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अमेरिका चुनाव: क्या बाइडन के नेतृत्व में बदल सकती है अमेरिका की विदेश नीति

राष्ट्रपति पद के लिए जो बाइडन ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है जिसके बाद ट्रंप ने कहा है कि मीडिया में बाइडन के समर्थक उनकी मदद कर रहे हैं.

लाइव कवरेज

  1. ट्रंप और बाइडन को वोट देने वालों के बारे में क्या कहते हैं एग्ज़िट पोल

    सभी को अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों का इंतज़ार है, लेकिन इस बीच कुछ आँकड़े सामने आए हैं जो बेहद दिलचस्प कहानी कहते हैं – ख़ासकर मतदाताओं के बारे में.

    पेंसिलवेनिया और जॉर्जिया के एग्ज़िट पोल बताते हैं कि इन दोनों राज्यों में, दोनों पार्टियों के मतदाताओं के बीच काफ़ी विविधता रही है.

    एग्ज़िट पोल के अनुसार, पेंसिलवेनिया में 76 प्रतिशत गोरे, 15 प्रतिशत काले, 7 प्रतिशत लातिन अमेरिकी और एक प्रतिशत एशियाई मूल के लोग डेमेक्रैट नेता जो बाइडन के समर्थक रहे. अमेरिकी जनगणना के मुताबिक़, पेंसिलवेनिया राज्य में क़रीब 81 प्रतिशत गोरे लोगों की आबादी है.

    वहीं ट्रंप के जो समर्थक हैं, उनमें अधिकांश गोरे हैं, क़रीब 97 प्रतिशत और काले लोगों में एक प्रतिशत से भी कम लोग उनके समर्थक हैं.

    एग्ज़िट पोल के अनुसार, पेंसिलवेनिया में क़रीब दो प्रतिशत लातिन अमेरिकी लोगों ने और एक प्रतिशत से कम एशियाई मूल के मतदाताओं ने ट्रंप का समर्थन किया.

    जो बाइडन को वोट देने वाले क़रीब सात प्रतिशत मतदाताओं ने माना है कि साल 2016 के चुनाव में उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप को वोट दिया था, वहीं डोनाल्ड ट्रंप को वोट करने वाले क़रीब चार प्रतिशत मतदाताओं ने कहा है कि उन्होंने पिछले चुनाव में हिलेरी क्लिंटन को वोट दिया था.

    जॉर्जिया की अगर बात करें, जहाँ 60 प्रतिशत गोरे और 32 प्रतिशत काले लोग हैं, वहाँ जो बाइडन को काले लोगों से काफ़ी अच्छा समर्थन मिला है.

    एग्ज़िट पोल्स के अनुसार, जॉर्जिया में जो बाइडन को वोट करने वालों में 53 प्रतिशत काले, 35 प्रतिशत गोरे, 8 प्रतिशत लातिन अमेरिकी और 2 प्रतिशत एशियाई मूल के लोग हैं.

    ट्रंप को यहाँ भी गोरे लोगों से बड़ा समर्थन मिला. उनके समर्थकों में क़रीब 85 प्रतिशत गोरे, 7 प्रतिशत काले, 6 प्रतिशत लातिन अमेरिकी और 1 प्रतिशत एशियाई मूल के मतदाता हैं.

  2. अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव: बाइडन जीत को लेकर आश्वस्त क्यों हैं?

  3. अमेरिकी चुनाव: अभी कहाँ तक पहुँच पाया है मामला

    डेमोक्रैट नेता जो बाइडन ने शुक्रवार को कहा कि ‘वे अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव जीतने वाले हैं क्योंकि निर्णायक राज्यों में भी उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर बढ़त बना ली है.’

    हालांकि, अमेरिकी टीवी नेटवर्क अभी उन्हें विजेता कहने से बच रहे हैं क्योंकि आधिकारिक तौर पर अभी भी कुछ जगह मतगणना जारी है.

    जो बाइडन ने अपने सबसे हालिया संबोधन में कहा, “नंबर मज़बूत दिख रहे हैं. स्पष्ट है कि हम जीत रहे हैं. यह रेस हम ही जीतेंगे.”

    बताया गया है कि डेमोक्रैट नेता जो बाइडन और उनकी सहयोगी उप-राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस ने कुछ विशेषज्ञों से मुलाक़ात भी की है और दोनों नेता व्हाइट हाउस में अपना दफ़्तर स्थापित करने की तैयारी कर रहे हैं.

