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ट्रंप या बाइडन? अमेरिका चुनाव के शुरुआती नतीजे आने की तैयारी

इंडियाना में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जीत का अनुमान है. यह राज्य उपराष्ट्रपति माइक पेंस का गृह राज्य है और यहां आमतौर पर रिपब्लिकन पार्टी की जीत होती है.

लाइव कवरेज

  1. कमला हैरिस का उप-राष्ट्रपति बनना 'महिलाओं के लिए बुरा': ट्रंप

    फ़ॉक्स न्यूज़ से अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के बारे में बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "आपको उन लोगों से निपटना होता है जो धोकेबाज़ हैं."

    ''वे पूछते हैं किस देश से निपटना सबसे मुश्किल है, रूस से? चीन से? उत्तर कोरिया से? और मैं कहता हूं, सबसे मुश्किल है अमेरिका से निपटना. ये उनके आसपास भी नहीं है."

    यह टिप्पणी ट्रंप ने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान विपक्ष के उग्र रवैया का आंकलन करते हुए की.

    उन्होंने ये भी कहा कि कमला हैरिस का उप-राष्ट्रपति बनना “महिलाओं के लिए बहुत बुरा होगा.”

  2. कैंपेन ख़त्म, सोशल मीडिया पर प्रचार जारी

    वोटिंग से पहले अमेरिका में चुनाव अभियान और रैलियां ख़त्म गईं, लेकिन दोनों प्रमुख राष्ट्रपति उम्मीदवार सोशल मीडिया का वोट माँगने के लिए ज़ोर शोर से इस्तेमाल कर रहे हैं.

    डोनाल्ड ट्रंप ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें वो नाचते हुए दिख रहे हैं. कैप्शन में लिखा है - “वोट! वोट! वोट!"

    जो बाइडन ने एक कैंपेन वीडियो ट्वीट किया है जिसमें बाइडन-हैरिस टी शर्ट पहने लोग वोट देने जाते हुए दिख रहे हैं. इसके साथ उन्होंने लिखा है, "सबकुछ आखिर में यहीं ख़त्म होता है."

  3. जो बाइडन परिवार के साथ चर्च पहुंचे

    जो बाइडन मंगलवार सुबह अपने परिवार के साथ डेलावेयर के सेंट जोसफ़ चर्च में पहुंचे.

    ये जगह बाइडन के लिए विशेष महत्व रखती है.

    उनकी पहली पत्नी और बेटी, जो 1972 में एक कार दुर्घटना में मारे गए थे, यहां दफ़न हैं.

    बाइडन के बेटे ब्यू, जिनकी साल 2015 में 46 वर्ष की उम्र में मस्तिष्क कैंसर से मौत हो गई थी, उनकी क़ब्र भी यहीं है.

  4. तस्वीरों में: अमेरिका में वोट देने सुबह-सुबह निकले लोग

    अमेरिका के कई इलाक़ों के पोलिंग बूथों पर सुबह-सुबह लंबी लाइनें दिख रही हैं.

    कई स्कूल लाइब्रेरी और दूसरी जगहों पर पोलिंग बूथ बनाए गए हैं.

  5. दोनों उम्मीदवारों के समर्थन में उतरे कई कलाकार

    चुनाव शुरू होने से एक दिन पहले कई अमरीकी कलाकार राष्ट्रपति उम्मीदवारों के समर्थन में उतरे.

    अमेरिकी रैपर लिल पंप ने मिशिगन में ट्रंप के लिए प्रचार किया, तो पॉप स्टार लेडी गागा पेंसिलवेनिया में जो बाइडन के समर्थन में उतरीं.

    फ़िलाडेल्फ़िया में डेमोक्रैटिक उप-राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस की अंतिम रैली में भी सितारों ने वोट माँगे.

    जॉन लेजेंड ने मंच से ट्रम्प को बाहर करने और अमेरिकियों से "इस राष्ट्रीय बुरे सपने को ख़त्म करने" की अपील की.

    वहीं, उप-राष्ट्रपति माइक पेंस, मिशिगन में अपनी अंतिम रैली में राष्ट्रपति के साथ दिखे.

    मिशिगन ने ट्रंप की जीत में एक अहम भूमिका निभाई थी. पेंस ने रैली में कहा, "अब वक़्त आ गया है, वही करने का जो आपने चार साल पहले किया था.”

  6. राजनेता न हिंसा को बढ़ावा दें, न नज़रअंदाज़ करें - पूर्व अटॉर्नी जनरल

    अमेरिका के दो पूर्व अटॉर्नी जनरलों ने चुनाव परिणाम को स्वीकार करने से इनकार करने के ख़िलाफ़ चेतावनी दी है.

    एरिक होल्डर डेमोक्रैटिक बराक ओबामा के कार्यकाल में एजी थे, और माइकल मुकेसी रिपब्लिकन जॉर्ज डब्ल्यू बुश के कार्यकाल में.

    वाशिंगटन पोस्ट अख़बार में अपनी राय रखते हुए दोनों ने लिखा कि वे क़ानून और नीतियों के मामलों पर पहले भी असहमती जता चुके हैं और आगे भी ऐसा करते रहेंगे.

    उन्होंने लिखा, "हम संयुक्त रूप से लिखते हैं क्योंकि हम पहले की तरह असहमत होना जारी रखना चाहते हैं, ठीक उसी तरह जैसे अमेरिकी करते आए हैं."

    इस जोड़ी ने कहा कि पहला संशोधन लोगों को "अपने विचारों को प्रदर्शित करने" का अधिकार देता है, उन्हें "यह अधिकार नहीं देता है कि यदि राजनीतिक परिणाम उनके मुताबिक़ नहीं आएं, तो उनके साथी नागरिक शांतिपूर्ण जीवन नहीं जी सकते.”

