कोरोना की वजह से पूरी दुनिया में 3600 फ्लाइट्स रद्द, आधी से ज़्यादा अमेरिका में
दुनिया भर में रविवार को 3,600 से ज़्यादा फ़्लाइट्स को रद्द कर दिया गया है जिनमें से आधी से ज़्यादा फ़्लाइट्स अमेरिका से जुड़ी हैं.
लाइव कवरेज
अनंत प्रकाश
कोरोना की वजह से पूरी दुनिया में 3600 फ्लाइट्स रद्द, आधी से ज़्यादा अमेरिका में
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दुनिया भर में रविवार को 3,600 से ज़्यादा फ़्लाइट्स को रद्द कर दिया गया
है जिनमें से आधी से ज़्यादा फ़्लाइट्स अमेरिका से जुड़ी हैं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, ख़राब मौसम और ओमिक्रॉन
वैरिएंट और कोरोना संक्रमण के मामलों में आए तेज उछाल की वजह से वैश्विक हवाई यात्राओं पर असर पड़ा है.
फ़्लाइट्स पर नज़र रखने वाली वेबसाइट फ़्लाइट अवेयर डॉट कॉम
के मुताबिक़, लगभग 2,100 फ़्लाइट्स अमेरिका से निकलने वाली थीं या अमेरिका में ही
एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंच रही थीं.
यही नहीं, लगभग 6400 फ़्लाइट्स के समय को आगे बढ़ाया गया
है.
फ़्लाइटअवेयर डॉट कॉम के मुताबिक़, जिन एयरलाइंस कंपनियों की फ़्लाइट्स
सबसे ज़्यादा कैंसल की गयी हैं, उनमें स्काई वेस्ट और साउथ वेस्ट की 400 फ़्लाइट्स
शामिल हैं.
क्रिसमस और नए साल के मौके पर सामान्यत: हवाई यात्राएं अपने चरम पर होती हैं.
लेकिन ओमिक्रॉन
संक्रमण के चलते एयरलाइंस कंपनियों को यात्राओं को रद्द करना पड़ रहा है.
ज्वार-बाजरा को सुपरफूड क्यों कहा जा रहा है
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बीते कुछ सालों में कई ऐसी फसलें खेतों में और ऐसा खाना प्लेटों में लौट आया है जिन्हें कुछ वक्त पहले तक बिल्कुल भुला दिया गया था.
इंटरनेशनल क्रॉप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट फ़ॉर द सेमी-एरिड ट्रॉपिक्स की डायरेक्टर जनरल डॉ. जैकलीन हॉग्स कहती हैं, "मोटे अनाज को खेत में और प्लेट में वापस लाने के लिए और इस पर लगे 'भूली हुई फसल' के टैग को हटाने के लिए ठोस वैश्विक प्रयास की ज़रूरत है."
साल 2018 को भारत में 'ईयर ऑफ़ मिलेट्स' के रूप में मनाया गया. इसके अलावा भारत के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए संयुक्त राष्ट्र ने साल 2023 को'इंटरनेशनल ईयर ऑफ़ मिलेट्स'के रूप में मनाने का फ़ैसला किया है.
महाराष्ट्र: बीते 24 घंटे में 11,877 नए कोरोना केस, ओमिक्रॉन के 50 नए मामले
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इमेज कैप्शन, मुंबई में दोबारा खोला गया कोविड टीकाकरण केंद्र
महाराष्ट्र सरकार ने रविवार को
बताया है कि बीते 24 घंटों में 11,877 कोरोना मामले सामने आए हैं जो शनिवार के
मुक़ाबले 2707 ज़्यादा हैं. इनमें ओमिक्रॉन संक्रमण के 50 मामले शामिल हैं.
सरकार ने बताया है कि कोरोना
संक्रमण की वजह से 9 लोगों की मौत हुई है. और 11877 में से 7792 मामले मुंबई से
हैं.
वहीं, बीएमसी के मुताबिक़, कोरोना
वायरस संक्रमण के मामले 8063 हैं,
बीते शनिवार, महाराष्ट्र में
9170 कोरोना मामले सामने आए थे.
