इसराइल डिफेंस फोर्स ने शनिवार को बताया कि एक जनवरी की सुबह गज़ा पट्टी की तरफ से इसराइल की ओर दो रॉकेट दागे गए हैं.
लाइव कवरेज
मोहम्मद शाहिद and अनंत प्रकाश
गज़ा पट्टी की ओर से इसराइल की ओर दागे गए दो रॉकेट
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इसराइल डिफेंस फोर्स ने शनिवार को बताया कि एक जनवरी
की सुबह गज़ा पट्टी की तरफ से इसराइल की ओर दो रॉकेट दागे गए हैं.
द यरूशलम पोस्ट ने आईडीएफ़ प्रवक्ता के हवाले
से लिखा है , "आज सुबह, गज़ा पट्टी की ओर से मेडिटेरिअन की ओर दो रॉकेट लॉन्च होते
देखे गए थे. ये रॉकेट तेल अवीव मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में समुद्र में गिरे हैं."
बयान में कहा गया है कि "प्रोटोकॉल के मुताबिक़, सायरन नहीं बजाए गए और इंटरसेप्ट
नहीं किया गया."
बताया गया है कि तेल अवीव,
होलोन, बेट याम और रिशॉन लिज़ियन शहरों में धमाके सुने गए.
इसराइली पुलिस ने बताया है कि किसी तरह का नुकसान
या किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली है.
वहीं, गज़ा से चरमपंथी समूहों ने इन
रॉकेटों को लॉन्च करने की ज़िम्मेदारी लेने को लेकर किसी तरह का बयान जारी नहीं किया.
हालांकि, टाइम्स ऑफ़ इसराइल ने गज़ा के सशस्त्र
गुटों के हवाले से लिखा है कि रॉकेटों को मौसम से जुड़ी वजहों के चलते छोड़ा गया
था.
जर्मनी ने अपने आख़िरी छह में से तीन परमाणु संयंत्र बंद किए
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जर्मनी ने परमाणु ऊर्जा से पूरी तरह नवीनकरणीय ऊर्जा
की ओर बढ़ते हुए शुक्रवार को अपने अंतिम छह में से तीन परमाणु संयंत्रों को बंद कर
दिया है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, जर्मन सरकार
ने साल 2011 में भूकंप एवं सुनामी की वजह से जापान के फुकुशिमा रिएक्टर में मेल्टडाउन होने के
बाद परमाणु ऊर्जा को फेज़ आउट करने की ओर तेजी से कदम बढ़ा दिए हैं.
साल 1986 में सोवियत संघ में हुई चेर्नोबिल
परमाणु दुर्घटना के बाद यह सबसे भयानक परमाणु दुर्घटना थी.
बता दें कि जर्मनी पिछले कुछ समय से रिनेवल एनर्जी यानी नवीनकरणीय ऊर्जा की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है.
साल 2021 में इन छह परमाणु ऊर्जा संयंत्रों से
जर्मनी में 12 फीसदी बिजली का उत्पादन हो रहा था. वहीं, नवीनकरणीय ऊर्जा स्रोतों
से 41 फीसदी, कोयले से 28 फीसदी और गैस से 15 फीसदी बिजली का उत्पादन हो रहा था.
जर्मनी साल 2030 तक पवन एवं सौर ऊर्जा
इंफ्रास्ट्रक्चर की मदद से 80 फीसदी ऊर्जा खपत नवीनकरणीय स्रोतों से हासिल करने की
ओर कदम बढ़ा रहा है.
पाकिस्तान: बलूच जज जस्टिस काज़ी ईसा की पत्नी ने कहा, खुफिया अफ़सरों ने घर में घुसकर प्रताड़ित किया
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पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के जज काज़ी फैज ईसा की पत्नी सेरेना ईसा ने आरोप लगाया है कि कराची में उनके घर पर सेना और इंटीरियर मिनिस्ट्री के खुफिया अधिकारियों ने उन्हें परेशान किया है.