    माना जा रहा है कि शुक्रवार को बाइडन ने जो भाषण दिया, उसे जीत के लिहाज से तैयार किया गया था, पर अंतिम समय में बाइडन ने भाषण में कुछ बदलाव किए क्योंकि चुनाव अधिकारियों की ओर से अब तक चुनाव परिणामों की घोषणा नहीं की गई है.

    अमेरिकी चुनाव के परिणामों की घोषणा अब पेंसिलवेनिया, जॉर्जिया, एरिज़ोना और नेवाडा की मतगणना समाप्त होने पर टिकी है.

    अमेरिका में इस बार रिकॉर्ड वोटिंग हुई है. क़रीब 14.7 करोड़ लोगों ने मतदान किया है और जो बाइडन क़रीब 4.1 मिलियन यानी 41 लाख वोटों के साथ डोनाल्ड ट्रंप से आगे हैं.

    ख़ुद को मिले वोटों का हवाला देते हुए बाइडन ने कहा कि ‘अमेरिका में कोरोना वायरस महामारी, अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन और संस्थागत नस्लभेद जैसी समस्याओं से लड़ने के लिए अमेरिकी जनता ने उन्हें ख़ुलकर समर्थन दिया है.’

    उन्होंने कहा, “अमेरिकी लोग ऐसा देश चाहते हैं जो एकजुट हो.”

    उन्होंने अंत में कहा कि वे संभवत: शनिवार को एक बार फिर अमेरिकी जनता को संबोधित करेंगे.

    वहीं डोनाल्ड ट्रंप अपनी उसी दलील के साथ बने हुए हैं, वे बार-बार चुनावी धांधली का ज़िक्र कर रहे हैं, पर अब तक उन्होंने इस संबंध में कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं किया.

    रिपब्लिकन पार्टी के समर्थक चुनाव के नतीजों को क़ानूनी चुनौती देने के लिए फंड एकत्र कर रहे हैं. हालांकि, कुछ पार्टी समर्थकों का यह भी मत है कि जो क़ानूनी लड़ाई लड़ने की बात की जा रही है, वो बहुत अव्यवस्थित है. अब तक किसी भी अदालत में उन्हें सफलता नहीं मिली है.

    चौथे दिन भी जारी मतगणना के अनुसार, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति और डेमोक्रैट नेता जो बाइडन 253 इलेक्टोरल कॉलेज वोट्स पर हैं जबकि डोनाल्ड ट्रंप 214 इलेक्टोरल कॉलेज वोट्स के साथ पीछे चल रहे हैं.

    एडिसन रिसर्च के अनुसार, अगर बाइडन पेंसिलवेनिया के 20 इलेक्टोरल कॉलेज वोट्स हासिल कर लेते हैं, तो वे सरकार बनाने के लिए ज़रूरी 270 इलेक्टोरल कॉलेज वोट्स के आँकड़े से आगे निकल जाएंगे. इसके अलावा, अगर बाइडन जॉर्जिया, एरिज़ोना और नेवाडा, इन तीन राज्यों में से किन्हीं दो में विजयी घोषित किए जाते हैं, तो भी उनकी जीत पक्की हो जाएगी.

  4. जो बाइडन जीत को लेकर आश्वस्त

    अपने भाषण में बाइडन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की.

    उन्होंने कहा, “आपका वोट गिना जाएगा, मुझे परवाह नहीं कि लोग इसे रोकने की कितनी कोशिशें कर रहे हैं, मैं ऐसा नहीं होने दूंगा.”

    बाइडन ने कहा, “इस मुश्किल चुनाव के बाद तनाव काफ़ी बढ़ गया है.”

    बाइडन ने माना कि देश कोरोनावायरस, आर्थिक संकट और मुश्किल प्रचार के बीच काफ़ी बँट गया है.

    उन्होंने कहा, “हमारे सामने गंभीर समस्याएं हैं, हमारे पास इस बाँटने की लड़ाई के लिए वक़्त नहीं है. हम प्रतिद्वंद्वी हो सकते हैं लेकिन हम दुश्मन नहीं हैं.”

    बाइडन अपने भाषण में जीत को लेकर आश्वस्त नज़र आ रहे हैं.

