तालिबान ने कहा काम पर लौटें महिला स्वास्थ्यकर्मी

तालिबान के प्रवक्ता ने कहा काम पर लौटें महिला स्वास्थ्यकर्मी, उनके काम में नहीं डाली जाएगी कोई बाधा

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विभुराज, मोहम्मद शाहिद, शुभम किशोर and कीर्ति दुबे

  1. काबुल: अगले कुछ घंटों में ब्रिटेन पूरी तरह अफ़ग़ानिस्तान से बाहर निकल जाएगा

    अफ़ग़ानिस्तान

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    ब्रिटेन के रक्षा मंत्री बेन वॉलेस का कहना है कि लोगों को अफ़ग़ानिस्तान से सुरक्षित बाहर निकालने वाला ब्रितानी मिशन अगले चंद घंटों में पूरा हो जाएगा.

    वॉलेस ने स्काई न्यूज़ से बात करते हुए कहा- "दुखी करने वाली बात ये है कि हर एक को हम बाहर नहीं निकाल पाएंगे."

    ब्रिटेन की ओर से अब किसी को एयरपोर्ट पर बुलाया नहीं जाएगा.

    उन्होंने बताया कि "ब्रिटेन ने काबुल एयरपोर्ट के पास स्थित बैरन होटल बंद कर दिया है.’’

    ब्रिटेन जाने वाले लोगों को यहीं रोका जा रहा था. पश्चिमी देशों की सेना अब काबुल छोड़ने के करीब है और ऐसे में "एयरपोर्ट पर हमलों का ख़तरा और बढ़ गया है.’’

    सुरक्षा बल

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    वह कहते हैं,“जैसे ही हम लोग देश छोड़ेंगे कुछ ग्रुप जैसे इस्लामिक स्टेट ये दावा करेंगे कि अमेरिका और ब्रिटेन को बाहर निकालने में उनकी भूमिका थी. आने वाले वक्त में ये नैरेटिव होगा.”

    अफ़ग़ानिस्तान में पश्चिमी देशों की भूमिका को इतिहास कैसे याद करेगा? इस सवाल के जवाब में वॉलेस कहते हैं-“जैसे अफ़ग़ानिस्तान की परेशानी दूर की गई वैसी कभी ना की जाए. पश्चिमी देश को लगता है कि वह कुछ चीज़ें करेगा और सबकुछ ठीक हो जाएगा.”

    ‘’अफ़ग़ानिस्तान में जिस तरह से परेशानी दूर करने की कोशिश की गई वैसी कोशिश नहीं होनी चाहिए- हज़ारों सालों से चली आ रही जनजातीयलड़ाई, युद्धजिसका आप प्रबंधन करते हैं.”

    “आप राष्ट्र निर्माण में शामिल होनाचाहते हैं या किसी राष्ट्र का समर्थन करना चाहते हैं, तो एक अंतरराष्ट्रीय निकाय के रूप में आपने काफी अच्छा काम भी किया है. लेकिन आपको वहां लंबे वक़्त तक ठहरना होगा.’’

  2. सुप्रीम कोर्ट की तीन नई महिला जजों से मिलिए..

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  3. काबुल धमाकों के बाद अब तक क्या-क्या हुआ..

    काबुल

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    अफ़ग़ानिस्तान में लगातार बदलते हालात पर बीबीसी की नज़र बनी हुई है. गुरुवार को काबुल एयरपोर्ट पर दो बम धमाके हुए.

    आपको बताते हैं कि अब तक वहां पर क्या-क्या हुआ है:

    • गुरुवार की दोपहर काबुल में हामिद करज़ई एयरपोर्ट के बाहर दो बम धमाके हुए जिनमें कम से कम 90 लोगों की मौत हुई है और 150 लोग घायल हुए हैं.
    • शुक्रवार की सुबह तक लोगों को बाहर निकालने का अभियान लगातार जारी था और लोग उड़ान ले रहे थे.
    • नेटो के एक राजनयिक के अनुसार, अफ़ग़ानिस्तान में सभी विदेशी सेनाओं का लक्ष्य अपने नागरिकों और दूतावास के कर्मचारियों को बाहर निकालने का है.
    • अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि वो हमलावरों से बदला लेंगे और ‘उन्हें ढूंढकर निकाला जाएगा.’
    • अफ़ग़ानिस्तान में इस्लामिक स्टेट का क्षेत्रीय समूह इस्लामिक स्टेट खोरासान (IS-K) ने हमले की ज़िम्मेदारी ली है.
  4. ब्रिटिश सेना का लोगों को बाहर निकालने का अभियान अंतिम चरण में पहुंचा

    सेना

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    ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि काबुल में लोगों को देश से बाहर निकालने का ब्रितानी सेनाओं का अभियान अंतिम चरण में पहुंच गया है.