पाकिस्तान के गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, सिंध के पुलिस महानिरीक्षक और सिंध गृह विभाग में 31 दिसंबर को दर्ज कराई गई शिकायत में सेरेना ईसा ने कहा कि ये घटना कराची में रक्षा आवास प्राधिकरण के फेज़-5 में हुई.
जब बीबीसी ने आरोपों पर पाकिस्तानी सेना से स्पष्टीकरण मांगा तो एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि अभी तक रक्षा मंत्रालय या आंतरिक मंत्रालय को सेरेना ईसा की ओर से ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है.
इंटीरियर मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि "अभी तक ऐसी कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है."
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सेरेना ईसा ने इस लिखित शिकायत में कहा है कि 29 दिसंबर को दोपहर 12:15 बजे दो व्यक्ति ये कहते हुए उनके घर में घुसे कि वे सैन्य खुफिया विभाग से संबंधित हैं.
सेरेना ईसा के अनुसार, दोनों व्यक्तियों के पास घर में दाखिल होने के लिए कोई लिखित आदेश नहीं था. दोनों अधिकारियों में से एक ने अपना नाम मुहम्मद अमजद बताया लेकिन दूसरे ने नाम बताने से इनकार कर दिया.
सेरेना ईसा का कहना है कि उस समय उनकी बेटी भी उनके साथ थी. सेरेना ईसा के बयान की पुष्टि करते हुए उनके वकील ने बीबीसी को बताया, "ये लिखित शिकायत देश के संघीय और प्रांतीय अधिकारियों को भेजी गई है, लेकिन अभी तक किसी की ओर से कोई प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण नहीं मिला है."
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सेरेना ने बयान में लिखा है कि उनके घर में घुसे अधिकारियों ने उनके परिवार के बारे में पूछताछ की और उन्हें चार पेज का फॉर्म थमाया और उसे भरने को कहा.
उन्होंने कहा कि फॉर्म में सैन्य खुफिया या किसी अन्य एजेंसी का उल्लेख नहीं है. उन्होंने लिखा कि दोनों लोगों ने उन्हें फॉर्म सौंप दिया और यह कहते हुए चले गए कि वे दो दिनों में पूरा फॉर्म लेने के लिए वापस आएंगे.
2021 की दिलचस्प वैज्ञानिक घटनाएं... जेम्स वेब, वियाग्रा और मंगल पर उड़ान
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जैसे-जैसे तकनीक विकसित होती जाती है, नई-नई वैज्ञानिक खोज और नई अवधारणाओं के अस्तित्व में आने की गति भी बढ़ती जाती है.
वो सारी चीज़ें जो पांच साल पहले तक नामुमकिन लगती थीं या जो सदियों से सिर्फ़ कल्पना का हिस्सा थीं, वो सब अब आसानी से साकार हो रही हैं.
इसी को ध्यान में रखते हुए बीबीसी ने साल 2021 में विज्ञान की दुनिया में होने वाली सबसे दिलचस्प घटनाओं, नई खोज और आविष्कार की एक सूची तैयार की है.
बिहार: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पांच गुना अधिक धनवान हैं उनके बेटे निशांत
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास 75.36 लाख रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्ति है जबकि उनके बेटे निशांत कुमार उनसे लगभग पांच गुना अधिक धनवान हैं.
बिहार सरकार की वेबसाइट पर 31 दिसंबर को मुख्यमंत्री और उनके कैबिनेट सहयोगियों की संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक किया गया है.
इस जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार के पास 29,385 रुपये नकद और 42,763 रुपये उनके बैंक खाते में जमा है जबकि उनके बेटे निशांत कुमार के पास 16,549 रुपये नकद और 1.28 करोड़ रुपये फिक्स डिपॉजिट के तौर पर जमा है.
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नीतीश कुमार के पास 16.51 लाख रुपये की चल संपत्ति है और उनकी अचल संपत्ति का कुल मूल्यांकन 58.85 लाख रुपये है. नीतीश कुमार के बेटे के पास 1.63 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 1.98 करोड़ रुपये अचल संपत्ति है.
दिल्ली के द्वारका में मुख्यमंत्री के पास एक आवासीय फ्लैट है और उनके बेटे के पास पैतृक गांव में कृषि भूमि और घर है. उनके पास गांव में गैरकृषि भूमि भी है.