अगर ओमिक्रॉन संक्रमण की बात
करें तो 50 में से 36 मामले पुणे नगरपालिका क्षेत्र में से हैं.
महाराष्ट्र में अब तक ओमिक्रॉन संक्रमण
के 510 मामले सामने आ चुके हैं जिनमें से 193 लोग ठीक हो चुके हैं.
केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, ओबीसी क्रीमी लेयर के मुकाबले ईडब्ल्यूएस आरक्षण का लाभ हासिल करना कठिन
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इमेज कैप्शन, भारत की सर्वोच्च अदालत
केंद्र
सरकार ने नीट परीक्षा काउंसलिंग से जुड़े आरक्षण विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में कहा है
कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) आरक्षण का लाभ उठाने के लिए तय नियम एवं
शर्तें ओबीसी क्रीमी लेयर आरक्षण का लाभ लेने के लिए तय नियम एवं शर्तों के मुक़ाबले
कठिन हैं.
हालांकि,
दोनों आरक्षित वर्गों के लिए आय वर्ग आठ लाख रुपये ही है.
केंद्र
सरकार ने मौजूदा अकादमिक वर्ष में नीट परीक्षा में ईडब्ल्यूएस कोटे को लागू करने
का फ़ैसला किया है.
इस
फ़ैसले के तहत सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को दस फीसदी आरक्षण दे रही है.
इसके
ख़िलाफ़ कुछ छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की थीं.
इसके बाद सर्वोच्च
अदालत ने केंद्र सरकार से एक बार फिर ईडब्ल्यूएस आरक्षण से जुड़े नियम एवं
शर्तों पर विचार करने के लिए कहा था.
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सरकार ने स्वीकार की कमेटी की रिपोर्ट
सरकार ने ईडब्ल्यूएस श्रेणी निर्धारित करने से जुड़े नियमों एवं शर्तों पर पुनर्विचार करने के लिए बनाई गई तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है.
सरकार ने कहा है कि सबसे पहली बात ये है कि ईडब्ल्यूएस के मानदंडों में आवेदन से पहले एक साल की आय को देखा जाता है.
वहीं, ओबीसी क्रीमी लेयर के लिए तीन साल की क्रमागत आय को ध्यान में रखा जाता है.
रिपोर्ट में बताया गया है कि “ओबीसी क्रीमी लेयर की न्यूनतम आय तय किए जाते वक़्त तनख़्वाहों, कृषि एवं पारंपरिक कारीगरी से जुड़ी आय को नहीं जोड़ा जाता है. वहीं, ईडब्ल्यूएस में कृषि से आने वाले आमदनी समेत सभी स्रोतों से हो रही आय को जोड़ा जाता है.
ऐसे में न्यूनतम आय की सीमा भले ही आठ लाख रुपये हो लेकिन उनको जोड़ने का तरीका अलग है. ऐसे में दोनों की तुलना नहीं की जा सकती.”
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इस रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि जहां ओबीसी क्रीमी लेयर के तहत आने के लिए तीन साल की क्रमागत आय आठ लाख रुपये से अधिक होनी चाहिए.
वहीं, ईडब्ल्यूएस के तहत आय एक साल में आठ लाख से कम होनी चाहिए.
ऐसे में अगर किसी वर्ष किसी व्यक्ति की खेती या अन्य कारण से आय आठ लाख रुपये से ज़्यादा हो जाती है तो वह शख़्स न्यूनतम आय सीमा के पार चला जाएगा.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, पैनल ने कहा है, “समिति इस नतीजे पर पहुंची है कि ईडब्ल्यूएस और ओबीसी क्रीमी लेयर आठ लाख रुपये की आय वाली शर्त का पालन कर रहे हैं. लेकिन इसके बावजूद ईडब्ल्यूएस को लेकर जो नियम एवं शर्तें हैं, वे ओबीसी क्रीमी लेयर की अपेक्षा ज़्यादा सख़्त हैं.”
केंद्र सरकार ने इस समिति की रिपोर्ट सरकार में सर्वोच्च अदालत को सौंप दी है.
