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धर्म के नाम पर हिंसा करने वालों को बख़्शा नहीं जाएगाः इमरान ख़ान

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा कि जिन लोगों ने धर्म के नाम पर सियालकोट में जुल्म किया है उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि इस घटना ने न केवल पूरे देश को शर्मसार किया है बल्कि इससे देश की छवि भी धूमिल हुई है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे, पंकज प्रियदर्शी and अभिजीत श्रीवास्तव

  1. शहीद किसानों को मुआवज़ा और नौकरी ना देना मोदी सरकार की बड़ी ग़लती होगी-राहुल गांधी

    कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा है कि किसानों से माफ़ी मांगने वाली मोदी सरकार को आंदोलन में मारे गए किसानों को मुआवजा और नौकरी देनी चाहिए.

    लोकसभा में अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘’ किसान आंदोलन के दौरान 700 किसान शहीद हुए. प्रधानमंत्री ने देश और किसानों से माफ़ी मांगी. उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की. लेकिन 30 नवंबर को एक सवाल के जवाब में कृषि मंत्री जी ने कहा कि मारे गए किसानों का कोई डेटा नहीं है.‘’

    ‘’हमने पता लगाया कि पंजाब सरकार ने 400 किसानों को 5 लाख का मुआवज़ा दिया है और इनमें से 152 किसानों को रोज़गार दिया गया है. इसके अलावा हमने हरियाणा के 70 किसानों की भी लिस्ट बनाई है और आपकी सरकार कहती है कि हमारे पास कोई नाम नहीं है. मैं ये नाम आज सदन को सौंप रहा हूँ.‘’

    उन्होंने कहा- मैं चाहता हूँ कि देश के अन्नदाता को उसका अधिकार मिले. उन्हें मुआवज़ा और नौकरी दी जाए.

    राहुल गांधी ने इसके बाद ट्वीट भी किया- ‘’सत्याग्रही शहीद किसानों के नाम पर मुआवज़ा ना देना,नौकरी ना देना और अन्नदाताओं के ख़िलाफ़ पुलिस केस वापस ना लेना बहुत बड़ी ग़लतियाँ होंगी. आख़िर पीएम कितनी बार माफ़ी माँगेंगे?‘

    शीत सत्र के दौरान ही सांसदों के सवालों का लिखित जवाब देते हुए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि किसान आंदोलन में मरने वाले किसानों का कोई डेटा सरकार के पास नहीं है इसलिए इन्हें मुआवज़ा देने का कोई सवाल ही नहीं उठता.

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, एनआईए को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने सुधा भारद्वाज की ज़मानत के खिलाफ़ याचिका ख़ारिज की

    सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ की जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता और वकील सुधा भारद्वाज की ज़मानत को चुनौती देने वाली एनआईए की याचिका को ख़ारिज कर दिया है.

    बीते बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुधा भारद्वाज को 2018 के भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में ज़मानत दी थी.

    जस्टिस उदय उमेश ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुधा भारद्वाज को बॉम्बे हाईकोर्ट से मिली डिफ़ॉल्ट ज़मानत को रद्द करने से इनकार करते हुए कहा- ‘’भारद्वाज को ज़मानत देने के हाईकोर्ट के आदेश में कोई गड़बड़ी नहीं है.‘’

    अपने आदेश में हाईकोर्ट ने कहा था कि एनआईए 8 दिसंबर को उनकी ज़मानत की शर्तें तय करेगा जिसके बाद ही वह जेल से बाहर आ सकेंगी.

    सुधा भारद्वाज को पिछले सप्ताह डिफ़ॉल्ट ज़मानत मिली है जिसका मतलब है कि कानून द्वारा तय समयावधि में एनआईए सुधा भारद्वाज के खिलाफ़ आरोपपत्र दाख़िल करने में असमर्थ रही और इसलिए उन्हें कोर्ट ने ज़मानत दे दी.

    उन्हें 28 अगस्त 2018 को भीमा कोरेगाँव हिंसा मामले में गिरफ़्तार किया गया था. उन पर माओवादियों की मदद करने का आरोप लगाया गया था. बीते तीन साल से वह जेलमें हैं.

    2018 के भीमा कोरेगाँव हिंसा मामले में सुधा भारद्वाज के अलावा वरवर राव,सोमा सेन,सुधीर धावले,रोना विल्सन,एडवोकेट सुरेंद्र गाडलिंग,महेश राउत,वरनॉन गोंजाल्विस और अरुण फरेरा की ओर से भी ज़मानत याचिका दायर की की गई थी.

