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जॉनसन एंड जॉनसन की कोविड वैक्सीन गंभीर बीमारी में कारगर: रिसर्च

दक्षिण अफ्रीका के शोधकर्ताओं का कहना है कि जॉनसन एंड जॉनसन की इकलौती खुराक वाली कोविड-19 वैक्सीन की बूस्टर डोज़ गंभीर बीमारी की रोकथाम में ख़ासी कारगर साबित हुई है.

लाइव कवरेज

पंकज प्रियदर्शी, कीर्ति दुबे and विभुराज

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, भारतीय टीम ने पहले टेस्ट में दक्षिण अफ़्रीका को हराया, सेंचुरियन में पहली जीत

    भारत ने सेंचुरियन में हुए पहले टेस्ट में मेज़बान दक्षिण अफ़्रीका को 113 रनों से हरा दिया है. इसके साथ ही तीन टेस्ट मैचों की सिरीज़ में भारत 1-0 से आगे हो गया है.

    दूसरी पारी में जीत के लिए 305 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही दक्षिण अफ़्रीका की टीम 191 रन बनाकर आउट हो गई. सबसे ज़्यादा 35 रन टेम्बा बाऊमा ने बनाए. क्विंटन डी कॉक ने 21 रनों का योगदान दिया.

    भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी ने तीन-तीन विकेट लिए. जबकि मोहम्मद सिराज और आर अश्विन को दो-दो विकेट मिले.

    भारत ने पहली पारी में 327 रन बनाए थे और दक्षिण अफ़्रीका को सिर्फ़ 197 रन पर आउट कर दिया था. इस तरह भारत ने पहली पारी के आधार पर 130 रनों की बढ़त हासिल की थी. दूसरी पारी में भारत की टीम सिर्फ़ 174 रन बना पाई थी. इस तरह दक्षिण अफ़्रीका के सामने जीत के लिए 305 रनों का लक्ष्य था.

    इस टेस्ट के दौरान ही मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट में 200 विकेट पूरे किए. भारत की ओर से केएल राहुल ने पहली पारी में शतक लगाया था और शमी ने इस टेस्ट में कुल आठ विकेट लिए. पहली पारी में शतक लगाने वाले केएल राहुल को मैन ऑफ़ द मैच चुना गया.

  2. कुत्ते से जंग में हारकर भागा तेंदुआ

    ऐसा नज़ारा आपने शायद ही पहले कभी देखा होगा. यहां कुत्ते और तेंदुए की जंग में कुत्ता भारी पड़ गया. महाराष्ट्र के पुणे में ये घटना 24 दिसंबर को हुई.

    ये तेंदुआ गन्ने के खेत में छिपकर बैठा था और अचानक कुत्ते के सामने आ गया. तेंदुए ने हमला करने की कोशिश की. लेकिन कुत्ते ने उसके मुंह को अपने जबड़े में दबा लिया.

    कुछ देर दोनों के बीच मशक़्क़त चलती रही. उसके बाद तेंदुए ने कुत्ते के जबड़े से छूटकर वहां से भागना बेहतर समझा. अब इस तेंदुए को पकड़ने के लिए जाल लगाए गए हैं.

  3. मालदीव और लक्षद्वीप भारत के लिए इतने अहम क्यों हैं?

    भारत के केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप से मालदीव क़रीब 700 किलोमीटर दूर है और भारत के मुख्य भूभाग से 1200 किलोमीटर दूर.

    वहीं लक्षद्वीप भारत के मेनलैंड से 496 किलोमीटर दूर है. लक्षद्वीप 36 छोटे-छोटे द्वीपों का समूह है जबकि मालदीव एक हज़ार से ज़्यादा द्वीपों का समूह है.

    लक्षद्वीप में प्रफुल पटेल को प्रशासक बनाने के बाद से कई विवाद सामने आ चुके हैं तो मालदीव में वहाँ के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन के कारण इंडिया आउट कैंपेन ज़ोरों पर है.

    दिसंबर 2020 में पटेल को लक्षद्वीप के प्रशासन की ज़िम्मेदारी दी गई थी. तब से ऐसे कई फ़ैसले लिए गए हैं जिन्हें लेकर ख़ासा विवाद हो चुका है. पटेल गोमांस और बीफ़ पर पाबंदी लगा चुके हैं.

  4. चीन की एक और कंपनी को हुआ बड़ा घाटा, 'दीदी ग्लोबल' के सितारे गर्दिश में

    चीन में मोबाइल ऐप बेस्ड टैक्सी सर्विस मुहैया कराने वाली कंपनी 'दीदी ग्लोबल' पर लगी सरकारी पाबंदी के बाद उसका घाटा बढ़ गया है.

