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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भूटान दौरा टला, ये है वजह
पीएम मोदी 21-22 मार्च को भूटान के दौरे पर जाने वाले थे.
लाइव कवरेज
मानसी दाश and प्रियंका झा
केंद्र सरकार की फ़ैक्ट चेकिंग यूनिट की अधिसूचना पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भूटान दौरा टला, क्या बताई गई वजह?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भूटान दौरा टल गया है. इसके पीछे खराब मौसम को वजह बताया गया है.
विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में बयान जारी किया है.
इस बयान में बताया गया है, "पारो हवाई अड्डे पर खराब मौसम को देखते हुए, दोनों पक्षों के बीच सहमति से ये फ़ैसला लिया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भूटान दौरा टाला जा रहा है."
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पीएम मोदी के दौरे की नई तारीख पर दोनों पक्ष काम कर रहे हैं.
पीएम मोदी 21 और 22 मार्च को भूटान के दौरे पर जाने वाले थे.
इससे पहले मंगलवार को विदेश मंत्रालय ने पीएम मोदी के दौरे की जानकारी देते हुए कहा था कि भारत और भूटान के बीच एक अनोखी साझेदारी है जिसकी बुनियाद परस्पर भरोसे, समझ और गुडविल पर आधारित है.
अफ़ग़ानिस्तान ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड से राजनीति को खेल से दूर रखने को क्यों कहा?
अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के द्विपक्षीय सिरीज़ को एक बार फिर से टालने पर निराशा ज़ाहिर की है. एसीबी ने कहा है कि वो निष्पक्ष और राजनीति से मुक्त क्रिकेट खेलने वाले अपने रुख पर कायम है.
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया तीसरी बार अफ़ग़ानिस्तान के साथ सिरीज़ से पीछे हटा है.
एसीबी ने क्रिकेट को राजनीतिक प्रभाव से दूर रखने की पैरवी करते हुए अफ़ग़ानिस्तान में इस खेल के महत्व और वहां के लोगों की इससे जुड़ी खुशियों का ज़िक्र किया.
एसीबी ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार से अपील की है कि वो अपनी नीतियां क्रिकेट बोर्ड पर न थोपे बल्कि इसकी बजाय क्रिकेट के विकास में सहयोग देने पर ज़ोर दे.
अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बताया कि वह क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के साथ पहले भी इस मुद्दे पर बात कर चुका है और उनसे सार्वजनिक तौर पर द्विपक्षीय सिरीज़ से पीछे हटने के एलान करने की बजाय इसके विकल्पों पर विचार करने के लिए कह चुका है.
एसीबी ने कहा है कि दोनों देशों की क्रिकेट टीम को तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सिरीज़ खेलनी थी. इस सिरीज़ को आईसीसी ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी में हरी झंडी दी थी.
मध्य प्रदेश: उज्जैन के मारपीट वाले वायरल वीडियो मामले में पुलिस ने क्या बताया?
....में - Author, शुरैह नियाज़ी
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, भोपाल से
मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक शादीशुदा महिला को कथित तौर पर भगाकर ले जाने के मामले में एक शख्स को लोगों ने चप्पल से पिटवाया और फिर गंजा कर इलाके में घुमाया.
महिला और उनके प्रेमी बंजारा समाज से थे. भीड़ ने शख्स को पहले तो महिला से ही चप्पल से पिटवाया और फिर आधी मूंछ काट दी. शख्स को बाद में पेशाब भी पिलाई गई.
इस मामले का वीडियो वायरल होने पर पुलिस को घटना की जानकारी मिली.
हालांकि, अभी तक इस मामले में पुलिस से शिकायत नहीं की गई है. पुलिस जब अभियुक्तों की गिरफ़्तारी के लिए पहुंची तो सभी लापता थे.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश भार्गव ने बताया, “इस मामले में अभी तक शिकायत नहीं हुई है. पुलिस वीडियो के आधार पर अभियुक्तों के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर रही है.”
