अफ़ग़ानिस्तान: काबुल में महिलाएं सड़कों पर उतरीं, राष्ट्रपति भवन के सामने किया प्रदर्शन

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में शुक्रवार को कुछ महिलाओं ने राष्ट्रपति भवन के सामने विरोध प्रदर्शन किया है.

लाइव कवरेज

मोहम्मद शाहिद, रजनीश कुमार and अनंत प्रकाश

  1. अमेरिका पर चीन ने किया क़रारा तंज़, पुतिन के बयान का समर्थन भी किया

    चीन के विदेश मामलों के प्रवक्ता वांग वेंबिन

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    चीनी विदेश मंत्रालय ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के बयान का समर्थन करते हुए कहा है कि अमेरिका अफ़ग़ानिस्तान में ‘लोकतंत्र लागू करने में नाकाम’ रहा है.

    रूसी राष्ट्रपति ने अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिका के 20 साल लंबे अभियान पर कहा था कि इससे ‘ज़ीरो’ परिणाम हासिल हुए हैं.

    चीन के विदेश मामलों के प्रवक्ता वांग वेंबिन ने पत्रकार वार्ता के दौरान कहा, “राष्ट्रपति पुतिन का दृष्टिकोण अमेरिका के गहराई से सोच-विचार करने के लिए काफ़ी है. अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति दिखाती है कि अगर बाहर से कोई लोकतांत्रिक ढांचा लागू करने या थोपने की कोशिश की जाएगी तो वो सिर्फ़ अराजकता और उथल-पुथल ही लेकर आएगी और आख़िरकार इससे नाकामी ही होगी.”

    वांग ने पुतिन की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका के ‘सैन्य दख़ल से केवल त्रासदियां आईं और ज़िंदगियां गईं’ और अमेरिका का 20 साल लंबा युद्ध दिखाता है कि ‘दूसरे देशों पर विदेशी मूल्यों को थोपना असंभव है.

    उन्होंने कहा, “यह अब उम्मीद की जाती है कि अमेरिकी पक्ष अब ईमानदारी से आत्म-विश्लेषण करेगा, सबक़ लेगा, अपनी विचारधारा और मूल्यों को बेचना बंद करेगा, हर मोड़ पर दूसरे देशों में सैन्य दख़ल देना रोकेगा, मानवाधिकार के भेष में अंतरराष्ट्रीय अखाड़े में विभाजन और टकराव पैदा करना बंद करेगा और अफ़ग़ानिस्तान की ग़लतियों को नहीं दोहराएगा.”

    रूस के विदेश मामलों के उप मंत्री इगोर मोर्गूलोव ने रूस की सरकारी समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती को कहा है कि रूस, अमेरिका, चीन और पाकिस्तान काबुल में नए विस्तारित ट्रॉयका की बैठक करने को लेकर योजना बना रहे हैं.

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, टोक्यो पैरालंपिक्स में प्रवीण कुमार ने हाई जंप में जीता रजत पदक

    प्रवीण कुमार ने 2.07 मीटर की हाई जंप की थी

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    टोक्यो पैरालंपिक्स में पुरुषों की हाई जंप (T64) स्पर्धा में भारत के प्रवीण कुमार ने रजत पदक जीत लिया है.

    प्रवीण कुमार ने 2.07 मीटर की हाई जंप की थी. वहीं ग्रेट ब्रिटेन के जोनाथन ब्रूम एडवर्ड्स ने 2.10 मीटर की हाई जंप की थी और उन्होंने स्वर्ण पदक जीता है.

    प्रवीण कुमार ने इसी के साथ ही नया एशियन रिकॉर्ड भी क़ायम किया है.

    इसी के साथ ही टोक्यो पैरालंपिक्स में भारत के पदकों का आंकड़ा 11 हो गया है. इनमें 2 स्वर्ण, 6 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल हैं.