    चीन में सरकार ने ऑनलाइन स्टोर्स को 'दीदी ग्लोबल' का ऐप ऑफ़र करने से मना कर रखा है. तीसरी तिमाही में कंपनी के राजस्व में 5 फीसदी की गिरावट हुई है.

    साल के पहले 9 महीन में 'दीदी ग्लोबल' को 6.3 अरब डॉलर का घाटा हुआ है. जून के आख़िर में 'दीदी ग्लोबल' की न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज की लिस्टिंग हुई थी.

    इस लिस्टिंग के कुछ दिनों बाद चीन की सरकार ने कंपनी पर कार्रवाई की थी. इस महीने दीदी ग्लोबल ने बताया था कि वो अपने शेयर की लिस्टिंग को अमेरिका से हॉन्ग कॉन्ग शिफ़्ट करने जा रहे हैं.

    हाल के महीने में चीन की तकनीकी कंपनियों पर सरकार की तरफ़ से जो कार्रवाई हुई है, दीदी उस कार्रवाई की जद में आने वाली प्रमुख कंपनियों में से है.

    घरेलू बाज़ार में सरकार की पाबंदी के बाद अमेरिका में कंपनी की शेयर कीमतों में बड़ी गिरावट देखी गई थी. न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होने के छह महीने के भीतर कंपनी के शेयरों के भाव 65 फीसदी तक नीचे आ गए हैं.

    कंपनी ने हाल ही में निवेशकों को बताया है कि हॉन्ग कॉन्ग स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट कराने की बोर्ड ने मंज़ूरी दी है. इस बयान में कहा गया है, "कंपनी इन योजनाओं पर अमल कर रही है और वक्त आने वाले निवेशकों को जानकारी देगी."

    दिसंबर की शुरुआत में कंपनी ने कहा था कि उसने अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज से बाहर निकलने की योजना बनाई है. उसी दिन अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज और कमीशन ने बताया था कि अमेरिका में लिस्टेड विदेशी कंपनियों के स्टॉक एक्सचेंज से बाहर निकलने के नियम तय कर दिए गए हैं.

  5. 2021: तालिबान, कोरोना, ईरान... ऐसा क्या हुआ कि बदल गई दुनिया

    21वीं सदी का इक्कीसवां साल कोविड के साए में रहा.

    कोरोना की दूसरी लहर आंधी की तरह आई और पूरी दुनिया ने तबाही का ख़ौफ़नाक मंज़र देखा.

    लेकिन इस बीच कई दूसरी घटनाएं भी वैश्विक परिदृश्य पर छाई रहीं.

    दुनिया जहान में पड़ताल उन बड़ी घटनाओं की, जिनकी वजह से साल 2021 याद किया जाएगा.

  6. महात्मा गांधी को गाली देने वाले 'कालीचरण महाराज' कौन हैं?

    रायपुर के धर्म संसद में महात्मा गांधी को गाली देने वाले कालीचरण महाराज को आज तड़के रायपुर पुलिस ने गिरफ़्तार किया है. कालीचरण की गिरफ़्तारी मध्य प्रदेश से की गई है.

    इस महीने 17 से 19 दिसंबर तक हरिद्वार में आयोजित धर्म संसद में विवादास्पद बयानों से जुड़ा विवाद थम पाता, उससे पहले ही रायपुर में आयोजित धर्म संसद ने नया विवाद पैदा कर दिया.

    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित धर्म संसद का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें साफ़ देखा जा सकता है कि अकोला के कालीचरण महाराज महात्मा गांधी को गाली दे रहे हैं.

    वीडियो में दिख रहा है कि कालीचरण महाराज महात्मा गांधी के लिए अभद्र शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं और उनकी हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे की प्रशंसा कर रहे हैं.

    महात्मा गांधी को गाली देने वाले 'कालीचरण महाराज' कौन हैं?

  7. सऊदी अरब के किंग सलमान ने ईरान को दिया ये संदेश

    सऊदी अरब के किंग सलमान ने अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी ईरान से गुरुवार को अपील की कि वो इस इलाक़े में अपना नकारात्मक रवैया ख़त्म करे.

    इससे पहले सऊदी अरब ने ईरान पर यमन के विद्रोहियों को शह देने का आरोप लगाया था. सऊदी अरब का कहना है कि उस पर होने वाले यमन के विद्रोहियों के हमलों को ईरान का वरदहस्त हासिल है.

    हालांकि बीते शुक्रवार को 86 साल के हुए किंग सलमान का रवैया ईरान को लेकर पहले की तरह सख़्त नहीं था बल्कि उसमें नरमी का भाव था.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल किंग सलमान ने वैश्विक शक्तियों से ईरान के ख़िलाफ़ सख़्त रवैया अपनाने की अपील की थी.