मलेशिया में बाढ़ के कारण हज़ारों लोग हुए बेघर
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मलेशिया में बाढ़ की वजह से हज़ारों लोगों ने अपने घर छोड़ दिए हैं.
सात राज्य बाढ़ से प्रभावित हैं.
घर छोड़ने वाले राहत केंद्रों में शरण ले रहे हैं.
अगले कुछ दिनों के लिए जारी पूर्वानुमान में भारी बारिश होने और ऊंची लहरें उठने की संभावना जताई गई है.
मलेशिया में साल के इस महीने में भारी बारिश होती रही है.
बाढ़ की वजह से अब तक कम से कम 50 लोगों की मौत हो चुकी है और आपातकालीन सेवाएं ठप हो चुकी हैं.
साल 2022: दर्शकों को इन फ़िल्मों का रहेगा बेसब्री से इंतज़ार
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साल 2022 के दस्तक देते ही 2021 ढल गया और अब भारतीय फ़िल्म इंडस्ट्री में भी आशाओं की नई किरण का उदय हो रहा है.
कोरोना महामारी के चलते साल 2021 के अधिकांश महीने सिनेमाघर बंद रहे. फ़िलहाल इसके नए वेरिएंट ओमिक्रॉन की वजह से तीसरी लहर का ख़तरा ज़रूर दिख रहा है, लेकिन जानकार इसे डेल्टा के मुक़ाबले कम ख़तरनाक मान रहे हैं.
इसी उम्मीद के सहारे हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री भी धीरे-धीरे अपनी रफ़्तार पकड़ने की कोशिश में लगी है.
इस साल कई फ़िल्में रिलीज की कगार पर खड़ी हैं. चलिए हम आपको उन बड़ी फ़िल्मों के बारे में बताते हैं, जिनके रिलीज़ होने का दर्शक बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं. शुरुआत करते हैं सुपरस्टार्स की फ़िल्मों से.
दक्षिण कोरिया ने बताया, एक शख़्स बॉर्डर पार कर उत्तर कोरिया चला गया
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दक्षिण कोरिया ने बताया है कि एक व्यक्ति कड़ी सुरक्षा वाली सीमा को पार करके उत्तर कोरिया की ओर चला गया है.
दक्षिण कोरिया के मुताबिक इस व्यक्ति को रोकने के लिए बहुत कोशिश की गई, लेकिन कामयाबी नहीं मिली.
अधिकारियों के मुताबिक ये घटना शनिवार शाम की है.
उन्होंने बताया कि इस व्यक्ति ने तारों की बाड़ पार की और करीब तीन घंटे वहां रहा और फिर उत्तर कोरिया के हिस्से में दाखिल हो गया.
जानकारी होने पर उसे पकड़ने के लिए सैनिक भेजे गए.
इस बात की जानकारी नहीं हो सकी है कि सीमा पार करने वाला व्यक्ति दक्षिण कोरिया का नागरिक था या फिर उत्तर कोरिया से आया हुआ व्यक्ति था जो घर लौट गया है.
उत्तर कोरिया से कई लोग भागने की कोशिश करते रहे हैं.
बाल विवाह अधिनियम पर चर्चा करने वाली स्थाई समिति में सिर्फ एक महिला सांसद
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केंद्रीय
महिला एवं बाल कल्याण मंत्री स्मृति ईरानी ने संसद के शीतकालीन सत्र में बाल विवाह
निषेध (संशोधन) विधेयक पेश किया था.
विपक्ष की ओर से आपत्ति जताई जाने के बाद इसे संसद की स्थाई समिति के पास भेज दिया
गया था.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, महिलाओं से जुड़े जिस अधिनियम को लेकर इस स्थाई समिति में चर्चा होनी है, उसमें 31 सदस्य हैं.
लेकिन 31 सदस्यों वाली इस समिति में सिर्फ एक महिला
सांसद शामिल है. पीटीआई
ने इस समिति की एकमात्र महिला सदस्या टीएमसी सांसद सुष्मिता देव से बात की.