    मंत्रालय का कहना है कि अब उसकी कोशिशें केवल ब्रितानी नागरिकों और उन लोगों को बाहर निकालने की हैं जिनको सभी अनुमति मिली हुई है और वे एयरपोर्ट पर ही हैं. अब एयरपोर्ट पर और लोगों को देश छोड़ने के लिए नहीं बुलाया जाएगा.

    रक्षा मंत्री बेन वॉलेस ने एक बयान में कहा, “ये बेहद दुख की बात है कि इस प्रक्रिया के दौरान हर कोई बाहर निकलने में सक्षम नहीं है.”

    वॉलेस ने बाद में स्काई न्यूज़ टेलीविज़न से कहा कि गुरुवार को हुआ हमला लोगों को बाहर निकालने के ब्रिटेन के अभियान की समयसीमा पर कोई असर नहीं डालेगा.

    उन्होंने कहा, “हम जैसे देश छोड़ने के क़रीब आ रहे हैं ख़तरा बढ़ता चला जा रहा है. हमेशा एक कहानी गढ़ी जाती है, अब जब हम जा रहे हैं तो ISIS के कुछ समूह यह दावा करेंगे कि उन्होंने अमेरिका या ब्रिटेन को जाने पर मजबूर किया.”

  5. विवादित बयान के बाद सिद्धू के सलाहकार ने दिया इस्तीफ़ा

    सिद्धू

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    पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकार मलविंदर सिंह माली ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिद्धू को माली को सलाहकार पद से हटाने के लिए कहा गया था क्योंकि वो लगातार सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट कर रहे थे.

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    उन्होंने अपनी फ़ेसबुक पोस्ट में कई बार मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को निशाना बनाया था तो वहीं एक पोस्ट में उन्होंने कहा था कि कश्मीर पर भारत और पाकिस्तान दोनों का अवैध क़ब्ज़ा है.

  6. तालिबान को कोई नुक़सान नहीं हुआ है: मुजाहिद

    तालिबान

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    तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने बीबीसी की पश्तो सेवा से कहा है कि काबुल एयरपोर्ट के बाहर हुए बम धमाकों में उन्हें कोई नुक़सान नहीं पहुंचा है.

    उन्होंने कहा, “हमें (तालिबान) कोई नुक़सान नहीं हुआ है. यह घटना उस जगह पर हुई है जो अमेरिकी सेना के नियंत्रण में है.”

    इससे पहले समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने रिपोर्ट किया था कि दो बम धमाकों में कम से कम 28 तालिबान के सदस्यों की मौत हुई है.

  7. दक्षिण कोरिया ने अज्ञात पहचान के कारण अफ़ग़ान शख़्स को वापस भेजा

    गुरुवार की शाम सोल एयरपोर्ट पर अफ़ग़ानिस्तान से लोग पहुंचे हैं

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    इमेज कैप्शन, गुरुवार की शाम सोल एयरपोर्ट पर अफ़ग़ानिस्तान से लोग पहुंचे हैं

    दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान से निकालकर लाए गए एक शख़्स को ‘अस्पष्ट पहचान’ के कारण वापस काबुल भेज दिया गया है.

    योनहाप की न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार, शख़्स की पहचान नहीं हो सकी है और न ही लोगों को निकालने वाली सूची में उस व्यक्ति का नाम था.

    यह शख़्स एक बड़े समूह के साथ अफ़ग़ानिस्तान से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचा था. राजधानी सोल की उड़ान से पहले अधिकारियों ने उस शख़्स की पहचान की जांच की थी.

    मंत्रालय ने बताया, “सैन्य परिवहन विमान से उस शख़्स को वापस काबुल भेज दिया गया और अमेरिकी सेना को उसकी पहचान की जांच करने को कहा गया.”

