इसराइल की सड़कों पर उतरे हज़ारों लोग, ग़ज़ा समझौता और पीएम नेतन्याहू के इस्तीफ़े की मांग

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शनिवार को हमास के कब्ज़े में रहे इलहाद काट्ज़ीर का शव बरामद किए जाने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और दसियों हज़ार लोग इसराइल की सड़कों पर उतर पड़े.
काट्ज़ीर की बहन कार्मिट पाल्टी काट्ज़ीर ने सोशल मीडिया पोस्ट में अपने भाई की मौत के लिए इसराइली प्रशासन को ज़िम्मेदार ठहराया और कहा कि अगर संघर्ष विराम पर नया समझौता हुआ होता तो उनके भाई ज़िंदा होते.
इसराइली पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू के विरोधियों का दावा है कि एक लाख लोगों ने तेल अवीव समेत देश के 50 जगहों पर प्रदर्शन किया.
प्रदर्शनकारी नेतन्याहू के तुरंत इस्तीफ़े और चुनाव कराए जाने की मांग कर रहे थे.
रविवार को ग़ज़ा युद्ध के ठीक छह महीने पूरे हो रहे हैं लेकिन बीते साल सात अक्टूबर को हमास के हमले के दौरान ग़ज़ा ले जाए गए इसराइली बंधकों को अभी तक नहीं छुड़ाया जा सका है.
इलहाद का जनवरी का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वो सकुशल दिखाई दे रहे हैं. माना जा रहा है कि वो किसी तरह तीन महीने तक सुरक्षित बचे रहे थे.

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शनिवार को सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के साथ बंधक बनाए गए लोगों के परिजन भी शामिल हुए.
अभी हमास के कब्ज़े में इसराइल के कम से कम 130 बंधक हैं. इसराइली प्रदर्शनकारी इन बंधकों को छुड़ाने के लिए जल्द से जल्द बंधक समझौता करने पर ज़ोर दे रहे हैं.
हालांकि अगले दौर की समझौता वार्ता काहिरा में होनी है और इसमें हमास और इसराइल के प्रतिनिधियों समेत सीआईए के डायरेक्टर बिल बर्न्स और क़तर के पीएम मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी भी शामिल होंगे.
सात अक्टूबर के बाद पहली बार बीते सप्ताह इसराइल में नेतन्याहू के ख़िलाफ़ ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन शुरू हुए. ग़ज़ा युद्ध के प्रति नेतन्याहू के नज़रिए से लोगों में भारी गुस्सा पनप रहा है.