    किंग सलमान सऊदी अरब की शुरा काउंसिल को पिछले साल की तरह ही ऑनलाइन संबोधित कर रहे थे. सऊदी अरब की हुकूमत को सलाह देने वाली ये सर्वोच्च संस्था है.

    उनका भाषण चार मिनट से भी कम समय का रहा. वे आहिस्ता-आहिस्ता सफ़ेद कागज़ पर लिखा हुआ भाषण पढ़ रहे थे जिसमें रह-रह कर ठहराव आता था.

    उनका भाषण निर्धारित समय के तीन घंटे बाद प्रसारित किया गया. सरकारी सऊदी प्रेस एजेंसी ने बाद में किंग सलमान का पूरा बयान जारी किया.

    बयान में कहा गया, "हमें उम्मीद है कि ईरान इस इलाक़े में अपनी नीति और नकारात्मक रवैया बदलेगा और वो बातचीत और सहयोग की तरफ़ कदम बढ़ाएगा. इस क्षेत्र की सुरक्षा को अस्थिर करने वाली ईरानी नीति को लेकर हम चिंतिंत हैं."

    सऊदी अरब और ईरान के बीच दशकों से मतभेद रहा है. क्षेत्रीय मामलों से जुड़े मुद्दों पर वे एक दूसरे के ख़िलाफ़ रुख़ अपनाते आए हैं.

    इसी में यमन का मोर्चा भी है जहाँ हूती विद्रोहियों से लड़ रहे सैन्य गठबंधन की अगुवाई सऊदी अरब के पास है जबकि हूती विद्रोहियों को ईरान का समर्थन हासिल है.

    रिश्ते सुधारने की दिशा में अप्रैल के बाद से दोनों पक्षों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है.

  8. योगी आदित्यनाथ ने कहा- मथुरा-वृंदावन कैसे छूट जाएगा

    उत्तर प्रदेश में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- हमने कहा था कि अयोध्या में प्रभु राम के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य शुरू कराएँगे, मोदी जी ने इसे शुरू करा दिया है. काशी में भगवान विश्वनाथ जी का धाम भी भव्य रूप से बन रहा है. और मथुरा-वृंदावन कैसे छूट जाएगा. वहाँ भी काम भव्यता के साथ आगे बढ़ चुका है.

    कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था, "अयोध्या काशी में भव्य मंदिर निर्माण जारी है, मथुरा की तैयारी है". इस ट्वीट के बाद सियासी बहस छिड़ गई थी.

    इस ट्वीट के बाद केशव प्रसाद मौर्य ने इस मुद्दे को और आगे बढ़ाते हुए समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से पूछा था, "बताएं कि श्री कृष्ण जन्मभूमि पर भगवान श्री कृष्ण का भव्य मंदिर बनाने का विरोध करते हैं कि समर्थन करते हैं? चुनाव का मुद्दा न श्री राम जन्मभूमि का मंदिर है, न बाबा विश्वनाथ का मंदिर है और न ही श्री कृष्ण जन्म भूमि का मंदिर है. अखिलेश यादव कहते हैं कि वो कृष्ण भक्त हैं, मैं राम भक्त हूँ. तो बताएं कि वो कृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर चाहते हैं कि नहीं चाहते हैं?"

    कुछ संगठन ये दावा करते हैं कि मथुरा में शाही ईदगाह मस्जिद जिस ज़मीन के ऊपर बनाई गई है, उसके नीचे ही कृष्ण जन्मभूमि है.

  9. अशरफ़ ग़नी ने बताया, क्या हुआ था जब वे अफ़ग़ानिस्तान से भागे थे

    अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी ने देश छोड़ने के अपने फ़ैसले को सही बताया है. इस साल अगस्त में तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया था. अशरफ़ ग़नी का कहना है कि उन्होंने काबुल को तबाही से बचाने के लिए ऐसा किया. बीबीसी के साथ इंटरव्यू में अशरफ़ ग़नी ने बताया कि जब वे 15 अगस्त की सुबह उठे, तो उन्हें इसका अंदाज़ा नहीं था कि ये अफ़ग़ानिस्तान में उनका आख़िरी दिन होगा. जब उनका विमान काबुल से उड़ा, तो उन्हें इसका अहसास हुआ.

    उस समय देश छोड़कर जाने के कारण अशरफ़ ग़नी को काफ़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. अभी अशरफ़ ग़नी यूएई में हैं. इंटरव्यू के दौरान अशरफ़ ग़नी ने बताया कि तालिबान ने इस पर सहमति जताई थी कि वे काबुल में नहीं घुसेंगे. लेकिन दो घंटे बाद लगा कि ऐसा नहीं हो रहा है. अशरफ़ ग़नी के मुताबिक़ वे अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और उनकी पत्नी के काबुल छोड़ने पर सहमत हुए और इस बात का इंतज़ार कर रहे थे कि एक कार आकर उन्हें रक्षा मंत्रालय लेकर जाएगी. लेकिन वो कार कभी नहीं आई.

