दिल्ली के कथित शराब नीति घोटाले में गिरफ़्तार मुख्यमंत्री
अरविंद केजरीवाल की रिमांड और सात दिन बढ़ाने की मांग की गई है.
प्रवर्तन निदेशालय ने
गिरफ़्तारी के एक हफ़्ते बाद सीएम केजरीवाल को राउज़ एवेन्यू कोर्ट में पेश किया.
अदालत ने दोनों पक्ष
की दलीलें सुनने के बाद अपना फ़ैसला सुरक्षित कर लिया है.
बीबीसी के क़ानूनी मामलों
के संवाददाता उमंग पोद्दार के अनुसार, अदालत में इस मौक़े पर केजरीवाल की पत्नी सुनीता
केजरीवाल, दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी, सौरभ भारद्वाज आदि मौजूद थे.
ईडी ने अदालत से केजरीवाल
की हिरासत और सात दिन बढ़ाने की मांग की.
इस दौरान केजरीवाल ने
अदालत से कहा कि वे रिमांड का विरोध नहीं करते हैं, बल्कि वे ईडी की ओर
से लगाए गए आरोपों की सारी जांच के लिए तैयार हैं.
उन्होंने कहा, "असली घोटाला तो ईडी की जांच के बाद हुआ है. एक मकसद था आप को क्रश करना. एक
माहौल बनाना कि आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचारी है."
केजरीवाल ने आरोप लगाया, "इलेक्टोरल बॉन्ड से बीजेपी को 55 करोड़ रुपए का चंदा मिला. इसमें मनी ट्रेल
साफ़ तौर पर साबित हुआ. एक सह अभियुक्त ने अरेस्ट होने के बाद 55 करोड़ का चंदा दिया. जांच का मकसद यही था."
उन्होंने आरोप लगाया
कि ईडी का मकसद आम आदमी पार्टी को दबाना है.
पीटीआई के अनुसार, अदालत में पेश करने से पहले केजरीवाल से दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना के उस बयान पर राय मांगी गई कि जेल से दिल्ली की सरकार नहीं चलेगी.
इस पर केजरीवाल ने कहा कि यह एक राजनीतिक साज़िश है, लोग इसका जवाब देंगे.
उन्होंने अदालत से कहा, "आरोप लगाया गया है कि 100 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है. लेकिन सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा है कि मनी ट्रेल का सबूत नहीं है."
केजरीवाल ने कहा, "यह केस दो साल से चल रहा है. 17 अगस्त, 2022 को सीबीआई का पहला केस दर्ज हुआ था और 22 अगस्त को ईडी ने मामला दर्ज किया. न कोई कोर्ट ने मुझे दोषी कहा है. न आरोप हुए हैं. सीबीआई ने 31 हज़ार पेज और ईडी ने 25 हज़ार पेज फाइल किए हैं."
उन्होंने कहा, "उनकी गिरफ़्तारी चार अभियुक्तों के बयान के आधार पर हुआ, जो बाद में गवाह बन गए और फिर उन्हें माफ़ी दे दी गई."
उन्होंने पूछा कि क्या ये चार लोगों के बयान एक सत्तारूढ़ मुख्यमंत्री को गिरफ़्तार करने के लिए काफ़ी है? अगर शराब घोटाला हुआ है, तो इसका पैसा कहां गया?
वहीं ईडी की ओर से पेश वकील एएसजी एसवी राजू ने अदालत को बताया कि अरविंद केजरीवाल के बयान रिकॉर्ड किए गए, लेकिन वे गोलमोल जवाब दे रहे हैं. वे पूछताछ के दौरान ईडी से सहयोग नहीं कर रहे हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि हिरासत के दौरान केजरीवाल पासवर्ड नहीं बता रहे, इस कारण डिजिटल डेटा तक एक्सेस नहीं हो पा रहा है. यदि वे पासवर्ड नहीं देते, तो ईडी को इन पासवर्ड को तोड़ना होगा.
उनके अनुसार, कोई मुख्यमंत्री क़ानून से परे नहीं होता.
दिल्ली के कथित शराब नीति घोटाले में गिरफ़्तार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के वकील रमेश गुप्ता का आरोप है कि चुनाव से ऐन पहले बिना किसी आधार के उनके मुवक्किल को गिरफ़्तार किया गया है.
केजरीवाल पर 100 करोड़ रुपए मांगने के ईडी के आरोप पर उनके वकील गुप्ता ने कहा कि इसका जवाब तो ईडी से पूछना चाहिए.
उन्होंने कहा कि जब अगस्त 2022 में मामला दर्ज किया गया, तब से अब तक कभी नहीं कहा गया कि केजरीवाल पर कोई इल्जाम है, लेकिन अब चुनाव से पहले उन पर आरोप लगाया गया है.