  3. तालिबान ने कहा, कश्मीर के मुसलमानों के लिए आवाज़ उठाने का उसे अधिकार

    तालिबान

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    तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने कहा है कि उनके पास जम्मू-कश्मीर के मुसलमानों के लिए आवाज़ उठाने का अधिकार है.

    बीबीसी के साथ ज़ूम पर एक वीडियो इंटरव्यू में सुहैल शाहीन ने अमेरिका के साथ हुए दोहा समझौते की बात करते हुए कहा कि किसी भी देश के ख़िलाफ़ सशस्त्र अभियान चलाना उनकी नीति का हिस्सा नहीं है.

    दोहा से बात करते हुए शाहीन ने कहा, "एक मुसलमान के तौर पर, भारत के कश्मीर में या किसी और देश में मुस्लिमों के लिए आवाज़ उठाने का अधिकार हमारे पास है."

    "हम आवाज़ उठाएँगे और कहेंगे कि मुसलमान आपके लोग है, अपने देश के नागरिक हैं. आपके क़ानून के मुताबिक वो समान हैं."

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  6. इस्लामिक स्टेट ‘बीटल्स’ के सदस्य ने अमेरिकी बंधकों की हत्या का दोष स्वीकार किया

    एलेक्ज़ेंडर कोटे (बाएं) के ऊपर अमेरिकी बंधकों की हत्या की साज़िश रचने का आरोप था

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    ब्रिटेन के संदिग्ध इस्लामिक स्टेट (IS) समूह के एक सदस्य ने अमेरिकी कोर्ट में चार अमेरिकी बंधकों की हत्या की साज़िश रचने के मामले में ख़ुद का दोष स्वीकार कर लिया है.

    एलेक्ज़ेंडर कोटे पर आरोप था कि वो IS के ‘द बीटल्स’ नाम के सेल से थे जो कि इराक़ और सीरिया में अपहरणों में शामिल था.

    कोटे और उनके साथी ‘बीटल’ अल शफ़ी अलशेख़ ने पिछले साल अक्तूबर में सुनवाई के दौरान ख़ुद के दोषी नहीं होने की बात कही थी.

    अब उनकी याचिका में तब्दीली आई है जिसके बाद समझा जा रहा है कि कोटे ने अभियोजकों के साथ सहयोग किया है.

    36 वर्षीय कोटे और 32 वर्षीय अलशेख़ पर अमेरिकी पत्रकारों जेम्स फ़ोली और स्टीवन सोटलॉफ़ और राहत कर्मी पीटर कसिग और कायला म्यूलर की हत्या में शामिल होने का मामला चल रहा है.

    उम्रक़ैद की हो सकती है सज़ा

    अल शफ़ी अलशेख़

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    पिछले साल दोनों को इराक़ में अमेरिकी हिरासत से लाया गया था और उन्हें अधिकतम आजीवन कारावास की सज़ा दी जा सकती है.

    हालांकि, यह अभी तक साफ़ नहीं है कि याचिका के लिए प्रशासन के साथ अलशेख़ का क्या सौदा हुआ है.

    दोनों ही पुरुष अन्य बंधकों की हत्या में संदिग्ध के तौर पर शामिल हैं. इनमें ब्रिटेन के टैक्सी ड्राइवर एलन हेनिंग हैं जो कि एक राहत सामग्री डिलिवर कर रहे थे, उनके अलावा एक स्कॉटिश राहत कर्मी डेविन हेंस और दो जापानी नागरिक हैं.

    इसके अलावा दोनों को आतंकवाद का समर्थन करने और बंधक बनाने के लिए भी अलग-अलग सज़ाओं का सामना करना होगा.

    मौलिक रूप से पश्चिमी लंदन का यह कथित समूह था जिसको उसके ब्रिटिश उच्चारण के कारण उसके बंधक उसे 1960 के दशक के प्रसिद्ध बैंड के नाम से बुलाते थे.

    साल 2018 में दोनों की ब्रिटिश नागरिकता को छीन लिया गया था.

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