मुख्यमंत्री ने ये भी जानकारी दी है कि उनके पास 13 गायें और 9 बछड़े हैं जिनका मूल्य 1.45 लाख रुपये है.
बिहार में नीतीश कुमार की सरकार ने सभी कैबिनेट मंत्रियों के लिए हरेक साल के आख़िरी दिन अपनी कुल संपत्ति का लेखाजोखा सार्वजनिक करना अनिवार्य कर रखा है.
केंद्र सरकार ने चौथी तिमाही में भी पीपीएफ़ और एनएससी में ब्याज़ दरें नहीं बढ़ाई
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केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 की चौथी
तिमाही में भी कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों एवं मुद्रा स्फिति में उछाल को ध्यान
में रखते हुए स्मॉल सेविंग स्कीम एनएससी एवं पीपीएफ़ की ब्याज़ दरों में बदलाव नहीं
करने का फ़ैसला किया है.
सरकार ने पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड,
पंजाब, हिमाचल प्रदेश और गोवा के चुनाव से पहले ये फ़ैसला लिया है.
चुनाव आयोग अगले महीने की शुरुआत में चुनाव
कार्यक्रम की घोषणा कर ससकता है.
फिलहाल, पीपीएफ़ और एनएससी पर क्रमश: 7.1 फीसद एवं 6.8 फीसद की दर से वार्षिक ब्याज़
मिलता है.
किम जोंग-उन बोले- उत्तर कोरिया के सामने 'जिंदगी और मौत का बड़ा संकट'
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उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग-उन ने कहा है कि इस साल देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था को सुधारने के काम पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.
शुक्रवार को किम जोंग-उन ने कहा कि देश के सामने "जिंदगी और मौत का बड़ा संकट" खड़ा है इसलिए नए साल में अर्थव्यवस्था में सुधार राष्ट्रीय प्राथमिकता रहेगी.
किम जोंग-उन वर्कर्स पार्टी ऑफ़ कोरिया की आठवीं केंद्रीय कमिटी की बैठक की एक अहम बैठक को संबोधित कर रहे थे. बीते सप्ताह सोमवार को शुरू हुई ये बैठक शुक्रवार को ख़त्म हुई थी. ये बैठक ऐसे वक्त हुई जब उत्तर कोरिया में उनके शासन के 10 साल पूरे हो गए हैं.
कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए उत्तर कोरिया ने खुद पर पाबंदियां लगा ली थीं, जिसके बाद वहां से खाने के सामान की कमी की ख़बरें आने लगी थीं.
31 दिसंबर तक 5.89 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न भरे गए: आयकर विभाग
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आयकर
विभाग ने शनिवार को बताया है कि 31 दिसंबर, 2021 तक नए ई-फाइलिंग पोर्टल पर कुल
5.89 करोड़ आयकर रिटर्न फाइल किए गए हैं.
समाचार
एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, इसमें से 46.11 लाख आईटीआर 31 दिसंबर को भरे
गए हैं.
सीबीडीटी
ने अपने बयान में कहा है कि “आयकर
भरने के लिए बनाए गए नए पोर्टल पर बढ़ाई गयी समय सीमा 31 दिसंबर तक लगभग 5.89 करोड़ रिटर्न दाखिल किए गए हैं.
वहीं,
पिछले साल 10 जनवरी 2021 को कुल 5.95 करोड़ आयकर रिटर्न भरे गए थे और 31.05 लाख आईटीआर रिटर्न 10 जनवरी 2021 को भरे गए थे.
बीबीसी इंडिया बोल, 01 जनवरी 2022, इस साल आप क्या देखना-सुनना चाहेंगे?, सुनिए मोहनलाल शर्मा के साथ
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कोरोना पाबंदियों के बीच ये ख़ुशी आपने महूसस की क्या?
वीडियो कैप्शन, मिलिए भारत, दुबई और अर्जेंटीना के कुछ लोगों से जो काफ़ी समय अपने परिवार से दूर थे
लॉकडाउन और यात्रा प्रतिबंधों की वजह से दुनियाभर में ना जाने कितने लोग इस साल अपने परिवार और दोस्तों से नहीं मिल पाए.
