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इंडिया गठबंधन की मुंबई में रैली, फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने कहा- सत्ता में आए तो ईवीएम हटाएंगे

मुंबई में आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली में नेताओं ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर जमकर निशाना साधा.

लाइव कवरेज

चंदन शर्मा and संदीप राय

  1. फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने कहा- सत्ता में आए तो ईवीएम हटाएंगे

    राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के समापन पर मुंबई में आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली में नेताओं ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर जमकर निशाना साधा.

    नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने कहा कि अगर गठबंधन की सरकार आई तो ईवीएम को हटा दिया जाएगा और चुनाव आयोग को आज़ाद किया जाएगा.

    उन्होंने कहा, "ईवीएम मशीन चोर है. अपने वोट को बचाना है. जब बटन दबाएं तो देखें कि जहां वोट दिया, वहां गया या किसी और को गया. हमने इस मशीन को हटाने के लिए काफ़ी हंगामा किया. मुझे उम्मीद है कि जब इंडिया गठबंधन की सरकार आएगी, उसमें ये मशीन ख़त्म हो जाएगी."

    राहुल गांधी ने कहा कि "राजा की आत्मा ईवीएम में है और हिंदुस्तान की हर संस्था में है, ईडी में है, सीबीआई में है, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में है."

    उन्होंने कहा, "हम एक शक्ति से लड़ रहे हैं."

    उन्होंने सवाल किया, "चुनाव आयोग ईवीएम से निकलने वाली पर्ची का मिलान करने को क्यों राजी नहीं है?"

    वहीं रैली में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "मोदी जी के पास आरएसएस, आरएसएस की विचारधारा और मनुवाद की शक्ति है. वे हमें पूरी तरह से कुचलना चाहते हैं."

    "कर्नाटक से बीजेपी का एक सांसद कहता है कि दो तिहाई बहुमत चाहिए क्योंकि संविधान बदलना है. ये अच्छाई के लिए नहीं है. लोकतंत्र और संविधान हमें किस्मत से मिला है."

    वहीं एनसीपी (एससीपी) के मुखिया शरद पवार ने कहा कि "इसी शहर में महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो का नारा दिया था. आज उसी शहर में हमें विचार करना चाहिए कि भाजपा से मुक्ति कैसे पाएं."

    रैली में शामिल बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा, "आज भारत जोड़ो न्याय यात्रा का अंतिम दिन रहा है. राहुल गांधी ने पूरे देश में यात्रा कर पैगाम देने की कोशिश की है."

    "आज एक तरफ नफ़रत फैलाई जा रही है, टकराव की बात की जा रही है, प्रोपेगैंडा किया जा रहा है, संवैधानिक संस्थानों को हाईजैक किया जा रहा है, चुनी हुई सरकारों को ईडी सीबीआई के ज़रिये डराकर खरीदा, तोड़ा, गिराया जा रहा है. ऐसे वक्त में राहुल गांधी ने देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए, अमन, चैन और भाईचारा कायम करने और नफ़रत को हराने के लिए जो यात्रा की है, इसके लिए हम दिल से धन्यवाद देते हैं."

    मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित इंडिया गठबंधन की इस रैली में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी नेता महबूबा मुफ़्ती, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके नेता एमके स्टालिन, शिवसेना (यूबीटी) के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे समेत विपक्ष के कई नेता शामिल हुए.

    उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव इस रैली में नहीं पहुंचे. उन्होंने अपनी व्यस्तता का हवाला दिया था.

    इंडिया गठबंधन के घटक दलों में सीटों के बंटवारे पर सोमवार को दिल्ली में बैठक होनी है.

  2. इलेक्टोरल बॉन्ड पर आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने क्या कहा?

      • Author, सलमान रावी
      • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने "इलेक्टोरल बॉन्ड' के बारे में कहा कि "ये एक प्रयोग है."

    फिर से सरकार्यवाह निर्वाचित किये जाने के बाद अपनी पहली प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दत्तात्रेय होसबाले ने ये बयान दिया है.

    आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (एबीपीएस) की नई कार्यकारिणी में दत्तात्रेय होसबाले को दोबारा अगले तीन साल के लिए सरकार्यवाह चुना गया है.

    इसके अलावा एबीपीएस ने छह नए सह-सरकार्यवाह भी चुने हैं. ये हैं - कृष्ण गोपाल, मुकुंद, अरुण कुमार, रामदत्त चक्रधर, अतुल लिमये और आलोक कुमार.

    इलेक्टोरल बॉन्ड पर दत्तात्रेय ने कहा, "आरएसएस ने इस पर अभी कुछ सोचा नहीं है. बल्कि यहां इस पर चर्चा भी नहीं हुई क्योंकि इलेक्टोरल बॉन्ड एक प्रयोग है, ऐसे प्रयोग होते रहने चाहिए."

    उन्होंने कहा, "इलेक्टोरल बॉन्ड अचानक आज नहीं आए. ऐसा पहले भी हुआ है, इसे एक प्रयोग के तौर पर लाया गया. इसके चेक्स एंड बैलेंस होने चाहिए."

    उन्होंने कहा, "यह कितना लाभकारी है यह समय बताएगा. इसलिए यह प्रयोग करने देना चाहिए, यह संघ का विचार है."