उन्होंने
कहा है कि “ये
बेहतर होता कि इस समिति में और भी महिला सांसद होतीं. लेकिन इसके बावजूद हम ये
सुनिश्चित करेंगे कि सभी हित समूहों को सुना जाए.”
वहीं, संसद में महिलाओं से जुड़े मुद्दे उठाने वालीं एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने भी कहा है कि इस समिति
में महिला सदस्यों की संख्या और अधिक होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि वह समिति जो महिलाओं के मुद्दों पर विचार करेगी,
उसमें इससे ज़्यादा महिला सदस्य होनी चाहिए थी.
हालांकि,
उन्होंने कहा कि समिति के अध्यक्ष बीजेपी सांसद डॉ विनय सहस्त्रबुद्धे को समिति के
समक्ष अन्य लोगों को बुलाने का अधिकार है, ऐसे में व्यापक एवं समावेशी चर्चा के लिए
वह अन्य महिला सांसदों को आमंत्रित कर सकते हैं.
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 02 जनवरी 2021, सुनिए वात्सल्य राय से
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उत्तर प्रदेश चुनाव: लखनऊ में बोले केजरीवाल- कब्रिस्तान, श्मशान नहीं, स्कूल-अस्पताल बनवाऊंगा
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इमेज कैप्शन, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल
दिल्ली
के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को लखनऊ में आयोजित एक जनसभा में सपा और बीजेपी सरकारों को आड़े हाथों लिया.
उत्तर
प्रदेश की जनता से अपने लिए एक मौका मांगते हुए आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल
ने प्रदेश में स्कूल और अस्पताल बनाने जैसे वादे किए.
लेकिन इसके साथ ही उन्होंने योगी आदित्यनाथ और पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा.
उन्होंने
कहा, "साल
2017 के चुनाव में देश के सबसे बड़े नेता ने उत्तर प्रदेश में आकर कहा था कि अगर
उत्तर प्रदेश में कब्रिस्तान बनते हैं तो श्मशान घाट भी बनने चाहिए. पुरानी
सरकारों ने उत्तर प्रदेश में कब्रिस्तान बनवाए. योगी जी ने पिछले पांच साल में केवल
और केवल श्मशान घाट बनवाए."
"आज
मैं आपके बीच आया हूं. एक मौका दे दीजिए. मैं आपके बच्चों के लिए स्कूल बनवाऊंगा,
परिवार के लिए अस्पताल बनवाऊंगा, मेरे को स्कूल बनवाने आते हैं. मेरे को अस्पताल
बनवाने आते हैं."
"दिल्ली
में बनवाकर आया हूं. उत्तर प्रदेश में भी बनवाऊंगा. इनको नहीं बनवाने आते. 75
सालों में इन्होंने नहीं बनवाए. ये केवल कब्रिस्तान और श्मशान घाट ही बना सकते
हैं. वो बहुत बनवा दिए इन्होंने. अब बस. अब देश को स्कूल और अस्पताल चाहिए.”
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उत्तर प्रदेश में वोट देने वाली जनसंख्या में दलित समुदाय एक बड़ा तबका है जिसे साधने के लिए कांग्रेस से लेकर बीजेपी, सपा और बसपा अपनी-अपनी रणनीतियों को अंजाम दे रहे हैं.
अरविंद केजरीवाल भी शिक्षा और बाबा साहेब अंबेडकर के ज़रिए दलित समुदाय को लुभाने की कोशिश करते दिख रहे हैं.
उन्होंने कहा, "मैं बाबा साहेब अंबेडकर का बहुत बड़ा फैन हूं. फैन नहीं हूं, भक्त हूं, और भक्त ही नहीं पुजारी हूं. मैं उन्हें पूजता हूं. मैं जितना उनके बारे में पढ़ता हूं. उतना मुझे ताज्जुब होता है कि ऐसा आदमी हो सकता है क्या? ऐसा इंसान था क्या सच में?"
"एक इतने ग़रीब घर में जन्मे, बचपन से छुआछूत बर्दाश्त की, अन्याय बर्दाश्त किया, और उस अंग्रेजों के जमाने में विदेशों से दो – दो पीएचडी की डिग्री लेकर आए थे. एक लंदन से और एक अमरीका से. यही नहीं, उन्होंने 62 विषयों में परास्नातक की डिग्री की थीं."
