छत्तीसगढ़ : एनएमडीसी के स्क्रीनिंग प्लांट में चट्टान धंसने से तीन मजदूरों की मौत, दो घायल
. मज़दूरों का कहना है कि अभी कुछ और लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है.
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कीर्ति दुबे and दीपक मंडल
सपा के वरिष्ठ नेता और संभल से सांसद शफ़ीकुर्रहमान बर्क़ का निधन

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यूपी की संभल सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद शफ़ीकुर्रहमान बर्क़ का लंबी बीमारी के बाद आज निधन हो गया.
94 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली. वो पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे. मुरादाबाद के निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था.
समाजवादी पार्टी ने उनकी मौत की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, “समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, कई बार के सांसद जनाब शफ़ीकुर्रहमान बर्क़ साहब का इंतकाल हो गया है, अत्यंत दु:खद. उनकी आत्मा को शांति दे भगवान. शोकाकुल परिजनों को यह असीम दु:ख सहने का संबल प्राप्त हो.”
शफ़ीकुर्रहमान बर्क़ सपा के सबसे बुर्जुग सांसद थे और पार्टी ने साल 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए भी उन्हें संभल सीट से अपना उम्मीदवार बनाया था.
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राज्यसभा के मतदान के बीच सपा के चीफ़ व्हिप का इस्तीफ़ा

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राज्यसभा की 15 सीटों पर आज मतदान हो रहे हैं. इनमें से 10 सीटें उत्तर प्रदेश से हैं.
इस चुनाव में सबकी निगाहें यूपी पर हैं जहां एक सीट पर सपा और बीजेपी के बीच कांटे का मुकाबला है.
आशंका जाताई जा रही है कि समाजवादी पार्टी की ओर से क्रॉस वोटिंग हो सकती है.
इन अटकलों के बीच समाजवादी पार्टी के विधायक और मुख्य सचेतक (चीफ़ व्हिप) मनोज पांडे ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.
मनोज पांडे ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिए गए त्यागपत्र में लिखा है, “हमें समाजवादी पार्टी विधान मंडल दल यूपी विधान सभा का ‘मुख्य सचेतक’ नियुक्त किया गया था. मैं मुख्य सचेतक के पद से त्यागपत्र दे रहा हूं.”
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अब से थोड़ी देर पहले एनडीए के सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि एनडीए के आठों उम्मीदवारों की जीत होगी और समाजवादी पार्टी के नेता जितवाएंगे.
राज्यसभा की वोटिंग से पहले अखिलेश यादव की डिनर पार्टी में आठ विधायक शामिल ही नहीं हुए.
पीटीआई के अनुसार समाजवादी पार्टी के मनोज पांडे, विधायक मुकेश वर्मा, महाराजी प्रजापति, पूजा पाल, राकेश पांडे, विनोद चतुर्वेदी, राकेश प्रताप सिंह और अभय सिंह सोमवार रात को अखिलेश यादव के डिनर से गायब रहे.
राज्यसभा चुनाव से पहले राजभर ने कहा- एनडीए जीतेगा और सपा के नेता जिताएंगे

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मंगलवार को राज्यसभा की 15 सीटों के लिए मतदान हो रहा है और इनमें से 10 सीटें उत्तर प्रदेश की हैं.
यहां बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच एक सीट को लेकर माहौल गरम है. इस तरह की अटकलें है कि सपा के विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं.
क्रॉस वोटिंग होने की आशंकाओं के बीच एनडीए के सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने कहा है कि एनडीए के आठों उम्मीदवारों की जीत होगी.
उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “एनडीए के सभी आठ उम्मीदवारों की जीत होगी और समाजवादी पार्टी के विधायक इस जीत में हमारा साथ देंगे.”
राज्यसभा की वोटिंग से पहले अखिलेश यादव की डिनर पार्टी में आठ विधायक शामिल ही नहीं हुए.
पीटीआई के अनुसार समाजवादी पार्टी के चीफ़ व्हिप मनोज पांडे, विधायक मुकेश वर्मा, महाराजी प्रजापति, पूजा पाल, राकेश पांडे, विनोद चतुर्वेदी, राकेश प्रताप सिंह और अभय सिंह सोमवार रात को अखिलेश यादव के डिनर से गायब रहे.
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संदेशखाली मामले पर हाई कोर्ट ने कहा, शाहजहां की गिरफ़्तारी हो, टीएमसी ने कहा- 7 दिन के भीतर