    इलेक्टोरल बॉन्ड का मुद्दा इस समय गरमाया हुआ है और विपक्षी पार्टियां सत्तारूढ़ बीजेपी पर इसके मार्फ़त अनुचित लाभ लेने का आरोप लगा रही हैं.

    इससे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद कपिल सिब्बल ने इलेक्टोरल बॉन्ड पर आरएसएस की चुप्पी को लेकर सवाल किया था और कहा था कि "आरएसएस इस पर क्यों नहीं कुछ बोल रहा?"

  3. इलेक्टोरल बॉन्ड: वो राजनीतिक दल जिन्होंने इसके ज़रिए नहीं लिया चंदा

    रविवार को भारतीय चुनाव आयोग ने इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर और जानकारी सार्वजनिक की है. इसके अनुसार कुछ पार्टियों ने इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए राजनीतिक चंदा नहीं लिया.

    मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) ने कहा कि पार्टी ने चुनावी बॉन्ड्स का विरोध किया था और फ़ैसला किया था कि वो इसके ज़रिए चंदा नहीं लेगी.

    पार्टी ने कहा, "न तो हमने चुनावी बॉन्ड्स के लिए कोई बैंक अकाउंट तय किया है और न ही हमें इसके ज़रिए कोई चंदा मिला है."

    ऑल इंडिया फ़ॉर्वर्ड ब्लॉक ने भी कहा है कि "सैद्धांतिक तौर पर हम इस योजना का विरोध करते रहे हैं और इसके ज़रिए हमें कोई पैसा नहीं मिला है."

    शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि उन्हें बीते दिनों पार्टी का नया चुनाव चिन्ह मिला है और शिवसेना को जो इलेक्टोरल बॉन्ड्स मिले थे इसका ज़िक्र शिवसेना (यूबीटी) के खाते में नहीं है. हालांकि पार्टी ने शिवसेना को मिले चंदे की पूरी जानकारी दी है.

    इनके अलावा सैंकड़ों और राजनीतिक पार्टियां हैं जिन्होंने कहा है कि उन्हें इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए चंदा नहीं मिला है. इनमें से कुछ हैं -

    • बहुजन समाज पार्टी
    • कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया
    • ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट
    • महाराष्ट्र नव निर्माण सेना
    • पीपल्स पार्टी ऑफ़ अरुणाचल प्रदेश
    • कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (लिबरेशन)
    • इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग इंडियन
    • इंडियन नेशनल लोकदल
    • लोक जनशक्ति पार्टी (आरवी)
    • नगा पीपल्स फ़्रंट
    • असम गण परिषद
    • जम्मू कश्मीर पीपल्स कॉन्फ्रेंस
  4. राजस्थान: पूर्व सीएम अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत के लिए प्रचार करेंगे सचिन पायलट

      • Author, मोहर सिंह मीणा
      • पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए

    राजस्थान में कांग्रेस ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को जालोर लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है.

    वैभव गहलोत के लिए लोकसभा चुनाव में प्रचार करेंगे राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट.

    शनिवार को एक टीवी कार्यक्रम के दौरान सचिन पायलट ने कहा, "वैभव गहलोत के लिए मैं सौ फीसदी पूरी ताकत से प्रचार करूँगा. वो मेरी पार्टी के उम्मीदवार हैं."

    उन्होंने कहा, "जब मैं अध्यक्ष था तो वैभव गहलोत को मैंने महासचिव बनाया था और मैंने उनके साथ मिलकर काम भी किया. पिछली बार जब वो जोधपुर से चुनाव लड़े थे, तब मैंने उनका नामांकन करवाया था."

    सचिन पायलट ने कहा, "मेरे रिश्ते कभी किसी से बुरे नहीं हैं. वैचारिक मतभेद हो सकते हैं. लेकिन, मैंने कभी किसी के सम्मान में कमी, कटुता और कड़वे शब्द नहीं कहे. यह मेरे आचरण और संस्कार में नहीं है."

    सचिन पायलट के इस बयान के बाद कई तरह के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं. सवाल उठ रहा है कि क्या राजस्थान कांग्रेस में चल रही गुटबाजी पर विराम लग गया है. बीते दिनों प्रदेश में अशोक गहलोत और सचिन पायलट की गुटबाजी कई बार खुलकर सामने आई थी.

    अशोक गहलोत ने खुलकर सचिन के ख़िलाफ़ बयान दिए थे और सचिन भी खुद गहलोत की सरकार से ख़िलाफ़ धरना तक दे चुके हैं.

    दोनों नेताओं के बीच गुटबाजी इस कदर रही कि सचिन पायलट नाराज़ हो कर अपने समर्थक विधायकों के साथ गुड़गांव चले गए थे. इस दौरान राज्य में कांग्रेस की सरकार के गिरने का संकट खड़ा हो गया था.

  5. अरुणाचल और सिक्किम विधानसभा चुनावों की मतगणना की तारीख़ बदली

    चुनाव आयोग ने बताया है कि अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम विधानसभा चुनावों की मतगणना की तारीख़ बदलकर 2 जून 2024 की गई है.

    दरअसल, दोनों राज्यों की विधानसभा का कार्यकाल 2 जून को ही ख़त्म हो रहा है. ऐसे में मतगणना भी दो जून तक पूरी करना अनिवार्य है.