"बाबा साहेब का सपना था कि देश के हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले, फिर चाहें वह ग़रीब, दलित, ब्राह्मण या किसी अन्य घर में जन्म ले. आज सत्तर साल बाद भी हम वो सपना पूरा नहीं कर पाए. मैंने कसम खाई है कि बाबा साहेब का सपना मैं पूरा करूंगा."
पाकिस्तान पर क्यों लगा सऊदी के अपमान का आरोप?
वीडियो कैप्शन, पाकिस्तान पर क्यों लगा सऊदी के अपमान का आरोप?
सऊदी और पाकिस्तान की दोस्ती किसी से छिपी नहीं है. समय-समय पर सऊदी अरब पाकिस्तान को कर्ज़ देकर आर्थिक संकट में मदद करता रहा है.
लेकिन पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी और सऊदी के पाकिस्तान में राजदूत नवाफ़ बिन सईद अल-मल्कि की हालिया मुलाक़ात की तस्वीरें चर्चा का विषय बनी हुई हैं.
इसे देख कर लोग पाकिस्तान पर सऊदी अरब का अपमान करने के आरोप लगा रहे हैं.
विकी कौशल की मोटरसाइकिल वाली वायरल तस्वीर पर इंदौर में दर्ज करवाई गई शिकायत
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मध्य
प्रदेश के इंदौर ज़िले में पुलिस ने बताया है कि एक व्यक्ति ने बॉलीवुड
एक्टर विकी कौशल और सारा अली ख़ान की एक फ़िल्म की शूटिंग में अपनी स्कूटी के रजिस्ट्रेशन
नंबर के अवैध इस्तेमाल को लेकर शिकायत दर्ज कराई है.
अधिकारी
ने बताया है कि इस मामले में अब तक कोई एफ़आईआर दर्ज नहीं की गयी है.
फ़ोटो
फ़्रेम बनाने का व्यापार करने वाले शिकायतकर्ता जय सिंह यादव ने कहा है कि उनकी स्कूटी नंबर को एक मोटरसाइकिल पर इस्तेमाल किया गया था जब विकी कौशल मध्य प्रदेश में अपनी
फ़िल्म की शूटिंग कर रहे थे.
उन्होंने
बताया है कि संबंधित मोटरसाइकिल की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.
समाचार
एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, यादव ने बताया है कि फ़िल्म निर्माण से जुड़ी टीम ने
उनसे उनके टू – व्हीलर रजिस्ट्रेशन नंबर के इस्तेमाल की इजाज़त नहीं ली थी.
उन्होंने
कहा, “मुझे डर है कि अगर इस मोटरसाइकिल से कोई दुर्घटना या
अवैध काम किया गया तो उसकी विधिक ज़िम्मेदारी मेरे ऊपर आ सकती है.”
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बाणगंगा पुलिस स्टेशन इंचार्ज राजेंद्र सोनी ने कहा, “हम इस मामले में जांच कर रहे हैं. अब तक कोई एफ़आईआर दर्ज नहीं की गयी है. इस मामले में जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी.”
क़ानूनी विशेषज्ञ के मुताबिक़, धोखाधड़ी के इरादे से किसी अन्य वाहन के पंजीकरण नंबर को इस्तेमाल करने पर आईपीसी की धारा 420 और 482 समेत मोटर व्हीकल एक्ट की अन्य प्रांसगिक धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है.
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बाइक एंबुलेंस कैसे बचा रही लोगों की जान?
वीडियो कैप्शन, बाइक एंबुलेंस कैसे बचा रही लोगों की जान?
ओडिशा के कई जिलों में अच्छी सड़क न होने की वजह से मरीजों के पास एंबुलेंस पहुंच नहीं पाती हैं.
जंगल, नदी और पहाड़ों से भरे सुंदरगढ़ और कालाहांडी जैसे कई आदिवासी बहुल जिलों में अच्छी सड़कें न होने के कारण मरीज़ों को अस्पताल पहुंचाने में काफी परेशानी होती है.
