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आईपीएल: कोलकाता नाइट राइडर्स टीम के सुनील नारायण ने 39 गेंद में बनाए 85 रन

आईपीएल 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स के ओपनर सुनील नारायण ने दिल्ली कैपिटल्स के ख़िलाफ़ हुए मैच में 21 गेंदों में हाफ सेंचुरी बनाई.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and विकास त्रिवेदी

  1. 60 से ज़्यादा भारतीय इसराइल क्यों पहुँचे, इसराइली राजदूत इस मौक़े पर बोले

    भारतीय मज़दूर, जिन्हें इसराइल की कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करने के लिए बीते महीनों में भर्ती किया गया था, उनका पहला बैच इसराइल रवाना हो गया है.

    भारत में इसराइल के राजदूत नाओर गिलोन ने इसकी जानकारी दी और कहा कि 60 से अधिक भारतीय मज़दूर रवाना हुए हैं.

    उन्होंने मंगलवार को एक्स पर लिखा, “आज हमने गर्वमेंट टू गर्वमेंट समझौते के तहत इसराइल जाने वाले 60 से अधिक भारतीय कंस्ट्रक्शन मज़दूरों के पहले बैच को इसराइल रवाना किया."

    “मुझे यक़ीन है कि ये लोग दोनों देशों के बीच पीअर-टू-पीअर संबंधों के ऐम्बैस्डर बनेंगे.”

    नवंबर 2023 में इसराइली सरकार ने भारत सरकार से कंस्ट्रक्शन मज़दूरों की आपातकालीन ज़रूरत की बात कही थी और दिसंबर में ख़ुद इसराइली पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू ने पीएम नरेंद्र मोदी से इसे लेकर बात की थी.

    बीते कुछ महीनों में हरियाणा और यूपी में इसराइल की कंपनियों ने भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी.

    सात अक्टूबर में हमास के इसराइल पर हमले के बाद से गज़ा में युद्ध हो रहा है और देश में श्रमिकों की भारी कमी है.

    जब ये भर्तियां शुरू हुई थीं तो व्यापार संगठनों और उनसे जुड़े कार्यकर्ताओं का कहना है कि केंद्र सरकार इस भर्ती के लिए उन सारे नियमों को ताक पर रख रही है, जिसके तहत संघर्ष वाली जगहों पर नौकरी के लिए जाने वाले भारतीय कामगारों को सुरक्षा मिलती है.

    द हिंदू अख़बार में इस साल जनवरी में एक रिपोर्ट छपी थी जिसमें कहा गया था कि जिन कामगारों को इसराइल जाना होगा, उनको विदेश मंत्रालय की वेबसाइट 'ई माइग्रेट' पर रजिस्टर करने की भी ज़रूरत नहीं होगी. सरकार के कई मंत्रियों और एजेंसियों ने इन कामगारों की सलामती और सुरक्षा का ज़िम्मा उठाने से भी इनकार किया है.

  2. श्रीलंका के मीडिया में पीएम मोदी के बयान पर ग़ुस्सा और नाराज़गी क्यों

  3. आतिशी ने कहा- जेल में केजरीवाल का 4.5 किलो वज़न घटा, स्वास्थ्य को ख़तरा

    दिल्ली सरकार में मंत्री और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने कहा है कि जेल में अरविंद केजरीवाल का 4.5 किलो वजन घट गया है. आतिशी ने कहा कि उनके स्वास्थ को ख़तरे में डाला जा रहा है.

    आतिशी ने एक्स पर लिखा, “अरविंद केजरीवाल को डायबिटीज़ है. स्वास्थ की समस्याओं के बावजूद, वे देश की सेवा में 24 घंटे लगे रहते थे.”

    “गिरफ़्तारी के बाद से अब तक, अरविंद केजरीवाल का वजन 4.5 किलो घट गया है. यह बहुत चिंताजनक है. आज भाजपा उन्हें जेल में डाल कर उनके स्वास्थ को ख़तरे में डाल रही है.”

    “अगर अरविंद केजरीवाल को कुछ हो गया तो पूरा देश तो क्या, भगवान भी इन्हें माफ़ नहीं करेगा.”

    दिल्ली के मुख्यमंत्री दिल्ली की शराब नीति से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग के केस में जेल में हैं.

    बुधवार को हाई कोर्ट में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई होगी.

  4. महाराष्ट्र: कपड़े की दुकान में लगी आग, सात लोगों की दम घुटने से मौत

    महाराष्ट्र के संभाजीनगर छावनी इलाके में एक कपड़े की दुकान में भीषण आग लगने से सात लोगों की मौत हो गई.

