यूक्रेन पर रूस के हमले के पहले दिन 137 लोगों की मौत - ज़ेलेन्स्की
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि रूसी सेना के हमले के पहले दिन यूक्रेन में 137 लोगों की मौत हुई है. इनमें सैनिक और आम नागरिक शामिल हैं.
लाइव कवरेज
भूमिका राय, अनंत प्रकाश and मानसी दाश
पुतिन बोले- यूक्रेन के ख़िलाफ़ सैन्य अभियान के सिवा कोई विकल्प नहीं था
इमेज स्रोत, Reuters
गुरुवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि रूस की सुरक्षा के लिए उनके पास यूक्रेन के ख़िलाफ़ विशेष सैन्य अभियान का आदेश देने के सिवाय कोई और विकल्प नहीं था.
समाचार एजेंसी एफ़पी के अनुसार पुतिन ने ये भी कहा कि रूस वैश्विक अर्थव्यवस्था को कमज़ोर नहीं करना चाहता.
वहीं रॉयटर्स के अनुसार पुतिन ने कहा कि रूस ने पूरी कोशिश की थी लेकिन उसकी कोशिशों का कोई नतीजा नहीं निकला.
इधर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि यूक्रेन पर हमले से जो तबाही होगी और इस कारण जो जानें जाएंगी उसके लिए केवल रूस ज़िम्मेदार होगा.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
विदेश सचिव ने कहा यूक्रेन में 20 हज़ार भारतीय, हालात से निपटने के लिए उठाए गए कई क़दम
भारत विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रृंगला ने कहा है कि भारत ने यूक्रेन के हालात से निपटने के लिए कई क़दम उठाए हैं.
उन्होंने कहा कि यूक्रेन में तेज़ी से घटनाक्रम बदल रहे हैं.
उन्होंने बताया कि हालात से निपटने के उठाए गए क़दमों में वहां रह रहे भारतीय नागरिकों का पंजीकरण भी शामिल है.
श्रृंगला ने कहा कि ये काम एक महीने पहले ही शुरू हो गया था. ऑनलाइन पंजीकरण से ही पता चला था कि यूक्रेन में 20 हज़ार भारतीय रहते हैं.
उन्होंने ये भी बताया कि बीते कुछ दिनों के दौरान 4,000 भारतीय यूक्रेन छोड़ चुके हैं. दिल्ली में स्थित विदेश मंत्रालय के कंट्रोल रूम को 980 कॉल्स और 850 ईमेल मिले हैं.
इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास अपना काम जारी रखेगा.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 1
हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा है कि यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वहां से बाहर निकालने के लिए भारतीय अधिकारियों को यूक्रेन के सटे देशों के लिए भेजा गया है.
ये अधिकारी रूसी भाषा जानते हैं ताकि इस कारण उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े. इनमें से कुछ अधिकारी वहां पहुंच चुके हैं जबकि कुछ पहुंचने वाले हैं.
उन्होंने कहा यूक्रेन के सटे पोलैंड, रोमानिया, स्लोवाकिया और हंगरी में मौजूद भारतीय राजदूतों से कहा गया है कि वो यूक्रेन से बाहर निकल रहे भारतीयों को इन मुल्कों में आने दें ताकि उन्हें वहां से भारत लाया जा सके.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 2
यूक्रेन के राष्ट्पति ने कहा: चेर्नोबिल पर कब्ज़े की कोशिश में रूस, ये यूरोप के ख़िलाफ़ जंग
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि रूस की हमलावर सेना चेर्नोबिल न्यूक्लियर प्लांट को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश कर रही है. लेकिन उन्हें यूक्रेन के सैनिक कड़ी चुनौती दे रहे हैं.
ज़ेलेंस्की ने ट्वीट में लिखा, "रूसी सेना चेर्नोबिल पर कब्ज़ा करने का प्रयास कर रही है. हमारे रक्षक इसकी हिफ़ाज़त करते हुए अपनी जान दे रहे हैं ताकि 1986 सरीखी त्रासदी दोबारा न हो. इस बारे में मैंने स्वीडन के प्रधानमंत्री को सूचित किया है. ये यूरोप के ख़िलाफ़ का जंग का एलान है."