    लेकिन अदालत ने सुधा भारद्वाज के अलावा अन्य लोगों की ज़मानत ख़ारिज कर दी.

  3. निलंबित सांसदों को केंद्रीय मंत्री की सलाह- माफ़ी मांग लें, तो निलंबन वापस

    12 सांसदों का निलंबन रद्द करने की विपक्ष की मांग के बीच राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है.

    संसद के शीत सत्र से राज्यसभा ने 12 सांसदों को निलंबित कर दिया है. इन्हें नियमों की उपेक्षा कर ग़लत आचरण के मामले में निलंबित किया गया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस निलंबन पर कहा, ‘’ हमने विपक्ष को समझाया है कि ये निलंबन क्यों हुआ है. जो कुछ भी हुआ, देश ने देखा है. सब ऑन रिकॉर्ड है. अगर वे (निलंबित सांसद) आज भी माफी मांग लेते हैं,तो हम निलंबन वापस लेने के लिए तैयार हैं.‘’

    निलंबित किए गए सांसदों में छह कांग्रेस के हैं. ये छह हैं- फुलो देवी नेताम,छाया वर्मा,रिपुन बोरा,राजमणि पटेल,सैयद हुसैन और अखिलेश सिंह.''

    निलंबित किए गए सांसदों में शिव सेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी और टीएमसी सांसद डोला सेन भी शामिल हैं.

    इसके अलावा सीपीएम के इलामारम करीम,सीपीआई के बिनॉय विस्वाम,टीएमसी के शांता छेत्री और शिव सेना के अनिल देसाई हैं.

    इन सांसदों के ख़िलाफ़ मॉनसून सत्र में अनुशासन के उल्लंघन के मामले में कार्रवाई की गई है. इन पर मॉनसून सत्र के आख़िरी दिन 11 अगस्त को सुरक्षा बलों पर हमलावर रवैया अख्तियार करने का आरोप था.

  4. सिद्धू के झूठा कहने पर केजरीवाल ने पंजाब सरकार को इस मुद्दे पर घेरा

    पंजाब चुनाव को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस नेताओं के बीच बयानबाज़ी तेज़ हो गई है. एक दिन पहले ही पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने मुफ़्त बिजली के वादे पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को झूठा तक कह दिया था.

    सिद्धू ने कहा था- अरविंद केजरीवाल झूठे हैं. वे धनी लोगों पर टैक्स लगाते हैं और उसी पैसे से स्लम एरिया में मुफ़्त बिजली देते हैं. कब तक केजरीवाल लोगों को ये लॉलीपॉप देंगे.

    अब अरविंद केजरीवाल ने रेत माफ़िया को लेकर कांग्रेस की सरकार और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को घेरा है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि चन्नी साहिब बताएँ कि उनकी कैबिनेट में कितने रेता चोर और हैं?

    अरविंद केजरीवाल ने एक अन्य ट्वीट में लिखा है- आम आदमी पार्टी की सरकार अवैध रेता खनन बंद करेगी. पंजाब में रेता चोरी का पैसा अब नेताओं की जेब में नहीं, महिलाओं की जेब में जाएगा। इसीलिए पंजाब के सारे नेता मुझे गंदी गंदी गालियाँ दे रहे हैं.

  5. इंग्लैंड में ओमिक्रॉन का कम्यूनिटी ट्रांसमिशन हो रहा है- स्वास्थ्य मंत्री

    ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद ने पुष्टि की है कि इंग्लैंड के कई क्षेत्रों में ओमिक्रॉन का संक्रमण कम्यूनिटी ट्रांसमिशन पर पहुंच चुका है.

    उन्होंने सांसदों से कहा कि नया वेरिएंट "ब्रिटेन और दुनिया भर में" फैल गया है और अब इंग्लैंड में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनका "अंतरराष्ट्रीय यात्रा या यात्रा करने वालों से कोई संबंध नहीं" है.

    उन्होंने सोमवार को बताया कि पूरे ब्रिटेन में इस म्यूटेडेट वेरिएंट के कुल 336 पुष्ट मामले सामने आए हैं,केवल रविवार को ही नए 90 केस सामने आए हैं.

