एसबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया- चुनाव आयोग को दिया इलेक्टोरल बॉन्ड का पूरा डेटा

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भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित कर दिया है कि उसने इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ा सारा डेटा चुनाव आयोग को दे दिया है.
इसमें बॉन्ड से अटैच अल्फा-न्यूमेरिक आइडेंटिफ़िकेशन डिटेल भी शामिल हैं.
सुप्रीम कोर्ट के 18 मार्च को दिए आदेशानुसार, एसबीआई ने जो ज़रूरी जानकारियां चुनाव आयोग को दी हैं उनमें बॉन्ड खरीदने वालों के नाम, बॉन्ड कितने मूल्य का है और उसका नंबर, बॉन्ड को भुनाने वाली पार्टी का नाम, राजनीतिक दलों के बैंक खातों के आख़िरी चार अंक, कितने बॉन्ड भुनाए गए और इसका मूल्य बताया गया है.
चुनाव आयोग को ये डेटा अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है.
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इलेक्टोरल बॉन्ड बिना पहचान बताए किसी राजनीतिक दल को चंदा देने की व्यवस्था थी. इस बॉन्ड को बेचने के लिए एसबीआई अधिकृत थी.
इस व्यवस्था को वित्त अधिनियम 2017 के ज़रिए लागू किया गया था. हालांकि, इसकी पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे.
15 फ़रवरी को सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड को असंवैधानिक करार दिया. शीर्ष न्यायालय ने एसबीआई को आदेश दिया कि 12 अप्रैल 2019 से लेकर अभी तक राजनीतिक दलों ने इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए जितना भी चंदा पाया है, उसकी जानकारी चुनाव आयोग को दे.














