You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

पश्चिम बंगाल : पुलिस अफसर को ‘ख़ालिस्तानी’ कहने के मामले ने तूल पकड़ा, अब तक क्या हुआ

पुलिस ने कहा है कि ये उसे कतई मंजूर नहीं है. ये लोगों को भड़काने वाला काम है.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. राजस्थान कांग्रेस के नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने छोड़ी पार्टी, बीजेपी में हुए शामिल

      • Author, मोहर सिंह मीणा
      • पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए

    राजस्थान की कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे और चार बार के विधायक महेंद्रजीत सिंह मालवीय सोमवार को बीजेपी में शामिल हो गए.

    बांसवाड़ा ज़िले के बागीदौरा से विधायक मालवीय ने कहा कि वह वागड़ क्षेत्र के विकास के लिए बीजेपी में शामिल हुए हैं.

    वागड़ दक्षिण राजस्थान में एक आदिवासी क्षेत्र है और इसमें बांसवाड़ा और डूंगरपुर ज़िले शामिल हैं.

    पार्टी में शामिल होने के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा- “बीजेपी में शामिल होने का एकमात्र कारण वागड़ क्षेत्र का विकास है. अगर यहां का विकास कोई कर सकता है तो वह भारतीय जनता पार्टी है.”

    अपनी पुरानी पार्टी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आज के समय में कांग्रेस के पास कोई विकास का कोई विजन नहीं है.

    बीजेपी में शामिल होते ही मालवीय ने आदिवासियों की आस्था के केंद्र माँनगढ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की माँग की है.

    कांग्रेस के पास आदिवासी नेता के रूप में महेंद्रजीत सिंह मालवीय बड़ा चेहरा रहे हैं.

    वे कांग्रेस से चार बार के विधायक, एक बार सांसद और दो बार राजस्थान सरकार में मन्त्री भी रहे हैं. चर्चा हैं कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाए जाने से नाराज़ हो कर मालवीय ने कांग्रेस का दमन छोड़ दिया है.

    महेंद्रजीत सिंह मालवीय के बीजेपी में जाने पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मीडिया से कहा, "मालवीय जाने से कांग्रेस पर कोई असर नहीं पड़ेगा. बल्कि उनके जाने से कांग्रेस और मजबूत होगी."

    डोटासरा ने मालवीय पर गंभीर आरोप लगाते हुए आरोप लगाया है कि मालवीय ने कांग्रेस के अन्य प्रत्याशियों को हराने का काम किया.

  2. तेजस्वी ने कहा- नीतीश कुमार के पास ना विजन और ना ही गठबंधन बदलने का कारण

    आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव मंगलवार से 'जनविश्वास यात्रा' शुरू कर रहे हैं.

    यात्रा का आग़ाज़ करने से पहले उन्होंने अपने आवास पर पूजा की.

    उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “जो जनता हमारी मालिक है, उनके बीच हम जा रहे हैं. जन विश्वासयात्रा आज से शुरू हो रही है.जनता ने हमें बिहार में बीते दो चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनाने का काम किया है. आने वाले समय में भी पूरी मज़बूती के साथ जनता हमारे साथ खड़ी रहेगी."

    "आप सब जानते हैं कि नीतीश कुमार जी का कोई विजन नहीं है और ना ही गठबंधन बदलने का कोई रिजन है. आज हम अपनी माता की ममता और पिता की क्षमता और लोकधर्म की प्रधानता के साथ जनता के बीच जा रहे हैं और जनता से विश्वास पाने की कोशिश करेंगे. हम सब मिल कर जनता की सेवा में हैं और जनता की आवाज़ बुलंद करने का काम करेंगे. ”

    बीते महीने नीतीश कुमार ने एक बार फिर पाला बदलते हुए एनडीए का हाथ थाम लिया था. इसी के साथ महागठबंधन की सरकार गिर गई थी.

    नीतीश कुमार अब एनडीए सरकार के मुख्यमंत्री हैं.

