम न ज़ाहिर करते हुए अधिकारी ने बताया कि ये हॉटलाइन 1 मार्च को स्थापित की गई है.

    अमेरिकी सेना इससे पहले भी रूस के साथ हॉटलाइन स्थापित कर चुकी है. सीरिया युद्ध के दौरान भी दोनों देशों ने ऐसी ही हॉटलाइन बनाई थी.

  10. समय से काफ़ी पीछे चल रही है रूस की सेनाः ब्रितानी विदेश मंत्री

    ब्रितानी रक्षा मंत्री बेन वालास का कहना है कि यूक्रेन में आक्रामण कर रही रूस की सेना अपनी योजना से काफ़ी पीछे चल रही है.

    वहीं गुरुवार को टीवी पर दिए एक भाषण में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूस की सेना का अभियान अपनी गति से और योजना के मुताबिक चल रहा है.

    बीबीसी के रक्षा संवाददाता जोनाथन बेल से बात करते हुए ब्रितानी रक्षा मंत्री ने कहा, "कई शहरों और नागरिक इलाक़ों पर बमबारी और भीषण तबाही के बावजूद, यूक्रेन के लोग दिन के समय में बाहर निकलते हैं, उनकी सेनाओं का आंकलन करते हैं और कई मामलों में उन्हें पीछे धकेल देते हैं. यूक्रेन के लोग लड़ाई को जारी रखे हुए हैं."

    उन्होंने कहा, "ना सिर्फ़ बड़ी तादाद में रूसी सैनिक मारे जा रहे हैं बल्कि मैदान छोड़कर भी भाग रहे हैं. रूस का भारी सैन्य साज़ो सामान भी बड़ी तादाद में तबाह हो रहा है. रूसी सैनिक आत्मसमर्पण भी कर रहे हैं."

    उन्होंने ये भी कहा कि रूस की सेना अभी तक राजधानी कीएव पर नियंत्रण नहीं कर सकी है और रूसी सेना के वाहनों के लिए ईंधन और सैनिकों के लिए भोजन नहीं हैं.

    राष्ट्रपति पुतिन के बयान पर टिप्पणी करते हुए वालास ने कहा, "वो एक ऐसे व्यक्ति हैं जो अपनी वजहों से ही प्रतिबंधों में घिरे हैं. उन्होंने हर अंतरराष्ट्रीय क़ानून को तोड़ दिया है. वो एक ऐसे व्यक्ति हैं जो अलग-थलग पड़ते जा रहे हैं."

  11. बड़े परमाणु संयंत्र वाले शहर पर भीषण हमले

    यूरोप में सबसे बड़े परमाणु संयंत्रों में से एक वाले शहर पर दिन रात रूसी बमबारी हो रही है.

    उत्तर पश्चिमी यूक्रेन में इनरहोडार शहर के मेयर ने फ़ेसबुक पर किए एक पोस्ट में बताया है कि शहर में पानी की आपूर्ति बंद हो गई है. शहर के कई इलाक़ों में बिजली भी चली गई है.

    हाल के दिनों में इस शहर पर भीषण बमबारी की गई है. बीबीसी की यूक्रेनी सेवा के मुताबिक कल पॉवर प्लांट के कर्मचारियों और शहर के नागरिकों ने अस्थाई बैरीकेड लगाकर रूस की सेना को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की थी.

    गुरुवार को मेयर दिमित्री ओर्लोव ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किए किए जिनमें रिहायशी इमारतों और स्कूल पर बमबारी दिखाई गई है. यहां भीषण लड़ाई जारी है.

  12. रूस-यूक्रेन युद्धः क्या है ताज़ा अपडेट

    रूस ने यूक्रेन के प्रमुख शहरों पर बमबारी तेज़ कर दी है. यूक्रेन के नागरिक पड़ोसी देशों में शरण लेने के लिए घर छोड़ रहे हैं.