गुरुवार की सुबह से ही रूस ने यूक्रेन के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ दिया है. यूक्रेन के कई शहरों में धमाके सुने गए हैं. ख़बर है कि कुछ इलाकों में रूसी और यूक्रेन की सेना के बीच सीधी झड़पें भी हो रही हैं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
सोवियत संघ के ज़माने में साल 1986 में चेर्नोबिल में मानव इतिहास का सबसे बड़ा एटमी हादसा हुआ था. 26 अप्रैल 1986 को चेर्नोबिल के एक न्यूक्लियर रिएक्टर में धमाका हुआ और ख़तरनाक रेडियोएक्टिव गैस सारे इलाक़े में फैल गई.
इस दुर्घटना की वजह से हज़ारों लोग कैंसर के शिकार हो गए. एक वक़्त बड़ी आबादी वाला इलाक़ा वीरान और भुतहे शहर में तब्दील हो गया. हादसे की वजह से चेर्नोबिल के न्यूक्लियर प्लांट के आस-पास की 2,600 वर्ग किलोमीटर ज़मीन पर इंसानों के आने-जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी.
रूस का हेलिकॉप्टर कीएफ़ के पास गिराया गया
इमेज स्रोत, Unknown
यूक्रेन की राजधानी कीएफ़ के पास होस्टोमेल एयरपोर्ट पर लड़ाई के दौरान एक रूसी सैन्य हेलिकॉप्टर के गिराए जाने के वीडियो की बीबीसी ने पुष्टि की है.
न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक यूक्रेन के कमांडर इन चीफ़ लेफ़्टिनेंट जनरल वालेरी ज़ालुज़ेनी ने पुष्टि की है कि सेना कीएफ़ क्षेत्र में एयरपोर्ट पर नियंत्रण पाने के लिए रूसी सेना से लड़ रही है.
होस्टोमेल यूक्रेन का सबसे अहम अंतरराष्ट्रीय कार्गो एयरपोर्ट होने के साथ साथ एक प्रमुख सैन्य हवाई अड्डा भी है.
यह दुनिया के सबसे बड़े मालवाहक जहाज (कार्गो) मरिया का भी बेस है.
यूक्रेन के वो शहर जहां से अब तक धमाकों की ख़बरें मिली हैं...
यूपी चुनाव: प्रियंका गांधी ने कांग्रेस की हालत पर क्या कहा?
शशि थरूर ने यूक्रेन से की भारत की तुलना, बोले चीन हमारे मुल्क में घुस आए तो...
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, कांग्रेस नेता शशि थरूर
कांग्रेस नेता शशि
थरूर ने गुरुवार को यूक्रेन और रूस के बीच छिड़े युद्ध पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि
भारत को मध्यस्थता की कोशिश करनी चाहिए.
समाचार एजेंसी एएनआई
के मुताबिक़, शशि थरूर ने कहा, “अगर चीन हमारे
देश में घुस आए तो हम चाहेंगे कि अन्य देश हमारे साथ खड़े हों. अगर यूक्रेन हमसे
ये अपेक्षा करता है कि हम रूस से बात करें तो हमें ऐसा करने की कोशिश करनी चाहिए ताकि
इस मुद्दे पर सही तरफ़ खड़े दिखाई दें.”
बता दें कि इससे पहले भारत में यूक्रेन
के राजदूत आइगर पोलिखा ने भारत से हस्तक्षेप करने की मांग की थी.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया के सबसे ताकतवर और सम्मानित नेताओं में से एक बताते हुए इस मामले में दखल देने की मांग की थी.
इससे पहले गुरुवार सुबह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में सैनिक कार्रवाई की घोषणा की है जिसके बाद यूक्रेन पर हवाई हमले शुरू हो गए हैं.
यूक्रेन ने रूसी कार्रवाई को युद्ध की संज्ञा दी है.
हालांकि, पुतिन का कहना है कि वे यूक्रेन पर क़ब्ज़ा नहीं करना चाहते हैं.
