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पराग अग्रवाल ट्विटर के नए सीईओ, डोर्सी ने छोड़ा पद

जैक डोर्सी ने ट्वविटर पर इसकी जानकारी दी है. पराग अग्रवाल ने आईआईटी बॉम्बे से पढ़ाई की है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे

  1. गाज़ीपुर बॉर्डर से LIVE:, कृषि क़ानूनों की वापसी का बिल लोकसभा में पास. गाज़ीपुर बॉर्डर पर मौजूद किसानों की प्रतिक्रिया और ताज़ा हाल. ज़्यादा जानकारी के साथ बीबीसी के सलमान रावी

  2. अमेरिका और ईरान की वार्ता से हम चिंतित हैं: इसराइल

    ईरान से परमाणु समझौते को दोबारा पटरी पर लाने के लिए सोमवार को वियना में लगभग छह महीने बाद फिर से बातचीत शुरू हो रही है. इस बैठक में अमेरिकी डील में वापसी पर चर्चा भी होगी.

    लेकिन इससे ठीक एक दिन पहले रविवार को इसराइल के प्रधानमंत्री नेफ्टाली बेनेट ने कहा है कि वह इस बात से चितिंत हैं कि अमेरिका ईरान से प्रतिबंध हटाने की तैयारी कर रहा है.

    बेनेट ने कहा, "ईरान के परमाणु योजना पर अपर्याप्त अंकुशों के बदले उसे प्रतिबंधों में छूट देने और देश को अरबों डॉलर देने की मंशा से इसराइल काफ़ी चिंचित है. हम अमेरिका और ईरान से बातचीत करने वाले हर देश तक ये संदेश पहुँचाना चाहते हैं. "

    वियना में अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत चल रही है. इस बैठक में चीन,फ्रांस,जर्मनी,रूस और ब्रिटेन शामिल हैं, वहीं अमेरिकी अधिकारी बैठक में अप्रत्यक्ष रूप से भाग ले रहे हैं.

    2015 में ओबामा प्रशासन के साथ हुए परमाणु समझौते में ईरान पर परमाणु गतिविधियों को सीमित करने के बदले उससे प्रतिबंध हटाने का समझौता किया गया था. लेकिन 2018 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस समझौते से खुद को अलग कर लिया और ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए.

    लेकिन हाल ही में अमेरिका ने कहा कि वह इस समझौते की शर्तें एक बार फिर स्वीकार करने के लिए ईरान से बात करने को राज़ी है. हालांकि ईरान चाहता है कि पहला क़दम अमेरिका की ओर से उठाया जाए.

    इसराइल 2015 में हुए परमाणु समझौते का कड़ा विरोध करता रहा है और वह नहीं चाहता कि अमेरिका फिर इस समझौते में वापसी करे.

    इस साल अगस्त में,बेनेट ने जो बाइडन से मुलाक़ात की थी और ईरान पर चर्चा भी की थी. बाइडन ने इसराइली पीएम से कहा था कि अगर ईरान के परमाणु समझौते को लेकर कूटनीतिक बातचीत विफल हो जाती है,तो अमेरिका अन्य विकल्पों के लिए तैयार है.

    यरूशलम पोस्ट के अनुसार,एक वरिष्ठ इसराइली राजनयिक ने रविवार को कहा, "अमेरिका हमसे एक बात कहता है और दूसरे ही पल इसके ठीक उलट बात करता है."

    ‘’अमेरिका कह रहा है कि वह ईरान की परमाणु संवर्धन योजना को रोकना चाहता है लेकिन हमारा अनुभव कहता है कि किसी भी तरह से प्रतिबंध हटाना और ईरान में फंड पहुँचने से उसकी परमाणु योजना और मज़बूत होगी.‘’

  3. इस्लाम और साइंस में कोई लड़ाई नहीं: इमरान ख़ान

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने सोमवार को इस्लामाबाद में अल क़ादिर यूनिवर्सिटी में एक समारोह के संबोधन में एक वाक़ये का हवाला देते हुए कहा, ''अल्ला के ख़ौफ से जो कौम गर्मी में पानी नहीं पी सकती. वो कौम अल्ला के ख़ौफ से सच भी बोल सकती है. साइंस और इस्लाम में कोई लड़ाई नहीं थी.’’