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कलकत्ता हाई कोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल पुलिस को निर्देश दिया है कि वह टीएमसी नेता शाहजहां शेख़ को गिरफ़्तार करे.
शाहजहां शेख़ पर 24 उत्तर परगना के संदेशखाली गांव में महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न करने और लोगों की ज़मीन हड़पने के आरोप हैं.
राज्य की सत्तारुढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि वह अपराध करने वाले को बचा नहीं रही है और सात दिन के भीतर उन्हें गिरफ़्तार किया जाएगा.
अदालत ने कहा कि संदेशखाली केस में शाहजहां शेख़, प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई, पुलिस अधीक्षक और पश्चिम बंगाल सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे राज्य के गृह सचिव को पार्टी बनाया जाए.
कोर्ट ने निर्देश दिया- “शाहजहां शेख़ को पुलिस गिरफ़्तार करे.”
कोर्ट के इस आदेश का स्वागत करते हुए टीएमसी ने दावा किया कि कोर्ट के पुराने आदेशों ने पुलिस के हाथ बांध रखे थे और पुलिस शेख़ को गिरफ़्तार नहीं कर पा रही थी.
टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, “यह कलकत्ता हाईकोर्ट का आदेश था, जिसने दर्ज एफ़आईआर की जांच करने पर रोक लगा दी थी. गिरफ्तारी एक जांच के बाद ही होती है. अगर कोई अदालत स्टे लगाती है, तो आप जांच भी नहीं कर सकते ऐसे में गिरफ्तारी कैसे हो सकती है? यदि आप पिछले अदालत के आदेश को पढ़ेंगे, तो उन्होंने जांच पर स्टे लगाया था और मामले को 6 मार्च को सुनवाई के लिए लिस्ट किया था.”
उन्होंने ये भी कहा कि अब जब कोर्ट ने इस कंफ्यूजन को दूर कर दिया है तो पुलिस कार्रवाई करेगी और सात दिन में शेख़ गिरफ़्तार होंगे.
कांग्रेस ने कहा- सत्ता में आए तो अग्निवीर योजना ख़त्म करेंगे

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कांग्रेस ने कहा है कि वो अगर सत्ता में आई तो केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना को रद्द करेगी और सेना में भर्ती की पुरानी प्रक्रिया को वापस लाया जाएगा.
इसके साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक चिट्टी लिख कर इस योजना को नौजवानों के साथ ‘घोर अन्याय’ बताया और अपील की है कि लाखों लोगों के साथ न्याय किया जाए.
इस चिट्ठी में कांग्रेस अध्यक्ष ने लिखा, “2019 से 2022 के बीच सरकार ने दो लाख युवाओं को सेना भर्ती के लिए चयनित किया था.वे जॉइनिंग लेटर का इंतज़ार कर रहे थे, तभी सरकार ने 31 मई 2022 को अग्निपथ स्कीम लाकर देश सेवा का उनका सपना तोड़ दिया.”
“अब वे बेरोजगारी, हताशा और निराशा के कारण आत्महत्या करने को मजबूर हैं. सरकार ने इन युवाओं के साथ अन्याय किया है.”
उन्होंने कहा कि इस योजना से हमारे जवानों में भेदभाव बढ़ेगा और एक नया समानांतर काडर खड़ा हो जाएगा. दो लोग एक ही तरह का काम करते हैं लेकिन उनके नौकरी करने की शर्तें अलग होंगी.
कांग्रेस ने इसे लेकर सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की.
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सचिन पायलट ने कहा,“ये सरकार का एकतरफ़ा फ़ैसला था. एक तरफ़ सरकार का कहना है कि हम डिफेंस एक्सपोर्ट से बहुत पैसा कमा रहे हैं, आत्मनिर्भर हुए हैं.”
“ऐसे में अगर हम डिफेंस सेक्टर में इतने सक्षम हो रहे हैं, तो सरकार को हमारे सैनिकों के जीवन, उनके पेंशन और परिवार की सुख-सुविधाओं के लिए काम करना चाहिए. अग्निपथ योजना का कांग्रेस पार्टी ने शुरुआत से ही विरोध किया है, क्योंकि ये सेना के साथ खिलवाड़ है.”
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किसान आंदोलन के बीच आरएसएस से जुड़े भारतीय किसान संघ ने पास किए ये प्रस्ताव

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भारतीय किसान संघ ने एक प्रस्ताव पारित कर कहा है कि किसान आंदोलन के नाम पर 'राजनैतिक पैंतरेबाज़ी' की जा रही है.
साथ ही ये भी कहा गया है कि हिंसक आंदोलन राष्ट्रहित में नहीं हो सकते और ऐसे पैंतरेबाज़ी में किसान ही पिसता और मरता है.
भारतीय किसान संघ राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ यानी आरएसएस का सहयोगी संगठन है.
राजस्थान के किशनगढ़ में पारित किए गए प्रस्ताव में कहा गया है, “कभी भी किसी भी स्तर पर हिंसक आंदोलन को प्रोत्साहन, समर्थन और मदद कहीं से भी नहीं मिलनी चाहिए. हिंसक आंदोलन के प्रति शासन-प्रशासन, समाज की शून्य सहिष्णुता आज समय की मांग है.”
इसके साथ-साथ उन्होंने सरकार से अपनी मांगे बताई हैं-
- किसानों को लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य दिए जाएं.
- कृषि आदानों (खेती के लिए इस्तेमाल होने वाले बीज, खाद और साजो-सामान) पर जीएसटी खत्म की जाए.
- किसान सम्मान निधि में पर्याप्त बढ़तोरी की जाए.
13 फरवरी से किसान संयुक्त मोर्चा- ग़ैर राजनीतिक के नेतृत्व में किसान 'दिल्ली चलो' मार्च कर रहे हैं. प्रदर्शन के दौरान पंजाब-हरियाणा की सीमा शंभू बॉर्डर और खनौरी बॉर्डर पर सुरक्षाबलों और किसानों के बीच हिंसक झड़प हुई.
सुरक्षा बलों ने ड्रोन के ज़रिए आंसू गैस छोड़े.
21 फरवरी को हुई झड़प में एक युवक की मौत हो गई थी.
सोमवार को किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर किसानों ने ट्रैेक्टर मार्च निकाला था.
मालदीव और खालिस्तान को लेकर जयशंकर की यह टिप्पणी