    इसी को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने वोटों की गिनती की तारीख में बदलाव किया है.

    दोनों राज्यों में मतदान 19 अप्रैल को होना है. इससे पहले मतगणना चार जून को होनी थी.

    दोनों राज्यों में लोकसभा चुनावों को लेकर कोई बदलाव नहीं किया गया है.

    अरुणाचल प्रदेश की दो लोकसभा सीटों और सिक्किम की एक लोकसभा सीट पर पहले चरण में 19 अप्रैल 2024 को चुनाव होने हैं.

    लोकसभा चुनाव के साथ ही अरुणाचल और सिक्किम के अलावा दो अन्य राज्यों ओडिशा और आंध्रप्रदेश के विधानसभा चुनावों की तारीख़ की घोषणा हुई है.

  6. तेजस्वी यादव ने कहा- इस बार बिहार के नतीजे चौंकाने वाले होंगे

    बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि आगामी लोकसभा चुनावों में बिहार के नतीजे चौंकाने वाले होंगे.

    लोकसभा चुनावों की घोषणा पर उन्होंने कहा, “लोकतंत्र का महापर्व शुरू हो गया है. हमें आत्मविश्वास है और हम लोगों की पूरी तैयारी हो चुकी है. हमने पहले भी कहा है और फिर से कहेंगे कि बिहार के नतीज़े सभी को हैरान कर देंगे.”

    बिहार की राजनीति पर उन्होंने कहा, "17 महीने की महागठबंधन सरकार ने जो काम किए हैं, वो पिछले 17 साल में भी नहीं हुए थे. 10 सालों में नरेंद्र मोदी ने बिहार के लिए क्या किया?"

    तेजस्वी ने कहा, “हालांकि बहुत सारे टीवी चैनलों ने अपना सर्वे किया है, ये उनका काम और प्रोफ़ेशन है. लेकिन बिहार में चौंकाने वाले नतीजे का कारण है. बिहार के लोगों में जो अंडरकरेंट है. उसमें दो चीजें दिख रही हैं. एक 17 साल बनाम 17 महीने और दूसरा यह केंद्र सरकार ने 10 सालों में बिहार के लिए क्या किया. कोई भी काम बीजेपी और एनडीए की सरकार ने नहीं किया है, जिसकी आलोचना खुद मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों ने भी की है.”

    उन्होंने कहा, “हम लोगों की पुरानी मांग रही है और जो महागठबंधन की सरकार ने आरक्षण 75 प्रतिशत तक बढ़ाने का काम किया था, उस पर उन्होंने कुछ नहीं किया. अब एनडीए में जाते ही मुख्यमंत्री कुछ बोल नहीं पा रहे हैं. हालांकि वो अभिभावक हैं और हम उनकी मजबूरियों को समझ रहे हैं कि समझौते करने पड़ते हैं. लेकिन जो काम हमने किया और मांग की, जिसका सभी लोगों ने समर्थन किया, कम से कम उस आरक्षण को शेड्यूल करना चाहिए था. उस पर ये लोग कोई चर्चा नहीं करते.”

    गौरतलब है कि शनिवार को भारतीय चुनाव आयोग ने आगामी लोकसभा चुनाव की तारीख़ों का एलान कर दिया है. लोकसभा के चुनाव 19 अप्रैल से शुरू होकर करीब 44 दिन तक चलेगा और चार जून को मतगणना होगी.

  7. इलेक्टोरल बॉन्डः कुछ पार्टियों ने चंदा देने वालों के नाम और रक़म बताई

    इलेक्टोरल बॉन्ड के बारे में रविवार को जारी की गई ताज़ा जानकारी में कुछ राजनीतिक दलों ने चंदा देने वाले पक्षों का नाम ज़ाहिर किया है.

    तमिलनाडु में सत्तारूढ़ डीएमके पार्टी ने अपनी जानकारी में बताया है कि उसे फ़्यूचर गेमिंग कंपनी से 509 करोड़ रुपये मिले. फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज़ कंपनी के मालिक सैंटियागो मार्टिन हैं, जिन्हें लॉटरी किंग के नाम से जाना जाता है.

    बीते गुरुवार को इलेक्टोरल बॉन्ड के बारे में चुनाव आयोग की ओर से सार्वजनिक की गई सूचना में फ़्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज़ प्राइवेट लिमिटेड सबसे बड़ी बॉन्ड खरीदार पाई गई थी. इसने 12 अप्रैल 2019 से लेकर 15 फ़रवरी 2024 तक 1368 करोड़ रुपये के बॉन्ड खरीदे थे.

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने भुनाए गए इलेक्टोरल बॉन्ड के बारे में यह भी सूचना दी है कि उसे किस कंपनी, फ़ाउंडेशन या व्यक्ति ने खरीदा था.

    इसी तरह एआईडीएमके ने भी चंदा देने वालों का नाम और पता भी दिया है. उसके अहम डोनरों में आईपीएल की टीम चेन्नई सुपर किंग्स की पैरेंट कंपनी चेन्नई सुपर किंग्स क्रिकेट लिमिटेड ने उसे पांच करोड़ रुपये का चंदा दिया है.

