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भारत ने कहा- पुतिन की यात्रा से मज़बूत हुए संबंध, कई अहम समझौते

भारत ने कहा है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की यात्रा से दोनों देशों के संबंधों को मज़बूती मिली है.

लाइव कवरेज

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना: भारत में पिछले 24 घंटों में 8306 मामले, 211 की मौत

    भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 8306 मामले सामने आए हैं और 211 लोगों की मौत हो गई है.

    देश में कोरोना के कुल मामलों की संख्या तीन करोड़ 46 लाख से ज़्यादा बनी हुई है और मरने वाली संख्या 4,73,437 पहुंच गई है.

    एक दिन में कोरोना से 8834 लोग ठीक भी हुए हैं. इस तरह अब तक तीन करोड़ 40 लाख से ज़्यादा लोग डिसचार्ज हो चुके हैं.

    कोरोना के सक्रिय मामले इस समय 98416 बने हुए हैं जिनमें लगातार कमी आ रही है. एक दिन में सक्रिय मामलों की संख्या में 739 की कमी आई है.

    वैक्सीनेशन की बात करें तो एक दिन में 24 लाख 55 हज़ार से ज़्यादा लोगों को वैक्सीन दी गई है.

  2. सिद्धू ने जब पकड़ी केजरीवाल की राह, अतिथि शिक्षकों के साथ दिया धरना

    पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे अतिथि शिक्षकों के साथ धरने पर बैठे. ये शिक्षक दिल्ली सरकार से उनकी नौकरी स्थायी करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

    धरने पर बैठे सिद्धू ने ट्वीट कर कहा दिल्ली में शिक्षक ‘बंधुआ मज़दूर’ और ‘दिहाड़ी मज़दूर’ की तरह काम करने को मजबूर हैं. उन्होंने लिखा जो लोगों को उपदेश और भाषण देते हैं उन्हें पहले खुद वो करके दिखाना चाहिए.

    सिलसिलेवार ट्वीट कर उन्होंने लिखा- "अरविंद केजरीवाल जी...दिल्ली स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि उनके साथ बंधुआ मज़दूर और दिहाड़ी मजदूर जैसा बर्ताव होता है, हर दिन भुगतान किया जाता है, छुट्टियों या वीकेंड के लिए कोई भुगतान नहीं, कॉन्ट्रैक्ट की कोई गारंटी नहीं, बिना नोटिस के हटा दिया जाता है."

    उन्होंने दिल्ली सरकार के शिक्षा मॉडल पर कई ट्वीट कर निशाना साधा. आम आदमी पार्टी इसी शिक्षा मॉडल को पंजाब में अपनी प्रमुख उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है.

    सिद्धू ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, "साल 2015 में दिल्ली में शिक्षकों की 12,515 वैकेंसी थीं, लेकिन 2021 में 19,907 वैकेंसी हैं. जबकि AAP सरकार गेस्ट लेक्चरर्स के जरिए खाली पदों को भर रही है. 2015 के घोषणापत्र में आपने दिल्ली में 8 लाख नई नौकरियों और 20 नए कॉलेजों का वादा किया था, नौकरियां और कॉलेज कहां हैं? आपने दिल्ली में सिर्फ 440 नौकरियां दी हैं. पिछले पांच साल में दिल्ली की बेरोज़गारी दर लगभग 5 गुना बढ़ गई है.’’

    पंजाब के हालिया दौरे पर, केजरीवाल ने वादा करते हुए कहा था कि राज्य में आम आदमी की सरकार आएगी तो दिल्ली में अपनाए गए पैटर्न की तर्ज पर हर बच्चे को "उच्च गुणवत्ता और मुफ्त" शिक्षा मिलेगी. उन्होंने दावा किया था कि दिल्ली सरकार के बजट का 25 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च किया गया है.

    नवंबर के अंत में, केजरीवाल मोहाली में शिक्षकों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे, ये शिक्षक रेगुलराइजेशन की मांग कर रहे थे. इसके साथ ही आम आदमी पार्टी ने वादा किया है कि पंजाब में उसकी सरकार बनने पर वो कॉन्ट्रैक्चुअल शिक्षकों और बाकी कर्मचारियों को पक्का करेगी.

