दुनिया भर में सप्लाई चेन में आ रही दिक्कतों की वजह से चीज़ों की बढ़ती क़ीमतों और बढ़ती महंगाई के कारण तेल अवीव दुनिया का सबसे महंगा शहर बन गया है.
लाइव कवरेज
कीर्ति दुबे, रजनीश कुमार and अभिजीत श्रीवास्तव
सऊदी अरब ने भारत से हटाया फ़्लाइट बैन
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सऊदी अरब ने बुधवार को कई देशों पर लगा ट्रैवेल बैन हटा दिया. सऊदी अरब कोरोना महामारी से जुड़ी पाबंदियों में लगातार ढील दे रहा है. भारत, मिस्र, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, ब्राज़ील और वियतनाम पर लगा ट्रैवेल बैन ख़त्म कर दिया गया है.
इन छह देशों के लोग अब सऊदी अरब में आ सकते हैं. इन देशों के वे लोग अब सऊदी अरब आ सकते हैं, जिन्होंने 14 दिन पहले तक किसी और देश की यात्रा नहीं की थी. इन देशों से सऊदी आने वाले लोगों के पास वैध पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट होनी चाहिए.
इसके अलावा फ्लाइट पर सवार होने से 72 घंटे पहले क़दूम प्लेफॉर्म पर रजिस्टर करना अनिवार्य होगा. आने के पाँच दिन पाँच दिन क्वॉरंटीन रहना होगा. क्वॉरंटीन के पहले दिन और पाँचवां दिन टेस्ट भी कराना होगा.
ब्रेकिंग न्यूज़, दिल्ली में 8 रुपए प्रति लीटर सस्ता हुआ पेट्रोल
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समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, दिल्ली कैबिनेट ने पेट्रोल पर वैट में कटौती करते हुए 30 फ़ीसदी से 19.4 फ़ीसदी कर दिया है. दिल्ली में अब पेट्रोल प्रति लीटर आठ रुपए सस्ता हो जाएगा.नई क़ीमतें आज रात 12 बजे से प्रभावी होंगी.
दिल्ली में अभी पेट्रोल की क़ीमत 103.97 रुपए प्रति लीटर है जबकि डीज़ल की 86.67 रुपए प्रति लीटर है. वहीं, मुंबई में पेट्रोल 109.98 रुपए प्रति लीटर की दर से बेचा जा रहा है जबकि डीजल 94.14 रुपए प्रति लीटर है.
इससे पहले चार नवंबर को केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीज़ल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में कटौती की थी ताकि आसमान छूती क़ीमतों को थोड़ा नीचे लाया जा सके. इसके बाद लगातार 27 दिनों तक तेल की क़ीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया.
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CNN ने पत्रकार क्रिस कुमो को अपने भाई की मदद के मामले में किया निलंबित
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इमेज कैप्शन, क्रिस कुमो-दाएं, एंड्रियू कुमो बाएँ
अमेरिकी न्यूज़ चैनल सीएनएन के जाने-माने पत्रकार क्रिस कुमो को चैनल ने अनिश्चित काल के लिए निलंबित कर दिया है.
कुमो को यौन शोषण के आरोपों से जूझ रहे अपने भाई और न्यूयॉर्क के पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुमो की मदद करने के मामले में न्यूज़ चैनल ने उन्हें निलंबित करने का फ़ैसला किया है.
न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल ने नए दस्तावेज़ जारी किए थे, जिससे ये पता चलता है कि क्रिस कुमो ने किस हद तक अपने काम के ज़रिए बड़े भाई एंड्रियू की मदद की.
सीएनएन ने कहा कि दस्तावेज दिखाते हैं कि "उन्होंने (क्रिस कुमो) अपने भाई के लिए बड़े स्तर पर कोशिश की है, जिसके बारे में हमें पहले कोई जानकारी नहीं थी."
आरोपों के कारण एंड्रियू कुमो इस साल अगस्त में ही अपने पद से इस्तीफ़ा दे चुके हैं.
अपने राजनेता भाई की पर्दे के पीछे से मदद करने के लिए क्रिस कुमो की जमकर आलोचना हो रही है, इसे पत्रकारिता की नैतिकता का उल्लंघन बताया जा रहा है.
