पाकिस्तान में चुनाव से एक दिन पहले दो धमाकों में कम से कम 28 की मौत, अब तक क्या हुआ?

पाकिस्तान में आम चुनाव से ठीक एक दिन पहले बलूचिस्तान प्रांत में प्रत्याशियों के दफ़्तरों के बाहर दो बम धमाके हुए.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and प्रियंका झा

  1. पाकिस्तान में चुनाव से एक दिन पहले दो धमाकों में कम से कम 28 की मौत, अब तक क्या हुआ?, सायमन फ़्रेज़र और सहर बलोच, बीबीसी न्यूज़

    पाकिस्तान में धमाका

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    पाकिस्तान में आम चुनाव से ठीक एक दिन पहले बलूचिस्तान प्रांत में प्रत्याशियों के दफ़्तरों के बाहर दो बम धमाके हुए. इनमें कम से कम 28 लोगों की मौत हुई और दर्जनों लोग घायल हो गए.

    पहले धमाके में 18 लोगों की मौत हुई. ये धमाका क्वेटा के पिशिन ज़िले में हुआ था.

    दूसरा धमाका क़िला सैफुल्लाह में हुआ जिसमें नौ लोगों की मौत हुई.

    पुलिस अभी भी इन दोनों धमाकों की वजह पता लगाने की कोशिश कर रही है.

    संसाधनों से भरपूर बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा और सबसे गरीब प्रांत है. यहां हिंसा का लंबा इतिहास रहा है.

    हालांकि, किसी गुट ने अभी तक पिशिन के निर्दलीय प्रत्याशी के दफ्तर के बाहर हुए धमाके की ज़िम्मेदारी नहीं ली है. अधिकारियों का कहना है कि इस धमाके में 25 लोग घायल भी हुए हैं.

    सोशल मीडिया पर आई तस्वीरों में धमाके की वजह से पास में खड़ी कार और मोटरबाइकों के टुकड़े होते देखे जा सकते हैं. अधिकारियों ने बीबीसी को बताया कि धमाके के समय चुनाव प्रत्याशी अपने पोलिंग एजेंट से मिल रहे थे.

    पाकिस्तान में धमाका

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    दूसरे धमाके की पूरी जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है. एक आला पुलिस अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा कि धमाका क़िला सैफ़ुल्लाह के मुख्य बाज़ार में हुआ. इस धमाके का निशाना जेयूआई-एफ़ पार्टी का चुनाव कार्यालय था.

    धमाकों के बाद बलूचिस्तान की सरकार ने कहा है कि गुरुवार को मतदान उस तरह नहीं होंगे, जैसी तैयारी थी.

    प्रांत के सूचना मंत्री जैन अख़ाज़ई ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, "हम ये सुनिश्चित करते हैं कि आतंकवादियों को इस अहम लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमज़ोर या बर्बाद नहीं करने देंगे."

    पाकिस्तान में करीब 12.8 करोड़ मतदाता हैं. आठ फ़रवरी को यहां मतदान होना है. चुनाव में सुरक्षा की स्थिति को देखते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने ईरान और अफ़ग़ानिस्तान की सीमा को पूरी तरह बंद करने की घोषणा की है.

  2. ज़िम्बाब्वे में मृत्यु दंड की सज़ा ख़त्म करने का फ़ैसला

    सांकेतिक तस्वीर

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    ज़िम्बाब्वे की सरकार ने कहा है कि वो देश में मृत्यु दंड की सज़ा ख़त्म करने जा रही है.

    सूचना मंत्री जेनफैन मुसवेरे ने बताया कि राष्ट्रव्यापी सलाह मशविरे के बाद इस सज़ा को ख़त्म करने का फ़ैसला लिया गया है.

    ज़िम्बाब्वे में पिछले 20 सालों में किसी भी व्यक्ति को फांसी नहीं दी गई है.

    माना जा रहा है कि इस फ़ैसले के बाद ऐसे क़ैदियों की सज़ा अब तकनीकी रूप से आजीवन कारावास में बदल जाएगी. हालांकि मृत्यु दंड से जुड़े क़ानून में ये बदलाव किस तारीख से प्रभावी होगी, इस पर सरकार ने कोई घोषणा नहीं की है. राष्ट्रपति एमर्सन मनांगाग्वा ज़िम्बॉब्वे में मृत्यु दंड की सज़ा के मुखर विरोधी रहे हैं.