    ‘’इस वक़्त पाकिस्तान में दो चीज़ों की ज़रूरत है. पाकिस्तान की यूनिवर्सिटी में रिसर्च को बढ़ावा दिया जाए. हम आने वाली नस्लों को पश्चिमी संस्कृति के बढ़ने के बारे में क्या बताएंगे. उनकी संस्कृति बढ़ तो रही है लेकिन उनकी आध्यात्मिक चीज़ें ख़त्म हो रही हैं. वहाँ चर्च क्यों बंद हो रहे हैं. हमारे युवा में कन्फ़्यूजन है. एक तरफ़ वो पश्चिम की तकनीक को देखता है तो लगता है कि वो पीछ रह गया है. लेकिन कुछ तो मसला है कि अध्यात्म के मामले में पश्चिम पीछे छूट रहा है? उनके परिवार में क्या मसले हैं? बच्चों को कम से कम अच्छे-बुरे के बारे में बताया सकता है. जो सबसे बेहतरीन काम इस्लाम के ऊपर काम हो रहा है, वहाँ फतवे का डर नहीं है. हमारे मुल्क में जिस तरह के नेता आने चाहिए वो नहीं आ पाते.''

  4. MSP का अधिकार मिलने तक प्रदर्शन जारी रहेगा: राकेश टिकैत

    भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि सरकार चाहती है कि देश में कोई प्रदर्शन ना हो, लेकिन जब तक एमएसपी और अन्य मुद्दों बात नहीं होगी हम प्रदर्शन ख़त्म नहीं करेंगे.

  5. ब्रेकिंग न्यूज़, लोकसभा में कृषि क़ानूनों की वापसी का बिल ध्वनिमत से पास

    लोकसभा में तीनों विवादित कृषि क़ानूनों की वापसी का बिल हंगामे के बीच लोकसभा में ध्वनिमत से पास कर दिया गया. विपक्ष इस पर बहस की मांग कर रहा था. इस बिल को कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने पेश किया.

    लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के मिनट भर में ही कृषि क़ानूनों की वापसी का बिल पास कर दिया गया. इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी गई.

    इससे पहले कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट कर कहा था कि मोदी सरकार संसद में बिना बहस के कृषि बिल वापस लेना चाहती है. रमेश ने कहा था कि 16 महीने पहले कृषि बिलों को बेहद अलोकतांत्रिक तरीक़े से पास किया गया था और इसे वापस भी उसी तरीक़े से लेने की कोशिश हो रही है.

    कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने संसद में कृषि क़ानूनों की वापसी का बिल वापस लेने के तरीक़े पर सवाल उठाया है. सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा है, ''तीनों कृषि विरोधी काले क़ानूनों को ना पारित करते चर्चा हुई, न ख़त्म करते हुए चर्चा हुई. क्योंकि चर्चा होती तो हिसाब देना पड़ता, जबाब देना पड़ता. खेती को मुट्ठी भर धन्नासेठों की ड्योढ़ी पर बेचने के षड्यंत्र का. 700 से अधिक किसानों की शहादत का. फसल का MSP न देने का.''

  6. UPTET की परीक्षा निरस्त होने से परीक्षार्थी निराश

  7. बाबुल सुप्रियो के इस्तीफ़े को लोकसभा अध्यक्ष ने स्वीकार किया

    संसद के शीत सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार संसद में सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है. पीएम मोदी ने कहा कि सरकार हर बहस के लिए तैयार है लेकिन पार्टियों को संसद की गरिमा के साथ पेश आना चाहिए.

    हालांकि लोकसभा की शुरुआत हंगामे के साथ हुई इसलिए एक घंटे के लिए कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. संसद स्थगित होने के बाद जब 12 बजे कार्यवाही शुरू हुई तो लोकसभा अध्यक्ष ने पश्चिम बंगाल से लोकसभा सांसद बाबुल सुप्रियो के इस्तीफ़े की सूचना दी और कहा कि उन्होंने इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया है.

  8. ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित होने के लक्षण क्या हैं?

    कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन का सबसे पहले पता लगाने वाली दक्षिण अफ़्रीकी डॉक्टर एंजेलिक कोएट्ज़ी का कहना है कि अब तक नए वेरिएंट से संक्रमित मरीज़ों में बेहद मामूली लक्षण नज़र आ रहे हैं.

    बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ''मेरे पास 33 साल का एक मरीज़ आया था. एक सर्जरी के लिए, उसने मुझे बताया कि वह बीते दो दिनों से बहुत थका हुआ महसूस कर रहा है और उसके सिर में थोड़ा दर्द है. सर्जरी से पहले हमने उसका टेस्ट किया और वो कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित था.''

    ''इसके बाद हमने उसके पूरे परिवार का टेस्ट किया और पूरा परिवार भी पॉजिटिव पाया गया. सभी को बेहद मामूली लक्षण थे. ना इन्हें कफ़ की परेशानी थी और ना ही इन लोगों में स्वाद और महक महसूस करने क्षमता ख़त्म हुई थी, इनमें ये सब कुछ सामान्य था.‘’

    ‘’ज़्यादातर जो मरीज़ हमारे पास आए उनमें बेहद मामूली लक्षण ही थे लेकिन वे सभी नए वेरिएंट के शिकार पाए गए. मैं देश की कोविड कमिटी का हिस्सा हूँ इसलिए मैंने ये बात कमिटी को बताई की कोरोना के जो पॉज़िटिव मामले सामने आ रहे हैं, वो डेल्टा वेरिएंट से बिल्कुल अलग हैं. इसके बाद सैंपल की लैब में टेस्टिंग हुई तो पता चला कि ये एक नया वेरिएंट है.‘’

    दक्षिण अफ़्रीका से सामने आए कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन को "चिंता का कारण" माना जा रहा है, प्रारंभिक सबूत बताते हैं कि इसमें म्यूटेशन काफ़ी तेज़ है और रि-इंफेक्शन का ख़तरा की काफ़ी ज़्यादा है.

    इस महीने की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका में इस वेरिएंट का पता चला था और फिर बीते बुधवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को इसकी सूचना दी गई.

  9. ब्रेकिंग न्यूज़, लोकसभा में आज कृषि क़ानूनों की वापसी वाला बिल होने जा रहा पेश

    आज से संसद का शीत सत्र शुरू हो रहा है. यह सत्र 25 दिनों के लिए है. 29 नवंबर से 23 दिसंबर तक शीत सत्र चलेगा.

    सोमवार को शीत सत्र की शुरुआत हंगामे के साथ हुई. सत्र की शुरुआत हुए कुछ ही मिनट हुए थे कि विपक्षी सांसदों ने सरकार के ख़िलाफ़ नारे लगाने शुरू कर दिए.

    लोकसभा अध्यक्ष ने ओम बिड़ला ने सांसदों से शांति की अपील की लेकिन कुछ असर नहीं हुआ. ऐसे में लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी.

    शीत सत्र में कुल 36 बिल पास होने की उम्मीद है.

    इनमें एक बिल तीनों विवादित कृषि क़ानूनों को वापस लेने वाला भी शामिल है. विपक्ष सरकार को कई मुद्दों पर घेरेगी. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट कर कहा है कि मोदी सरकार संसद में बिना बहस के कृषि बिल वापस लेना चाहती है.

    रमेश ने कहा कि 16 महीने पहले कृषि बिलों को बेहद अलोकतांत्रिक तरीक़े से पास किया गया था और इसे वापस भी उसी तरीक़े से लेने की कोशिश हो रही है.

    कांग्रेस का कहना है कि विपक्ष वापसी वाले बिल पर बहस चाहता है. मोदी सरकार को विपक्ष पेगासस जासूसी और बढ़ती महंगाई पर भी संसद में घेर सकता है.

    आज लोकसभा में शीत सत्र के पहले दिन ही कृषि क़ानून वापसी बिल पेश होने के लिए सूचीबद्ध है. इस बिल को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर पेश करेंगे.

    सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने अपने सांसदों को सदन में मौजूद रहने के लिए विप जारी किया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि आज संसद में अन्नदाता के नाम का सूरज उगाना है.

    वहीं, सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है. प्रधानमंत्री ने कहा कि सदन में बहस के लिए उनकी सरकार तैयार है लेकिन सभी दलों को संसद की गरिमा और अध्यक्ष पद की गरिमा बनाए रखना चाहिए.