    इसी तरह कुछ दिन पहले तक बीजेपी के साथ कर्नाटक में सरकार चलाने वाली जनता दल सेक्युलर- जेडीएस ने भी चंदा देने वाली कंपनियों के नाम दिए हैं.

    पिछली लिस्ट में इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने वाली दूसरी शीर्ष कंपनी मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने जेडीएस को 18 अप्रैल 2023 तक 40 करोड़ रुपये दिए.

    हालांकि बीजेपी और कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियों ने चंदा देने वालों के नाम जाहिर नहीं किए हैं.

  8. मुंबई से LIVE: शिवाजी पार्क में इंडिया गठबंधन की रैली में राहुल-प्रियंका समेत कई दलों के नेता जुटे

  9. इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर चुनाव आयोग की ताज़ा जानकारी में नया क्या है, जानिए

    चुनाव आयोग की ओर से इलेक्टोरल बॉन्ड की ताज़ा जानकारी में रजानीतिक दलों की ओर से 12 अप्रैल 2019 के पहले भुनाए गए इलेक्टोरल बॉन्ड की भी जानकारियां शामिल हैं.

    उदाहरण के लिए आम आदमी पार्टी ने अपने 24 अप्रैल 2018 से 10 अप्रैल 2019 तक की भी जानकारी दी है. उसने इस दौरान 3 करोड़ 55 लाख एक हज़ार रुपये के 14 इलेक्टोरल बॉन्ड भुनाए. ये सभी एसबीआई के दिल्ली ब्रांच से कैश कराए गए. इसमें बैंक खाते का नंबर दिया गया है.

    हालांकि इन जानकारियों में अल्फ़ान्यूमेरिक नंबर यानी यूनिक नंबर नहीं दिए गए हैं जिससे यह पता नहीं चल पाया है कि किस कंपनी ने पार्टी को चंदा दिया.

    इसी तरह भारतीय जनता पार्टी ने 18 मार्च 2018 से 12 अप्रैल 2019 तक भुनाए गए इलेक्टोरल बॉन्ड के आंकड़े दिये हैं. इस दरम्यान पार्टी ने 200 से कुछ अधिक इलेक्टोरल बॉन्ड भुनाए थे. पार्टी ने अकाउंट नंबर भी दिया है और कितने मूल्य के कितने बॉन्ड उसे मिले, उसकी भी जानकारी दी गई है.

    इसमें ये भी जानकारी है कि 9 मार्च 2018 से लेकर 14 मार्च 2019 तक पार्टी ने 1450 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड भुनाए.

    हालांकि पार्टी ने 10 जुलाई 2023 तक के इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी दी है.

    कांग्रेस ने भी 13 मार्च 2018 से लेकर 7 जुलाई 2023 तक की जानकारी साझा की है. 13 मार्च 2018 से 12 अप्रैल 2019 के बीच पार्टी ने करीब 98 इलेक्टोरल बॉन्ड भुनाए.

    कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी) यानी सीपीएम ने कहा है कि उसने कोई इलेक्टोरल बॉन्ड प्राप्त नहीं किया, क्योंकि उसने इसका विरोध किया था.

    बसपा ने भी कहा है कि उसने 30 सितम्बर 2019 तक कोई इलेक्टोरल बॉन्ड नहीं प्राप्त किया. इसी तरह सीपीआई, एमएनएस और अन्य कई पार्टियों ने इलेक्टोरल बॉन्ड प्राप्त न करने की बात कही है.

    जबकि अन्य पार्टियों ने जो सूचनाएं मुहैया कराई हैं वो इस डेटा में शामिल हैं. इसमें लगभग 300 पार्टियों की जानकारियां हैं.

    रविवार तक सारी जानकारी करनी है सार्वजनिक

    पिछले गुरुवार को चुनाव आयोग ने 12 अप्रैल 2019 से 15 फ़रवरी 2024 तक जारी किए गए इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी सार्वजनिक की थी.

    हालांकि याचिकाकर्ताओं ने इस मामले में अल्फ़ान्यूमेरिक नंबर भी जारी किए जाने की मांग की है. जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई से 17 मार्च तक ये नंबर जारी करने का आदेश दिया है.

    12 अप्रैल 2019 और 2 नवंबर 2023 को जारी सुप्रीम कोर्ट के आदेश तहत, चुनाव आयोग ने 12 अप्रैल 2019 से पहले के इलेक्टोरल बॉन्ड की बिक्री और उसे भुनाने की सारी जानकारी सुप्रीम कोर्ट में जमा की थी.

  10. एल्विश यादव को सांप के ज़हर से जुड़े मामले में नोएडा पुलिस ने किया गिरफ्तार

    यू-ट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी के विजेता एल्विश यादव को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया है.

    यह जानकारी समाचार एजेंसी एएनआई और पीटीआई के जरिए सामने आई है.

    एएनआई के मुताबिक़, नोएडा पुलिस ने उन्हें ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर न्यायालय में पेश किया है.

    8 नवंबर, 2023 को नोएडा पुलिस ने रेव पार्टी में सांप के ज़हर को इस्तेमाल करने के मामले में एक एफ़आईआर दर्ज की थी. इस मामले में एल्विश यादव भी अभियुक्त हैं.

    एल्विश पर सांपों के ज़हर के इस्तेमाल करने का आरोप है. हालांकि वे कई बार मीडिया में इन आरोपों को ख़ारिज़ कर चुके हैं.