तस्वीरों मेंः यूक्रेन में डर और तबाही का मंजर
यूक्रेन संकट: रूसी हमले के बाद भारतीय दूतावास ने फिर जारी किए दिशानिर्देश
इमेज स्रोत, EPA/SERGEY DOLZHENKO
इमेज कैप्शन, कीएफ़ में मौजूदा हालात की एक तस्वीर
भारतीय दूतावास की ओर
से गुरुवार को यूक्रेन में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए तीसरी एडवायज़री जारी
की गयी है.
इससे पहले भारतीय
दूतावास दो बार ऐसी ही एडवायज़री जारी कर चुका है.
इस एडवायज़री में विदेश
मंत्रालय की ओर से भारतीय नागरिकों से कहा गया है कि वे जहां हैं, वहीं सुरक्षित
रहें.
एडवायज़री में लिखा है
–
“जैसा कि आप जानते हैं कि यूक्रेन
में मार्शल लॉ लागू कर दिया गया है. इसकी वजह से आवाजाही मुश्किल हो गयी है.
ऐसे सभी छात्र जो कि
किएफ़ में फंस गए हैं और रुकने के लिए जगह नहीं है, मिशन ऐसे सभी छात्रों की व्यवस्था
करने के लिए सरकारी संस्थाओं के संपर्क में है.
हमें इस बात की
जानकारी है कि कुछ स्थानों पर हवा में गूंजते एयर सायरन के साथ – साथ बमबाजी से
जुड़ी चेतावनियां भी दी जा रही हैं.
अगर आप ऐसी स्थिति में
फंसे हैं तो गूगल मैप पर नजदीकी बम शेल्टर की लिस्ट है जोकि ज़मीन के अंदर बनाए गए
हैं.
अगर आप किएफ़ में हैं
तो केडीएमए किएफ़ सिटी एडमिनिस्ट्रेशन की वेबसाइट का लिंक नीचे दिया गया है.”
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 1
इसके साथ ही बताया गया है कि जहां एक ओर मिशन इस स्थिति का संभावित समाधान तलाश रहा है तब आप अपने आसपास के हालातों से अवगत रहें, सुरक्षित रहें, और जब तक बहुत ज़रूरत न हो तब तक अपने घर न छोड़ें और अपने दस्तावेज़ हमेशा अपने साथ रखें.
इसके साथ ही यूक्रेन में भारतीय राजदूत
पार्थ सतपथी ने कहा है कि “किएफ़ स्थित भारतीय
दूतावास लगातार यूक्रेन में रह रहे भारतीय को सुरक्षित रखने की दिशा में काम कर रहा
है. अगर कोई किएफ़ में फंस गया है तो अपने दोस्तों, परिवारों, भारतीय समुदाय के
सदस्यों और भारतीय दूतावास में संपर्क करे.”
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 2
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इससे पहले भी यूक्रेन में रहने वाले छात्रों समेत अन्य भारतीय नागरिकों के लिए दिशा निर्देश जारी किए थे.
इससे पहले जारी की गई एक एडवायज़री में भारतीय छात्रों को व्यापारिक उड़ानों के माध्यम से यूक्रेन से निकलने की सलाह दी गयी थी.
यही नहीं, कुछ दिनों पहले एक विशेष विमान से कुछ भारतीय नागरिकों को यूक्रेन से भारत लाया जा चुका है.
और यूक्रेन में छात्रों और अन्य भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए दिल्ली में विदेश मंत्रालय के नियंत्रण कक्ष का विस्तार किया जा रहा है जो कि 24 घंटे और सातों दिन काम करेगा.
बता दें कि यूक्रेन में 20,000 से अधिक भारतीय छात्र हैं.
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', सुनिए वात्सल्य राय से
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.
पोस्ट YouTube समाप्त
यूक्रेन पर रूस की सैनिक कार्रवाई के बीच दोनों देश कर रहे हैं अलग-अलग दावे
इमेज स्रोत, Getty Images
रूस की सेना ने यूक्रेन में सैनिक कार्रवाई को लेकर बयान जारी किया है, जिसमें कई दावे किए गए हैं.