    इनमें से,261 केस इंग्लैंड में,71 स्कॉटलैंड में और चार केस वेल्स में हैं- जबकि उत्तरी आयरलैंड में अभी तक एक भी पुष्ट मामला सामने नहीं आया है.

    जाविद ने कहा कि जहां तक उनकी जानकारी है इन संक्रमितों में से कोई भी अस्पताल में भर्ती नहीं हैं.

    स्कॉटलैंड की प्रथम मंत्री निकोला स्टर्जन ने पहले ही कहा था कि ग्लासगो में एक स्टेप्स कॉन्सर्ट इवेंट में हिस्सा लेने वाले कई लोगों में ओमिक्रॉन का संक्रमण पाया गया है और ये कम्यूनिटी ट्रांसमिशन के स्तर पर पहंच चुका है.

    स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह भी कहा कि पिछले सप्ताह ही यूके में "थोड़ी" कम्यूनिटी ट्रांसमिशन की बात सामने आ रही थी.

    जाविद ने कहा कि ये वेरिएंट अधिक गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है या नहीं और वर्तमान वैक्सीन इस पर कितनी कारगर हैं इसे लेकर पूरी तस्वीर अभी साफ़ नहीं है.

  6. कोरोना वायरस: महाराष्ट्र में विदेश से लौटे 100 लोग नहीं हो पा रहे ट्रेस

    देश में बढ़ते ओमिक्रॉन के संक्रमण के मामले के बीच महाराष्ट्र में विदेश से आए 205 में से 109 लोगों को ट्रेस नहीं किया जा सका है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, कल्याण डोंबिवली नगर निगम के प्रमुख विजय सूर्यवंशी ने सोमवार को बताया कि ठाणे ज़िले के टाउनशिप में हाल ही में वापस आए 295 विदेशियों में से 109 का पता कोई नहीं चल सका है और उन्हें अब तक ट्रेस नहीं किया जा सका है.

    उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ लोगों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ हैं,जबकि कुछ के दिए गए पते पर ताला लगा हुआ है.

    सूर्यवंशी ने बताया कि केडीएमसी नियमों का कड़ाई से पालन कर रहा है और ’एट रिस्क’देशों से आने वाले सभी लोगों को सात दिन के लिए क्वारंटीन किया जा रहा है और आठवें दिन कोविड-19 टेस्ट के नेगेटिव आने पर ही उन्हें जाने की इजाज़त है.

    हाल ही में डोंबिवली इलाके में ओमिक्रॉन का एक केस सामने आया है.

    महाराष्ट्र में सोमवार को ओमाइक्रोन संक्रमण के दो नए मामले सामने आए,दक्षिण अफ़्रीका से लौटे 37 वर्षीय शख़्स और उनकी अमेरिका से लौटी 36 वर्षीय दोस्त के ओमिक्रॉन से संक्रमित होने की पुष्टि हुई. इसके साथ ही भारत में ओमिक्रॉन से संक्रमित होने वालों की संख्या 23 हो गयी है.

  7. अमेरिका की चेतावनी - रूस ने यूक्रेन पर हमला किया तो परिणाम भुगतने होंगे

    एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया है कि राष्ट्रपति जो बाइडन, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को चेताएंगे कि अगर उन्होंने यूक्रेन पर हमला किया तो रूस को इसके आर्थिक परिणाम भुगतने पड़ेंगे.

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिए वार्ता करेंगे.

    अधिकारी ने कहा कि आज राष्ट्रपति बाइडन, पुतिन से फ़ोन पर बात करेंगे और इस बात पर ज़ोर देंगे कि अगर रूस ने यूक्रेन पर हमला किया तो इसके परिणाम मंहगे पड़ेंगे.

    बीते दिनों अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए ने कहा था कि अगले साल की शुरूआत में रूस यूक्रेन पर हमले की तैयारी कर रहा है.

    यूक्रेन सीमा के पास क़रीब 94 हज़ार रूसी सैनिक तैनात है और रूस ने यूक्रेन की सीमा के पास भारी हथियार भी पहुंचाए हैं.

    ख़ुफ़िया एजेंसी की ओर से हमले की संभावना जताए जाने पर बाइडन ने कहा था कि ‘’ अगर रूस यूक्रेन पर हमला करेगा तो अमेरिका शांत नहीं बैठेगा और हम किसी भी तरह से पुतिन को उनके इरादों में कामयाब नहीं होंने देंगे.‘’

    यूक्रेन के रक्षा मंत्री ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा था कि हो सकता है कि रूस जनवरी के अंत में यूक्रेन की पूर्वी सीमा पर बड़ा आक्रमण करे.