उमर अब्दुल्लाह बोले- दिल्ली की ताकतें हमें हराने में लगी हुई हैं
जम्मू कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्लाह ने लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियों को लेकर मीडिया से बात की है.
नेशनल कॉन्फ्रेंस इंडिया गठबंधन का हिस्सा है.
समाचार एजेंसी एएनआई से उमर अब्दुल्लाह ने कहा, ''कोई चुनाव आसान नहीं होता. हम कब कहते हैं कि चुनाव आसान होता है. हर चुनाव में अलग हालात होते हैं. इस बार दिल्ली की तमाम ताकतें हमें हराने के लिए लगी हुई हैं.''
उमर अब्दुल्लाह कहते हैं, ''पिछले चुनाव में बंदूक का इस्तेमाल हुआ था. मिलिटेंसी का सबसे बड़ा निशाना नेशनल कॉन्फ्रेंस था. मुश्किल हालात में हमने चुनाव लड़े हैं. मैंने अपने ख़ुद के संसदीय चुनाव 1998-99 में सख़्त बॉयकॉट के ख़िलाफ़ लड़े थे. कोई चुनाव हम हल्के में नहीं लेते हैं. पूरी तैयारी कर रहे हैं. आगे जाकर कामयाबी की उम्मीद है.''
बदायूं में मरने वाले बच्चों के पिता और मारे गए अभियुक्त की मां ने क्या कहा
सु्प्रीम कोर्ट की ईडी पर सख्त टिप्पणी- सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर कर-कर के अभियुक्त को जेल में नहीं रख सकते
....में - Author, उमंग पोद्दार
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर करने और जाँच को खींचने को लेकर प्रवर्तन निदेशालय पर कड़ी टिप्पणी की है.
जस्टिस संजीव खन्ना और दिपांकर दत्ता की बेंच प्रेम प्रकाश की बेल याचिका पर सुनवाई कर रही थी. प्रेम प्रकाश एक मनी लॉन्ड्रिंग केस में कथित तौर पर झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेने के करीबी सहयोगी थे.
प्रेम प्रकाश अगस्त 2022 से हिरासत में हैं. उस समय रांची के उनके आवास पर हथियार बरामद हुए थे. उनपर आर्म्स एक्ट और प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था.
इस केस में अभी तक चार सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की जा चुकी है.
जस्टिस खन्ना ने कहा, "हम आपको (ईडी) को ये ध्यान दिलाना चाहते हैं कि कानून के तहत आप किसी शख्स को जाँच पूरी होने से पहले गिरफ़्तार नहीं कर सकते. किसी व्यक्ति को ट्रायल शुरू होने से पहले हिरासत में नहीं रखा जा सकता."
जस्टिस खन्ना ने कहा कि डिफॉल्ट बेल का प्रावधान ये सुनिश्चित करने के लिए किया गया था कि अगर पुलिस तय समय में चार्जशीट दायर नहीं करती है, तो अभियुक्त को जेल से रिहा किया जा सके. हालांकि, इस मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर कर-कर के, जाँच अभी भी जारी है.
जस्टिस खन्ना ने कहा, "आप बिना सुनवाई सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर करते-करते किसी शख्स को जेल में नहीं रख सकते."
उन्होंने कहा कि अगर सुनवाई में अत्यधिक या असामान्य तौर पर देरी हो रही है तो पीएमएलए के तहत कड़े प्रावधानों के बावजूद, अदालत अभियुक्त को बेल दे सकती है.
इस मामले में अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी.
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समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव के प्रत्याशियों की एक और सूची जारी की, किन छह लोगों के नाम?
समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए छह और उम्मीदवारों के नाम का एलान कर दिया है. ये पार्टी की पाँचवीं सूची है.
पार्टी ने संभल, बागपत, गौतम बुद्ध नगर, पीलीभीत, घोसी और मिर्ज़ापुर से अपने उम्मीदवार उतारे हैं.