बयान में ये बात दोहराई गई है कि यूक्रेन में कार्रवाई डोनबास में अलगाववादी इलाक़ों की सुरक्षा के लिए की गई है.
रूस का कहना है कि इन इलाक़ों में यूक्रेन की सेना ने हमला किया है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
रूस की सेना ने ये भी दावा किया है कि हमले में सिर्फ़ सैनिक ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है, जिसमें उच्च क्षमता वाले हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है. बयान में ये भी दावा किया गया है कि यूक्रेन के सैनिक हथियार डालकर भाग रहे हैं. यूक्रेन का दावा है कि उसने 50 रूसी सैनिकों को मार दिया है. यूक्रेन का ये भी कहना है कि उसने रूस के जेट विमानों को मार गिराया है. हालाँकि इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है.
इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा है कि जो भी हथियार उठाना चाहे, उसे हथियार दिए जाएँगे. दूसरी ओर यूक्रेन पर रूस का हमला जारी है. यूक्रेन में मौजूद पत्रकार देशभर से प्रत्यक्षदर्शियों की बातों को सब तक पहुँचा रहे हैं.
रूस के ख़िलाफ़ कड़े कदम को लेकर यूरोपीय संघ में एक राय नहीं
इमेज स्रोत, Getty Images
जेसिका पार्कर
बीबीसी ब्रसेल्स संवाददाता
यूरोपीय संघ ने कल
दोपहर ही रूस के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों पर हस्ताक्षर कर दिए थे. ताज़ा घटनाक्रम के
बाद ईयू अब और अधिक प्रतिबंधों की घोषणा करने की योजना बना रहा है.
इन आर्थिक
प्रतिबंधों को बयां करने के लिए ‘गंभीर’ और ‘भारी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
लेकिन सच ये है
कि यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में इस बात को लेकर मतभेद है कि इस मामले में उसे कितना आगे जाना चाहिए.
राजनयिकों द्वारा
जर्मनी और इटली का नाम उन देशों के रूप में लिया जा रहा है जो कड़े कदम उठाने को
लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं. वहीं, लिथुआनिया और पोलेंड जैसे देश ज़्यादा दबाव
बनाते दिख रहे हैं.
क्योंकि सच ये है
कि रूस को नुकसान पहुंचाने वाले क़दम व्यापारिक हितों और ऊर्जा की आपूर्ति के मामले
में यूरोप को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं.
ऐसे में यूरोपीय
संघ के नेता इस बात पर विचार कर रहे हैं कि वह इसकी क्या क़ीमत चुकाने को तैयार
हैं. और पश्चिमी देशों पर इस समय ये आरोप लग रहा है कि वे इस मुद्दे को लेकर काफ़ी
हिचकिचाहट दिखा रहे हैं.
ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन ने कहा- पुतिन ने यूरोप में छेड़ा है युद्ध, जो नाकामी में होगा ख़त्म
इमेज स्रोत, Getty Images
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से बात की है और उन्हें ब्रिटेन के समर्थन की पेशकश की है.
उन्होंने कहा कि जिस चीज़ का डर था, वो सच साबित हुआ. बोरिस जॉनसन ने कहा कि रूस के हमले को लेकर जो चेतावनी दी जा रही थी, वो सच साबित हुई है.
उन्होंने कहा कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने यूरोप में युद्ध छेड़ दिया है. बोरिस जॉनसन का कहना है कि पुतिन ने बिना किसी उकसावे या बहाने के एक मित्र देश पर हमला किया है. ब्रितानी पीएम ने कहा- निर्दोष आबादी पर बम बरसाए जा रहे हैं. ज़मीन, हवा और समुद्र से व्यापक हमला जारी है. ये कोई ऐसा देश नहीं है, जो बहुत दूर है और जिसके बारे में हम बहुत कम जानते हैं. उन्होंने कहा कि यूक्रेन यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा देश है, जहाँ वर्षों से लोकतंत्र और स्वतंत्रता है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
उन्होंने कहा- हम उस आज़ादी को छीनने की अनुमति नहीं दे सकते. बोरिस जॉनसन ने बताया कि ब्रिटेन उन यूरोपीय देशों में से था, जिसने सबसे पहले यूक्रेन की मदद के लिए रक्षात्मक हथियार भेजे थे. बाद में अन्य सहयोगी देशों ने मदद की. आने वाले दिनों में ब्रिटेन और मदद करेगा. हालाँकि उन्होंने ये नहीं बताया कि मदद कैसी होगी. उन्होंने कहा कि सहयोगी देशों के साथ मिलकर रूस पर आर्थिक पाबंदियाँ लगाई जाएँगी.