    विपक्ष के कई नेताओं ने गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को पद से बर्खास्त करने की भी मांग की है. अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा लखीमपुर खीरी हिंसा के मामले में अभियुक्त हैं.

  10. भारत में कोरोना: बीते चौबीस घंटों में कितने नए कोरोना मरीज़ और कितनों को लगी वैक्सीन?

  11. दक्षिण अफ्रीका से महाराष्ट्र आया शख़्स कोरोना पॉज़िटिव, ओमीक्रोन के टेस्ट के लिए भेजा गया सैंपल

    दक्षिण अफ्रीका से सामने आने वाले नए कोरोना वायरस के वेरिएंट ओमीक्रोन ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है.

    भारत की भी नए वेरिएंट को लेकर चिंताए बढ़ गई हैं और इस बीच दक्षिण अफ्रीका से महाराष्ट्र वाला एक शख़्स कोरोना पॉज़िटिव पाया गया है.

    इस शख़्स के सैंपल को जिनोम सिक्वेंसिंग के लिए लैब भेजा गया है ताकि ये पता लगाया जा सके कि संक्रमण नए वेरिएंट ओमीक्रोन का है या नहीं.

    कल्याण डोंबिवली नगर निगम अधिकारी डॉ. प्रतिभा पनपाटिल ने समाचार एजेंसी एएनआई से इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ''व्यक्ति नेदक्षिण अफ्रीका से दिल्ली और फिर दिल्ली से मुंबई की यात्रा की थी. उन्हें नगर निगम के आइसोलेशन रूम में क्वारंटाइन किया गया है. उनके भाई की रिपोर्ट निगेटिव आई है,पूरे परिवार का टेस्ट आज किया जाएगा.

    दिल्ली,मध्य प्रदेश,महाराष्ट्र,केरल,कर्नाटक और उत्तराखंड की सरकारों ने कोरोना के नए वेरिएंट के मद्देनज़र जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

  12. कोरोना वायरस: नए वेरिएंट के बाद लगे प्रतिबंध पर दक्षिण अफ़्रीका ने कहा- इससे कुछ हासिल नहीं होगा

    दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति ने कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रोन के सामने आने के बाद अपने देश और पड़ोसी मुल्कों पर लगाए गए यात्रा प्रतिबंध की निंदा की है.

    सिरिल रामाफोसा ने कहा कि वह इस कार्रवाई से "बेहद निराश" हैं. उन्होंने इसे अनुचित ठहराते हुए प्रतिबंधों को तत्काल हटाने की मांग की है.

    ब्रिटेन,यूरोपियन यूनियन और अमेरिका उन देशों में शामिल हैं जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका सहित कुछ अन्य अफ्रीकी देशों पर यात्रा प्रतिबंध लगाए हैं.

    दक्षिण अफ्रीका से सामने आए कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रोन को "चिंता का कारण" माना जा रहा है, प्रारंभिक सबूत बताते हैं कि इसमें म्यूटेशन काफ़ी तेज़ है और रि-इंफेक्शन का ख़तरा की काफ़ी ज़्यादा है.

    इस महीने की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका में इस वेरिएंट का पता चला था और फिर बीते बुधवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को इसकी सूचना दी गई.

    पिछले दो हफ्तों में दक्षिण अफ्रीका के सबसे अधिक आबादी वाले प्रांत गौटेंग में इसके ज़्यादातर मामले सामने आए लेकिन अब ये पूरे देश में फैल चुका है.

    डब्ल्यूएचओ ने जल्दबाज़ी में यात्रा पर प्रतिबंध लगाने वाले देशों को चेतावनी देते हुए कहा है कि उन्हें "जोखिम-आधारित और वैज्ञानिक दृष्टिकोण" वाले अप्रोच के बारे में सोचना चाहिए. जबकि,हाल के दिनों में नए वेरिएंट पर चिंताओं के बीच कई देशों से दक्षिण अफ्रीका पर यात्रा प्रतिबंध लगाए गए हैं.

    रामाफोसा ने रविवार को अपने भाषण मेंकहा कि यात्रा प्रतिबंधों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है और दक्षिणी अफ्रीका अनुचित भेदभाव का शिकार है. उन्होंने यह भी तर्क दिया कि प्रतिबंध वेरिएंट के प्रसार को रोकने में प्रभावी नहीं होंगे.