    साठ के दशक में देश की आज़ादी की लड़ाई के दौरान उन्हें भी मृत्यु दंड दिया गया था लेकिन बाद में उनकी सज़ा कम कर दी गई.

    ज़िम्बाब्वे के स्वाधीनता संघर्ष के दौरान एमर्सन मनांगाग्वा को एक ट्रेन में विस्फोट करने के लिए कसूरवार ठहराया गया था.

  3. पीएम मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा से मिलने के बाद बोले नीतीश कुमार- अब कभी इधर-उधर नहीं होंगे

    नीतीश कुमार

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    दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्राध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि वह अब कभी भी किसी और गठबंधन में नहीं जाएंगे.

    नीतीश कुमार ने मीडिया से कहा, "हम (बीजेपी-जेडीयू) 1995 से साथ में थे. बीच में दो बार ज़रूर इधर-उधर हो गए थे लेकिन अब कभी नहीं. फिर वहीं रहेंगे. अब इधर-उधर नहीं होंगे."

    बीजेपी और जेडीयू के बीच लोकसभा चुनावों में सीट के बंटवारे के सवाल पर नीतीश कुमार ने कहा, "सीट के बंटवारे पर चर्चा करने का कोई तुक नहीं है. वो तो होगी ही और उन लोगों को सब बात शुरू से मालूम है."

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    बीते महीने नीतीश कुमार महागठबंधन से अलग होकर बीजेपी के साथ चले गए थे. उन्होंने नौवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

    इस बदलाव के बाद नीतीश कुमार पहली बार दिल्ली पहुंचे हैं और उन्होंने यहाँ बुधवार को पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी चीफ़ जेपी नड्डा से मुलाकात की.

  4. आरएलडी के एनडीए में जाने की अटकलों पर क्या बोले अखिलेश यादव

    अखिलेश यादव

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    विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया का हिस्सा आरएलडी के अब एनडीए में जाने की अटकलों पर अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी है.

    कई मीडिया रिपोर्टों में ये दावा किया जा रहा है कि आरएलडी यानी राष्ट्रीय लोकदल प्रमुख चौधरी जयंत सिंह एनडीए में जा सकते हैं. ख़बरों के मुताबिक, एनडीए ने आरएलडी को यूपी में तीन लोकसभा सीटों पर लड़ने का प्रस्ताव दिया है. हालांकि, अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है.

    इसी कयास पर अखिलेश यादव से जब सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, "जयंत चौधरी जी बहुत सुलझे हुए इंसान हैं, पढ़े-लिखे हैं. राजनीति को वह समझते हैं. मुझे उम्मीद है कि वह किसानों की लड़ाई और उत्तर प्रदेश की खुशहाली के लिए जो संघर्ष चल रहा है, उसे कमज़ोर नहीं होने देंगे."

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    पिछले लोकसभा चुनाव में आरएलडी ने समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन में तीन सीटों पर चुनाव लड़ा था और तीनों पर हार गई थी. ये तीन सीटें बागपत, मथुरा और मुज़फ़्फ़रनगर थीं.

    इससे पहले आरएलडी के एनडीए में जाने की खबरों पर केंद्रीय मंत्री और अपना दल की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने कहा कि वह जयंत चौधरी का स्वागत करती हैं.

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    अनुप्रिया पटेल ने कहा, "मुझे बीजेपी और आरएलडी के बीच सीटों के बंटवारे की कोई जानकारी नहीं है. मैं यूपी या कहीं की भी पार्टी का एनडीए में आने पर स्वागत करूंगी, ताकि एनडीए मज़बूत हो."

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    वहीं, उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने भी इन अटकलों पर मीडिया से इंतज़ार करने को कहा. लखनऊ में बृजेश पाठक से जब आरएलडी के बीजेपी की ओर झुकाव को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, "आप वेट करिए. जैसे ही कोई सूचना प्राप्त होगी, हम बताएंगे."

  5. ब्रेकिंग न्यूज़, कश्मीर पुलिस ने बताया-श्रीनगर में पंजाब के अमृतपाल सिंह को चरमपंथियों ने गोली मारी, मौत

    कश्मीर

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    भारत प्रशासित कश्मीर में श्रीनगर के शहीद गंज में अमृतसर के निवासी पर चरमपंथियों के गोली चलाने की ख़बर है.

    कश्मीर ज़ोन पुलिस ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया है कि इस शख्स का नाम अमृतपाल सिंह है और गोली लगने से उनकी मौत हो गई.

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    पुलिस ने ये भी बताया है कि हमले में एक अन्य शख्स बुरी तरह जख़्मी हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है.