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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि कनाडा या किसी भी देश में अलगाववाद और हिंसा की वकालत करना अभिव्यक्ति की आज़ादी नहीं बल्कि उसका ग़लत इस्तेमाल है.
उन्होंने ये भी कहा कि अगर भारत में इन देशों के दूतावास पर हमले हों और राजनयिकों को धमकियां मिले तो क्या उस स्थिति में भी ये अभिव्यक्ति की आज़ादी की बात करेंगे?
एक टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में जयशंकर से पूछा गया कि नई दिल्ली में हुए जी 20 शिखर सम्मेलन के बाद भारत-कनाडा के बीच रिश्ते बिगड़े हैं. वीज़ा मिलने की रफ्तार धीमी हुई है. भारत ने कनाडा में वीज़ा देने की प्रक्रिया बंद की गयी थी. क्या कनाडा की तरफ़ से भारत को लेकर अब समझ बढ़ती दिख रही है?
इस सवाल के जवाब में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, “हमें वीज़ा प्रक्रिया इसलिए रोकनी पड़ी क्योंकि हमारे राजनयिक काम पर जाने को लेकर सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे थे. उन्हें धमकी मिल रही थी. उस समय हमें कनाडाई सरकार से ज़रूरत भर सहयोग नहीं मिल रहा था. आज हालात उससे बेहतर हैं तो वीज़ा का काम पहले की तरह सामान्य हो गया है.”
“कनाडा ये कहता रहता है कि वो एक लोकतंत्र हैं और लोगों को बोलने की आज़ादी है लेकिन लोगों को धमकाना और वाणिज्य दूतावास पर स्मोक बम फेंकना अभिव्यक्ति की आज़ादी नहीं होती. मित्र देश के ख़िलाफ़ हिंसा और अलगाववाद की बात करने वालों की वकालत करना अभिव्यक्ति की आज़ादी नहीं होती, ये अभिव्यक्ति की आज़ादी का ग़लत इस्तेमाल होता है.“
"ये कई देश में अलग- अलग स्तर पर होता है. ब्रिटेन में हमारे दूतावास पर हमला किया और हमें जितनी सुरक्षा मिलनी चाहिए थी नहीं मिली. हमारी जगह ख़ुद को रखिए और बताइए कि अगर आपके साथ ऐसा होता तो आप अभिव्यक्ति की आज़ादी की बात करते. हमें अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से मज़बूत सहयोग मिला.”
“अगर कोई देश किसी देश के दूतावास पर हमले की जांच और उस पर कार्रवाई नहीं करता है तो ये एक तरह का संदेश हैं, मुझे नहीं लगता कि देशों के लिए इस तरह का संदेश देना ठीक है. ख़ास कर उनके लिए ये ठीक नहीं है. हम मानते हैं कि लंदन में दूतावास पर हमले के पीछे दोषी पर कार्रवाई हो, जिसने कनाडा में दूतावास और वाणिज्य दूतावास पर हमले किए उन पर कार्रवाई होनी चाहिए.”
मालदीव के साथ हालिया समय में चल रहे तनाव पर भी जयशंकर ने बात की.
मालदीव की नई मुइज़्ज़ू सरकार ने भारतीय सैनिकों के मालदीव में होने पर कड़ा एतराज़ जताया था. मालदीव में भारतीय जहाज़ों की देखरेख और संचालन के लिए भारतीय सेना के कुछ जवान वहां तैनात हैं, जिस पर मालदीव सरकार ने एतराज़ जताया था.
इस वाकये पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “पूरी दुनिया, पूरे समय कृतज्ञता और एहसान पर नहीं चलती. इसका रास्ता कूटनीति ही निकालती है. हर परिस्थिति में हमें लोगों को समझाना पड़ता है. मालदीव में दो हेलिकॉप्टर हैं और एक प्लेन है. इनका इस्तेमाल मेडिकल राहत बचाव कार्य के लिए होता है. इसका फ़ायदा मालदीव के लोगों को होता है. ये सेना के प्लेन हैं तो उन्हें सेना के लोग नहीं चलाएंगे तो कौन चलाएगा. इस पर अगर उन्हें एतराज है तो हम इसका बैठकर सुझाव निकालेंगे.”
भारत और मालदीव के बीच इसे लेकर नई सहमति बनी है और अब भारत के टेक्नीशियन मालदीव में इन जहाज़ों की देखरेख के लिए तैनात किए जाएंगे.
नमस्कार,
आपका दिन शुभ हो.
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