बोरिस जॉनसन ने कहा- यूरोप के सभी देशों को मिलकर तेल और गैस पर निर्भरता ख़त्म करनी चाहिए, जिसके कारण पुतिन को यूरोप पर पकड़ मिली हुई है. उन्होंने कहा कि रूस का हमला पुतिन की घृणित और बर्बर कार्रवाई है, जो नाकामी में समाप्त होगी. ब्रितानी पीएम ने कहा कि पुतिन यूक्रेन में हिंसा की लहर लेकर आए हैं. बोरिस जॉनसन ने सीधे-सीधे रूस के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वे नहीं मानते कि आपके नाम पर ऐसा किया जा रहा है. उन्होंने यूक्रेन के लोगों को भी संबोधित किया और कहा- हम आपके साथ हैं. हम आपके और आपके परिजनों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं.
यूक्रेन में रूस की सैनिक कार्रवाई को चीन ने 'हमला' मानने से किया इनकार
इमेज स्रोत, Getty Images
चीन ने यूक्रेन में रूस की सैनिक कार्रवाई को 'हमला' बताने से इनकार कर दिया है.
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा है कि यूक्रेन का मुद्दा काफ़ी जटिल है और इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है. उन्होंने कहा कि ये संकट कई तथ्यों का नतीजा है.
नियमित प्रेस ब्रीफ़िग में चुनयिंग ने कहा- शायद ये चीन और आप पश्चिमी देशों के लोगों में एक अंतर है. हम किसी निष्कर्ष पर तेज़ी से नहीं पहुँचते. इस बीच चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ से बात की है. वांग यी ने कहा है कि चीन हमेशा ही सभी देशों की अखंडता और संप्रभुता का सम्मान करता है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
उन्होंने कहा कि यूक्रेन का मामला थोड़ा जटिल है और चीन रूस की वाजिब सुरक्षा चिंताओं को समझता है. चीन का ये भी कहना है कि वो यूक्रन की घटनाओं पर नज़र रखे हुए हैं. उसने सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने की अपील की है.
इमेज स्रोत, Getty Images
इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में चीन ने कहा है कि यूक्रेन के मुद्दे पर शांतिपूर्ण समाधान का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है. संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत ज़ांग जुन ने कहा कि ये रास्ता बंद होना भी नहीं चाहिए. उन्होंने कहा कि चीन हर उस कूटनीतिक क़दम का स्वागत करता है, जो यूक्रेन संकट के समाधान के लिए है.
तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन ने कहा- यूक्रेन पर रूस की सैनिक कार्रवाई अस्वीकार्य
इमेज स्रोत, Getty Images
तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने कहा है कि वे यूक्रेन पर रूस की सैनिक कार्रवाई को ख़ारिज करते हैं.
अर्दोआन ने कहा कि रूस और यूक्रेन दोनों तुर्की के मित्र देश हैं.
उन्होंने कहा- हम यूक्रेन में रूस की सैनिक कार्रवाई को अस्वीकार्य मानते हैं और इसे ख़ारिज करते हैं. रूस का ये क़दम अंतरराष्ट्रीय क़ानून के ख़िलाफ़ है. ये क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बड़ा झटका है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 1
उन्होंने कहा- हम यूक्रेन के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे और ख़ासकर अपने नागरिकों की. तुर्की के राष्ट्रपति ने यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से फ़ोन पर बात की है. अर्दोआन के अनुसार बातचीत रूस की सैनिक कार्रवाई और ताज़ा घटनाक्रम पर हुई.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 2
तु्र्की ने पहले भी रूस के क़दम का विरोध किया था. अर्दोआन कई बार पहले भी इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की बात कह चुके हैं. उन्होंने पश्चिमी देशों पर आरोप भी लगाया था कि वे इस मामले को ठीक से हैंडल नहीं कर पाए हैं.