  5. ब्रेकिंग न्यूज़, बाइडन ने जताई तनाव बढ़ने की आशंका

    जो बाइडन ने कहा है कि ''हम 24 सालों पर एरिज़ोना जीतने जा रहे हैं और 28 सालों बाद जॉर्जिया. मैं जानता हूँ कि इस मुश्किल चुनाव के बाद तनाव बढ़ सकता है लेकिन हमें शांति बनाए रखना है. सब्र रखें और प्रक्रिया पूरी होने दें.''

    उन्होंने कहा, "हम विरोधी हो सकते हैं लेकिन दुश्मन नहीं. भरोसा रखें- हम लोग चुनाव जीतने जा रहे हैं."

  6. हम 300 इलेक्टोरल वोट जीतेंगे: बाइडन

    जो बाइडन ने डेलावेयर के विलमिंगटन में अपने भाषण में कहा कि पूरा देश उनके पीछे हैं और वे स्पष्ट बहुमत से जीतेंगे.

    उन्होंने कहा, "हमें 7 करोड़ 40 लाख से ज़्यादा वोट मिले हैं जो अमेरिका के इतिहास में किसी भी राष्ट्रपति उम्मीदवार को मिले वोटों से ज़्यादा है."

    हालांकि, उन्होंने अब भी अपनी जीत की आधिकारिक घोषणा नहीं की है.

    बाइडन ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि वे एरिज़ोना और जॉर्जिया भी जीतने जा रहे हैं जहां दो दशकों से रिपब्लिकन पार्टी को जीत मिलती थी. साथ ही उन्हें 300 इलेक्टोरल कॉलेज जीतने की उम्मीद है.

    बाइडन ने अपने भाषण में कहा है कि वे पद संभालने के पहले ही दिन कोरोना वायरस को लेकर एक्शन लेंगे.

    जो बाइडन ने एक बार फिर से अपनी जीत की भविष्यवाणी की है. डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति के दावेदार और पूर्व उपराष्ट्रपति जो बाइडन के पास अभी 253 इलेक्टोरल वोट हैं और उन्हें 270 की ज़रूरत है.

    अगर पेंसिलवेनिया में जीत होती है तो बाइडन 270 का आँकड़ा हासिल कर लेंगे. बाइडन जॉर्जिया, नेवाडा, पेंसिलवेनिया और एरिज़ोना में आगे चल रहे हैं. अगर बाइडन जीत हासिल करते हैं तो ट्रंप को एक ही कार्यकाल में अगले साल जनवरी में विदा लेना होगा.

  7. ब्रेकिंग न्यूज़, हम चुनाव जीतने जा रहे हैं: बाइडन

    पेंसिलवेनिया में बाइडन की बढ़त गति पकड़ रही है. अभी वह ट्रंप की तुलना में 28,833 मतों से आगे हैं. बाइडन और कई राज्यों में आगे चल रहे हैं. इन्हीं बढ़त को देखते हुए उन्होंने कहा है कि जीत उनकी होने जा रही है.

    बाइडन ने कहा कि वो स्पष्ट बहुमत से चुनाव में जीत दर्ज करेंगे क्योंकि पूरा मुल्क उनके साथ है. हमें 7.4 करोड़ वोट मिले हैं जो कि ऐतिहासिक है.

  8. रूस के मीडिया में अमेरिकी चुनावों को लेकर क्या कहा जा रहा है?

    सरकार नियंत्रित रूस के मीडिया अमेरिकी चुनाव के दिन से ही वोटों की धांधली के निराधार आरोपों को ज़ोर-शोर से उठा रही है.

    सरकारी टीवी के बुलेटिन और टॉक शो में इसी लाइन पर बात हो रही है. साथ ही ट्विटर पर सरकार समर्थक अकाउंट्स भी यही मुद्दा उठाते देखे जा सकते हैं.

    रूस के इंटरनेशनल न्यूज़ आउटलेट आरटी ने गुरुवार को कथित धांधली को लेकर कई ट्वीट किए जिन्हें ट्विटर ने भ्रामक बताया.

    रूस के मीडिया में चल रहे ज़्यादातर आरोप ट्रंप के डाक वोटों को लेकर किए जा रहे दावों पर आधारित हैं.

    एक बड़े न्यूज़ चैनल रशा 1 टीवी के टॉक शो के एंकर ने कहा, “दुनिया ने आज तक एक भी ईमानदारी वाला लोकतांत्रिक चुनाव नहीं देखा है.”

    उन्होंने फर्ज़ीवाड़े और जोड़-तोड़ का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा करने वाले अब इसे छुपाने की भी कोशिश नहीं करते.