    कौन हैं एल्विश यादव

    एल्विश यादव एक चर्चित यूट्यूबर हैं. वे सोशल मीडिया पर काफ़ी लोकप्रिय हैं.

    यूट्यूब पर उनके 1.5 करोड़ सब्सक्राइबर हैं और इंस्टाग्राम पर उन्हें 1 करोड़ से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं.

    एल्विश यादव यूट्यूब पर फ़नी वीडियोज़ बनाते हैं. उनके रोस्टिंग वीडियोज़ भी काफ़ी लोकप्रिय हैं.

    14 सितंबर 1997 को हरियाणा के गुरुग्राम में जन्मे एल्विश यादव ने वर्ष 2016 में अपना यूट्यूब चैनल खोला था.

    एल्विश यादव ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम किया है. पहले एल्विश यादव का नाम सिद्धार्थ यादव था.

    • कौन हैं यूट्यूबर एल्विश यादव जिनके ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है
  11. गुजरात यूनिवर्सिटी में नमाज़ पर विवाद, अंतरराष्ट्रीय छात्रों के साथ मारपीट मामले में विदेश मंत्रालय ने दिया बयान

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुजरात यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के साथ नमाज को लेकर हुई मारपीट मामले में बयान दिया है.

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा, "कल अहमदाबाद की गुजरात यूनिवर्सिटी में हिंसा की घटना हुई. राज्य सरकार अपराधियों के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई कर रही है. झड़प में दो विदेशी छात्र घायल हुए हैं. उनमें से एक को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है."

    उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय, गुजरात सरकार के साथ संपर्क में है.

    अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक के मुताबिक़, शनिवार रात करीब 11 बजे गुजरात यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में नमाज़ को लेकर कुछ लोगों की अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के साथ मारपीट हुई.

    इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं, जिसमें कुछ लोग हॉस्टल में तोड़फोड़ और पत्थरबाजी कर रहे हैं.

    पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति को फिलहाल आईडेंटिफाई किया है. अभी तक किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुई है.

  12. भूपेश बघेल के खिलाफ महादेव सट्टा ऐप मामले में एफआईआर दर्ज

      • Author, आलोक पुतुल, रायपुर से बीबीसी हिंदी के लिए

    छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित ऑनलाइन महादेव सट्टा मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ख़िलाफ़ राज्य के आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में एक एफआईआर दर्ज की गई है. प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की ओर से ब्यूरो के उप पुलिस अधीक्षक ने यह एफआईआर दर्ज़ कराई है.

    भूपेश बघेल के ख़िलाफ़ यह एफआईआर ऐसे समय में दर्ज़ कराई गई है, जब भूपेश बघेल को कांग्रेस पार्टी ने राजनांदगांव से लोकसभा चुनाव में पार्टी का उम्मीदवार बनाया है.

    पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अलावा महादेव ऐप के मालिकों सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल समेत कई अधिकारियों और व्यापारियों को इस एफआईआर में नामज़द किया गया है. इसके अलावा बिना नाम के 'संबंधित ब्यूरोक्रेट्स/ पुलिस अधिकारीगण/ ओएसडीगण' का भी उल्लेख इस एफआईआर में है.

    एफआईआर में कहा गया है कि महादेव ऐप के अपराध पर होने वाली कार्रवाई को रोकने के लिए विभिन्न पुलिस व प्रशासनिक अधिकारीगण तथा प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तियों का संरक्षण प्राप्त किया गया, जिसके एवज में उन्हें नियमित तौर पर प्रोटेक्शन मनी के रूप में भारी राशि दी गई.

    एफआईआर में कहा गया है कि अवैध राशि की व्यवस्था एवं वितरण हेतु हवाला ऑपरेटरों का इस्तेमाल किया गया और अवैध राशि को संयुक्त अरब अमीरात तक पहुंचाया गया.

    इससे पहले नवंबर में ईडी ने दावा किया था कि उसने एक कैश कूरियर का बयान दर्ज किया है, जिसने आरोप लगाया है कि महादेव ऐप के प्रमोटरों ने अब तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपये का भुगतान किया है.

    क्या है महादेव ऐप

    ईडी के अनुसार छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर के रहने वाले सौरभ चंद्राकर ने अपने साथी रवि उप्पल के साथ मिल कर ऑनलाइन सट्टा ऐप की शुरुआत की.

    आरोप है कि बड़ी संख्या में राज्य के कई पुलिसकर्मियों ने न केवल इस धंधे को संरक्षण दिया, बल्कि इस कारोबार का हिस्सा भी बन गए.

    ईडी के अनुसार 2019 में सौरभ और रवि ने अपना पूरा कारोबार दुबई से संचालित करना शुरू किया. इधर ‘महादेव बुक’ से कुछ ही महीनों के भीतर 12 लाख से अधिक सट्टेबाज़ जुड़ गए, जिसका एक बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ का था.

    इस कारोबार को बढ़ाने में सोशल मीडिया की सबसे बड़ी भूमिका रही. सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार करके दुनिया के कई देशों में इसके ग्राहक बनाए गए.