    इसके अलावा 1 दिसंबर को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रूपनगर ज़िले के चमकौर साहिब के स्कूलों का दौरा किया. चमकौर साहिब पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का निर्वाचन क्षेत्र है. अपने दौरे के दौरान सिसोदिया ने कहा कि स्कूलों का बुनियादी ढांचा खराब है.

  3. पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने सियालकोट लिंचिंग पर कहा- लड़के हैं जोश में आकर हत्या कर दी

    पाकिस्तान के रक्षा मंत्री परवेज़ खट्टक ने सियालकोट में श्रीलंकाई नागरिक की लिंचिंग को लेकर कहा है कि "इस घटना को अंजाम देने वाले जवान लड़के थे, वो जोश में आ गए और ये हादसा हो गया, मैं भी जोश में आ कर ‘कुछ ग़लत कर’ सकता हूं."

    उन्होंने कहा कि इस घटना को तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) पर से सरकार के प्रतिबंध हटाने के फैसले से नहीं जोड़ा जाना चाहिए.

    बीते शुक्रवार को सियालकोट में ग़ुस्साई भीड़ ने कथित ईशनिंदा के आरोप में एक श्रीलंकाई नागरिक को पीट-पीट कर मार डाला और उनके शव को आग लगा दी. पाकिस्तान के मंत्री का ये बयान ऐसे वक़्त आया है जब पूरा देश इस घटना की निंदा कर रहा है और प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने इसे पाकिस्तान के लिए शर्मनाक बताया है.

    सोशल मीडिया पर यूजर्स इस घटना को टीएलपी से जोड़ रहे थे, लेकिन टीएलपी ने लिंचिंग से ख़ुद को अलग करते हुए इसकी निंदा की है.

    रविवार को पेशावर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक रिपोर्टर ने खट्टक से पूछा कि सियालकोट में हुई हत्या सरकार के टीएलपी पर प्रतिबंध हटाने के बाद हुई तो क्या सरकार इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए भविष्य में ऐसे समूहों के खिलाफ़ "प्रभावी कार्रवाई" पर विचार कर रही है?

    इसके जवाब में उन्होंने कहा,‘’बच्चे हैं, बड़े होते हैं, इस्लामी दीन है, तो ज्यादा जोश में आ जाते हैं और ऐसा काम कर देते हैं इसका ये मतलब नहीं है कि सरकार ने ये किया तो ऐसा हो गया. वहां पर लड़के जुटे और उन्होंने इस्लाम का नारा लगाया कि ये काम इस्लाम के ख़िलाफ़ है लड़के जोश में आ गए और ये हादसा हो गया अचानक. इसका ये मतलब नहीं है कि सब कुछ बिगड़ गया.‘’

    "कृपया आप लोगों को समझाएं कि लड़के जस्बे में आ गए और ये काम हो गया, मैं भी जोश में आ सकता हूं और कुछ ग़लत कर सकता हूं. इसका ये मतलब नहीं है कि पाकिस्तान तबाही की तरफ़ जा रहा है.‘’

    "नौजवान लड़के 'कुछ भी करने के लिए तैयार' होते हैं और ये उम्र के साथ सीखते हैं कि अपनी भावनाओं को कैसे नियंत्रित किया जाए. ‘तो यह बच्चों के बीच होता है,झगड़े होते हैं और यहां तक कि हत्याएं भी होती हैं.’ इसका मतलब यह है कि यह सरकार की गलती है.‘’

    हालाँकि इस बयान की चारों ओर हो रही आलोचना के बाद उन्होंने ट्वीट पर सफ़ाई पेश की.

    खट्टक ने कहा, ''मैं घटना की कड़ी निंदा करता हूं. मेरी बातचीत को संदर्भ से अलग नहीं किया जाना चाहिए. मैंने घटना को एक राजनीतिक दल से जोड़ने वाले एक प्रश्न का उत्तर दिया. पाकिस्तान चरमपंथ की हर रूप में निंदा करता है. घटना को पाकिस्तान को बदनाम करने से जोड़ना अस्वीकार्य है."

  4. नमस्कार!

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