    अशरफ़ ग़नी ने बताया कि राष्ट्रपति की सुरक्षा के प्रमुख घबराए हुए उनके पास आए और बोले कि उनके पास बहुत कम समय है. अशरफ़ ग़नी ने ख़ोस्त जाने की बात कही, तो उन्हें बताया गया कि ख़ोस्त और जलालाबाद तालिबान के क़ब्ज़े में आ चुके हैं. उन्होंने बताया कि उन्हें नहीं पता था कि वे कहाँ जाएँगे. जब उनका विमान उड़ा तब उन्हें पता चला कि वे अफ़ग़ानिस्तान छोड़कर जा रहे हैं. अशरफ़ ग़नी ने इससे इनकार किया कि वे पैसा लेकर देश से भागे हैं. सत्ता से हटने के तीन महीने बाद अशरफ़ ग़नी ने कहा कि वे सारी ज़िम्मेदारी लेने को तैयार हैं, जिसके कारण काबुल हाथ से निकल गया. लेकिन उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर भरोसा किया था. हालाँकि उन्होंने ये भी कहा कि उनका जीवन तबाह हो गया है और उन्हें बली का बकरा बनाया गया है.

  10. रवि शास्त्री ने भारतीय टीम की चयन प्रक्रिया को लेकर उठाए सवाल

    भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने टीम की चयन प्रक्रिया में बड़े बदलाव की वकालत की है. स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत में रवि शास्त्री ने कहा कि टीम के चयन में कप्तान और कोच की भी भूमिका होनी चाहिए. उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि टीम के चयन में कप्तान और कोच की भूमिका होनी चाहिए और ये काफ़ी अहम है. ख़ासकर उस समय जब कोच एक अनुभवी हो. जैसा कि मैं था और फ़िलहाल राहुल द्रविड़ हैं. "

    हाल में ही टेस्ट टीम के कप्तान विराट कोहली को जिस तरह वनडे की कप्तानी से हटाया गया, उसको लेकर काफ़ी विवाद हुआ था. विराट कोहली ने तो अपनी नाराज़गी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में जता दी थी. उनका कहना है कि टीम चयन से डेढ़ घंटे पहले उन्हें बताया गया कि वे वनडे टीम के कप्तान नहीं रहेंगे.

    रवि शास्त्री ने 2019 के विश्व कप की टीम में तीन विकेटकीपर्स को शामिल किए जाने को लेकर अपनी नाराज़गी एक बार फिर व्यक्त की. सेमी फ़ाइनल में भारत न्यूज़ीलैंड से 18 रन से हार गया था और इस मैच में तीनों विकेटकीपर्स महेंद्र सिंह धोनी, दिनेश कार्तिक और ऋषभ पंत खेले थे. हालाँकि रवि शास्त्री ने ये भी स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी चयनकर्ताओं के काम में दखल नहीं दिया. रवि शास्त्री ने कहा कि विश्व कप की टीम में तीन विकेटकीपर्स को रखने का कोई तर्क नहीं था, आप अंबटी रायुडू या श्रेयस अय्यर को रख सकते थे. अंबटी रायुडू को विश्व कप की 15 सदस्यीय टीम से बाहर रखने को लेकर भी काफ़ी विवाद हुआ था.

    इस साल हुए टी-20 विश्व कप के बाद कोच के रूप में रवि शास्त्री का कार्यकाल ख़त्म हो गया था. उनकी जगह राहुल द्रविड़ को ये ज़िम्मेदारी दी गई है. विराट कोहली ने विश्व कप के पहले ही टी-20 टीम की कप्तानी छोड़ने का फ़ैसला किया था. लेकिन उन्हें वनडे टीम की कप्तानी से भी हटा दिया गया है. उनकी जगह रोहित शर्मा को वनडे और टी-20 टीम का कप्तान बनाया गया है. विराट टेस्ट टीम के कप्तान बने रहेंगे.

  11. एलन मस्क पर क्यों लग रहे हैं अंतरिक्ष में टकराव पैदा करने के आरोप

    एलन मस्क ने उन दावों को खारिज किया है जिनमें कहा गया था कि उनकी कंपनी 'स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट प्रोजेक्ट' अंतरिक्ष में काफ़ी ज़्यादा जगह ले रही है.

    फ़ाइनेंशियल टाइम्स को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि पृथ्वी की कक्षा में दसियों अरब सैलेटलाइट रह सकते है.