    दक्षिण कोरिया में कुल 390 अफ़ग़ान लोगों को भेजा गया है. इन लोगों में कोरियाई दूतावास के लिए काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मी, वोकेशनल ट्रेनर और दुभाषिए शामिल हैं.

  8. ब्रेकिंग न्यूज़, काबुल एयरपोर्ट के बाहर हुए धमाकों में मरने वालों की तादाद हुई 90

    सैनिक

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    काबुल एयरपोर्ट के बाहर हुए दो धमाकों में मरने वालों की तादाद 90 हो गई है.

    अफ़ग़ानिस्तान स्वास्थ्य मंत्रालय के एक कर्मचारी ने बीबीसी को बताया कि अब तक 150 लोग हमले में ज़ख़्मी हुए हैं.

    इन धमाकों में अमेरिका के 13 जवान भी मारे गए हैं.

  9. सोनू सूद बने केजरीवाल सरकार के 'देश के मेंटोर' प्रोग्राम के ब्रैंड एम्बैसडर

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    फ़िल्म अभिनेता सोनू सूद को दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने अपने 'देश के मेंटोर' प्रोग्राम का ब्रैंड एम्बैसडर बनाया है.

    सोनू सूद को कोरोना लॉकडाउन के दौरान अलग-अलग जगहों पर फंसे प्रवासी मज़दूरों की मदद करने पर काफी शोहरत मिली थी.

    शुक्रवार को इससे पहले सोनू सूद ने अरविंद केजरीवाल से मुलाकात के दौरान उन्हें अपने ऑनलाइन जॉब पोर्टल प्रवासी रोज़गार के बारे में भी जानकारी दी.

  10. काबुल धमाके: तालिबान पर भरोसा क्यों किया, सवालों के घेरे में अमेरिका

    अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन

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    इमेज कैप्शन, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन

    काबुल एयरपोर्ट के बाहरी घेरे की सुरक्षा के लिए तालिबान पर भरोसा करने के फ़ैसले को लेकर अमेरिका को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है.

    गुरुवार शाम संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा, "ये भरोसे की बात नहीं है. ये आपसी हितों की बात है... लेकिन ग्राउंड पर मौजूद हमारे किसी भी कमांडर द्वारा अभी तक ऐसा कोई सबूत मेरे सामने नहीं रखा गया है जिससे जो कुछ हुआ, उसमें तालिबान और इस्लामिक स्टेट की मिलीभगत साबित होता हो."

    विदेश मंत्रालय की ब्रीफिंग में सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट (विदेश मंत्री) एंथनी ब्लिंकेन से ये सवाल पूछा गया कि अफ़ग़ानिस्तान में एक वैध मान्यता प्राप्त सरकार का गठन नहीं हो पाया है, ऐसे में तालिबान जो चाहता है, अमेरिका को उस पर क्यों ध्यान देना चाहिए?

    उन्होंने कहा, "भले ही हम ये पसंद करें या न करें, तालिबान के पास अफ़ग़ानिस्तान के बड़े हिस्से पर नियंत्रण है. इसमें कोई शक नहीं कि काबुल शहर पर उनका नियंत्रण है. जो लोग अफ़ग़ानिस्तान छोड़ना चाहते हैं, उन्हें निकालने के काम को सुनिश्चित करने के लिए ये ज़रूरी है कि हम उनके साथ काम करें."

    सेक्रेटरी ब्लिंकेन ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिका के निकल जाने के बाद वहां जो कुछ होता है, हम इस पर तालिबान से बातचीत जारी रखेंगे.

    उन्होंने कहा, "जैसा कि आप जानते हैं कि हम पिछले कुछ सालों से तालिबान के साथ कूटनीतिक संपर्क बनाए हुए हैं ताकि अफ़ग़ानिस्तान के संघर्ष के शांतिपूर्ण समझौते की दिशा में आगे बढ़ा जा सके."

  11. भारत में कोरोना संक्रमण के 44,658 नए मामले, 24 घंटों में 496 लोगों की मौत

    भारत में कोरोना

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    कोरोना संक्रमण के 44,658 नए मामलों के साथ भारत में अब तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 3,26,03,188 हो गई है.

    हालांकि इनमें सक्रिय मामलों की संख्या 3,44,899 ही है.