    उन्होंने कहा, "यात्रा पर प्रतिबंध प्रभावित देशों की अर्थव्यवस्थाओं को और नुकसान पहुंचाएगा और महामारी का जवाब देने और उससे उबरने की हमारी क्षमता को कम करेगा."

  13. पाकिस्तान: क़ुरान के कथित अपमान पर भड़की हिंसा, प्रदर्शनकारियों ने लगाई थाने में आग

      • Author, मोहम्मद ज़ुबैर ख़ान
      • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

    पाकिस्तान के ख़ैबर पख्तूनख़्वा प्रांत में स्थित चारसद्दा ज़िले के तांगी इलाके में क़ुरान के कथित अपमान के मामले के बाद हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं.

    गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय पुलिस थाने पर धावा बोल दिया और थाने में आग लगा दी.

    जहांगीर ख़ान थाने के एसएचओ बहराममंद शाह ने बताया कि इलाके में ऐसी अफ़वाहें चल रही थीं कि किसी ने क़ुरान का अपमान किया है. पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए युवक को गिरफ़्तार कर जांच शुरू कर दी है.

    उन्होंने बताया कि जब प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तारी की ख़बर मिली तो भीड़ थाने पहुंच गई और मांग की कि गिरफ्‍तार किए गए व्यक्ति को उन्हें सौंप दिया जाए.

    एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक़,रविवार सुबह से इलाके में क़ुरान के कथित अपमान की अफवाहें फैल रही थीं और फिर शाम को इलाके में यह ख़बर फैल गई कि क़ुरान का अपमान करने वाले को पुलिस थाने ले जाया गया है. इसके बाद बड़ी संख्या में लोग थाने के बाहर जमा हो गए और आरोपियों को सौंपने की मांग की.

    चश्मदीद ने बताया कि ‘’इस मांग को लेकर पहले तो नारेबाज़ी जारी रही और फिर अचानक से भीड़ भड़क उठी और पुलिस थाने को भी लोगों ने क्षतिग्रस्त कर दिया.’’

    एक अन्य चश्मदीद ने बताया कि थाने पर मौजूद पुलिसकर्मी काफ़ी देर तक हालात को काबू करने का प्रयास करते रहे लेकिन आक्रोशित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही थी.

    बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मियों ने हालात बेकाबू होता देख थाना खाली कर दिया और बचकर भाग निकले.

    चारसद्दा के एक स्थानीय पत्रकार अली अकबर मोहमंद के अनुसार,क़ुरान के कथित अपमान के बारे में अलग-अलग अफवाहें फैल रही हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक घटना शनिवार शाम की है और दूसरी रिपोर्ट के मुताबिक घटना रविवार सुबह की बताई जा रही है.

    अली अकबर मोहमंद के मुताबिक इस घटना ने लोगों को भड़का दिया. जब प्रदर्शनकारियों ने थाने पहुंच कर आरोपियों को सौंपे जाने की मांग की और झड़प बढ़ी, तो पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया.

    हालांकि भारी संख्या में जुटे लोगों के सामने पुलिस टिक नहीं सकी और आखिरकार पुलिस को गिरफ़्तार किए गए आरोपियों को लेकर थाना छोड़ना पड़ा, हालांकि पुलिस ने गिरफ्तार किए गए लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की है.

  14. प्रयागराज: दलित परिवार की हत्या के मामले में यूपी पुलिस का नया दावा

    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुधवार को हुई दलित परिवार के चार सदस्यों की हत्या के मामले में पुलिस ने 23 साल के एक युवक को गिरफ्तार किया है.

    प्रयागराज के एडीजी प्रेम प्रकाश ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि, "23 साल के अभियुक्त पवन सरोज की गिरफ़्तारी हुई है. पवन सरोज मृतक पक्ष की जाति का है. ये लड़की को परेशान करता था. मोबाइल पर भेजे गए संदेशों और आकस्मिक सबूतों के आधार पर पवन सरोज की गिरफ्तारी की गयी है. हत्या में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी विवेचना जारी है. कॉल डिटेल्स, डीएनए प्रोफाइलिंग के आधार पर आगे की करवाई की जा रही है."