    उनका ये बयान यूरोपियन स्पेस एजेंसी के उस बयान के बाद आया है जिसमें एजेंसी ने कहा था कि मस्क उभरते कमर्शियल स्पेस इंडस्ट्री के लिए ‘नियम-कायदे’ बना रहे हैं.

    इसी सप्ताह चीन ने भी शिकायत करते हुए कहा था कि उनके सैटेलाइट की स्टारलिंक के सैटेलाइट के साथ टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी और चीनी सैटेलाइट को बच कर निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा.

    इस आरोपों को ख़ारिज़ करते हुए मस्क ने कहा कि स्टारलिंक इंटरनेट सर्विस प्रोजेक्ट के सैटेलाइट किसी भी प्रतिद्वंदी का रास्ता नहीं रोक रहे हैं. पृथ्वी की कक्षा में सैलेटाइट्स के लिए काफ़ी जगह है.

    उन्होंने कहा, ‘’ ऐसी स्थिति बिलकुल नहीं है कि हम किसी भी तरह से दूसरों को रोक रहे हैं. हमने किसी को भी कुछ भी करने से नहीं रोका है, न ही हम इसकी उम्मीद रखते हैं."

    ‘’दो हज़ार सैलेटाइट कुछ भी नहीं हैं, ये ऐसा ही है जैसे धरती पर दो हज़ार कार हों.’’

    इस महीने, यूरोपीयन स्पेस एजेंसी के महानिदेशक,जोसेफ़ एसचबैकर ने चेतावनी दी थी कि एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक के हजारों कम्यूनिकेशन सैटेलाइट लॉन्च होने के कारण इंडस्ट्री के प्रतियोगियों के लिए बहुत कम जगह बची रह जाएगी.

  12. दिल्ली में धीरे-धीरे हो रहा है ओमिक्रॉन का कम्युनिटी स्प्रेड: स्वास्थ्य मंत्री

    दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि विदेश यात्रा न करने वाले लोगों का ओमिक्रॉन से संक्रमित होने का मतलब है कि धीरे-धीरे इसका कम्युनिटी स्प्रेड हो रहा है.

    उन्होंने कहा कि दिल्ली के अस्पतालों में 200 करोनो संक्रमित मरीज़ भर्ती हैं. इनमें विदेश यात्रा करने वाले भी हैं. उन्होंने जानकारी दी कि इनमें से 102 मरीज़ दिल्ली के हैं, जबकि 98 बाहर के हैं. उन्होंने बताया कि दिल्ली में कोरोना के कुल मामलों में 46 प्रतिशत लोग ओमिक्रॉन से संक्रमित हैं. दिल्ली में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 923 नए मामले दर्ज हुए हैं. पॉज़िटिविटी रेट अब एक से भी अधिक हो गई है.

    भारत में कोरोना के नए मामले बढ़कर 13154 हो गए हैं. ओमिक्रॉन से संक्रमित लोगों की कुल संख्या बढ़कर 961 हो गई है. इनमें अकेले दिल्ली में 263 लोग ओमिक्रॉन से संक्रमित हैं. महाराष्ट्र में ये संख्या 252 है. पिछले दिनों दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राज्य में येलो अलर्ट की घोषणा की थी. इस कारण कई तरह की पाबंदियाँ लगाई गई हैं. सिनेमाघर, जिम, स्कूल, कॉलेज को बंद कर दिया गया था. लेकिन जानकारों को लगता है कि जिस तरह कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है, आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है.

  13. नगालैंड में छह महीने और बढ़ाया गया आफ़स्पा

    केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नगालैंड में और छह महीने के लिए आर्म्ड फ़ोर्स स्पेशल पावर एक्ट (आफ़स्पा) बढ़ा दिया है.

    गुरुवार को मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफ़िकेशन में कहा गया,‘’केंद्र सरकार की राय है कि पूरे नगालैंड राज्य का क्षेत्र एक अशांत और ख़तरनाक स्थिति में है, यहाँ नागरिकों की सहायता के लिए सशस्त्र बलों का उपयोग आवश्यक है.‘’

    इसमें कहा गया है कि अधिनियम की धारा 4 के तहत दी गई शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, "केंद्र सरकार 30 दिसंबर,2021 से पूरे नगालैंड राज्य को छह महीने की अवधि के लिए'अशांत क्षेत्र' घोषित करती है. "

    इस महीने की शुरुआत में नगालैंड के मोन ज़िले में सुरक्षाबलों की कार्रवाई में कम से कम 13 आम लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद राज्य के मुख्यमंत्री नेफ़ियू रियो ने आर्म्ड फ़ोर्सेज़ स्पेशल पावर एक्ट को हटाने की मांग की थी.