हालांकि बाद में कुछ प्रतिबंध ध्यानपूर्वक हटाए गए ताकि लोग फिर से अपनों से मिल सके.
मिलिए भारत, दुबई और अर्जेंटीना के कुछ उन लोगों से जो काफ़ी समय से अपने परिवार से दूर थे, लेकिन एक दिन अचानक उनके पास बिना बताए पहुंचने में कामयाब रहे, और फिर जो पल तस्वीरों में कैद हुए, वो आपके चेहरों पर मुस्कान बिखेर देंगे.
कोरोना के बीच वो पल जब मिली मुस्कुराने की वजह
वीडियो कैप्शन, कुछ लोग हिम्मत की मिसाल बन गए तो कुछ लोगों ने दूसरों को जीने और ख़ुश रहने का तरीका सिखाया.
कोरोना महामारी से दूसरे साल भी जूझती इस दुनिया के लिए कुछ पल उम्मीद तो कुछ मुस्कुराहट भी लेकर आए.
कुछ लोग हिम्मत की मिसाल बन गए तो कुछ लोगों ने दूसरों को जीने और ख़ुश रहने का तरीका सिखाया. देखिए वो कौन से पल थे जो हमें गुदगुदा कर गए.
'धर्म संसद' के मुद्दे पर सिविल सोसाइटी ने राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री को लिखा पत्र
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इमेज कैप्शन, हरिद्वार में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में यति नरसिम्हानंद भी शामिल थे
उत्तराखंड
के हरिद्वार में बीते महीने हुए 'धर्म संसद' कार्यक्रम में दिए गए विवादास्पद भाषणों पर सिविल सोसाइटी से जुड़े कई लोगों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र
लिखा है.
राष्ट्रपति
एवं प्रधानमंत्री को लिखे गए इस पत्र पर सिविल सोसाइटी से जुड़े 86 लोगों ने हस्ताक्षर
किए हैं.
इन लोगों में रिटायर्ड एडमिरल लक्ष्मीनारायण रामदास, पत्रकार अनुराधा
भसीन, सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और फिल्मकार आनंद पटवर्धन समेत कई हस्तियां शामिल हैं.
इस
पत्र में दिल्ली तथा हरिद्वार में हुए कार्यक्रमों के दौरान दिए गए भाषणों और
नारेबाज़ी पर आपत्ति जताई गयी है.
पत्र
में क्या लिखा गया है
प्रधानमंत्री
और राष्ट्रपति को लिखे गए इस पत्र में लिखा गया है कि –
हम
हरिद्वार और दिल्ली में हुई हालिया घटनाओं, जिनमें भारतीय मुसलमानों और साथ ही साथ
ईसाई, दलित और सिख जैसे अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के कत्लेआम का खुलेआम आह्वान किया
गया है, के संबंध में आपको ये ख़त लिख रहे हैं.
हम 17 से 19 दिसंबर, 2021 को हरिद्वार में हिंदू साधुओं एवं अन्य नेताओं
के 'धर्म संसद' कार्यक्रम में दिए गए भाषणों की सामग्री को लेकर काफ़ी चिंतित हैं.
इस कार्यक्रम में बार – बार हिंदू राष्ट्र बनाने की अपील की गयी. और कहा गया कि
अगर इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए ज़रूरत पड़े तो हथियार उठाने से हिचका न जाए. और हिंदू धर्म को
बचाने के लिए भारतीय मुसलमानों को मारने से गुरेज़ न किया जाए.
पत्र में दिल्ली की घटना का भी ज़िक्र
इस पत्र में दिल्ली में हुई घटना का भी ज़िक्र है जिसमें खुलेआम भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की कसम खाई गई थी.
पत्र में लिखा गया है -
"लगभग इसी समय दिल्ली में कई लोग एक जगह एकत्रित हुए और ज़रूरत पड़े तो लड़कर-मारकर सार्वजनिक रूप से भारत को एक हिंदू राष्ट्र बनाने की कसम खाई."