पार्टी ने गौतमबुद्ध नगर से अपने उम्मीदवार को बदला है. अब राहुल अवाना यहां से सपा के प्रत्याशी होंगे.
सपा ने पीलीभीत सीट पर भगवत सरन गंगवार को अपना उम्मीदवार बनाया है.
इसके अलावा पार्टी ने संभाल से ज़ियाउर्ररहमान बर्क, बागपत से मनोज चौधरी, गौतमबुद्ध नगर राहुल अवाना, घोसी से राजीव राय और मिर्ज़ापुर से राजेंद्र एस. बिंद को टिकट दिया है.
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ब्रेकिंग न्यूज़, पाकिस्तान: ग्वादर पोर्ट अथॉरिटी कॉम्पलेक्स में हथियारबंद लोगों का हमला, एक सुरक्षाकर्मी सहित आठ की मौत
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में ग्वादर पोर्ट अथॉरिटी कॉम्पलेक्स में बुधवार को कुछ हथियारबंद लोगों ने हमला किया. ग्वादर प्रशासन के अनुसार इस दौरान सात हमलावर और एक सुरक्षा अधिकारी की मौत हुई है.
इस हमले की ज़िम्मेदारी चरमपंथी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी ने ली है और कहा है कि इस अभियान को संगठन की माजिद ब्रिगेड ने अंजाम दिया था.
ग्वादर प्रशासन का कहना है कि हमले के बाद परिसर को पूरी तरह खाली करा लिया गया है. ग्वादर के डिप्टी कमिश्नर मेजर (रिटायर्ड) औरंगज़ेब बदिनी ने बीबीसी उर्दू को बताया है कि इस अभियान में सात हमलावर मारे गए हैं. वहीं एक सुरक्षा अधिकारी की भी मौत हुई है.
बुधवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे ग्वादर पोर्ट अथॉरिटी परिसर से विस्फोट और गोलीबारी की आवाज़ें सुनी गईं, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया.
इस साल बलूचिस्तान में दूसरे बड़े हमले में माजिद ब्रिगेड का नाम सामने आया है.
इससे पहले 29 और 30 जनवरी 2024 की रात आत्मघाती हमलावरों सहित कई चरमपंथियों ने माच शहर में पुलिस स्टेशन पर हमला किया था. इस दौरान सुरक्षाबलों के अभियान में तीन आत्मघाती हमलावरों सहित कुल 11 चरमपंथी मारे गए थे.
ग्वादर पोर्ट अथॉरिटी कॉम्पलेक्स महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय है. इस परिसर में चुनाव आयोग और सुरक्षा से जुड़ी संस्थाओं के कार्यालय भी हैं.
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केंद्र सरकार ने फ़ैक्ट चेकिंग यूनिट के गठन की अधिसूचना जारी की
केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया पर कंटेंट की निगरानी के लिए फ़ैक्ट चेक यूनिट के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है.
हाल ही में संशोधित आईटी नियमों के तहत इस फ़ैक्ट चेकिंग यूनिट का गठन किया गया है.
अधिसूचना के अनुसार, "केंद्रीय सरकार, सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के नियम-3 के उप-नियम(1) के खंड (ख) में दी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, केंद्रीय सरकार के किसी भी कारोबार के संबंध में सूचना और प्रसारण मंत्रालय के प्रेस सूचना ब्यूरो के अधीन तथ्य जांच इकाई को केंद्रीय सरकार की तथ्य जांच इकाई के रूप में अधिसूचित करती है."
बॉम्बे हाई कोर्ट ने 13 मार्च को इस फ़ैक्ट चेकिंग यूनिट बनाने पर रोक लगाने वाली याचिका को खारिज कर दिया था.
इस फ़ैक्ट चेकिंग यूनिट को 2023 में क़ानून में शामिल किया गया था. सरकार का कहना है कि इसका मकसद भ्रामक जानकारियों पर लगाम लगाना है, मगर इस यूनिट को क़ानून में शामिल करने की कोशिश विवादों के घेरे में रही है.
