अमेरिका पर चीन ने किया क़रारा तंज़, पुतिन के बयान का समर्थन भी किया
चीनी विदेश मंत्रालय ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के बयान का समर्थन करते हुए कहा है कि अमेरिका अफ़ग़ानिस्तान में ‘लोकतंत्र लागू करने में नाकाम’ रहा है.
रूसी राष्ट्रपति ने अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिका के 20 साल लंबे अभियान पर कहा था कि इससे ‘ज़ीरो’ परिणाम हासिल हुए हैं.
चीन के विदेश मामलों के प्रवक्ता वांग वेंबिन ने पत्रकार वार्ता के दौरान कहा, “राष्ट्रपति पुतिन का दृष्टिकोण अमेरिका के गहराई से सोच-विचार करने के लिए काफ़ी है. अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति दिखाती है कि अगर बाहर से कोई लोकतांत्रिक ढांचा लागू करने या थोपने की कोशिश की जाएगी तो वो सिर्फ़ अराजकता और उथल-पुथल ही लेकर आएगी और आख़िरकार इससे नाकामी ही होगी.”
वांग ने पुतिन की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका के ‘सैन्य दख़ल से केवल त्रासदियां आईं और ज़िंदगियां गईं’ और अमेरिका का 20 साल लंबा युद्ध दिखाता है कि ‘दूसरे देशों पर विदेशी मूल्यों को थोपना असंभव है.
उन्होंने कहा, “यह अब उम्मीद की जाती है कि अमेरिकी पक्ष अब ईमानदारी से आत्म-विश्लेषण करेगा, सबक़ लेगा, अपनी विचारधारा और मूल्यों को बेचना बंद करेगा, हर मोड़ पर दूसरे देशों में सैन्य दख़ल देना रोकेगा, मानवाधिकार के भेष में अंतरराष्ट्रीय अखाड़े में विभाजन और टकराव पैदा करना बंद करेगा और अफ़ग़ानिस्तान की ग़लतियों को नहीं दोहराएगा.”
रूस के विदेश मामलों के उप मंत्री इगोर मोर्गूलोव ने रूस की सरकारी समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती को कहा है कि रूस, अमेरिका, चीन और पाकिस्तान काबुल में नए विस्तारित ट्रॉयका की बैठक करने को लेकर योजना बना रहे हैं.