अटॉर्नी जनरल लेतितिया जेम्स ने सोमवार को हज़ारों पन्नों के दस्तावेज़ जारी किए, जिससे पता चला कि क्रिस कुमो ने गवर्नर ऑफिस के कर्मचारियों पर लगातार दबाव डाला कि वह उनके भाई का बढ़-चढ़ कर बचाव करें.
न्यूयॉर्क में कोरोना महामारी के संकट के बीच सीएनएन ने कुमो को अपने भाई का केस कवर ना करने के नियम में ढील दी थी, जिसके बाद क्रिस कुमो ने अपने गवर्नर भाई के इंटरव्यू किए और शो में बतौर गवर्नर उनके नेतृत्व की प्रशंसा की.
ब्रेकिंग न्यूज़, मोदी सरकार का लोकसभा में जवाब- आंदोलन में हुई किसानों की मौतों का रिकॉर्ड नहीं
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लोकसभा में एक लिखित जवाब में केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने कहा है कि उनके पास किसान आंदोलन में मरने वालों का रिकॉर्ड नहीं है, इसलिए मुआवज़े का सवाल ही नहीं उठता.
लोकसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन करते हुए मरने वाले किसानों के आंकड़ों की जानाकारी मांगी गई और साथ ही उनके परिवार को मुआवज़े के प्रावधान को लेकर भी सवाल पूछे गए.
मंगलवार को इन सवालों के लिखित जवाब में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन को बताया कि "कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के पास इस मामले का रिकॉर्ड नहीं है इसलिए ये सवाल ही नहीं उठता."
इसके अलावा एमएसपी लागू करने से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए सरकार ने कहा, "भारत सरकार कृषि लागत और मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सफारिश को ध्यान में रखते हुए हर साल उचित और औसत गुणवत्ता की 22 फसलों पर एमएसपी तय करती है. सरकार अपनी हस्तक्षेप योजनाओं के ज़रिए किसानों को लाभकारी कीमत भी प्रदान करती है. केंद्र और राज्य की एजेंसियां किसानों से एमएसपी पर खरीद भी करती हैं."
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इमेज कैप्शन, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दिया जवाब
किसान नेता क्या कहते हैं?
आंदोलन कर रहे किसान नेताओं का कहना है कि पिछले साल नंवबर से शुरू हुए धरने प्रदर्शनों के दौरान अब तक सात सौ से अधिक किसानों की मौत हुई है.
जिन तीन खेती कानूनों के विरोध किसान कर रहे थे वो तो सरकार ने संसद में निरस्त कर दिए हैं पर आंदोलन अब भी जारी है.
किसान संगठन आंदोलन के दौरान मरे किसानों के परिजनों को मुआवज़े की मांग कर रहे हैं. साथ ही वे किसानों के ख़िलाफ़ दर्ज किए गए मुकदमों को भी ख़ारिज करवाना चाहते हैं. न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी का कानून बनाने की मांग तो है ही.
सरकार ने संसद को जो कुछ बताया है उसपर फ़िलहाल किसान नेताओं की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
चार दिसंबर को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक, टिकैत ने दोहराया- आंदोलन जारी रहेगा
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किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि सरकार ने हमारी सभी मांगे नहीं मानी हैं इसलिए ये आंदोलन ख़त्म नहीं होगा.
किसान नेताओं को सरकार के बुलावे और संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक रद्द होने की खबरों के बीच समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘’संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक 4 दिसंबर को होने वाली है. हमारा आंदोलन ख़त्म नहीं होगा क्योंकि सरकार ने अभी तक हमारी मांगों को स्वीकार नहीं किया है.‘’
वहीं, किसान नेता दर्शनपाल सिंह ने कहा, ‘’आज 32 किसान संगठन और वे लोग जो सरकार के साथ बातचीत के लिए जाते थे,उनकी बैठक बुलाई गई है. ग़लती से घोषणा हो गई कि आज संयुक्त किसान मोर्चे की बैठक है. बैठक में हमारे लोगों के खिलाफ दर्ज़ मामलों, MSP की कमेटी के मुद्दे पर चर्चा होगी.’’
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मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने बयान जारी करते हुए कहा था कि सरकार ने पांच लोगों को समिति के सदस्य के रूप में आमंत्रित किया है.
संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "भारत सरकार की ओर से पंजाब किसान संगठन के नेता को फ़ोन आया था,वे एक समिति के लिए पांच नाम मांग रहे थे. लेकिन हमें इस बारे में कोई लिखित सूचना नहीं मिली है और ना ही समिति के बारे में कोई विवरण उपलब्ध है,इसलिए इस पर टिप्पणी करना जल्दबाज़ी होगी."
हालांकि भारत सरकार की ओर से इस समिति या इस पेशकश के बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आयी है.
माना जा रहा है कि यह समिति एमएसपी को लेकर हो सकती है.
संयुक्त किसान मोर्चा ने यह भी स्पष्ट किया है कि बुधवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और हरियाणा किसान संगठन के बीच कोई बैठक निर्धारित नहीं है और ना ही ऐसी किसी बैठक के लिए हरियाणा सरकार से आमंत्रण मिला है.
ब्रेकिंग न्यूज़, भीमा कोरेगाँव हिंसा मामले में सुधा भारद्वाज को मिली डिफॉल्ट ज़मानत
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बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को वकील और एक्टिविस्ट सुधा भारद्वाज को 2018 के भीमा कोरगाँव-यलगार परिषद हिंसा मामले में डिफॉल्ट ज़मानत दे दी है.
हालांकि अदालत ने आठ अन्य अभियुक्तों की ज़मानत अर्ज़ी को ठुकरा दिया. इनमें सुधीर डवाले, डॉ पी वरवरा राव, रोना विल्सन, सुरेंद्र गाडलिंग, प्रोफ़ेसर शोमा सेन, महेश राउत, वर्नोन गोंजाल्विस और अरुण फेरेइरा शामिल हैं.
इन सभी की गिरफ़्तारी 2018 में जून से अगस्त महीने की बीत हुई थी.
अदालत ने सुधा भारद्वाज को आठ दिसंबर से पहले एनआईए के विशेष कोर्ट में पेश होने के लिए कहा है और यहीं ज़मानत की शर्तों पर फ़ैसला होगा.
बॉम्बे हाई कोर्ट में जस्टिस एसएस शिंदे और एनजे जमादार की बेंच ने चार अगस्त को सुधा भारद्वाज की ज़मानत याचिका पर फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था.
तेल अवीव रहने के लिए दुनिया का सबसे महंगा शहर, दमिश्क सबसे सस्ता
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इसराइली शहर तेल अवीव को दुनिया में रहने के लिए सबसे महंगा शहर माना गया
है. यह आंकलन दुनिया भर में बढ़ रही मंहगाई के आधार पर किया गया है.
इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट ने एक सर्वे प्रकाशित किया है जिसमें दुनिया का
सबसे सस्ता शहर सीरिया की राजधानी दमिश्क को माना है.
वहीं महंगे शहरों के मामले में पेरिस और सिंगापुर दूसरे पायदान पर है. इनके
बाद ज़्यूरिख़ और हांगकांग सबसे महंगे शहर हैं.
वर्ल्डवाइड कॉस्ट ऑफ़ लिविंग इंडेक्स में दुनिया के 170 देशों में खाने और
सेवाओं के दामों की तुलना की गई है. इन दामों को अमेरिकी डॉलर के हिसाब से मापा
गया है.
बढ़ती महंगाई और सप्लाई चेन में ख़ामियों की वजह से पूरी दुनिया में जीवनयापन
की लागत काफ़ी बढ़ गई है.
24 घंटे में कोरोना के 8,954 नए केस, 267 मौतें
भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देशभर में बीते 24 घंटों में कोरोना वायरस के संक्रमण के 8,954 नए मामले सामने आए और इससे 267 मौतें हुई हैं.
जबकि 80 लाख से अधिक लोगों को कोरोना से बचाव का टीका लगाया गया.
महाराष्ट्र में ‘एट रिस्क’ देशों से आने वाले सभी यात्रियों के लिए ज़रूरी होगा 7 दिन का क्वारंटीन
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दुनिया भर में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के संक्रमण को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच महाराष्ट्र सरकार ने "एट रिस्क" देशों से आने वाले सभी यात्रियों के लिए सात दिन के लिए क्वारंटीन में रहना अनिवार्य कर दिया है.
इस निर्देश को तत्काल प्रभाव से लागू किया जा रहा है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ इन लोगों का क्वारंटीन के दौरान तीन बार- दूसरे दिन, चौथे दिन और सात दिन के बाद आरटी-पीसीआर टेस्ट किया जाएगा.
