कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए
पश्चिम बंगाल सरकार ने कोरोना वायरस के मुक़ाबले पर होने वाले ख़र्च और इससे हुए नुक़सान की भरपाई के लिए सरकारी ख़र्चों में कई तरह की कटौतियों का एलान किया है.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया है कि उनकी सरकार हज़ारों करोड़ के नुक़सान के बावजूद तमाम कर्मचारियों को बिना कटौती के पहली तारीख़ को वेतन दे चुकी है.
वह ऐसा करने वाली पहली राज्य सरकार है.
ममता सरकार ने किसानों की सहायता के लिए कई उपायों का एलान किया है ताक़ि रबी की फसलों को नुक़सान होने से बचाया जा सके.
ममता ने कहा है कि कोरोना के संक्रमण से निपटने के मामले में बंगाल पूरे देश के लिए मॉडल बन सकता है.
मुख्यमंत्री ने कहा है, “तमाम विभागों में नियुक्तियों पर रोक लगा दी गई है और वित्त मंत्रालय की अनुमति के बिना नई योजनाएं नहीं शुरू होंगी.
कटौती के तहत तमाम सरकारी विभागों में नए वाहन, कंप्यूटर और उसके पुर्ज़ों के अलावा फ़र्नीचर, एसी, वाटर कूलर और दफ़्तर की दूसरी चीज़ों की ख़रीद रोक दी गई है.”
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि चार नए मामले सामने आने के बावजूद राज्य में बीते दो दिनों में इस संक्रमण से किसी की मौत नहीं हुई है.
इसके अलावा और नौ मरीज़ ठीक होकर घर लौट चुके हैं.
सरकार ने दक्षिण कोलकाता के एम. आर. बांगुर अस्पताल को कोरोना अस्पताल में बदल दिया है.
लेकिन वहां के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने इस संक्रमण से निपटने के लिए आधारभूत सुविधाओँ की कमी का आरोप लगाते हुए विरोध-प्रदर्शन किया है.