तस्वीरों में देखिए यूक्रेन पर रूस की सैन्य कार्रवाई
इमेज स्रोत, Getty Images
यूक्रेन के
ख़िलाफ़ रूस की कार्रवाई शुरू होने के बाद यूक्रेन के कई शहरों में धमाके
होने की ख़बरें आ रही हैं.
पूर्वी यूक्रेन के
कई शहरों में भारी आपाधापी की स्थिति देखने को मिल रही है. शहरों में पेट्रोल पंप
से लेकर एटीएम मशीनों के आगे लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं.
इसी बीच धीरे- धीरे कुछ तस्वीरें आ रही हैं जिनसे ज़मीनी हालात का जायजा मिल रहा है.
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, पूर्वी यूक्रेन में चुगिव शहर में बमबारी के बाद आग बुझाते हुए दमकलकर्मी
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज स्रोत, Getty Images
यूक्रेन संकट पर यूरोपियन यूनियन को मिलाया विदेश मंत्री जयशंकर ने फ़ोन, क्या हुई बात?
इमेज स्रोत, EPA
भारतीय विदेश
मंत्री एस जयशंकर ने बताया है कि उन्होंने यूक्रेन संकट पर यूरोपीय संघ के एक
वरिष्ठ अधिकारी से विचार-विमर्श किया है.
जयशंकर ने ट्वीट
करके बताया है कि “यूरोपीय संघ के एचआरवीपी जोसेफ़
बोरेल फॉन्टेल्स का फोन आया था. इस बातचीत में यूक्रेन के गंभीर संकट पर बातचीत
हुई. और तनाव कम करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के सिलसिले में भारत की
भूमिका पर भी चर्चा हुई.”
इसके साथ ही भारत में यूक्रेन के राजदूत आइगर पोलिखा ने भारत से हस्तक्षेप करने की मांग की है.
बता दें कि गुरुवार सुबह रूस के
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में सैनिक कार्रवाई की घोषणा की थी. यूक्रेन ने रूसी कार्रवाई को युद्ध की संज्ञा दी है.
पुतिन का कहना है कि
वे यूक्रेन पर क़ब्ज़ा करना नहीं चाहते. और उन्होंने यूक्रेन की सेना से हथियार
डालने को कहा था. पुतिन की घोषणा के
बाद यूक्रेन पर हवाई हमले शुरू हो गए थे.
यूक्रेन ने रूस के साथ कूटनीतिक रिश्ते तोड़े, अफरा-तफरी का माहौल
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने एलान किया है कि यूक्रेन ने अपने क्षेत्र पर रूसी हमले के बाद रूस के साथ सभी
तरह के कूटनीतिक रिश्तों को तोड़ दिया है.
ख़बरों के मुताबिक़, यूक्रेन में आम लोगों और लड़ने में सक्षम सभी लोगों से हथियार उठाने की अपील की जा रही है.
यूक्रेन की सरकारी मीडिया के मुताबिक़, राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा है कि वह हर उस शख़्स को हथियार
देंगे जो हथियार उठाना चाहता है.
इमेज स्रोत, EPA
ज़मीन पर कैसे हैं हालात
ओर्ला गुरिन
पूर्वी यूक्रेन से, बीबीसी संवाददाता
यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में तनाव, अनिश्चितता और डर का माहौल है. लोगों के चेहरों पर डर और घबराहट नज़र आ रही है.
यूक्रेन के दोनेत्स्क क्षेत्र के कोस्तियनत्यानिवका कस्बे में पेट्रोल पंप से लेकर एटीएम मशीनों पर लोगों की भीड़ देखी जा सकती है..