ओमिक्रॉन संक्रमण को लेकर भारत ने कुछ देशों को ‘एट रिस्क’ की श्रेणी में रखा है जिनमें यूके,यूरोप के 44 देश,दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर, हांगकांग और इज़राइल शामिल है.
इसके अलावा देश के दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों को वैक्सीन के बावजूद आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना होगा.
राज्य सरकार की ओर से आदेश में कहा गया है कि ‘’जिन यात्रियों का टेस्ट पॉज़िटिव आएगा उन्हें अस्पताल भेज दिया जाएगा जबकि टेस्ट नेगेटिव होने पर लोगों को सात दिनों के लिए क्वारंटीन किया जाएगा. ‘’
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राज्य सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि केंद्र की ओर से 28 नवंबर को'ओमिक्रॉन'के मद्देनजर जारी किए गए यात्रा दिशानिर्देश को ध्यान में रख कर ये पाबंदियां लगाई गई हैं, जिसे भविष्य में ज़रूरत पड़ने पर और बढ़ाया जा सकता है.
महाराष्ट्र की यात्रा करने वाले अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को पिछले 15 दिनों में जिन भी देशों का दौरा किया है उसका विवरण देना होगा.
दक्षिण अफ्रीका में पाए गए कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ‘चिंता का विषय’ बताया है. बताया जा रहा है कि इस नए स्ट्रेन का म्यूटेशन काफ़ी ज़्यादा है और संक्रमण काफ़ी तेज़ है.
भारत में अब तक इस नए वेरिएंट के एक भी मामले सामने नहीं आए हैं लेकिन कर्नाटक, चंडीगढ़ में दक्षिण अफ़्रीका से आए लोगों में कोरोना संक्रमण पाया गया है और उनके सैंपल को जिनोम सीक्वेसिंग के लिए लैब भेजा गया है.
मिशिगन के हाईस्कूल में गोलीबारी, तीन की मौत पांच घायल
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अमेरिका के मिशिगन में एक हाई स्कूल में हुई गोलीबारी में तीन छात्रों की मौत हो गई और एक शिक्षक समेत कुल आठ लोग ज़ख़्मी हुए हैं.
अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों में एक 16 साल का लड़का,14 साल की लड़की और एक 17 साल की लड़की शामिल हैं.
पुलिस के मुताबिक़ एक 15 साल के संदिग्ध ने सेमी-ऑटोमैटिक हैंडगन से 15 से 20 गोलियां चलाईं और अकेले ही इस हादसे को अंजाम दिया.
डेट्रॉयट से लगभग 40 मील दूर ऑक्सफोर्ड शहर में किए गए हमले के पीछे हमलावर का मकसद क्या था ये अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है.
ऑकलैंड के स्थानीय अधिकारी माइक मैककेबे ने मंगलवार को ऑक्सफोर्ड हाई स्कूल के बाहर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संवाददाताओं को बताया कि आपातकालीन सेवा के लिए स्थानीय समयानुसार 12:51 बजे कॉल मिली. इसके कुछ ही मिनटों बाद ही अधिकारियों को 911 पर 100 कॉल करके घटना की सूचना दी गई.संदिग्ध छात्र ने पुलिस के आने के पांच मिनट भीतर ही आत्मसमर्पण कर दिया.
चीन ने ताइवान पर हमला किया तो ख़ामोश नहीं रहेंगे अमेरिका और जापान - शिंजो आबे
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जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने कहा है कि चीन को ये बात समझ लेनी चाहिए कि अगर उसने ताइवान पर हमला किया तो जापान और अमेरिका चीन ख़ामोश नहीं रहेंगे.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक बुधवार को आबे ने ताइवान के एक थिंक टैंक को दिए गए वर्चुअल भाषण में कहा, ‘’ ताइवान में आपातकाल, जापान का भी आपातकाल है. और इस लिहाज से ये जापान-अमेरिका गठबंधन के लिए इमरजेंसी जैसे हालात होंगे.चीन के लोगों,खासकर राष्ट्रपति शी जिनपिंग को कभी भी ये ग़लतफ़हमी नहीं रखनी चाहिए कि जापान और अमेरिका उनका साथ देंगे.‘’
बीते साल प्रधानमंत्री का पद छोड़ने वाले आबे जापान की सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के सबसे बड़े गुट के प्रमुख हैं और उन्हें पार्टी के भीतर काफ़ी प्रभावशाली माना जाता है.
