नाइजीरिया में 280 से ज़्यादा स्कूली बच्चों का अपहरण

इस घटना की पुष्टि कडुना राज्य के गवर्नर उबा सानी ने की है. कुरीगा इसी राज्य का हिस्सा है.

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चंदन शर्मा

  1. नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड ने फिर बदला पाला, भारत पर क्या होगा इसका असर

  2. अमित शाह का ओवैसी की पार्टी पर निशाना, बोले- संभाजीनगर को 'नए निज़ाम' से मुक्ति मिलेगी

    अमित शाह

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    इमेज कैप्शन, महाराष्ट्र में एक रैली में अमित शाह

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक रैली के दौरान प्रत्यक्ष तौर पर एआईएमआईएम पर निशाना साधते हुए कहा कि समय आ गया है कि संभाजीनगर को 'नए निज़ाम' से मुक्त कराया जाए.

    यहां से एआईएमआईएम के इम्तियाज़ जलील लोकसभा सांसद हैं.

    अमित शाह ने कहा, "आज मैं संभाजीनगर आया हूँ. संभाजीनगर ने एक कसर छोड़ दी थी. देश के पहले गृह मंत्री लौह पुरुष भारत रत्न सरदार पटेल ने मराठावाड़ को निज़ाम के कुशासन से मुक्त कराया था और मजलिस को यहां से हटाने का काम किया था. हमारी छोटी सी ग़लती और आलस की वजह से फिर मजलिस बैठी है. संभाजीनगर वालों को ये कबूल है क्या?"

    उन्होंने कहा, "आज इस सभा से संकल्प लेकर जाइए कि सरदार पटेल ने जो आज़ादी के बाद निज़ाम से मुक्ति दिलाई थी, इन नए निज़ामों को आप फिर से घर में बिठाकर उनकी जगह बताने का काम करेंगे. बालासाहेब ठाकरे को देश भर की जनता पलकों पर बिठाती है. मुझे बताओ कि संभाजीनगर का नाम रखने के लिए विरोध करते थे, वो बालासाहेब के वारिस हो सकते हैं क्या? आज उद्धव ठाकरे जी आपको शर्म आनी चाहिए कि आप जिनके पास बैठे हो, जिनके साथ बैठे हो, उन्होंने 370 हटाने का विरोध किया, सर्जिकल और एयरस्ट्राइक का विरोध किया. और औरंगबाद से संभाजीनगर की यात्रा को रोक कर रखा था."

    पिछले साल आधिकारिक तौर पर औरंगाबाद जिले का नाम 'छत्रपति संभाजीनगर' किया गया.

  3. मणिपुर के हालात पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दक्षिण कोरिया में की ये टिप्पणी

    एस जयशंकर

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    इमेज कैप्शन, मणिपुर के हालात पर विदेश मंत्री एस जयशंकर का बयान

    केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मणिपुर में हुई हिंसा के बारे में कहा कि वहां जो कुछ भी हुआ वो 'बेहद दुखद' है.

    विदेश मंत्री ने कहा कि पूरा देश इस पूर्वोत्तर राज्य में स्थिति सामान्य होते हुए देखना चाहता है.

    जयशंकर दक्षिण कोरिया और जापान की यात्रा पर है. दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में एक कार्यक्रम के दौरान मणिपुर को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने ये बातें कही.

    विदेश मंत्री ने कहा, "इस सवाल के संदर्भ में कि ये कैसे हुए? सरकार ने ये कैसे होने दिया? आप जानते हैं कि ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं होगा जिसे वहां के हालात पर अफ़सोस नहीं है. मेरा मतलब है कि वहां जो हुआ वो बहुत दुखद है."

    विदेश मंत्री ने कहा कि ऐसे जगहों पर समुदाय परस्पर रूप से जुड़े होते हैं और हिंसा इस तरह भड़कती है कि उससे निपटना मुश्किल होता है.

    जयशंकर ने कहा, "मेरा मानना है कि पूरा देश मणिपुर में शांति चाहता है. वो चाहते हैं कि वहां कानून-व्यवस्था पटरी पर आए."

    मणिपुर में तीन मई, 2023 से मैतेई और कुकी समुदाय के बीच हिंसा भड़क गई थी और अब भी राज्य से हिंसा की ख़बरें आती रहती हैं. इन हिंसक घटनाओं में क़रीब 200 लोगों की मौतें हुई हैं.

    विदेश मंत्री ने मणिपुर के हालात को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में पहले पूर्वोत्तर को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों का ज़िक्र किया और बताया कि केंद्र सरकार वहां कई परियोजनाओं पर काम कर रही है.

    उन्होंने कहा कि कैसे केंद्र में मौजूदा सरकार ने ‘लुक ईस्ट’ और ‘एक्ट ईस्ट’ को व्यवहार में तब्दील कर दिया.

  4. नमस्कार

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