    औरंगाबाद के पुलिस कमिश्नर मनोज लोहिया ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि छत्रपति संभाजीनगर के छावनी इलाके में सुबह 4 बजे एक कपड़े की दुकान में आग लग गई.

    शुरुआती जांच के मुताबिक़ सात लोगों की मौत दम घुटने से हुई. आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है और जांच चल रही है.

    औरंगाबाद के पुलिस कमिश्नर मनोज लोहिया ने कहा- “ सुबह चार बजे छत्रपति संभाजीनगर में एक कपड़े की दुकान में आग लग गयी. आग दूसरी मंजिल पर तो नहीं पहुंच सकी लेकिन धुंए से दम घुटने के कारण सात लोगों की मौत हो गई. ”

  5. प्रज्ञा ठाकुर मैदान से बाहर और दिग्विजय सिंह ने बदला मैदान, अब कैसी है भोपाल की लड़ाई

  6. कच्छतीवु पर स्टालिन का जवाब- पीएम मोदी ने 10 साल में श्रीलंका से सवाल क्यों नहीं पूछा

    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मंगलवार को बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा है कच्छतीवु पर बीजेपी ‘कलाबाज़ी’ कर रही है क्योंकि लोकसभा चुनाव क़रीब हैं.

    उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाते हुए कहा, “प्रधानमंत्री की ये हिम्मत नहीं है कि वह श्रीलंका से सवाल पूछ लें या मछुआरों की गिरफ्तारी को लेकर उसकी निंदा कर सकें. ना ही वो चीन के अरुणाचल प्रदेश पर दावे का विरोध कर सकते हैं. तो कच्छतीवु पर वो बात कैसे कर सकते हैं?”

    सत्तारूढ़ डीएमके के अध्यक्ष स्टालिन ने एक चुनावी रैली में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कच्छतीवु विवाद पर ''नाटक'' कर रहे हैं और ''कहानियां'' पेश कर रहे हैं. उनकी सरकार ने आरटीआई के जवाब को ''ग़लत जानकारी'' बताई.

    उन्होंने कहा, “बीजेपी सरकार ने कच्छतीवु की आरटीआई पर ये जवाब नहीं दिया कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. 2015 में मोदी सरकार ने कहा था कि कच्छतीवु कभी भी भारत का हिस्सा नहीं था. ये जानकारी एस जयशंकर ने दी थी जो तत्कालीन विदेश सचिव थे. चूंकि चुनाव नजदीक हैं, इसलिए वो (बीजेपी) अपनी इच्छानुसार जानकारी बदल रहे हैं, यह कलाबाज़ी क्यों?”

    “क्या प्रधानमंत्री मोदी जो अब कच्छतीवु पर बात कर रहे हैं, अपने 10 साल के कार्यकाल के दौरान मछुआरों की गिरफ्तारी और उन पर फायरिंग की घटनाओं पर कभी श्रीलंका की निंदा की है? उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया?"

  7. केजरीवाल के जेल में रहते हुए ‘आदेश देने’ पर हाई कोर्ट ने ईडी से क्या कहा

    दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कहा कि वह सीएम के जेल में रहते हुए आदेश देने के मामले में अपना जवाब विशेष जज को सौंपे.

    दिल्ली के मुख्यमंत्री दिल्ली की शराब नीति से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग के केस में जेल में हैं. दिल्ली हाई कोर्ट के कार्यवाहक चीफ़ जस्टिस मनमोहन और जस्टिस मनमीत पी.एस. अरोड़ा की बेंच ने कहा कि विशेष जज को ज़रूरत पड़ने पर क़ानून के मुताबिक़ आदेश पारित करने का निर्देश दिया जाता है. बेंच ने स्पष्ट किया कि उसने याचिकाकर्ता के लोकस स्टैंडी (अधिकार क्षेत्र) पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

    कोर्ट ने उस याचिका को ख़ारिज कर दिया, जिसमें अरविंद केजरीवाल को जेल में रहते हुए बतौर मुख्यमंत्री आदेश देने के अधिकार पर रोक लगाने की मांग की गई थी.

    बेंच ने कहा, “ईडी तय विशेष जज को अपना बयान दे और वो इस मामले में अपना फैसला देंगे.”

    मंगलवार को ईडी ने कोर्ट में कहा था-“याचिकाकर्ता को ऐसा संदेश गया है, जैसे ईडी ने सीएम केजरीवाल को पर्याप्त संसाधन आदेश पारित करने के लिए मुहैया कराया है."