इसके साथ ही पत्र में न्यायपालिका एवं केंद्र सरकार से कार्रवाई करने अपील करते हुए लिखा गया है, "भारत सरकार और न्यायपालिका के उच्चतम स्तर को इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने की ज़रूरत है, चाहें इस तरह के कत्लेआम का आह्वान किसी भी शख़्स या दल ने किया हो.
हम नफ़रत के सार्वजनिक प्रदर्शन के साथ हिंसा करने के लिए इस तरह के आह्वान को इजाज़त नहीं दे सकते. क्योंकि ये सिर्फ हमारी आंतरिक सुरक्षा में एक गंभीर चूक नहीं है, बल्कि ये हमारे देश के सामाजिक तानेबाने को छिन्न-भिन्न कर सकता है.
एक वक्ता ने देश की सेना और पुलिस से हथियार उठाकर सफाई अभियान में शामिल होने की अपील की है. ये हमारी ही सेना से हमारे लोगों के जनसंहार में शामिल होने के लिए पूछने जैसा है. ये अत्यंत निंदनीय और अस्वीकार्य है."
डैंड्रफ से कैसे निजात मिल सकती है?
वीडियो कैप्शन, डैंड्रफ से कैसे निजात मिल सकती है?
डैंड्रफ़ या बालों में रूसी, एक ऐसी समस्या है जिससे बहुत से लोग परेशान रहते हैं. एक ऐसी समस्या जो बार-बार जाकर वापस आ जाती है.
हो सकता है आपको ये जानकर आश्चर्य हो कि डैंड्रफ़ मुख्य रूप से एक फ़ंगस के कारण होता है.
सामान्य तौर पर डैंड्रफ़ लगभग हम सभी की त्वचा पर प्राकृतिक रूप से होता ही है लेकिन इनमें से आधे लोगों में यह समस्या बन जाता है.
उसमें भी एक-तिहाई लोग ऐसे होते हैं जिनमें यह समस्या इस कदर हो जाती है कि उनका बाहर आना-जाना मुश्किल हो जाता है.
डैंड्रफ़ की समस्या यूं तो बेहद सामान्य समस्या है लेकिन कई बार समाजिक स्तर पर यह शर्मिदगी का कारण भी बन जाता है.
कोरोना के पहरे में, ख़ामोशी से नए साल का आग़ाज़
वीडियो कैप्शन, कोविड के बीच कैसे बीता साल 2021 और नई उम्मीदों के साथ नए साल का कैसे हुआ आगाज़.
यूं तो हर नई सुबह उम्मीदों की नई रोशनी लेकर आती है, लेकिन जब बात नए साल की हो तो उम्मीद की यही रौशनी रात के अंधेरे में भी आसमानों को जगमगा देती है.
कवर स्टोरी में देखिए, कोविड के बीच कैसे बीता दुनियाभर में साल 2021 और नई उम्मीदों के साथ नए साल का कैसे किया जा रहा है स्वागत.
भारत-पाकिस्तान अपने परमाणु ठिकानों से जुड़ी सूचनाओं का आदान-प्रदान क्यों करते हैं?
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हाल के तनावों के बावजूद, पाकिस्तान और भारत ने 30 साल पुराने समझौते के तहत नए साल के पहले दिन अपनी परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का आदान-प्रदान किया है.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 1 जनवरी को इस्लामाबाद और नई दिल्ली में भारतीय और पाकिस्तानी राजनयिकों के बीच एक दूसरे के परमाणु ठिकानों पर हमला न करने के समझौते के तहत परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं की एक सूची का आदान-प्रदान किया गया.
ये ध्यान दिया जाना चाहिए कि इस समझौते पर 31 दिसंबर, 1988 को पाकिस्तान की तत्कालीन प्रधान मंत्री बेनजीर भुट्टो और भारतीय प्रधान मंत्री राजीव गांधी ये हस्ताक्षर किए थे और ये समझौता 27 जनवरी, 1991 को लागू हुआ था.