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक़ शुक्रवार सुबह 8 बजे तक 496 और लोगों की मौत हुई है.

    ये आंकड़े पिछले 24 घंटों के हैं.

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    अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवंबर को 90 लाख और 19 दिसंबर को एक करोड़ पार कर गई थी.

    भारत ने चार महीने को दो करोड़ का आंकड़ा छुआ था जबकि 23 जून को ये संख्या बढ़कर तीन करोड़ पार कर गई थी.

  12. इस्लामिक स्टेट की तालिबान और हक़्क़ानी नेटवर्क में गहरी जड़ें हैं: अमरुल्लाह सालेह

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    अफ़ग़ानिस्तान के पहले उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने काबुल में हुए धमाकों के लिए तालिबान और हक़्क़ानी नेटवर्क को जिम्मेदार ठहराया है.

    उन्होंने कहा, "जो सबूत हमारे सामने हैं, वो ये कह रहे हैं कि इस्लामिक स्टेट खुरासान की तालिबान और हक़्क़ानी नेटवर्क में गहरी जड़ें हैं, ख़ासकर वे लोग जो काबुल में सक्रिय हैं."

    उन्होंने कहा, "इस्लामिक स्टेट से संबंधों से तालिबान का इनकार वैसा ही है जैसे चरमपंथी संगठन क्वेटा शुरा से संबंधों से पाकिस्तान का इनकार करना है. तालिबानियों ने अपने आकाओं से अच्छे से सीखा है."

    क्वेटा शुरा बलूचिस्तान के क्वेटा शहर में सक्रिय एक चरमपंथी संगठन है. माना जाता है कि अफ़ग़ान तालिबान के नेता इस संगठन को चलाते हैं.

  13. काबुल हमला: तालिबान ने कहा, धमाकों में अमेरिकियों से ज़्यादा हमारे लोग मारे गए

    काबुल हमला

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    समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक़ काबुल एयरपोर्ट पर हुए बम हमले में तालिबान के कम से कम 28 सदस्य मारे गए हैं.

    तालिबान के एक अधिकारी ने कहा, "काबुल एयरपोर्ट पर हुए धमाकों में अमेरिकियों से ज़्यादा हमारे लोग मारे गए हैं."

    हालांकि इस हमले के बावजूद उन्होंने कहा कि अमेरिकियों को 31 अगस्त के बाद अफ़ग़ानिस्तान में रुकने की कोई ज़रूरत नहीं है.

    गुरुवार रात काबुल एयरपोर्ट के बाहरी हिस्से में हुए दो बम धमाकों में कम से कम 90 लोग मारे गए हैं जिनमें 13 अमेरिकी सैनिक भी शामिल हैं.

    इस्लामिक स्टेट के एक सहयोगी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है.

  14. अमेरिका को काबुल पर आईएस के और हमलों की है आशंका

    अफ़ग़ानिस्तान

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    अमेरिकी कमांडर कथित इस्लामिक स्टेट के और हमलों के लिए अलर्ट हो गए हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख जनरल फ़्रैंक मैकेन्ज़ी का कहना है कि काबुल एयरपोर्ट पर रॉकेट और गाड़ियों में रखे बम से हमले की आशंका है.

    जनरल मैकेन्ज़ी ने कहा, "सावधानी के साथ हम हर संभव कोशिश कर रहे हैं ताकि पूरी तरह तैयार रहें."

    इस बीच अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी फ़ौज की वापसी की प्रक्रिया तेज़ हो गई है. 31 अगस्त से पहले तालिबान से हुए समझौते के मुताबिक अमेरिकी फ़ौज को देश छोड़ देना है.

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस समय सीमा को बढ़ाया नहीं है. उन्होंने कहा है कि हमलों के बावजूद अफ़ग़ानिस्तान से निकलने की प्रक्रिया जारी रहेगी.

    उन्होंने ये भी कहा कि गुरुवार को हुए हमले का बदला वो ज़रूर लेंगे. उन्होंने पेंटागन को आदेश दिया है कि ISIS-K पर हमले की योजना बनाई जाए.