    उन्होंने कहा था कि नगालैंड को अशांत क्षेत्र घोषित करते हुए ये एक्ट लागू किया गया था,लेकिन फ़िलहाल नगालैंड में संघर्ष विराम की स्थिति है और वहां शांति बनी हुई है. और ये कानून हटाया जाना चाहिए.

    आफ़स्पा क्या है?

    पूर्वोत्तर में बढ़ते अलगाववाद की समस्या को देखते हुए और सेना को कार्रवाई में मदद के लिए 11 सितंबर 1958 को आर्म्ड फ़ोर्सेज़ स्पेशल पावर एक्ट यानी आफ़स्पा पारित किया गया था.

    बाद में आतंकवाद से निपटने के लिए 1990 में इस क़ानून को जम्मू-कश्मीर में लागू किया गया. आफ़स्पा क़ानून कहीं भी तब लगाया जाता है जब उस क्षेत्र को वहां की सरकार अशांत घोषित कर देती है.

    इसके लिए संविधान में प्रावधान किया गया है और संविधान में अशांत क्षेत्र क़ानून यानी डिस्टर्ब्ड एरिया एक्ट मौजूद है जिसके अंतर्गत किसी क्षेत्र को अशांत घोषित किया जाता है.

    जिस क्षेत्र को अशांत घोषित कर दिया जाता है वहां पर ही आफ़स्पा क़ानून लगाया जाता है और इस क़ानून के लागू होने के बाद ही वहां सेना या सशस्त्र बल भेजे जाते हैं.

    ये कानून राज्य सरकार की ओर से राज्य को अशांत घोषित करने पर लगता है लेकिन ये कानून हटेगा या नहीं इसे तय करने में राज्यपाल की भूमिका अहम होती है, चूंकि राज्यपाल केंद्र सरकार की ओर तय किए जाते हैं ऐसे में ये क़ानून किसी राज्य में लागू रहेगा या हटेगा इसका फ़ैसला काफ़ी हद तक केंद्र सरकार के पास ही रहता है

  14. यूपी: समय पर चुनाव चाहती हैं पार्टियाँ, वोटिंग का समय एक घंटा बढ़ेगा- चुनाव आयुक्त

    मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में सभी राजनीतिक दल समय पर चुनाव चाहते हैं.

    उन्होंने कहा है कि कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए राज्य में वोटिंग का समय एक घंटे के लिए बढ़ाए जाने का फ़ैसला किया गया है.

    लखनऊ में प्रेस कॉन्फ़्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि आयोग ने तमाम राजनीतिक दलों से बात की है. सभी दल चाहते हैं कि चुनाव तय समय पर ही हों.

    इसके अलावा चुनाव आयुक्त ने आम लोगों से अपील की है कि वे विजिल एप का इस्तेमाल करें और चुनाव से जुड़ी किसी तरह की अनियमितताओं, आचार संहिता के उल्लंघन की जानकारी एप के ज़रिए चुनाव आयोग को दें ताकि उचित कार्रवाई की जा सके.

    उन्होंने बताया कि राज्य में निष्पक्ष चुनाव को सुनिश्चित करने के लिए सभी वोटिंग बूथ पर VVPAT मशीनें लगाई जाएंगी. चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए करीब 1 लाख वोटिंग बूथ पर लाइव वेबकास्टिंग की सुविधा उपलब्ध होगी.

    उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में ज़्यादा से ज़्यादा लोगों की भागीदारी की कोशिश की जा रही है. चुनाव आयोग को कई राजनीतिक दलों ने रैलियों की संख्या सीमित करने का सुझाव दिया है.

    उत्तर प्रदेश में मतदाताओं की संख्या 15 करोड़ से अधिक है. चुनाव आयोग ने बताया है कि पाँच जनवरी को फ़ाइनल वोटर लिस्ट आएगी. यूपी में 52 फ़ीसदी नए वोटर्स हैं.

    पिछले कुछ दिनों से चुनाव आयोग के अधिकारी उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं. गुरुवार को दौरे का आख़िरी दिन है.

  15. उत्तर प्रदेश: लखनऊ से चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फेंस LIVE

    उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ़्रेंस हो रही है.

  16. कालीचरण महाराज की गिरफ़्तारी पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार में ठनी

      • Author, आलोक पुतुल, रायपुर से बीबीसी हिंदी के लिए

    महात्मा गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले कालीचरण महाराज की गिरफ़्तारी को लेकर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार में ठन गई है.

    मध्य प्रदेश सरकार ने जहाँ इस पर आपत्ति जताई है, वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने कहा है कि न्याय में देरी नहीं होनी चाहिए.

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र को ये बताना चाहिए कि महात्मा गांधी को गाली देने वाले की गिरफ़्तारी से वे ख़ुश हैं या दुखी.