कई पत्रकारों और विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सरकार की आलोचना करने वाली मीडिया की स्वतंत्र रिपोर्टिंग को कुचलने की कोशिश है.
हालांकि, इस यूनिट की संवैधानिकता से जुड़ी याचिका अभी भी बॉम्बे हाई कोर्ट में लंबित है.
मानहानि मामले में राहुल गांधी को झारखंड हाई कोर्ट से मिली ये राहत
....में - Author, रवि प्रकाश
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, रांची से
झारखंड के चाईबासा में चल रहे मानहानि के एक पुराने मामले में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को तात्कालिक राहत मिली है.
झारखंड हाई कोर्ट ने राहुल की अपील मानते हुए उन्हें व्यक्तिगत तौर पर पेश होने से एक महीने की छूट दी है.
चाईबासा की एक विशेष अदालत (एमपी-एमएलए कोर्ट) के न्यायाधीश ऋषि कुमार ने राहुल गांधी को 27 मार्च को कोर्ट में मौजूद रहने का आदेश दिया था. झारखंड हाई कोर्ट ने इस आदेश पर एक महीने के लिए रोक लगा दी है.
राहुल गांधी के ख़िलाफ़ बीजेपी नेताओं पर अपमानजनक टिप्पणी करने का ये मामला साल 2018 से लंबित है. तब बीजेपी से जुड़े प्रताप कटियार ने चाईबासा सिविल कोर्ट में उनके ख़िलाफ़ मानहानि का मुक़दमा दर्ज कराया था.
प्रताप कटियार ने चाईबासा के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में यह केस किया गया था. वहां से यह मामला तब रांची के एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर किया गया. बाद के दिनों में इसे चाईबासा एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया था. तबसे इसकी सुनवाई इसी कोर्ट में चल रही है.
इस मामले से जुड़े अधिवक्ता केशव प्रसाद ने बताया कि अप्रैल, 2022 में कोर्ट ने राहुल गांधी के ख़िलाफ़ ज़मानती वारंट जारी किया लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया. इसके बाद बीते 27 फरवरी को उनके ख़िलाफ़ गैर ज़मानती वारंट जारी किया गया.
इसके बाद राहुल गांधी ने अपने वकील के माध्यम से आवेदन देकर व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट मांगी थी. लेकिन, अदालत ने बीती 14 मार्च को उनका आवेदन खारिज कर दिया और उन्हें 27 मार्च को व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होने का आदेश दिया. वे इसके ख़िलाफ़ हाईकोर्ट गए, जहां से उन्हें फ़िलहाल राहत मिली है.
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ब्रेकिंग न्यूज़, बिहार में 15 मार्च को हुई बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा रद्द
....में - Author, चंदन कुमार जजवाड़े
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, बिहार से
बिहार में शिक्षकों की भर्ती के लिए 15 मार्च को आयोजित परीक्षा रद्द कर दी गई है. शिक्षकों की भर्ती के लिए इस परीक्षा का संचालन बिहार लोक सेवा आयोग कर रहा है.
लेकिन इसके प्रश्न पत्र लीक हो जाने की वजह से परीक्षा को रद्द कर दिया गया है. शिक्षकों की भर्ती के लिए 15 मार्च को तीसरे चरण की परीक्षा दो पारियों में आयोजित की गई थी.
पटना की आर्थिक अपराध इकाई ने इस संबंध में एफ़आईआर भी दर्ज की थी. जांच में परीक्षा के पहले की प्रश्न पत्र लीक होने के सुबूत मिलने के बाद इस परीक्षा को रद्द करने का फ़ैसला बीपीएसी ने लिया है. इस परीक्षा की नई तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी.
इससे पहले पटना के आर्थिक और साइबर अपराध विभाग ने पाया था कि परीक्षा के दिन सुबह ही हज़ारीबाग में सैकड़ों की संख्या में परीक्षार्थी इकट्ठा होकर उत्तर को याद कर रहे हैं. इस छापेमारी में मोबाइल फ़ोन, प्रिंटर, लैपटॉप और पेन ड्राइव भी ज़ब्त किए गए थे.