  9. एरिज़ोना में क्या हो रहा है?

    एरिज़ोना उन चंद राज्यों में से हैं जहां अब भी वोटों की गिनती जारी है. फ़िलहाल, वहां से ये ख़बरें आ रही हैं-

    • डेमोक्रेट जो बाइडन राज्य में 30 हज़ार वोटों से आगे चल रहे हैं लेकिन ट्रंप भी धीरे-धीरे बढ़त बना रहे हैं.
    • सेक्रेटरी ऑफ स्टेट के मुताबिक़ 95 फ़ीसदी वोटों की गिनती हो चुकी है और 1,73,000 वोटों का मिलाया जाना बाक़ी है.
    • बाइडन ने एरिज़ोना के शहरों में अच्छा प्रदर्शन किया है, वहीं ट्रंप को ग्रामीण इलाक़ों से अच्छे वोट मिले हैं.
    • ट्रंप के समर्थक पोलिंग स्टेशन के बाहर इकट्ठे हो रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि हर वोट गिना जाए. इनमें से कुछ के पास बंदूकें भी हैं.
    • अगर बाइडन एरिज़ोना में बढ़त बनाए रखते हैं तो राज्य के 11 इलेक्टोरल कॉलेज वोट उन्हें 270 के आँकड़े के काफ़ी क़रीब ले आएंगे.
  10. देर से आए बैलेट की गिनती अलग से होगी

    अमरीका के सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि चुनाव के दिन पेन्सोवेनिया में जो बैलेट रात आठ बजे के बाद आए हैं, उनकी अलग से गिनती की जाए.

    पेन्सोवेनिया में रिपब्लिकन पार्टी ने देर से आए बैलेट को लेकर क़ानूनी चुनौती दी है लेकिन अभी कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया है.

    कोर्ट ने सिर्फ़ उस बात को कहा है जो सामान्य तौर पर राज्य में होना ही था. राज्य के अधिकारियों ने आदेश दिया था कि जिन वोटों पर तीन नवंबर की तारीख़ का स्टैंप है लेकिन देर से मिले, उन्हें अलग रखा जाएगा.

    फ़िलहाल, पेन्सोवेनिया में वोटों की गिनती चल रही है. शुरुआत में यहां डोनाल्ड ट्रंप को बढ़त मिलती दिख रही थी लेकिन जैसे-जैसे डाक वोटों की गिनती होती गई, बाइडन को बढ़त मिलने लगी.

    इस वक़्त बाइडन यहां लगभग 22 हज़ार वोटों से आगे चल रहे हैं. लेकिन जीत घोषित होने के लिए अब भी मुक़ाबला काफ़ी नज़दीकी है.

  11. डोनल्ड ट्रंप ग़ुस्से और निराशा से भरे

    डोनल्ड ट्रंप ग़ुस्से और निराशा से भरे हैं क्योंकि उनके बहुत कम सहयोगी उनके समर्थन में टीवी या सड़कों पर दिखाई दे रहे हैं. ये जानकारी ट्रंप के क़रीबी लोगों ने सीबीएस न्यूज़ को दी है.

    सूत्रों ने न्यूज़ चैनल सीबीएस को बताया कि ट्रंप काफ़ी टीवी देख रहे हैं, फ़ोन कर रहे हैं और शुक्रवार से उनका दिन दफ़्तर और घर के बीच ही गुज़र रहा है. ट्रंप की प्रचार टीम क़ानूनी लड़ाई की बात को ज़ोर-शोर से उठा रही है लेकिन कोई स्पष्ट रणनीति नहीं दिखाई दे रही.

    कुछ सहयोगियों का मानना है कि ये सब कई महीने पहले सोचा जाना चाहिए था लेकिन कोई भी ट्रंप से ये बात नहीं करना चाहता था. जहां तक क़ानूनी क़दम की बात है, जब तक अगले बड़े राज्य के नतीजों में कुछ महत्वपूर्ण निकल कर नहीं आता, तब तक पेन्सोवेनिया ही है जिस पर सारी बात आकर रुकेगी.

    अगर वोटों का अंतर कम रहा तो सुप्रीम कोर्ट में एक सफल चुनौती ट्रंप की मदद कर सकती है. लेकिन अगर वोटों का अंतर बड़ा और बाइडन के पक्ष में रहा तो पेन्सोवेनिया भी ट्रंप की मदद नहीं कर पाएगा. जो ख़बरें आ रही हैं, उसके मुताबिक़ ट्रंप की लीगल टीम फ़िलहाल इस सब पर ही ध्यान केंद्रित कर रही है.