    प्रयागराज पुलिस के इस दावे के बाद अभी पीड़ित दलित परिवार की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

    हालांकि मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया था कि गांव के एक दबंग परिवार की कुछ समय से उन लोगों की रंजिश चली आ रही थी और सितम्बर में परिवार वालों के साथ मारपीट भी की गई थी.

    परिवार वालों ने पुलिस की मिलीभगत का भी आरोप लगाया था जिसके बाद एक सिपाही और एक पुलिस अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया.

    एफआईआर के आधार पर पुलिस ने आठ लोगों की गिरफ्तारी की थी जिसमें एक महिला भी शामिल है.

    ताज़ा गिरफ़्तारी के बाद एडीजी प्रेम प्रकाश ने कहा कि, "जो अभी तक जो नामजदगियां हुई थीं, उसमे इन लोगों का छोटा सा विवाद सिर्फ मृतक पक्ष के भाई से था. उसे लेकर अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है.इस पर अभी भी जांच चलेगी."

    एफ़आईआर में परिवार के रिश्तेदारों ने लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार का भी आरोप लगाया था.

    इस बारे में पुलिस का कहना है, "बलात्कार की पुष्टि हो चुकी है. पोस्टमॉर्टम पैनल ने बताया है कि जिस्म पर घावों में काफी सीमेट्री है. इससे संकेत मिलता है एक व्यक्ति ने ही मारने और काटने का काम किया गया है."

    क्या है घटना?

    यह वारदात प्रयागराज के फाफामऊ के मोहनगंज गोहरी गांव की है जब बुधवार रात को 50 साल के गांव के निवासी, उनकी 45 वर्षीया पत्नी, 25 साल की बेटी और 10 साल बेटे घर में सो रहे थे और सभी की कुल्हाड़ी मार कर हत्या कर दी गयी.

    शुक्रवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने परिवार से मिलने के बाद कहा था कि 'ये घटना सरकारी सरंक्षण में दलितों के साथ हुआ नरसंहार है.'

    रविवार को आम आदमी पार्टी ने प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन भी किए और मामले कीसुनवाई फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट से करवाने और अभियुक्तों को फांसी की सज़ा देने की मांग की.

  15. ईरान के साथ परमाणु समझौते पर बात कर सकता है अमेरिका, विएना की बैठक पर निगाहें

    पांच महीने के इंतज़ार के बाद विएना में ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते को बचाने के लिए महत्वपूर्ण बातचीत फिर से शुरु होने वाली है.

    इसमें अधिकारी साल 2015 में ईरान के साथ किए गए परमाणु समझौते में अमेरिका की संभावित वापसी पर चर्चा करेंगे. 2015 में ओबामा प्रशासन के साथ हुए परमाणु समझौता में ईरान पर परमाणु गतिविधियों को सीमित करने के बदले उससे प्रतिबंध हटाने का समझौता किया गया था.

    लेकिन 2018 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस समझौते से खुद को अलग कर लिया और ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए.

    लेकिन हाल ही में अमेरिका ने कहा कि वह इस समझौते की शर्तें एक बार फिर स्वीकार करने के लिए ईरान से बात करने को राज़ी है.हालांकि ईरान चाहता है कि पहला क़दम अमेरिका की ओर से उठाया जाए.

    पश्चिमी राजनयिकों ने चेताया है कि इस समझौते पर बातचीत कर निष्कर्ष निकालने के लिए वक्त तेज़ी से खत्म हो रहा है क्योंकि अमेरिका के समझौते से बाहर निकलने के बाद ईरान ने अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम में तेज़ी ला दी.

    पांच देशों के समूह और ईरान के बीच ऑस्ट्रिया की राज़धानी विएना में अप्रैल में ये वार्ता शुरू हुई. ज्वाइंट कंपरिहेंसिव प्लान ऑफ़ एक्शन के नाम वाले इस समूह में- चीन, फ्रांस,जर्मनी,रूस और यूके शामिल हैं,वहीं अमेरिकी अधिकारियों भी इस बैठक में अप्रत्यक्ष रूप से भाग लिया.

    एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने अंग्रेज़ी अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि इस समझौता क़दम उठाने की जरूरत है और अब जून में ईरानी राष्ट्रपति चुनाव से पहले वाशिंगटन और तेहरान इस समझौते पर बात करने के लिए "काफी हद तक सही" स्थिति में हैं.

  16. नमस्कार,

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