    उन्होंने कहा, "यह कहने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन हम यह कहने के लिए मजबूर हैं कि हमारे राजनेता न हिंसा को बढ़ावा दें न ही नज़रअंदाज़ करें."

  7. कम वोट पाने वाला उम्मीदवार भी राष्ट्रपति बन सकता है

    चुनाव पर्यवेक्षकों का कहना है कि अमरीका में इस साल रिकॉर्ड मतदान हो सकते हैं. लेकिन ऐसा नहीं है कि जिसे देश में सबसे अधिक वोट मिलें, राष्ट्रपति वही चुना जाएगा.

    मुमकिन है कि जनता के सबसे अधिक वोट पाने वाला उम्मीदवार विजेता न बने. अमरीकी चुनाव में, मतदाता एक राज्य के लेवल पर होने वाली प्रतिस्पर्धाओं में वोट देता है न कि राष्ट्र के स्तर पर.

    जनसंख्या के आधार पर हर राज्य की वोट की संख्या तय है.

    इसे इलेक्टोरल कॉलेज कहते हैं. सभी राज्यों को मिलाकर कुल 538 वोट हैं और किसी उम्मीदवार को जीतने के लिए 270 की संख्या चाहिए.

    इसलिए मुमकिन है कि किसी उम्मीदवार को पूरे देश में पड़े वोटों के मुताबिक़ बहुमत न मिले, लेकिन अगर वो कई राज्यों में बहुत कम अंतर से जीत जाता है, तो वह राष्ट्रपति बन जाएगा.

  8. एशियाई अमरीकी रिपब्लिकन ग्रुप ने बाइडन का किया समर्थन

    एक एशियाई अमरीकी रिपब्लिकन ग्रुप ने आधिकारिक रूप से डेमोक्रैटिक उम्मीदवार जो बाइडन का समर्थन किया है और अपने हज़ारों सदस्यों से अपील की है कि वो बाइडन के पक्ष में वोट डालें.

    2016 में इस ग्रुप ने डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन किया था.

    लेकिन इस बार उन्होंने ट्रंप की जगह बाइडन का समर्थन करने का फ़ैसला किया है.

    ग्रुप ने बयान जारी कर कहा, "यह ठीक है कि 2016 में आपने ट्रंप को वोट दिया था. उस वक़्त ज़्यादातर कंज़रवेटिव लोगों ने वोट दिया था. हमलोग चाहते थे कि एक बाहरी आदमी सिस्टम को उथल-पुथल करदे. लेकिन वो तो पूरे सिस्टम को ही तबाह कर रहे हैं. यह भी ठीक है कि आप बाइडन की बहुत सारी नीतियों से सहमत नहीं हैं. लेकिन हमारे परिवार, समाज और इस महान देश और दुनिया का भविष्य दाव पर लगा हुआ है."

    बयान के आख़िर में कहा गया है, "बाइडन को वोट दें, अमरीका को बचाएं.!"

  9. अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव: वर्मोंट में मतदान शुरू

    पूर्वी अमरीका के राज्य वर्मोंट में भारतीय समयानुसार साढ़े तीन बजे मतदान शुरू हो गए हैं.

    यह राज्य डेमोक्रैटिक पार्टी का गढ़ रहा है और साल 1992 से इस राज्य ने डेमोक्रैटिक उम्मीदवार को ही चुना है.

    वर्मोंट उन 13 राज्यों में से हैं जहां राष्ट्रपति चुनाव के साथ-साथ राज्य के गवर्नर का भी चुनाव हो रहा है.

    फ़िलहाल रिपब्लिकन पार्टी के फ़िल स्कॉट गवर्नर हैं और कोराना महामारी के दौरान भी उनकी लोकप्रियता 75 फ़ीसद है.

    गवर्नर फ़िल स्कॉट राष्ट्रपति ट्रंप के कट्टर विरोधी रहे हैं और उन्होंने साफ़ कहा है कि वो राष्ट्रपति पद के लिए अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार ट्रंप को वोट नहीं करेंगे.

  10. अमरीकी चुनाव: अलग-अलग समय पर शुरू होंगे मतदान

    अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए 50 राज्यों में मतदान केंद्र नौ अलग-अलग टाइमज़ोन के मुताबिक़ अलग-अलग जगहों पर खुलेगें.

    न्यू हैम्पशायर सहित कुछ राज्यों में मतदान पहले से ही चल रहे हैं. सबसे पहले मतदान पूर्वी राज्यों जैसे वर्मोंट में होते हैं, जहां मतदाता बर्फ़ीली ठंड के बीच 05:00 ईएसटी (भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे) से वोट डालेंगे.

    वहीं हवाई में वोटिंग की प्रक्रिया 20 डिग्री सेल्सिस तापमान में चमकते सूरज के साथ 12:00 ईएसटी (भारतीय समयानुसार रात 10:30 बजे) से शुरू होगी.

    कोलोराडो, मोंटाना, न्यू मैक्सिको में वोटिंग की प्रक्रिया 9:00 इएसटी (भारतीय समयानुसार रात 7.30 बजे) और कैलिफ़ोर्निया, नेवादा में 10:00 ईएसटी (भारतीय समयानुसार रात 8.30 बजे) शुरू होगी.

  11. नमस्कार! अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव 2020 पर बीबीसी हिंदी के लाइव पेज में आपका स्वागत है.

    यहां आपको अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव से जुड़ी ताज़ा ख़बरें, ख़बरों का विश्लेषण और वो सब कुछ मिलेगा जो आप जानना चाहते हैं.