इन जिलों को आर्थिक तौर पर पिछड़ा भी माना जाता है.
इस समस्या को देखते हुए सरकार की तरफ से यहां बाइक एंबुलेंस सेवा शुरू की गई है.
हाई कोर्ट जजों की नियुक्ति के लिए 23 नाम केंद्र के पास लंबित: रिपोर्ट
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देश के अलग-अलग उच्च न्यायालयों में जजों के पद पर नियुक्ति के लिए 23 उम्मीदवारों के नाम केंद्र सरकार के पास लंबित हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, इन उम्मीदवारों में से कुछ के नाम की सिफारिश साल 2018 में ही की गई थी.
देश की न्यायिक नियुक्तियों की प्रक्रिया से वाकिफ लोगों के हवाले से पीटीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 2021 के अंत तक केंद्र ने इन नियुक्तियों पर अपनी मंज़ूरी नहीं दी थी.
रिपोर्ट के अनुसार, कम से कम सात उच्च न्यायालयों की ओर से इन उम्मीदवारों के नाम सिफारिश की गई थी हालांकि केंद्र सरकार ने पुनर्विचार के लिए इन नामों को वापस लौटा दिया लेकिन सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने अलग-अलग मौकों पर इन नामों को नियुक्त करने के लिए फिर से सिफारिश भेजी.
साल 2021 में कुल 120 और साल 2016 में रिकॉर्ड 126 हाई कोर्ट जजों की नियुक्ति की गई.
इस समय देश के 25 उच्च न्यायालयों में हाई कोर्ट जजों के 1098 पद हैं जबकि एक दिसंबर, 2021 की तारीख को 696 जज ही कार्यरत हैं जबकि जजों के 402 पद रिक्त पड़े हैं.
पश्चिम बंगाल: कोरोना के बढ़ते मामले, सरकार ने लागू की कई नई पाबंदियां
....में
Author, प्रभाकर मणि तिवारी
पदनाम, कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए
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पश्चिम बंगाल में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने सोमवार से कई नई पाबंदियां लागू करने का एलान किया है.
राज्य में बीते चार दिनों में संक्रमितों की तादाद चार गुनी बढ़ गई है. इनमें कोलकाता की हालत सबसे गंभीर है.
रविवार को मुख्य सचिव हरेकृष्ण द्विवेदी ने इन पाबंदियों का एलान किया.
मुख्यसचिव ने बताया, "सोमवार से राज्य के तमाम स्कूल-कॉलेज और विश्वविद्यालय बंद रहेंगे. शाम सात बजे के बाद लोकल ट्रेनें नहीं चलेंगी. उससे पहले कुल क्षमता के आधे यात्रियों के साथ ही यह ट्रेनें चलाई जाएंगी."
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इमेज कैप्शन, पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव हरेकृष्ण द्विवेदी
मुख्य सचिव ने कहा, "मेट्रो में भी पचास फीसदी यात्रियों को ही सफर करने की अनुमति होगी. तमाम बाजार, सिनेमाहॉल और शॉपिंग माल्स रात दस बजे तक बंद हो जाएंगे. रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक कर्फ्यू लागू रहेगा."
उन्होंने बताया कि पार्क, चिड़ियाखाना, स्विमिंग पूल, जिम, ब्यूटी पार्लर और सैलून कल से बंद रहेंगे. शादी समेत किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में पचास से ज्यादा लोगों को शामिल होने की अनुमति नहीं होगी.
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"विदेश से आने वाले तमाम लोगों की आरटी-पीसीआर जांच अनिवार्य होगी. इसके साथ ही सोमवार से ब्रिटेन से किसी भी उड़ान को कोलकाता आने की अनुमति नहीं होगी. किसी भी सभा, रैली या समारोह में पचास फीसदी लोग ही मौजूद रह सकेंगे."
द्विवेदी ने बताया कि राज्य के तमाम सरकारी और गैर-सरकारी दफ्तरों में पचास फीसदी कर्मचारी ही दफ्तर से काम कर सकेंगे. खाने-पीने और दूसरी जरूरी चीजों की होम डिलीवरी चालू रहेगी.