    छत्तीसगढ़ में तो बड़ी संख्या में लोग इस ऐप की आईडी और पासवर्ड बेचने के काम में जुट गए. इस आईडी और पासवर्ड के सहारे क्रिकेट से लेकर चुनाव तक में सट्टा लगाया जाने लगा और हज़ारों की संख्या में खोले गए तरह-तरह के बैंक अकाउंट के ज़रिए सारा लेन-देन होता रहा.

    पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार कोरोना काल में 2020 में ‘महादेव ऐप’ का कारोबार दिन-दोगुना, रात-चौगुना रफ़्तार से आगे बढ़ा. जब बिना दर्शकों के आईपीएल क्रिकेट की शुरुआत हुई तो महादेव ऐप पर दो हज़ार करोड़ से अधिक की सट्टेबाज़ी हुई.

    साल भर पहले महादेव ऐप के मालिक सौरभ चंद्राकर की दुबई में हुई शादी की ख़ूब चर्चा हुई थी. कहा जाता है कि इस शादी में 200 करोड़ से अधिक खर्च किए गए थे. इस शादी में शामिल होने के लिए भारतीय फ़िल्म इंडस्ट्री के कई कलाकार पहुंचे थे.

  13. इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर चुनाव आयोग ने जारी किया नया डेटा

    चुनाव आयोग ने रविवार को इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ा नया डेटा अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित किया है, जिसे राजनीतिक पार्टियों ने सील बंद लिफाफ़े में जमा कराया था.

    इस डेटा में इलेक्टोरल बॉन्ड की तारीख़, कैटेगरी, बैंक ब्रांच, जमा करने और प्राप्त करने की तारीख़ शामिल है.

    हालांकि अभी भी इस डेटा में अल्फान्यूमेरिक नंबर शामिल नहीं है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि किस चुनावी बॉन्ड को किस पार्टी ने इनकैश किया है.

    इससे पहले 14 मार्च को चुनाव आयोग ने इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर डेटा जारी किया था, जिसमें यह बताया गया था कि किस कंपनी और व्यक्ति ने कितने के चुनावी बॉन्ड खरीदे हैं और किस पार्टी ने कितने रूपये के चुनावी बॉन्ड इनकैश किए हैं.

    सवाल अभी भी बना हुआ है कि इलेक्टोरल बॉन्ड के अल्फान्यूमेरिक नंबर्स कब जारी होंगे.

    चुनाव आयोग के बयान के अनुसार, "राजनीतिक दलों की ओर से मिले डेटा को बिना सील खोले सुप्रीम कोर्ट में जमा करा दिया गया था.15 मार्च 2024 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत, सर्वोच्च अदालत की रजिस्ट्री ने इस डेटा को डिज़िटाइज कर इसकी सॉफ़्ट कॉपी की पेन ड्राईव को एक सील बंद कवर में लौटा दिया. साथ में सारे काग़ज भी लौटाए. भारतीय चुनाव आयोग ने इलेक्टोरल बॉन्ड के इस डेटा को आज अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है."

    चंदा लेने में कौन अव्वल?

    चुनाव आयोग की ओर से जारी चुनावी बॉन्ड इनकैश करवाने वालों की लिस्ट में बीजेपी पहले और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस दूसरे नंबर पर है.

    बीजेपी ने कुल 60 अरब रुपये से अधिक के इलेक्टोरल बॉन्ड को भुनाया है, वहीं टीएमसी ने 16 अरब रुपये से अधिक के इलेक्टोरल बॉन्ड इनकैश किए हैं.

    चुनाव आयोग के मुताबिक सबसे ज्यादा इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने वाली कंपनी फ़्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज़ है. इस कंपनी ने कुल 1368 बॉन्ड खरीदे, जिसकी क़ीमत 13.6 अरब रुपये से अधिक रही.

    चुनावी चंदा जिन पार्टियों को सबसे ज्यादा मिला, उसमें तीसरे नंबर पर कांग्रेस है, जिसे करीब 14 अरब रुपये से ज्यादा के बॉन्ड मिले.

  14. लोकसभा चुनाव से पहले ईवीएम पर कांग्रेस ने साफ़ किया अपना रुख़

    कांग्रेस की 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के पूरा होने के बाद पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा है कि वे ईवीएम के नहीं बल्कि उससे होने वाली छेड़छाड़ के ख़िलाफ़ हैं.

    मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में जयराम रमेश ने कहा, "19 दिसंबर, 2023 को नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक के दौरान सभी दलों ने इस मामले पर बात की थी. सभी ने ये कहा कि वे ईवीएम के नहीं बल्कि उसके साथ होने वाली छेड़छाड़ के ख़िलाफ़ हैं."

    लोग मानते हैं कि हमें ईवीएम के ख़िलाफ़ होना चाहिए, लेकिन यह हमारा रुख़ नहीं है.

    उन्होंने कहा, "हम नहीं कह रहे हैं कि पेपर बैलेट पर वापस जाइए. हम कह रहे हैं ईवीएम इस्तेमाल करिए, पर 100 प्रतिशत वीवीपैट हो, ताकि मतदाताओं को विश्वास हो."

    इस कॉन्फ्रेन्स के दौरान जयराम रमेश ने बताया कि भारत जोड़ो न्याय यात्रा 6,300 किलोमीटर लंबी रही और देश के 106 ज़िलों से होकर गुजरी.