इस समझौते के तहत, पाकिस्तान और भारत के बीच सूचनाओं का पहला आदान-प्रदान जनवरी 1992 में हुआ था.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि उनकी ओर से ये सूची 1 जनवरी को पाकिस्तानी समयानुसार सुबह 10:30 बजे विदेश कार्यालय में भारतीय उच्चायोग के एक प्रतिनिधि को सौंपी गई.
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पाकिस्तान और भारत के बीच कैदियों की सूची का भी आदान-प्रदान किया गया
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, 1 जनवरी को दोनों देशों के बीच कैदियों की सूची का आदान-प्रदान भी किया गया.
एक बयान के अनुसार, पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग को पाकिस्तानी जेलों में बंद 628 भारतीय कैदियों की एक सूची प्रदान की, जिसमें 51 नागरिक और 577 मछुआरे शामिल हैं.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत सरकार द्वारा 355 पाकिस्तानी कैदियों की एक सूची भी नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग को प्रदान की गई थी.
भारतीय जेलों में बंद इन पाकिस्तानी कैदियों में 228 नागरिक और 73 मछुआरे शामिल हैं.
यह कदम दोनों देशों के बीच 21 मई, 2008 को हस्ताक्षरित कांसुलर एक्सेस एग्रीमेंट के क्लॉज नंबर एक के तहत उठाया गया था, जिसके तहत साल में दो बार 1 जनवरी और 1 जुलाई को कैदियों की सूची का आदान-प्रदान किया जाता है.
1 जनवरी, 2022 से एटीएम से पैसा निकालना हुआ महंगा
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अगर
आप रोजमर्रा की ज़िंदगी में एटीएम के ज़रिए कैश निकालते हैं तो ये ख़बर आपके लिए
अहम है.
क्योंकि
साल 2022 की पहली तारीख़ से बैंकों के एटीएम से कैश निकालना महंगा हो गया है.
समाचार
एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, आरबीआई के निर्देशानुसार, 1 जनवरी, 2022 से लोगों को
एटीएम से पैसे निकालने के लिए प्रति ट्रांजेक्शन 20 रुपये की जगह 21 रुपये खर्च
करने होंगे. ट्रांजैक्शन फी ग्राहक को मिलने वाली फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा ख़त्म होने के बाद ही लागू होगी.
बता
दें कि रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने साल 2021 के जून महीने में बैंकों को एटीएम
ट्रांजेक्शन पर लगने वाली फीस को बढ़ाने की अनुमति दी थी.
फिलहाल,
बैंक हर महीने अपने खाताधारकों को कुल पांच (आर्थिक या ग़ैर-आर्थिक) ट्रांजैक्शन के लिए मुफ़्त में अपने एटीएम का इस्तेमाल करने की सुविधा देते हैं.
इस
सीमा के बाद ही बैंकों की ओर से एटीएम ट्रांजैक्शन पर शुल्क लगाया जाता है जो कि
अब तक 20 रुपये था. लेकिन
1 जनवरी 2022 से यही शुल्क बढ़कर 21 रुपये हो गया है.
कोविड-19: आख़िर भारत 100% टीकाकरण के अपने लक्ष्य से चूक क्यों गया?
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भारत ने साल 2021 के अंत तक अपनी वयस्क आबादी के संपूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य रखा था लेकिन वह अपने इस लक्ष्य को पूरा नहीं कर सका है.
भारत अपनी 94 करोड़ की वयस्क आबादी को कोरोना के दोनों डोज़ देने के लक्ष्य से चूक गया है.
भारत में संपूर्ण टीकाकरण के लक्ष्य की घोषणा सबसे पहले प्रकाश जावड़ेकर ने मई महीने में की थी. उन्होंने कहा था, "भारत में दिसंबर साल 2021 तक टीकाकरण पूरा हो जाएगा."
30 दिसंबर तक भारत की 64 फ़ीसदी वयस्क आबादी को कोरोना वैक्सीन की पूरी ख़ुराक़ यानी दोनों डोज़ लग चुकी हैं. और लगभग 90 फ़ीसद को कोरोना वैक्सीन की एक डोज़ मिल चुकी है.