बिहार पुलिस के आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी हसनैन ख़ान ने बीबीसी को बताया है कि इस मामले में अब तक 266 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. इसके अलावा इस अपराध की जड़ें बिहार से बाहर भी होने की संभावना है.
हसनैन ख़ान के मुताबिक़, "बीपीएससी प्रश्न पत्र लीक होने के मामले में विशाल कुमार मुख्य अभियुक्त है जिसे हमने गिरफ़्तार किया है. वह पहले भी ओडिशा में एक प्रश्न पत्र लीक मामले में गिरफ़्तार हो चुका है. उसके साथ जो लोग गिरफ़्तार हुए हैं उनके संबंध दूसरे राज्यों से भी हो सकते हैं."
फिलहाल इस मामले की जांच जारी है और हसनैन ख़ान के मुताबिक़ प्रश्न पत्र कोलकाता के प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ है यह अभी पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता है. इसकी जानकारी जाँच के बाद ही मिल पाएगी.
शुरू में बीपीएससी ने प्रश्न पत्र लीक होने की बात से इनकार किया था, लेकिन परीक्षार्थियों के लगातार दबाव के बाद बीपीएससी ने परीक्षा रद्द कर दी.
प्रश्न पत्र लीक होने की जानकारी मिलने के बाद छात्रों ने परीक्षा रद्द करने की मांग की थी. इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया पर भी कैंपेन चला रखा था और आंदोलन करने की धमकी तक दी थी.
बिहार विद्यालय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमित विक्रम ने बीबीसी को बताया कि 15 मार्च को जो परीक्षा आयोजित की गई थी उसके तहत 80 हज़ार से ज़्यादा शिक्षकों की बहाली होनी थी. इसमें कक्षा एक से पाँच और छठी से आठवीं तक के शिक्षकों की बहाली होनी थी.
अमित विक्रम के मुताबिक़, "पहले तो बीपीएससी प्रश्न लीक होने की बात से ही इनकार कर रहा था. हमने 21 मार्च को पटना में बीपीएससी दफ़्तर के बाहर आंदोलन की धमकी दी थी तब जाकर परीक्षा रद्द की गई है. अब हम आंदोलन को रोक रहे हैं."
अमित विक्रम ने आरोप लगाया है कि अगर प्रश्न पत्र कोलकाता के प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ है तो यह जानकारी किसी को कैसे मिली कि प्रश्न कहाँ छप रहे हैं, इसमें जो कोई भी शामिल है उसकी सही जाँच होनी चाहिए.
पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी के क़िले को क्या इस बार भी भेद पाएगी पीएम मोदी की बीजेपी
ब्रेकिंग न्यूज़, दानिश अली कांग्रेस में शामिल हुए, बीएसपी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए किया था निलंबित
बीएसपी से बाहर किए गए दानिश अली बुधवार को कांग्रेस में शामिल हो गए हैं.
कांग्रेस में शामिल होने के बाद दानिश अली ने कहा, "आज जो देश की परिस्थितियां हैं वो किसी से छुपी नहीं है. एक तरफ विभाजनकारी शक्तियां हैं और दूसरी तरफ़ देश के गरीब, वंचित और पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करने वाली शक्तियां हैं .अपनी भविष्य की राजनीतिक यात्रा के लिए मैंने आज कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने का यह अहम फैसला लिया है."
दानिश अली बीते लोकसभा चुनाव में बीएसपी की टिकट पर अमरोहा से सांसद बने थे.
हालांकि, बहुजन समाज पार्टी ने बीती दिसंबर में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में दानिश अली को निलंबित कर दिया था.
उस समय से ही दानिश अली के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें जारी थीं.
दानिश अली वही सांसद हैं जिनके लिए बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी ने लोकसभा में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था.