    यह यात्रा 14 जनवरी को मणिपुर के थौबल से शुरू हुई और 16 मार्च को मुंबई में ख़त्म हुई.

  15. ट्विटर पर टॉप ट्रेंड में सिद्धू मूसेवाला, क्या लिख रहे हैं लोग

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 'सिद्धू मूसेवाला' एक बार फिर नंबर एक पर ट्रेंड कर रहा है.

    इस बार ट्रेंड करने के पीछे दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के छोटे भाई का जन्म होना है. उनके पिता बलकौर सिंह और मां चरण कौर दूसरी बार माता-पिता बने हैं.

    पिता बलकौर सिंह ने अपने इंस्टाग्राम के जरिए सिद्धू के छोटे भाई के जन्म की जानकारी दी है.

    उन्होंने लिखा कि शुभदीप को चाहने वाले लाखों-करोड़ों लोगों के आशीर्वाद से शुभ के छोटे भाई को ईश्वर ने हमारी गोद में डाला है.

    29 मई, 2022 को पंजाब के मानसा में सिद्धू मूसेवाला पर कई गोलियां चली थीं, जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी. वे अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे.

    उनकी मौत के बाद मां चरण कौर ने इस बच्चे को बिना आईवीएफ़ तकनीक की मदद से जन्म दिया है. उनकी उम्र 58 साल है.

    एक्स पर एक यूजर ने लिखा, "लीजेंड्स नेवर डाई."

    कुछ लोग इसे सिद्धू मूसेवाला 2.0 भी लिख रहे हैं.

  16. इलेक्टोरल बॉन्ड पर सिब्बल ने आरएसएस प्रमुख को घेरा, कहा- डेटा सामने आने के बाद क्या वे आवाज़ उठाएंगे

    राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और बीजेपी पर निशाना साधा है.

    कपिल सिब्बल ने कहा, "फरवरी 2012 को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि 'केवल भ्रष्ट लोक सेवकों पर सख़्त कार्रवाई करके राजनीतिक व्यवस्था से भ्रष्टाचार को दूर नहीं किया जा सकता. देश में सुशासन लाने के लिए चुनाव सुधार करने और सिस्टम को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने जैसे उपाय भी करने चाहिए.'

    सिब्बल बोले, "आपने अभी देखा कि यह सिस्टम कितना पारदर्शी है और उन्होंने (बीजेपी) इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए कैसे लाभ कमाया. मैं मोहन भागवत से पूछना चाहता हूं कि क्या वे इसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाएंगे?"

    इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़े डेटा के 14 मार्च को सामने आने के बाद विपक्षी दल केंद्र की बीजेपी सरकार पर हमलावर हैं.

    विपक्षी दल, जारी किए गए आंकड़ों के ज़रिए दावा कर रहे हैं कि उससे बीजेपी को काफ़ी फ़ायदा हुआ है.

    उससे पहले 14 फ़रवरी को सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड को असंवैधानिक क़रार दे दिया था.

  17. गुजरात यूनिवर्सिटी: नमाज़ को लेकर कथित मारपीट मामले में पुलिस ने क्या बताया

    गुजरात यूनिवर्सिटी में कथित तौर पर नमाज़ को लेकर विदेशी छात्रों से मारपीट करने के मामले में पुलिस का बयान सामने आया है.

    गुजरात यूनिवर्सिटी की वीसी नीरजा अरुण गुप्ता ने कहा, "पुलिस और सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है. जांच जारी है. कुछ वीडियो वायरल हुए हैं और पुलिस उन कारणों की जांच कर रही है, जिससे विवाद की शुरुआत हुई."

    अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने मीडिया से कहा, "यहां गुजरात यूनिवर्सिटी में क़रीब 300 विदेशी छात्र पढ़ते हैं, जिसमें ज्यादातर अफ्रीका से हैं. कुछ अफ़ग़ानिस्तान, श्रीलंका और बाक़ी देशों से भी हैं. इसके ए ब्लॉक में 75 विदेशी छात्र रहते हैं, जहां रात करीब साढ़े दस बजे वे बाहर नमाज़ पढ़ रहे थे. क़रीब 20 से 25 लोग आए. उन्होंने कहा कि आप यहां क्यों नमाज़ पढ़ रहे हो, इसे तो मस्जिद में पढ़ना चाहिए. इसके बाद उनके बीच बहस और मारपीट हुई."

    उन्होंने बताया, "बाहर से जो लोग आए थे उन्होंने पत्थर फेंके. कमरों में तोड़फोड़ की. इसमें पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की है. 100 नंबर पर पुलिस को 10.51 मिनट पर किसी ने फोन किया और तुरंत पांच मिनट में 10.56 पर यहां पीसीआर वैन आ गई और आधे घंटे में लोकल पुलिस इंस्पेक्टर भी गए. एफआईआर हमने 20 से 25 लोगों के ख़िलाफ़ तुरंत दर्ज की ली और कुल हमारी 9 टीमें लगी हुई हैं."

    मलिक ने बताया, "जो भी लोग इसमें शामिल हैं, उनके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा. इसकी ओवर ऑल मॉनिटरिंग ज्वाइंट कमिश्नर (क्राइम ब्रांच) करेंगे."