    ये हैं ताज़ा अपडेट

    • संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि संघर्ष शुरु होने के बाद से अब तक दस लाख से अधिक लोग यूक्रेन छोड़ चुके हैं.
    • रूस के सैन्यबलों ने प्रमुख तटीय शहर ख़ेरसोन पर नियंत्रण कर लिया है. यूक्रेन के दक्षिणी तट पर स्थित ये शहर रूस के नियंत्रण में आने वाला पहला बड़ा शहर है.
    • रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर मारियुपोल में भारी बमबारी जारी है. मेयर का कहना है कि रूसी सेना ने शहर की बिजली, पानी और खाद्य आपूर्ति काट दी है.
    • कीव से 70 मील दूर उत्तर में स्थित चेर्नीहीव शहर में हवाई हमले में 22 लोगों की मौत हो गई है.
    • बेलारूस में रूस और यूक्रेन के वार्ताकारों के बीच दूसरे दौर की वार्ता समाप्त हो गई है. यूक्रेन ने संघर्षविराम और मानवीय मदद के लिए सुरक्षित गलियारा बनाने की मांग की है ताकि नागरिक सुरक्षित निकल सकें.
    • टीवी पर दिए भाषण में व्लादिमीर पुतिन ने दावा किया है कि यूक्रेन में रूस की सेना का अभियान योजना के मुताबिक चल रहा है.
    • नेटो में अमेरिका के राजदूत ने कहा है कि नेटो यूक्रेन के ऊपर नो-फ्लाई ज़ोन बनाने पर विचार नहीं कर रहा है.
    • एक प्रैस वार्ता में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने नेटो से कहा है कि अगर आपके पास नो फ़्लाई ज़ोन बनाने की शक्ति नहीं है तो हमें विमान दीजिए.
    • रूस की फ़ुटबॉल टीम पर फ़ीफ़ा और यूएफ़ा की तरफ़ से लगाए प्रतिबंध को रूस चुनौती देगा.
    • नागरिकों पर रूस की बमबारी के बीच अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के प्रमुख अभियोजक ने रूस के ख़िलाफ़ जांच शुरू कर दी है.
  13. युद्ध के सातवें दिन यूक्रेन के भीतर रूस की सेना कहां तक पहुंची? नक्शे के ज़रिए देखें...

    यूक्रेन पर रूस का हमला पिछले हफ़्ते आज ही के दिन यानी 24 फ़रवरी को शुरू हुआ था. एक हफ़्ते बाद रूस की सेना यूक्रेन में कहां तक पहुंच गई है ये हम आपको नीचे दिए गए नक्शों के ज़रिए बता रहे हैं.

  14. ब्रेकिंग न्यूज़, 'सुरक्षित गलियारे' को लेकर सहमति बनींः यूक्रेनी वार्ताकार

    यूक्रेन और रूस के बीच ताज़ा वार्ता से अधिक जानकारी मिल रही है.

    यूक्रेन के वार्ताकार मिख़ाइलो पोडोलयाक का कहना है कि दोनों ही पक्षों में ''शांतिपूर्ण नागरिकों को निकालने के लिए सुरक्षि गलियारा बनाने और सबसे भीषण लड़ाई वाले क्षेत्रों तक दवाइयां और खाद्य सामग्री पहुंचाने को लेकर आपसी सहमति बनी है.''

    उन्होंने कहा कि एक संभावना है, ''मैं ज़ोर देकर कह रहा हूं कि, अस्थाई संघर्षविराम की संभावना है ताकि कुछ सेक्टरों से लोगों को निकाला जा सके.''

  15. ब्रेकिंग न्यूज़, वार्ता समाप्त हुई, हमारी उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं निकलेः यूक्रेन

    यूक्रेन के वार्ताकार मिख़ाइलो पोडोलयाक ने कहा है कि 'बहुत दुख के साथ' बताना पड़ रहा है कि रूस और यूक्रेन के बीच ताज़ा वार्ता से 'वो नतीजे नहीं निकल सके हैं जिनकी हम उम्मीद कर रहे थे.'

    हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि दोनों ही पक्ष भविष्य में जल्द ही फिर से वार्ता करने के लिए तैयार हो गए हैं.

    उन्होंने बताया, "मैं एक ही बात कह सकता हूं कि हमने मानवीय पक्ष पर विस्तार से बात की क्योंकि इस समय कई शहर घेराबंदी में हैं."