    उन्होंने कहा कि किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया है और छत्तीसगढ़ की पुलिस ने प्रक्रिया के तहत ही गिरफ़्तारी की है.

    गुरुवार सुबह कालीचरण महाराज को छत्तीसगढ़ पुलिस ने मध्य प्रदेश से गिरफ़्तार किया था. अब मध्य प्रदेश की सरकार ने उनकी गिरफ़्तारी के तरीक़े पर आपत्ति जताई है और कहा है कि छत्तीसगढ़ की पुलिस को इसकी सूचना देनी चाहिए थी.

    मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र ने कहा कि ये अंतरराज्यीय प्रोटोकॉल का उल्लंघन है और छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को ऐसा नहीं करना चाहिए था. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "हमें छत्तीसगढ़ पुलिस के तरीक़े पर आपत्ति है. ये अंतरराज्यीय प्रोटोकॉल का उल्लंघन है. छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को इस प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं करना चाहिए था. संघीय मर्यादाएँ इसकी बिल्कुल अनुमति नहीं देती हैं. उन्हें सूचना देनी चाहिए थी. छत्तीसगढ़ सरकार चाहती तो उनको नोटिस देकर भी बुला सकती थी."

    मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र ने कहा कि उन्होंने मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को कहा है कि वो तत्काल छत्तीसगढ़ के डीजीपी से बात करके अपना विरोध दर्ज कराएँ और स्पष्टीकरण भी लें. दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि न्याय में इतना विलंब नहीं होना चाहिए कि वो अन्याय लगने लगे. उन्होंने ट्वीट कर लिखा है- बापू को गाली देकर, समाज मे विष वमन करके अगर किसी पाखंडी को लगता है कि वो अपने मंसूबों में कामयाब हो जाएंगे, तो उनका भ्रम है. उनके आका भी दोनों सुन लें. भारत और सनातन संस्कृति दोनों की आत्मा पर चोट करने की जो भी कोशिश करेगा, न संविधान उसे बख्शेगा, न जनता उन्हें स्वीकार करेगी.

    पिछले दिनों छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित धर्म संसद में कालीचरण महाराज ने महात्मा गांधी को गाली दी थी. जिसके बाद काफ़ी विवाद हुआ था.

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि कालीचरण महाराज के परिवार और उनके वकील को गिरफ़्तारी की सूचना दे दी गई है. उन्हें 24 घंटे के अंदर अदालत में पेश किया जाएगा.

  17. कोरोना: देश में 24 घंटे में 13,000 से ज़्यादा नए केस, 961 हुए ओमिक्रॉन के मामले

    देश में बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस से संक्रमण के 13,154 नए मामले सामने आए है. कुल सक्रिय केस की संख्या82,402 और संक्रमण से अब तक 4,80,860 लोगों की मौत हुई है.

    स्वास्थ विभाग ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक़ देश में नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के संक्रमण का आंकड़ा 961 हो चुका है. दिल्ली में इसके 263 केस हैं और महाराष्ट्र में 252 ओमिक्रॉन केस सामने आए है.

    बुधवार को महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के केस मेंज़बरदस्त उछाल आया है. बीते 24 घंटों में राज्य में 2,510 नए केस रिपोर्ट किए गए. नहीं दिल्ली में बीते एक दिन में 923 नए केस सामने आए है.

    भारतीय सार्स-COV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टिया INSACOG ने कहा है कि अब परीक्षण में साफ़ हो गया है कि ओमिक्रॉन शरीर की इम्युनिटी से बच निकलने में कफ़ी हद तक सक्षम है. लेकिन शुरुआती अनुमान बताता है कि इसके संक्रमण से गंभीर रूप से बीमार पड़ने की संभावना अपेक्षाकृत कम है.

    वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस के डेल्टा और ओमिक्रॉन वेरिएंट मिल कर दुनिया में नए केसों की सुनामी ला रहे हैं.

    फ़्रांस में लगातार दूसरे दिन 208,000 नए मामले दर्ज किए गए हैं. वहीं अमेरिका की जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार,अमेरिका ने पिछले हफ़्ते हर दिन में औसतन 265,427 मामले दर्ज किए हैं.

  18. दो पाकिस्तानी समेत जैश के छह चरमपंथी एनकाउंटर में मारे गए - कश्मीर पुलिस

    कश्मीर पुलिस ने बताया है कि बुधवार को कश्मीर में सुरक्षाबलों और चरमपंथियों के बीच दो अलग-अलग मुठभेड़ में दो पाकिस्तानी समेत जैश-ए-मोहम्मद के छह चरमपंथी मारे गए है.

    इस मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी के भी घायल होने की ख़बर है.