  3. बिहार में 10 दिन की यात्रा पर तेजस्वी यादव, इरादा क्या है?- प्रेस रिव्यू

  4. ग़ुलाम नबी आज़ाद और उमर अब्दुल्ला के बीच सोशल मीडिया पर क्यों छिड़ी बहस

    ग़ुलाम नबी आज़ाद ने एक इंटरव्यू में कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस को पता था कि अनुच्छेद 370 ख़त्म होने वाला है और उन्होंने ही केंद्र सरकार से कहा कि हमें नज़रबंद कर दिया जाए ताकि आम लोगों के बीच जाकर स्टैंड ना लेना पड़े.

    इस आरोप पर अब नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जवाब दिया है.

    उन्होंने कहा कि उन्हें आठ महीने तक घर में बंद रखा गया जबकि ग़ुलाम नबी आज़ाद अकेले ऐसे जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम थे जिन्हें नज़रबंद नहीं किया गया.

    उन्होंने आज़ाद के इंटरव्यू पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “ वो ग़ुलाम नबी आज़ाद कहां गए जो साल 2015 तक हमसे राज्यसभा में सीट की भीख मांग रहे थे.

    ‘अब्दुल्लाओं को 370 ख़त्म होने की जानकारी थी’ लेकिन फिर भी हम आठ महीने तक नज़रबंद रहे लेकिन आप आज़ाद रहे. ‘अब्दुल्ला गुपचुप तरीक़े से सरकार से मिलते हैं’ लेकिन फिर भी मेरे पिता को सरकारी बंगले से निकाला गया और आप को अपने बंगले में रहने दिया गया."

    "अब्दुल्ला दिल्ली में कुछ और कहते हैं और कश्मीर में कुछ और’ लेकिन फिर भी पीएम राज्यसभा में आपके लिए रोते हैं और हमें हर भाषण में आलोचना मिलती है. हमें पद्म अवॉर्ड नहीं भूलना चाहिए जिसके लिए आपने कांग्रसे छोड़ दी और अब जम्मू-कश्मीर में बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं. कौन आज़ाद है और कौन गुलाम...ये समय बताएगा और लोग तय करेंगे.”

    19 फरवरी को एक न्यूज़ चैनल ने गुलाम नबी आज़ाद का इंटरव्यू चलाया और इसमें उन्होंने अब्दुल्ला परिवार पर जम्मू-कश्मीर की जनता को बेवकूफ़ बनाने के आरोप लगाए.

  5. नवेलनी की मौत के बाद पत्नी ने जारी किया वीडियो, जानिए क्या कहा

    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विरोधी एलेक्सी नवेलनी की मौत के बाद उनकी पत्नी ने कहा है कि यह लड़ाई थमेगी नहीं.

    यूलिया नवेलनाया ने सोमवार को एलान किया कि पुतिन की सत्ता के ख़िलाफ़ वो अपने पति के संघर्ष को जारी रखेंगी. उन्होंने कहा कि “आज़ाद, शांत और ख़ुशहाल रूस की लड़ाई” को वह और मज़बूत करेंगी.

    47 साल की नवेलनाया ने यूट्यूब पर एक वीडियो जारी किया और आरोप लगाया कि आर्कटिक की जेल में नवेलनी को ज़हर दिया गया और इसलिए अचानक जेल में उनकी मौत हुई.

    वीडियो में उन्होंने कहा, “मुझे इस वीडियो में नहीं होना चाहिए था. मेरी जगह एक दूसरे शख़्स को यहां होना चाहिए था. लेकिन उसे (नवेलनी को) व्लादिमीर पुतिन ने मार दिया. तीन दिन पहले पुतिन ने मेरे पति एलेक्सी नवेलनी को मार दिया.”