  16. कर्फ़्यू और पर्याप्त खाने की कमी के बीच रूस नियंत्रित खेरसोन में कैसी चल रही ज़िंदगी

      • Author, क्रिस बेल
      • पदनाम, बीबीसी न्यूज़

    यूक्रेन के दक्षिण में स्थिति खेरसोन शहर पर अब रूस का नियंत्रण है.

    रूसी सेना द्वारा क़ब्ज़े में लिया जाने वाला ये पहला बड़ा शहर बन गया है.

    स्वेता ज़ोरिना वहीं रहती हैं, हमला शुरू होने के बाद से वो अपने दादी के घर रह रही हैं.

    बीबीसी से वो कहती हैं, ''हालात मुश्किल हैं, क्योंकि रूसी सैनिक पूरे शहर में हैं.'' स्वेता का कहना है, ''बेहद सख़्त प्रतिबंध लागू हैं, अंधेरा होने पर हमें घर से निकलने की अनुमति नहीं है. हमें शाम में लाइट ऑन नहीं करना है.''

    वो ये भी कहती हैं कि शहर में पर्याप्त खाने का सामान और मेडिसिन नहीं हैं.

    स्वेता का कहना है, ''एक वक्त ऐसा आया कि मुझे लगा कि अब मैं और बर्दाश्त नहीं कर सकती, अब मैं अच्छा महसूस कर रही हूं.''

    स्वेता एक कनाडा के पत्रकार के लिए इंटरप्रेटर के तौर पर घर से काम करने की कोशिश कर रही हैं.

    उनके घर के पास की दुकान में खाने का सामान ख़त्म हो गया है लेकिन स्वेता के पास अभी कुछ हफ्तों के लिए सामान है.

    वो कहती हैं, ''मुझे लगता है कि हमें हर वक्त डर लगा रहता है, हालांकि, हम इस तरह के डर का सामना कर रहे हैं. लेकिन वो बहादुर हैं और मुझे प्रेरणा दे रही हैं. हम दोनों एक दूसरे का ख़याल रख रहे हैं.''

  17. रूस के दूसरे बड़े तेल उत्पादक ने कहा- ख़त्म हो युद्ध

    रूस की दूसरी सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनी लूकॉइल यूक्रेन में संघर्ष समाप्त करने की अपील कर रही है.

    अपनी वेबसाइट पर जारी एक संदेश में कंपनी ने कहा है कि वो यूक्रेन में जारी दुखद घटनाक्रम से चिंतित है और संघर्ष को समाप्त करने के लिए जारी वार्ता का समर्थन करती है.

    कंपनी के बोर्ड ने कहा है कि 'सैन्य संघर्ष तुरंत रोका जाना चाहिए और वार्ता और कूटनीतिक प्रक्रिया से संकट का समाधान होना चाहिए.'

    कंपनी के बोर्ड ने इस प्रस्ताव को सहमति दी है. ये कंपनी युद्ध के ख़िलाफ़ बोलने वाली रूस की पहली बड़ी कंपनी है

  18. चेर्नीहीव में हवाई हमले में कम से कम 22 की मौत

    यूक्रेन के उत्तरी शहर चेर्नीहीव में हवाई हमले में लोगों के मारे जाने की रिपोर्टें आ रही हैं.

    हाल के दिनों में रूस ने इस शहर पर भीषण बमबारी की है.

    यूक्रेन की इमरजेंसी स्टेट सर्विस (एसईएस) के मुताबिक रिहायशी इलाक़ों पर हुए हवाई हमले में कम से कम 22 लोग मारे गए हैं.

    बीबीसी की यूक्रेनी सेवा के मुताबिक शहर में कई ऊंची रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया गया है.

  19. ब्रेकिंग न्यूज़, योजना के अनुसार चल रहा है रूस का अभियानः पुतिन

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि यूक्रेन में उनका 'विशेष अभियान' योजना के मुताबिक चल रहा है. रूस यूक्रेन पर आक्रामण को अपनी सेना का विशेष अभियान ही बता रहा है.