विशेषज्ञों का मानना है कि संपूर्ण टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने में अभी लंबा समय लगेगा.
महंगाई पर काबू पाना है तो विधानसभा चुनावों में बीजेपी को हराएं: कांग्रेस
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जूते-चप्पलों से लेकर फूड डिलेवरी जैसे उत्पाद और सेवाओं पर जीएसटी (गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स) बढ़ाने के फ़ैसले की आलोचना करते हुए कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को मतदाताओं से अपील की कि वे महंगाई से निपटने के लिए आगामी विधानसभा चुनाओं में भाजपा को हराएं.
दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि हिमाचल प्रदेश और कुछ राज्यों में हुए उपचुनावों में मिली हार के बाद केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीज़ल पर एक्साइज़ ड्यूटी कम कर दी थी.
उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि अगर सोच समझकर वोट डाले जाएंगे तो कम टैक्स लेने वाली सरकार आएगी.
सुरजेवाला ने कपड़ों पर जीएसटी 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी किए जाने के फ़ैसले को जीएसटी काउंसिल द्वारा टाले जाने का भी जिक्र किया. उन्होंने इसका श्रेय लेते हुए कहा कि पांच राज्यों के चुनाव ख़त्म होने के बाद ही टैक्स बढ़ाए जाएंगे.
उन्होंने कहा, "ये याद रखा जाना चाहिए कि कपड़ों पर जीएसटी बढ़ाने के प्रस्ताव को वापस नहीं लिया गया है बल्कि सिर्फ़ टाला गया बै. ये फ़ैसला मुमकिन है कि महीने भर के लिए टाल दिया जाए जब तक कि चुनाव न संपन्न हो जाएं. जैसे ही चुनाव खत्म होंगे, टैक्स बढ़ा दिया जाएगा."
कांग्रेस प्रवक्ता ने ये भी बताया कि जूते-चप्पलों से लेकर ऐप की मदद से टैक्सी और ऑटो किराये पर लेना और खाना मंगवाना महंगा हो जाएगा. बच्चों के लिए ड्रॉइंग किट्स और एटीएम से नकद निकासी भी 1 जनवरी से महंगी हो गई हैं.
2021 की छह अच्छी ख़बरें
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करोड़ों लोगों के लिए साल 2021 बेहद मुश्किल साल रहा. पूरे साल दुनिया के तमाम देशों से बेहद डरावनी और तकलीफ़देह ख़बरें मिलीं.
लेकिन ऐसा नहीं है कि साल 2021 को केवल बुरी ख़बरों के लिए याद किया जाएगा. बीते साल को कुछ ऐसी ख़बरों के लिए भी जाना जाएगा जिसने हमारे चेहरों पर मुस्कान बिखेरी और दिलों को सुकून पहुंचाया.
बीता साल कुछ अच्छी ख़बरें भी लेकर आया था और उन्हीं ढेरों अच्छी ख़बरों में से कुछ ख़बरें हमने आपके लिए चुनी हैं.
इस कोशिश में हमने तीन अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों और जानकारों से एक सकारात्मक ख़बर चुनने को कहा और साथ ही ये भी कहा कि वो हमें यह बताएं कि आख़िर उन्होंने यह ख़बर क्यों चुनी और उसका क्या महत्व है.
भारतीय सैनिकों ने जब मालदीव के राष्ट्रपति को बचाया - विवेचना
वीडियो कैप्शन, भारतीय सैनिकों ने जब मालदीव के राष्ट्रपति को बचाया - Vivechana
भारत के दक्षिण पश्चिम में हिंद महासागर में स्थित कई टापुओं वाले देश का भारत से एक विशेष रिश्ता रहा है.
1988 की एक घटना दोनों देशों के संबंधों में मील का एक पत्थर मानी जाती है. तब मालदीव में एक विद्रोह हुआ था और उसे भारत की फ़ौज की मदद से नाकाम किया गया.
उस अभियान का नाम था - ऑपरेशन कैक्टस. क्या था वो अभियान, बता रहे हैं रेहान फ़ज़ल.