इमेज स्रोत, EPA
ऐसे ही एक पेट्रोल पंप पर अपनी गाड़ी भरते हुए सर्गेई बार्लीज़ ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ ये जगह छोड़कर जाने के लिए तैयार रहना चाहते हैं.
जब बार्लीज़ में ये बात बता रहे थे, तब उनकी गाड़ी की पिछली सीट पर उनकी पत्नी अपने नवजात बच्चे के साथ मौजूद थीं.
हमारी मुलाक़ात एक युवा माँ नतालिया और उनकी दो वर्षीय बेटी से हुई.
नतालिया ने बताया कि उन्होंने बीती रात धमाके सुने हैं.
वह कहती हैं, “ये काफ़ी डरावना है. मुझे नहीं पता कि अब आगे क्या होगा. मुझे बताया गया था कि मैं अपनी बेटी को केजी स्कूल से घर ले आऊं. सभी घरवालों को ये सूचना दी गई है. अब हमें घर के अंदर रहना होगा.”
इमेज स्रोत, Getty Images
यूक्रेन ने हवाई क्षेत्र बंद किया
रूस की ओर से किए गए इस हमले के बाद यूक्रेन स्टेट एयर ट्रैफिक सेवा ने अपने देश के हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है.
रयान एयर ने कहा है कि उसने अगले 14 दिनों के लिए यूक्रेन जाने और यूक्रेन से आने वाली सभी उड़ानों को रद्द कर दिया है.
ब्रेकिंग न्यूज़, बोरिस जॉनसन ने कहा- यूक्रेन पर रूस का हमला हमारे महाद्वीप के लिए आपदा
इमेज स्रोत, Getty Images
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि रूस का यूक्रेन पर हमला इस महाद्वीप के लिए आपदा है.
उन्होंने कहा कि वे आज राष्ट्र को संबोधित करेंगे. साथ ही बोरिस जॉनसन जी-7 के नेताओं से भी बात करेंगे.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
बोरिस जॉनसन ने ट्वीट कर बताया है कि वे नेटो के सभी नेताओं की तुरंत आपात बैठक भी बुलाने की अपील कर रहे हैं. ब्रिटेन ने पहले भी रूस के क़दम पर कड़ी आपत्ति जताई थी. पिछले दिनों ख़ुद पीएम जॉनसन ने रूस के ख़िलाफ़ कुछ प्रतिबंधों की घोषणा की थी. इनमें रूस के कुछ बैंक और कुछ अरबपति शामिल हैं.
रूस का दावा- हथियार डालकर जा रहे हैं यूक्रेन के सैनिक
इमेज स्रोत, Getty Images
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि यूक्रेन के सैनिक अपने हथियार डालकर जा रहे हैं.
रूस के सरकारी समाचार एजेंसी तास के मुताबिक़ रूसी रक्षा मंत्रालय ने ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर ये कहा है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
बयान में कहा गया है- ख़ुफ़िया जानकारी के मुताबिक़ यूक्रेन की आर्म्ड फ़ोर्स के जवान बड़ी संख्या में अपने ठिकाने से जा रहे हैं और अपने हथियार डाल रहे हैं. रक्षा मंत्रालय ने ये स्पष्ट किया है कि जिन सैनिकों ने हथियार डाल दिए हैं, उनके ठिकाने पर कार्रवाई नहीं की जा रही है. मंत्रालय के अनुसार यूक्रेन के सैन्य ठिकाने पर उच्च क्षमता वाले हथियारों का इस्तेमाल किया गया है.
इमेज स्रोत, Getty Images
गुरुवार की सुबह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में सैनिक कार्रवाई की घोषणा की थी. पुतिन ने ये स्पष्ट किया था कि रूस का इरादा यूक्रेन पर क़ब्ज़ा करने का नहीं है. पिछले दिनों रूस ने यूक्रेन के अलगाववादियों के नियंत्रण वाले लुहांस्क और दोनेत्स्क को स्वतंत्र क्षेत्र के रूप में मान्यता दे दी थी. यूक्रेन का कहना है कि रूस के हमले में सात लोग मारे गए हैं और उसके सैन्य ठिकानों पर बमबारी की गई है.