    पुतिन का ये दावा ऐसे समय आया है जब कई रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यूक्रेन में रूस की सेना का आक्रामण योजना के अनुसार नहीं चल पा रहा है.

    टीवी पर दिए भाषण में पुतिन ने यूक्रेन की सेना पर हज़ारों विदेशी नागरिकों को बंधक बनाने और नागरिकों को मानव कवच की तरह इस्तेमाल करने केआरोप लगाए. हालांकि उन्होंन अपने दावों को समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया.

    पुतिन ने कहा है कि यूक्रेन और रूस के लोग एक ही हैं और वो पश्चिम की तरफ से बनाई गई रूस विरोधी भावना को ख़त्म करेंगे.

  20. यूक्रेन-रूस युद्धः पांच संभावित नतीजे

      • Author, जेम्स लंडेल, कूटनीतिक संवाददाता

    युद्ध की धुंध में आगे का रास्ता देखना मुश्किल हो सकता है. पेश हैं कुछ संभावित नतीजे, लेकिन सभी की संभावना कम ही है

    1. छोटा युद्ध

    रूस अपने हमले तेज़ कर सकता है जिसके विनाशकारी नतीजे हो सकते हैं. हज़ारों लोग मारे जा सकते हैं. कीएव रूस के नियंत्रण में आ सकता है और यूक्रेन के राष्ट्रपति की हत्या की जा सकती है. या वो देश छोड़कर जा सकते हैं. उनकी उपस्थिति में रूस एक कठपुतली सरकार का गठन कर सकता है. ये एक अस्थिर नतीजा होगा. भविष्य में संघर्ष की आशंका बनी रहेगी.

    2. लंबा युद्ध

    इसकी संभावना अधिक है. रूस की सेना यूक्रेन में फंस सकती है, सैनिकों का हौसला पस्त हो सकता है और आपूर्ति की समस्या आ सकती है. रूस नियंत्रण में लिए शहरों पर क़ब्ज़ा बरक़रार रखने में भी संघर्ष कर सकता है. जैसे-जैसे समय बीतेगा, यूक्रेन की सेना संगठित होगी और प्रभावशाली विद्रोह करेगी. पश्चिमी देश यूक्रेन को हथियार देते रहेंगे. शायद कई साल बाद रूस यूक्रेन को छोड़कर चला जाए.

    3. यूरोप में युद्ध

    पुतिन मोल्दोवा और जॉर्जिया जैसे पूर्व सोवियत देशों में सेना भेज सकते हैं. ये देश नेटो का हिस्सा नहीं है. या हो सकता है कि ये एक ग़लत अनुमान भी हो. यदि पुतिन को ये लगा कि अपने नेतृत्व को बचाने का ये एकमात्र तरीका है तो वो ऐसा कर सकते हैं. यदि उन्हें हार नज़र आई तो वो संघर्ष को और भी तीव्र कर सकते हैं.

    4. कूटनीतिक समाधान

    पुतिन बातचीत के लिए राज़ी हो गए हैं भले ही उसमें बहुत प्रगति ना हो रही हो. इससे कम से कम पुतिन ने बातचीत के ज़रिए समाधान की संभावना को स्वीकार कर लिया है. यदि पुतिन को ये महसूस हुआ कि युद्ध उनके लिए सही नहीं जा रहा है और उन्हें लगता है कि इसे जारी रखना उनके नेतृत्व को ख़तरा है तो वो ये सोच सकते हैं कि एक शर्मनाक हार बेहतर विकल्प है.

    5. पुतिन सत्ता से बाहर

    ऐसा अकलप्नीय लग सकता है. लेकिन हाल के दिनों में दुनिया बहुत बदल चुकी है. यदि युद्ध रूस के लिए विनाशकारी साबित होता है तो देश में क्रांति की संभावना पैदा हो सकती है. यदि वो लोग जो पुतिन से फ़ायदा उठाते रहे हैं उन्हें लगता है कि पुतिन अब उनके काम के नहीं रह गए हैं तो वो उन्हें सत्ता से बाहर भी करवा सकते हैं.