    यूक्रेन में बीते सात सालों से गृहयुद्ध चल रहा है. रूस ने 2014 में क्राइमिया पर क़ब्ज़ा कर लिया था.

    यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में सक्रिय अलगाववादियों का भी रूस समर्थन करता है.

    हालांकि,रूस सीधे तौर पर यूक्रेन में जारी संघर्ष में शामिल होने से इनकार करता रहा है.

    यूक्रेन चाहता है कि वो पश्चिमी देशों के सुरक्षा संगठन नेटो का हिस्सा बने,जिसका अहम सदस्य अमेरिका भी है.

    वहीं,रूस नहीं चाहता कि नेटो सेनाएं ठीक उसके दरवाज़े तक पहुंच जाए.

  8. अमेरिका करेगा बीजिंग में होने वाले विंटर ओलंपिक का राजनयिक बहिष्कार, आख़िर क्यों?

    अमेरिका ने अगले साल बीजिंग में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक का राजनयिक बहिष्कार करने का ऐलान किया है.

    अमेरिका के राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस ने कहा कि चीन में हो रहे मानवाधिकार के उल्लंघन की चिंताओं के कारण खेलों में अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल शामिल नहीं होगा

    हालांकि ये साफ़ किया गया कि अमेरिकी एथलीट इसमें भाग ले सकते हैं और उन्हें सरकार का पूरा समर्थन मिलेगा.

    वाशिंगटन में चीनी दूतावास ने इस बहिष्कार को एक दिखावा क़रार दिया है. दूतावास ने कहा है कि इससे खेलों की कामयाबी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.

    इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने पिछले महीने ही कहा था कि वह साल 2022 के शीतकालीन ओलंपिक का राजनयिक बहिष्कार करेंगे.

    सोमवार को व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जेन साकी ने बहिष्कार की पुष्टि करते हुए कहा कि बाइडन प्रशासन ओलंपिक के "रंगारंग आयोजन" में योगदान नहीं देगा.

    उन्होंने कहा,‘’इन खेलों में अमेरिकी राजनयिक या आधिकारिक प्रतिनिधित्व का शामिल होना चीन के शिनजियांग में मानवाधिकारों के हनन और अत्याचारों को नज़रअंदाज़ करने जैसा होगा, हम ऐसा नहीं कर सकते.‘’

    2022 के शीतकालीन ओलंपिक के बाइडन प्रशासन के राजनयिक बहिष्कार से पहले, साल 1980 में अमेरिका ने मास्को ओलंपिक से अपने खिलाड़ी वापस बुला लिए थे और खेल में हिस्सा नहीं लिया था. अमेरिका ने सोवियत संघ के अफगानिस्तान पर किए गए हमले के विरोध ये क़दम उठाया था.

    इसके बदले में सोवियत ने 1984 में लॉस एंजिल्स में हुए ग्रीष्म ओलंपिक का बहिष्कार किया था.

    सोमवार को साकी ने कहा कि ‘’अमेरिकी सरकार मानती है कि उन एथलीटों को दंडित करना सही नहीं होगा जो इसके लिए लंबे समय से ट्रेनिंग ले रहे हैं,लेकिन 2022 खेलों के लिए आधिकारिक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को नहीं भेजना ‘एक स्पष्ट संदेश देगा’.’’

    अमेरिका के बादन्यूजीलैंड ने भी शीतकालीन ओलंपिक में मंत्री स्तर पर राजनयिक प्रतिनिधि नहीं भेजेने की घोषणा की है.

    मंगलवार कोदेश केउप प्रधानमंत्री ग्रांट रॉबर्टसन ने इस फ़ैसले के पीछे ओमिक्रॉन वेरिएंट के बढ़ते संक्रमण को वजह बताया.

    न्यूजीलैंड के सरकारी न्यूज़ चैनल टीवीएनजेड के अनुसार, अमेरिका की ओर से खेलों का बहिष्कार करने के बाद रॉबर्टसन से पत्रकारों ने न्यूज़ीलैंड का रूख़ पूछा. जिसके जवाब में उन्होंने कहा-हम पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि हमारे मंत्री स्तर पर प्रतिनिधिमंडल नहीं शामिल होंगे"

  9. नमस्कार!

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