गीतांजलि एल्बम: परवीन शाकिर का शायरी संग्रह, जिसका छपना वो देख नहीं पाईं
इमेज स्रोत, Perveen Shakir Trust
इमेज कैप्शन, गीतांजलि एलबम कविता संग्रह
यह साल 1982 की बात है जब भारत की 16 साल की एक लड़की गीतांजलि की कविताओं का एक संग्रह लंदन से प्रकाशित हुआ.
गीतांजलि का जन्म 12 जून, 1961 को मेरठ में हुआ था. बहुत ही कम उम्र में, उन्हें पता चला कि उन्हें कैंसर है, जिसका तब कोई इलाज नहीं था.
गीतांजलि ने इस बीमारी से लड़ना शुरू किया, लेकिन दिन-ब-दिन उन्हें एहसास होता गया कि उनकी ज़िंदगी के अब थोड़े ही दिन बचे हैं.
इस सच्चाई का पता चलने के बाद, उन्होंने अपनी भावनाओं को कविता के रूप में लिखना शुरू कर दिया. उन्होंने इन कविताओं के लिए अंग्रेज़ी भाषा को चुना. बहुत ही कम समय में उन्होंने 100-150 कविताएं लिख दीं.
पहले जो अपराध का खेल खेलते थे, योगी सरकार उनके साथ जेल-जेल खेल रही है: पीएम मोदी
इमेज स्रोत, Twitter/BJP4UP
प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने रविवार को उत्तर प्रदेश के मेरठ में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स
यूनिवर्सिटी के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है.
उन्होंने
कहा, "पिछली
सरकारों के दौरान, पांच साल पहले जो अपराधी यहां अपराध का खेल खेलते थे, आज योगी जी की सरकार
उन माफियाओं के साथ जेल-जेल खेल रही है."
"पांच साल पहले इसी मेरठ की बेटियां शाम
होने के बाद अपने घरों से निकलने से डरती थीं. आज मेरठ की बेटियां पूरे देश का नाम
रोशन कर रही हैं."
"यहां
मेरठ के सोतीगंज बाज़ार में गाड़ियों के साथ होने वाले खेल का भी अब द एंड हो रहा
है. अब यूपी में असली खेल को बढ़ावा मिल रहा है. यूपी के युवाओं को खेल की दुनिया
में छा जाने का मौका मिल रहा है."
समाचार
एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, ये यूनिवर्सिटी मेरठ ज़िले के सरधना कस्बे में सलावा और
कैली गांव में बनेगी जिसमें 700 करोड़ रुपये का खर्च आएगा.
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इस
कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने भी समाजवादी पार्टी समेत पूर्ववर्ती सरकारों पर
निशाना साधा.
उन्होंने
कहा, "पिछली
सरकारों के समय में यहां जिस तरह की विसंगतियां पैदा हुई थीं. यहां आस्था के साथ
खिलवाड़ हुआ था. बहन – बेटियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ हुआ था. दंगों की एक
श्रंखला के माध्यम से यहां के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास हुआ
था."
"लेकिन
अब जब प्रदेश ने प्रधानमंत्री मोदी जी के आह्वान पर बीजेपी सरकार 2017 में आई,
प्रदेश में दंगे बंद हुए, जिस कांवड़ यात्रा को रोक दिया गया था, उस कांवड़ यात्रा
फिर से प्रारंभ हो चुकी है."
"और यही नहीं, अब यहां पर बहन – बेटियों की सुरक्षा के
लिए कोई ख़तरा नहीं बन सकता. क्योंकि दंगाइयों और सुरक्षा के लिए ख़तरा बने तत्वों
को मालूम है कि अगर वे सुरक्षा के लिए ख़तरा बनेंगे तो उनके लिए वह ख़तरा रिटर्न
होता दिखाई देगा."
मध्य प्रदेश में नदी में गिरी बस, तीन की मौत, 28 घायल
इमेज स्रोत, Twitter/PROJSAlirajpur
मध्य
प्रदेश के अलीराजपुर ज़िले में रविवार सुबह एक बस नदी में गिरने की वजह से तीन लोगों
की मौत हो गयी है. इसके साथ ही इस हादसे में कुल 28 लोग घायल हुए हैं.