  12. नेवाडा में बाइडन की बढ़त बरकरार

    नेवाडा में मतगणना के नतीजे का इंतज़ार है. जानिए कुछ अहम तथ्य

    • नेवाडा में 47 फ़ीसदी बैलेट की गिनती हो चुकी है. जो बाइडन अभी ट्रंप से 22,657 मतों से आगे चल रहे हैं.
    • हालांकि कई ग्रामीण इलाक़ों में ट्रंप आगे चल रहे हैं. दूसरी तरफ़ बाइडन शुरुआत में कई घनी आबादी वाले इलाक़ों में आगे थे.
    • नेवाडा में छह इलेक्टोरल कॉलेज वोट हैं. बाइडन को 270 इलेक्टोर कॉलेज वोट चाहिए, जिनमें से 253 उन्होंने हासिल कर लिए हैं. उन्हें राष्ट्रपति बनने के लिए महज़ 17 इलेक्टोरल कॉलेज वोट और चाहिए.
  13. बाइडन यहां जीते तो राष्ट्रपति का चुनाव जीत जाएंगे

    सभी की नज़र पेन्सोवेनिया पर बनी हुई है. जिन राज्यों के नतीजों की अभी घोषणा नहीं हुई है उनमें पेन्सोवेनिया में सबसे ज़्यादा इलेक्टोरल कॉलेज वोट हैं.

    यहां से जो बाइडन अभी आगे चल रहे हैं. अगर वो पेन्सोवेनिया जीत जाते हैं तो व्हाइट हाउस तक पहुंचने के लिए 270 इलेक्टोरल वोट का आँकड़ा पूरा हो जाएगा.

    यहां बाइडन ट्रंप से 20 हज़ार मतों से आगे चल रहे हैं. बाइडन को यहां फिर से मतगणना से बचना है तो जीत का फासला बड़ा होना चाहिए. अभी एक लाख से ज़्यादा पोस्टल बैलेट और बड़ी संख्या में प्रोविज़नल बैलेट की गिनती बाक़ी है.

  14. अमेरिकी चुनाव में जो बाइडन को मिली अहम बढ़त

  15. बाइडन की अहम राज्यों में ट्रंप पर बढ़त

    डेमोक्रेटिक पार्टी के जो बाइडन अपने गृह राज्य डेलावर से राष्ट्र को संबोधित करेंगे. बाइडन के कुछ सहयोगियों का कहना था कि अगर और राज्यों में उनकी बढ़त बनी रही तो जीत की घोषणा कर सकते हैं. राष्ट्रपति बनने के लिए 270 इलेक्टोरल कॉलेज वोट चाहिए और बाइडन इसके क़रीब पहुंचते दिख रहे हैं.

    अब सीबीएस न्यूज़ का कहना है कि बाइडन इस संबोधन में जीत की घोषणा नहीं करेंगे. हालांकि बाइडन पेन्सोवेनिया, नेवाडा, अरिज़ोना और जॉर्जिया में आगे चल रहे हैं.

    अहम बातें

    • डेमोक्रेटिक पार्टी के जो बाइडन पेन्सोवेनिया में ट्रंप से 20 हज़ार मतों से आगे होने के बाद वो राष्ट्रपति चुनाव जीतने के क़रीब पहुंच गए हैं.
    • अगर बाइडन ने पेन्सोवेनिया जीत लिया तो वह व्हाइट हाउस भी जीत लेंगे
    • डेमोक्रेटिक पार्टी ने जॉर्जिया में भी मामूली बढ़त हासिल कर ली थी. यहां 99 फ़ीसदी मतों की गिनती हो गई थी लेकिन अधिकारियों ने यहां फिर से मतगणना की घोषणा की है
    • बाइडन ने नेवाडा और अरिज़ोना में भी मामूली बढ़त हासिल कर ली है
    • इन राज्यों की बढ़त से बाइडन को चुनाव जीतने में और मदद मिलेगी
    • राष्ट्रपति ट्रंप ने बाइडन को जीत की घोषणा करने से बचने के लिए कहा है
    • कहा जा रहा है कि पिछले 120 सालों में अमेरिका में सबसे ज़्यादा मतदान (66.9%) हुआ है