    बुधवार शाम से कुलगाम ज़िले के नौगाम,अनंतनाग और मिरहमा में सुरक्षाबलों का ऑपरेशन जारी है,ये एनकाउंटर इस ऑपरेशन के दौरान हुआ है.

    कश्मीर पुलिस की ओर से इस एनकाउंटर की पुष्टि करते हुए इसे बड़ी कामयाबी बताया गया है.

    कश्मीर जोन के इंस्पेक्टर जनरल विजय कुमार ने कहा, ‘’प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के छह आतंकवादी दो अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए.''

    ''मारे गए आतंकवादियों में से 4 की पहचान हो चुकी है,इनमें से दो पाकिस्तानी और दो स्थानीय आतंकवादी हैं. अन्य 2 आतंकवादियों की पहचान की जा रही है. ये हमारे लिए एक बड़ी सफ़लता है.‘’

  19. महात्मा गांधी को गाली देने वाले कालीचरण महाराज गिरफ़्तार

      • Author, आलोक पुतुल, रायपुर से बीबीसी हिंदी के लिए

    रायपुर के धर्म संसद में महात्मा गांधी को गाली देने वाले कालीचरण महाराज को आज तड़के रायपुर पुलिस ने गिरफ़्तार किया है. कालीचरण की गिरफ़्तारी मध्य प्रदेश से की गई है.

    रायपुर के एसपी प्रशांत अग्रवाल के अनुसार, “बागेश्वर धाम के पास एक व्यक्ति के घर से तड़के चार बजे कालीचरण की गिरफ़्तारी की गई. उसने पास में एक लॉज भी बुक करा रखा था.”

    आरंभिक जाँच के बाद पुलिस ने कालीचरण महाराज के ख़िलाफ़ राजद्रोह की धाराएँ भी जोड़ दी हैं.

    प्रशांत अग्रवाल के अनुसार पुलिस टीम कालीचरण को लेकर रायपुर के लिए रवाना हो गई है. उन्हें रायपुर की स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा.

    पुलिस के अनुसार कालीचरण महाराज की गिरफ़्तारी के लिए तीन टीमें अलग अलग राज्यों में भेजी गई थी.

    रायपुर ‘धर्म संसद’ का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें अकोला के कालीचरण महाराज मंच पर महात्मा गांधी को गाली देते दिख रहे थे.

    वीडियो में नज़र रहा है कि कालीचरण महाराज महात्मा गांधी के लिए अभद्र शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं और उनकी हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे की प्रशंसा कर रहे हैं.

    पुलिस ने कालीचरण के ख़िलाफ़ रायपुर नगर निगम के स्पीकर और कांग्रेस नेता प्रमोद दुबे की शिकायत पर एफ़आईआर दर्ज किया था जिसके बाद ये गिरफ़्तारी हुई है.

    इस मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि जितने कड़े क़दम उठाए जा सकते हैं उतने कड़े क़दम उठाए जाएंगे.

    समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा था, "यहां पर उत्तेजक और हिंसात्मक बातें बर्दाश्त नहीं की जाती हैं. राष्ट्रपिता के बारे में इस प्रकार की बातें बोलना निश्चित रूप से दर्शाता है कि उनकी मानसिक स्थिति क्या है. जितनी निंदा की जाए उतनी कम है,जितने भी कड़े क़दम उठाए जा सकते हैं वह उठाए जाएंगे."

  20. योगी सरकार ने बदला झांसी रेलवे स्टेशन का नाम

    उत्तर प्रदेश के झांसी रेलवे स्टेशन का नाम अब वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन होगा. बुधवार को राज्य के गृह मंत्रालय के प्रस्ताव पर योगी सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर नाम बदलने का आदेश जारी किया.

    बुधवार देर रात को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसकी जानकारी देते हुए ट्वीट किया, ‘’उत्तर प्रदेश का'झाँसी रेलवे स्टेशन'अब'वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन'के नाम से जाना जाएगा.‘’

    उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपने कार्यकाल के लगभग पांच साल में कई ज़िलों और स्थानों के नाम बदले हैं जैसे फ़ैज़ाबाद का नाम बदल कर अयोध्या किया गया,इलाहाबाद का नाम बदल कर प्रयागराज कर दिया गया.

    बीते दिनों शिक्षा विभाग की सरकारी वेबसाइट पर मशहूर शायर अक़बर इलाहाबादी के नाम से इलाहाबादी बदल कर प्रयागराजी कर दिया गया था. इसके बाद शायरों के इस तरह नाम बदलने को लेकर यूपी सरकार की ख़ूब खिल्ली उड़ाई गई. बाद में इस छेड़छाड़ को वेबसाइट पर सुधार लिया गया.