संदेशखाली पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने कहा- 'अगर 1% भी सच है तो यह शर्मनाक है'
पश्चिम बंगाल में संदेशखाली हिंसा को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को आड़े हाथों लिया है.
अदालत ने कहा कि 'अगर एक प्रतिशत मामले भी सच हुए तो यह पूरी तरह शर्मनाक है.'
वेबसाइट लाइव लॉ के अनुसार, चीफ़ जस्टिस टीएस शिवगणनम की अगुवाई वाली बेंच ने संदेशखाली में महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा और ज़मीन हड़पने की जांच की मांग करने वाली कई याचिकाओं पर अपना फ़ैसला सुरक्षित रखते हुए ये बात कही.
इन घटनाओं में टीएमसी नेता शाहजहां शेख और उनके सहयोगियों पर शामिल होने के आरोप लगे हैं.
ममता बनर्जी की सरकार पर कड़ी टिप्पणी करते हुए जस्टिस टीएस शिवगणनम ने कहा, "पूरे ज़िला प्रशासन और सरकार को इसकी नैतिक ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए. अगर दायर किए गए हलफ़नामे में एक प्रतिशत भी सच्चाई है तो यह पूरी तरह शर्मनाक है और पश्चिम बंगाल का कहना है कि यह महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित है? अगर एक हलफ़नामा भी सच साबित हुआ तो सारे दावे ख़त्म हो जाएंगे."
बीती फ़रवरी, हाई कोर्ट ने महिलाओं के ख़िलाफ़ कथित रूप से बंदूक की नोक पर यौन हिंसा और आदिवासी ज़मीन ट्रांसफ़र को लेकर स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की थी.
मार्च में कोर्ट ने संदेशखाली में पांच जनवरी को ईडी की टीम पर हुए हमले की जांच और मुख्य अभियुक्त शाहजहां शेख की हिरासत को सीबीआई के हवाले करने का आदेश दिया था.