    उनके मुताबिक़, एक आदमी को आईडेंटिफाई कर लिया गया है और बाक़ी को जल्द कर लिया जाएगा.

    मलिक ने बताया कि दो छात्र अस्पताल में भर्ती हैं, जिसमें से एक श्रीलंका और दूसरा छात्र ताजिकिस्तान का है.

  18. इमरान ख़ान ने की ईवीएम की वकालत, कहा- पाकिस्तान में अगर ये होती तो...

    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने चुनावों में धांधली रोकने के लिए देश में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से मतदान कराने की वकालत की है.

    सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो और एक्स पर किए एक ट्वीट में इमरान ख़ान ने कहा, "अगर पाकिस्तान में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन होती, तो चुनाव में धांधली का मामला एक घंटे में हल हो जाता."

    पाकिस्तान तहरीक़-ए-इंसाफ़ के संस्थापक इमरान ख़ान का यह बयान शनिवार को रावलपिंडी की अदियाला जेल में पत्रकारों से हुई उनकी बातचीत के दौरान आया.

    इस बातचीत के दौरान उन्होंने आम चुनावों में धांधली होने और सब कुछ पहले से फिक्स होने का आरोप लगाया है.

    इमरान ख़ान ने 'जनादेश की चोरी करने' और देशद्रोह करने का आरोप भी लगाया है.

    उन्होंने एलान किया है कि चुनाव में हुई धांधली के सबूतों के साथ वे अगले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.

    उन्होंने दावा किया कि इस समय देश एक ओर खड़ा है, जब​कि सत्ता प्रतिष्ठान और कुछ दल दूसरी ओर खड़े हैं.

  19. गुजरात यूनिवर्सिटी में विदेशी छात्रों से कथित तौर पर नमाज़ को लेकर मारपीट, ओवैसी बोले- ये सामूहिक कट्टरवाद

    गुजरात यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले अफ्रीका, अफगानिस्तान और उज्बेकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय छात्रों के साथ हॉस्टल में कथित तौर पर नमाज़ पढ़ने को लेकर मारपीट करने का मामला सामने आया है.

    इस घटना से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हैं. वीडियो में कुछ लोग पत्थरबाज़ी और वाहनों को तोड़ते हुए दिख रहे हैं.

    इस पूरी घटना पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल उठाए हैं.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "कितनी शर्म की बात है. आपकी भक्ति और धार्मिक नारे तभी सामने आते हैं, जब मुसलमान शांति से अपने धर्म का पालन करते हैं. आप मुसलमानों को देखते ही गुस्से में आ जाते हैं. यह सामूहिक कट्टरवाद नहीं तो क्या है? यह नरेंद्र मोदी और अमित शाह का गृह राज्य है. क्या वे सख़्त संदेश देने के लिए हस्तक्षेप करेंगे?"

    ओवैसी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को टैग करते हुए कहा कि भारत के अंदर मुस्लिम विरोधी भावना देश की छवि को खराब कर रही है.

  20. केजरीवाल के कोर्ट में पेश होने के बाद बोलीं आतिशी, आलोचकों का उन्होंने मुंह बंद करा दिया

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय से नौवां समन मिला है.

    इसके बाद आम आदमी पार्टी ने कहा है कि केजरीवाल ने बीजेपी के उन सभी नेताओं का मुंह बंद कर दिया, जो कह रहे थे कि वे कोर्ट और ईडी से भाग रहे हैं.

    रविवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली की मंत्री और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने केजरीवाल का बचाव करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा.

    आतिशी ने कहा, "अरविंद केजरीवाल कल कोर्ट गए थे. उन्होंने बीजेपी के उन सभी नेताओं को जवाब दे दिया है, जो बार-बार कह रहे थे कि अरविंद केजरीवाल कोर्ट और ईडी से भाग रहे हैं. दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने उनका मुंह बंद कर दिया है."

    केजरीवाल को मिला एक और समन

    आतिशी ने बताया कि सीएम केजरीवाल को दिल्ली जल बोर्ड के एक मामले में पूछताछ के लिए ईडी से एक समन मिला है.

    ईडी दिल्ली जल बोर्ड में अवैध टेंडरिंग से हुई कमाई की मनी लॉन्ड्रिंग करने के आरोपों की जांच कर रही है.

    इसके लिए उसने मनी लॉन्ड्रिंग क़ानून की धारा 50 के तहत केजरीवाल को पूछताछ के लिए सोमवार को पेश होने के लिए समन जारी किया है.

    उन्होंने कहा, "दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को कल शाम ईडी द्वारा एक और समन मिला. उन्होंने उनसे दिल्ली जल बोर्ड से संबंधित जांच में शामिल होने के लिए कहा है. हम दर्ज किए गए मामले से अनजान हैं. ईडी ने इस फर्जी मामले में अरविंद केजरीवाल को तलब किया है."

    आतिशी ने कहा, "दिल्ली जल बोर्ड के इस मामले के बारे में किसी को नहीं पता. ये समन इसलिए भेजे जा रहे हैं, क्योंकि पीएम मोदी को भरोसा नहीं हो रहा है कि वे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को शराब नीति मामले में गिरफ्तार कर पाएंगे. इसलिए उन्हें गिरफ्तार करने के लिए एक बैकअप प्लान शुरू किया जा रहा है."