    आईएसआईएस-के इस्लामिक स्टेट का क्षेत्रीय गुट है जिसने काबुल में हुए हमले की ज़िम्मेदारी ली है. इस हमले में कम से कम 90 लोगों की मौत हुई है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक इस्लामिक स्टेट ने कथित तौर पर दावा किया है कि उसके एक आत्मघाती हमलावर ने इस हमले को अंजाम दिया जिसमें अमेरिकी सेना के साथ काम करनेवाले अनुवादकों और सहयोगियों को निशाना बनाया गया है.

  15. काबुल धमाकाः 13 अमेरिकियों सहित 60 लोगों की मौत, IS ने ली ज़िम्मेदारी, बाइडन ने कहा- ‘हमलावर को छोड़ेंगे नहीं’

    काबुल धमाका

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    गुरुवार देर शाम काबुल के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हुए दो धमाकों में 60 लोगों की मौत हो गई है और 140 लोग घायल हुए हैं. बीबीसी को ये जानकारी अफ़ग़ानिस्तान के स्वास्थ्य अधिकारी ने दी है.

    पेंटागन के मुताबिक़ इस हमले में 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और साल 2011 के बाद अमेरिकी सैनिकों के लिए ये सबसे ख़तरनाक हमला साबित हुआ है.

    इस हमले पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा,‘’ इस हमले के पीछे जो भी है उसे हम ढूढ़ निकालेंगे और इसकी कीमत उसे चुकानी होगी. ना हम उन्हें भूलेंगे और ना ही माफ़ करेंगे. आतंकवादी, अमेरिकियों को हमारा काम करने से रोक नहीं सकते. हम काबुल में अपना मिशन नहीं रोकेंगे और लोगों को सुरक्षित अफ़ग़ानिस्तान से बाहर निकालने का काम जारी रहेगा. ‘’

    काबुल एयरपोर्ट पर हमले की ज़िम्मेदारी इस्लामिक स्टेट समूह ने ली है.उन्होंने अपने टेलीग्राम चैनल के ज़रिए किया है कि एयरपोर्ट पर हुए हमले के पीछे स्लामिक स्टेट खुरासान का हाथ है.

    इस्लामिक स्टेट खुरासान ने कहा है कि यह एक आत्मघाती हमला था. इससे पहले अमरिकी रक्षा विभाग ने भी हमले के पीछे इस्लामिक स्टेट के होने की संभावना व्यक्त की थी.

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    दुनियाभर के देश अफ़गानिस्तान से अपने लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के मिशन पर काम कर रहे हैं ऐसे में इन धमाकों ने दुनियाभर में खलबली मचा दी है. कई राजनेताओं ने इस पर प्रतिक्रिया दी है.

    ब्रिटेन के रक्षा सचिव डोमिनिक रॉब ने कहा है कि इस तरह की कायराना हरकत ब्रिटेन को अफ़ग़ानिस्तान में अपना काम करने से रोक नहीं सकती.

    फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक बयान जारी करते हुए इस आतंकवादी हमले की निंदा की है और उन लोगों के ‘सलाम किया है जो ऐसे वक़्त में काबुल में लोगों के सुरक्षित बाहर निकालने के मिशन पर लागातार काम कर रहे हैं.’

    नेटो के मुख्य सचिव जेन्स स्टोल्टेनबर्ग ने इस घटना को ‘भयानक आंतकी हमला‘ बताया है और कहा है कि ‘जितना संभव हो उनते लोगों के यहां से सुरक्षित बाहर निकलना हमारी प्रथमिकता है.’

    kabul

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    ख़ुफिया एजेंसियों ने दी थी चेतावनी

    अमेरिका और ब्रिटेन की ख़ुफिया एजेंसियां बिल्कुल इसी तरह के हमले की चेतावनी दे रही थीं.हालांकि,बस किसी तरह काबुल छोड़ने की कोशिशों में लगे अफ़ग़ान लोगों ने इन चेतावनियों पर ध्यान नहीं दिया और वे गेट पर डटे रहे.

    पिछले कई सालों और हालिया महीनों में अफ़ग़ानिस्तानी शहरों में होने वाले कई हमलों में इस रणनीति का इस्तेमाल किया गया है,इसके तहत पहले एक आत्मघाती हमलावर धमाका करता है फिर गोलीबारी की जाती है और इस तरह ध्यान भटका कर दूसरे धमाके किए जाते हैं.

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