समाचार
एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़,
मृतकों में एक वर्षीय नवजात भी शामिल है.
स्थानीय
एसपी मनोज कुमार सिंह ने बताया है कि ये दुर्घटना सुबह छह बजे ज़िला मुख्यालय से
15 किलोमीटर दूर चांदपुर गाँव के पास हुई जब ये बस गुजरात के छोटा उदयपुर से अलीराजपुर
आ रही थी.
उन्होंने
बताया है कि ऐसा प्रतीत होता है कि बस ड्राइवर को झपकी लग गई जिसकी वजह से बस मलखोदरा
नदी में जा गिरी.
इसके
बाद बच्चे समेत 48 वर्षीय कैलाश मेडा एवं 46 वर्षीय मीराबाई की मौके पर ही मौत हो
गयी. और 28 लोग घायल हुए हैं.
पुलिस
के मुताबिक़, घायल होने वाले 28 लोगों में से तीन लोग गुजरात के रहने वाले हैं.
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एसिड अटैक, पांच साल और 27 ऑपरेशन
वीडियो कैप्शन, एसिड अटैक, पांच साल और 27 ऑपरेशन
गुजरात की मेहसाणा की काजल प्रजापति के जीवन में सब कुछ सामान्य चल रहा था. वह पढ़ना चाहती थीं और अपना करियर बनाना चाहती थीं.
लेकिन एक दिन, उन पर एसिड अटैक हो गया इसके बाद न केवल उनका बल्कि उनके पूरे परिवार का जीवन बदल गया.
एसिड हमले में काजल की दोनों आंखें बुरी तरह डैमेज हो गई थीं. 5 साल और 27 ऑपरेशनों के बाद काजल अब एक आंख से देख पा रही हैं.
फ्रांस में नए साल के मौके पर जलाई गईं 874 कारें
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, फ्रांस में नए साल के मौके पर कारों का जलाया जाना सामान्य घटना के तौर पर देखा जाने लगा है
फ्रांस
में नए साल के मौके पर आयोजित कार्यक्रमों के दौरान एक बार फिर कारों को जलाए जाने
की घटनाएं सामने आईं हैं.
पुलिस
विभाग ने बताया है कि इस साल 874 कारों को जलाया गया है. वहीं, फ्रांसीसी गृह मंत्रालय ने बताया है कि साल 2019 में ये संख्या काफ़ी कम थी.
इसके
साथ ही एजेंसियों ने बताया है कि लोगों को रोके जाने और हिरासत में लिए जाने की
संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है.
कोविड-19 के चलते कर्फ़्यू लगने की वजह से पिछले साल कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई थी.
कारों का जलाया जाना एक सामान्य घटना
बता दें कि साल 2005 में हुए दंगों के बाद से फ्रांसीसी शहरों और कस्बों में कारों को जलाया
जाना एक वार्षिक घटना जैसा हो गया है.
इस बार नये साल के मौके पर 95,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. वहीं, फ्रांसीसी मीडिया
रिपोर्ट्स के मुताबिक़, 32,000 दमकल कर्मियों और सुरक्षाकर्मियों को भी तैनात किया
गया है.
इसके साथ ही फ्रांस की राजधानी पेरिस में फेस मास्क पहनना एक बार फिर अनिवार्य कर दिया गया
है. और 779 लोगों पर मास्क न पहनने की वजह से जुर्माना लगाया गया है.
हालांकि, फ्रांस में आंशिक
रूप से प्रतिबंध हटा लिए गए हैं. लेकिन इस महीने ओमिक्रॉन वेरिएंट की वजह से नए नियमों को
लागू किया जाएगा.
बीती तीन जनवरी से बंद जगहों पर हो रहे आयोजनों में अधिकतम 2000 लोगों के शामिल होने की सीमा तय की गयी है.
इसके साथ ही जहां संभव हो वहां, रिमोट वर्किंग लागू
किए जाने को अनिवार्य किया जाएगा.