चीन और ताइवान
ताइवान ख़ुद को एक संप्रभु राष्ट्र मानता है जबकि चीन का मानना है कि वो उसका ही प्रांत है.
1940 में गृह युद्ध के दौरान चीन और ताइवान बँट गए थे लेकिन बीजिंग दोहराता रहा है कि वो इस द्वीप को प्राप्त करके रहेगा इसके लिए वो ताक़त का इस्तेमाल करने से भी नहीं बचेगा.
इस द्वीप का अपना संविधान है और लोकतांत्रिक रूप से चुने हुए नेता हैं. ताइवान के पास तीन लाख सैनिकों की फौज भी है.
हालांकि, फिर भी कुछ ही देश ताइवान को मान्यता देते हैं. इसकी जगह अधिकतर देशों ने बीजिंग स्थित चीनी सरकार को मान्यता दी हुई है.
हाल की महीनों में चीन और ताइवान के बीच एक बार फिर तनाव गहरा होता दिख रहा है. लगातार ताइवान के हवाई क्षेत्र में दख़ल देने के बाद अब चीन के शीर्ष नेतृत्व ने ताइवान के 'एकीकरण' यानी ख़ुद में मिलाने की बात कही है.
तालिबान की वापसी के बाद दर्जनों पूर्व सैनिक मारे गए या गायब हुए- रिपोर्ट
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एक रिपोर्ट में ये बात सामने आई है कि तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद 100 से अधिक पूर्व अफ़ग़ान सुरक्षा बलों के लोगों की या तो तालिबान ने हत्या कर दी या फिर वे गायब हो गए हैं.
ह्यूमन राइट्स वॉच की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि तालिबान नेतृत्व ने वादे के बावजूद स्थानीय कमांडरों ने पूर्व सैनिकों और पुलिस को निशाना बनाना जारी रखा है.
HRW ने तालिबान नेतृत्व पर अपने लड़ाकों द्वारा की जा रही इन हत्याओं को ‘शह’ देने का आरोप लगाया है.
हाल ही में तालिबान के प्रवक्ता ने बदले की भावना से की गई हत्या की घटनाओं से इंकार किया था.
अमेरिका ने 20 साल के युद्ध के बाद अफ़ग़ानिस्तान से अपने सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला किया जिसके बाद अगस्त के मध्य में देश की अशरफ़ गनी की सरकार को हटा कर तालिबान ने काबुल को अपने कब्ज़े में ले लिया था.
उस वक़्त तालिबान ने पूर्व सरकारी कर्मचारियों को आश्वासन देते हुए कहा था कि अतीत में पुलिस,सेना या राज्य की अन्य शाखाओं के लिए काम करने वाले लोग सुरक्षित रहेंगे. हम उनके खिलाफ़ कोई भी द्वेष नहीं रखते.
लेकिन कई लोगों ने तालिबान की इस मंशा पर संदेह जताया है. तालिबान का सुरक्षा बलों के लोगों और नागरिक समाज के लोगों की हत्या करने का एक लंबा इतिहास रहा है.
साल 2020 की शुरूआत से लेकर इस साल अगस्त में सत्ता में वापसी करने तक, लगभग 18 महीने तलिबान ने एक ख़ूनी अभियान चलाया जिसमें कई लोगों को निशाना बना कर हत्या की गई. पीड़ितों में न्यायधीश, पत्रकार और कार्यकर्ता भी शामिल हैं.
विश्लेषकों का कहना है कि ये ख़ूनी अभियान सत्ता में वापसी से पहले संभावित आलोचकों को ख़त्म करने और ज़िंदा बचे लोगों में डर पैदा करने के लिए था.
तालिबान इस समय वैश्विक स्तर पर पहचाने जाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है. देश में दुनिया से मिलने वाली राहत सामग्री और फंड ना मिल पाने सेआधारभूत चीज़ों का संकट गहराता जा रहा है.
वीडियो कैप्शन, Cover Story: क्यों ख़तरे में है लाखों अफ़ग़ान बच्चों की जान?
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