    “लेकिन हम साफ़ करना चाहते हैं ऐसा नहीं है. हो सकता है कि उन्होंने ‘मुलाकात’ के मौके का दुरुपयोग किया हो, हम इस मामले को देखेंगे.”

    बुधवार को हाई कोर्ट में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई होने वाली है.

    अरविंद केजरीवाल इस समय न्यायिक हिरासत में हैं और उनकी आम आदमी पार्टी का कहना है कि वह जेल से ही बतौर सीएम सरकार चलाएंगे.

    जेल में रहते हुए बीते दिनों अरविंद केजरीवाल ने जल विभाग से जुड़ा आदेश पारित किया था. उन्होंने विभाग के अधिकारियों को गर्मियों के आने से पहले पानी की समुचित व्यवस्था करने का आदेश दिया था.

  8. जापान के बाद फिलीपींस में भी सुनामी की चेतावनी जारी, ताइवान में तेज़ भूकंप से बढ़ा ख़तरा

    जापान के बाद अब फिलीपींस ने भी अपने यहां सुनामी की चेतावनी जारी कर दी है.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार, प्रशासन ने ताइवान में आए भूकंप के बाद तटीय इलाकों को ख़ाली करने के आदेश जारी किए हैं.

    बुधवार की सुबह ताइवान में 7.4 की तीव्रता का भूकंप आया है. बीते 25 साल में ये ताइवान में आया सबसे तेज़ भूकंप है.

    अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वे के अनुसार, भूकंप का केंद्र ताइवान के हुलिएन शहर से लगभग 18 किमी (11 मील) दक्षिण में स्थित है.

    चीन के सरकारी मीडिया ने कहा कि चीन के दक्षिण-पूर्वी फ़ुज़ियान प्रांत के कुछ हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए है.

    थोड़ी देर पहले जापान ने भी सुनामी की चेतावनी जारी की है.

    आशंका जताई जा रही है कि सुनामी की लहरें तीन मीटर ऊंची हो सकती हैं. जापान में भी प्रशासन ने ओकिनावा के तटीय इलाक़ों से लोगों को सुरक्षित निकाले जाने की एडवाइज़री जारी की है.

  9. जापान ने जारी की सुनामी की चेतावनी, ताइवान में जबर्दस्त भूकंप

    बुधवार को ताइवान में 7.4 तीव्रता के भूकंप के बाद जापान ने ओकिनावा प्रान्त में सुनामी की चेतावनी जारी की गई है. आशंका जताई जा रही है कि सुनामी की लहरें तीन मीटर ऊंची हो सकती हैं.

    ताइवान में पिछले 25 सालों में इतना तेज़ भूकंप नहीं आया था.

    जापान ने ओकिनावा के तटीय इलाक़ों से लोगों को सुरक्षित निकाले जाने की एडवाइज़री जारी की है.

    जापान के सरकारी प्रसारण एनएचके अनुसार, सुनामी सुबह 9:30 बजे के आसपास इरिओमोटे और इशिगाकी द्वीपों पर टकराएगी और सुबह 10:00 बजे के आसपास मियाकोजिमा और ओकिनावा के मुख्य द्वीप तक पहुँच सकती हैं.

    यहां रहने वाल लोगों को सावधान रहने की चेतावनी दी गई है क्योंकि मार्च 2011 में जब तोहोकू में भूकंप आया और फिर सुनामी आई तो शुरुआत में लहरें केवल कुछ सेंटीमीटर ही थीं लेकिन ये भयानक सुनामी में तब्दील हो गया.

    11 मार्च 2011 में जापान के पूर्वोत्तर तट पर 9 तीव्रता का भूकंप आया था जो जापान के रिकॉर्ड का सबसे तगड़ा भूकंप माना जाता है. इसके बाद वहां भयावह सुनामी आयी, इसके कारण दुनिया ने हालिया समय का सबसे बुरा परमाणु संकट देखा.

    सुनामी के कारण फुकुशिमा में न्यूक्लियर रिएक्टर के ठंडे होने से पहले ही बिजली चली गई और रिएक्टर से रेडियोएक्टिव तत्वों का रिसाव हो गया. इसके कारण जापान सरकार को इस इलाके को नो-फ्लाई ज़ोन बनाना बड़ा और आसपास की बसावट खाली बनानी पड़ी.

    रूस के चर्नोबिल के बाद इसे सबसे बुरा न्यूक्लियर संकट माना जाता है.

    जापान में भूकंप आना आम बात है. ये दुनिया के सबसे भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्रों में से एक है.

  10. नमस्कार!

    आपका दिन शुभ हो.

    बीबीसी हिंदी के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है.

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