    “पुतिन ने मेरे बच्चों के पिता को मार दिया. पुतिन ने मुझसे वो छीन लिया जो मेरे लिए बेशकिमती था, मेरा सबसे क़रीबी, जिससे मुझे सबसे अधिक प्यार था. हमें पता है कि तीन दिन पहले पुतिन ने एलेक्सी को क्यों मारा, जल्द ये सामने आएगा.हमें पता चलेगा कि किसने और कैसे इस अपराध को अंजाम दिया. उन्हें मैं आपके सामने लाऊंगी.”

    “मैं एलेक्सी नवेलनी के काम को आगे बढ़ाऊंगी. मैं इस देश के लिए लड़ती रहूंगी और मैं अपील करती हूं कि आप भी मेरे साथ खड़े हों. मैं आपसे अपना दुख ही साझा नहीं कर रही हूं बल्कि मैं चाहती हूं कि आप अपना ग़ुस्सा भी मुझसे बाँटे., ग़ुस्सा उन लोगों के ख़िलाफ़ जिन्होंने हमारा भविष्य बर्बाद करने की कोशिश की है.”

    शुक्रवार को रूस की जेल में एलेक्सी नवेलनी की मौत हो गई थी. जेल प्रशासन ने कहा कि नवेलनी ‘बेहोश हुए और फिर होश में नहीं आए.’

    मौत की ख़बर आते ही नवेलनी की मां और उनकी वकील उस साइबेरियाई कॉलोनी पहुंचीं जहाँ की जेल में उनकी मौत हुई थी.

    नवेलनी की प्रवक्ता ने कहा है कि रूसी सरकार ने नवेलनी की माँ को बताया है कि दो हफ्ते तक नवेलनी का शव परिवार को नहीं दिया जाएगा क्योंकि शव पर ‘केमिकल विश्लेषण किया जा रहा है.’

  6. पश्चिम बंगाल में 'आधार कार्ड डिएक्टिवेट' करने के आरोप का विवाद क्या है?

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र के ज़रिए कहा है कि उनके राज्य में लोगों के आधार कार्ड "अचानक डिएक्टिवेट" किए जा रहे हैं.

    ममता ने कहा कि जिन लोगों के आधार कार्ड डिएक्टिवेट किए गए हैं, उनमें ज़्यादातर लोग एससी, एसटी और ओबीसी समुदाय के हैं.

    उन्होंने ये भी कहा कि इस तरह लोगों के दस्तावेज़ को “डिएक्टिवेट" करना नियमों का और न्याय का घोर उल्लंघन है.

    प्रधानमंत्री मोदी को लिखी चिट्ठी में ममता बनर्जी ने कहा कि दिल्ली स्थित आधार के दफ़्तर ने बिना कोई ज़मीनी स्तर की जांच किए और राज्य सरकार को सूचित किए बिना सीधे लोगों को सूचना दी कि आधार नियामक 2016 के नियम 28ए के तहत आधार कार्ड डिएक्टिवेट किए जा रहे हैं.

    उन्होंने पीएम को लिखा, “मैं आपके ध्यान में पश्चिम बंगाल में लोगों, विशेषकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी समुदायों के आधार कार्ड को अंधाधुंध डिएक्टिवेट करने की गंभीर घटना लाना चाहती हूँ.”

    “इस घटना ने लोगों के बीच अराजकता और डर पैदा कर दिया है, बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतों के निवारण के लिए ज़िला प्रशासन का रुख़ कर रहे हैं.”

    इससे पहले ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लाने से पहले राज्य में आधार कार्ड को "डिएक्टिवेट किया जा रहा है".

    उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि “उम्मीद है कि मतुआ और एससी-एससटी समुदाय के लोग ये समझ रहे हैं कि बीजेपी का गेम प्लान क्या है. मैं साफ़ कर देना चाहती हूं कि मैं बंगाल में एनआरसी और डिटेंशन कैंप की इजाज़त कभी नहीं दूंगी.''

  7. नमस्कार,

    आपका दिन शुभ हो.

    बीबीसी हिंदी के लाइव ब्लॉग पर आपका स्वागत है. ये लाइव ब्लॉग 24 घंटे चलेगा.

    19 फरवरी के लाइव अपडेट्स पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.