    घटना के बाद इलाक़े को घेर लिया गया है.

    श्रीनगर के पूर्व मेयर जुनैद मट्टू ने इस हमले की आलोचना की है.

    मट्टू ने एक्स पर लिखा, "मैं कड़े शब्दों में श्रीनगर के शहीद गंज में हुए कायराना आतंकी हमले की आलोचना करता हूँ. इस हमले में अमृतपाल सिंह की मौत हो गई है और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया है. मृतक के परिजनों को भावभीनी श्रद्धांजलि और घायल के सेहतमंद होने की दुआ करता हूँ."

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  6. दिनभर: युद्धविराम पर हमास राज़ी, लेकिन शर्तें कौन सी?

  7. शरद पवार ने अपने गुट का नया नाम रखा, कल चुनाव आयोग ने अजित पवार गुट को दिया था एनसीपी नाम और चुनाव चिह्न

    शरद पवार

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    चुनाव आयोग की ओर से अजित पवार गुट को असली एनसीपी करार देने के अगले ही दिन इसके संस्थापक शरद पवार ने अपने गुट का नया नाम और चुनाव चिह्न रख लिया है.

    चुनाव आयोग ने मंगलवार को कहा था कि अजित पवार गुट को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का नाम और चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने का अधिकार है.

    शरद पवार के गुट का नाम अब नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी - शरदचंद्र पवार होगा.

    अपने फ़ैसले में चुनाव आयोग ने कहा, "अजित पवार की पार्टी ही असली एनसीपी है."

    इस मामले में चुनाव आयोग के सामने 10 सुनवाई हुईं. ये मामला करीब छह महीने से चल रहा था.

    अब अजित पवार गुट पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल करेगा.

    शरद पवार ने कांग्रेस से अलग होकर एनसीपी का गठन किया था. बीते साल दो जुलाई को अजित पवार अपने समर्थक विधायकों के साथ महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए थे.

  8. ब्रेकिंग न्यूज़, उत्तराखंड विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक पास हुआ

      • Author, राजेश डोबरियाल
      • पदनाम, देहरादून से बीबीसी हिंदी के लिए
    पुष्कर सिंह धामी

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    उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता विधेयक विधानसभा में ध्वनिमत से पारित हो गया है. इसके साथ ही उत्तराखंड समान नागरिक संहिता विधेयक पास करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है.

    विधानसभा के सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है. बता दें कि 6 फरवरी की सुबह उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा के पटल पर यह विधेयक रखा था.

    विपक्षी विधायकों को विधेयक पढ़ने-समझने के लिए समय दिए जाने की मांग के बाद सत्र को दो बजे तक स्थगित किया गया था. चूंकि कई और सदस्य इस पर विचार करना चाहते थे इसलिए इस विधेयक पर चर्चा 7 फरवरी को भी जारी रही.

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    कुछ देर पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संबोधन के बाद विधेयक को पारित कर दिया गया.

    इसके अलावा राज्य आंदोलनकारियों के लिए 10 फ़ीसदी क्षैतिज आरक्षण का विधेयक भी सदन ने ध्वनिमत से पारित किया.

    संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने राम मंदिर निर्माण के लिए सदन की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देने का प्रस्ताव पेश किया, इसे भी ध्वनिमत से पारित कर दिया गया.

    इसके बाद सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया.

    पुष्कर सिंह धामी

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    यूसीसी लाना देवभूमि का सौभाग्यः धामी

    यूसीसी पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे ऐतिहासिक करार दिया और कहा कि इस विधेयक पर सार्थक चर्चा हुई है.

    उन्होंने कहा कि भारत में कई बड़े प्रदेश हैं लेकिन यह अवसर उत्तराखंड को मिला है, यह देवभूमि का सौभाग्य है.

    उन्होंने कहा कि यह कोई साधारण विधेयक नहीं है बल्कि भारत की एकात्मा का सूत्र है. हमारे संविधान शिल्पियों ने जिस अवधारणा के साथ हमारा संविधान बनाया था, देवभूमि उत्तराखंड से वही अवधारणा धरातल पर उतरने जा रही है.

    सीएम ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित भारत का सपना देख रहे हैं. उनके नेतृत्व में देश तीन तलाक और धारा-370 जैसी ऐतिहासिक गलतियों को सुधार रहा है.

    उन्होंने आगे कहा कि समान नागरिक संहिता का विधेयक देश को विकसित, संगठित, समरस और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लिए किए जा रहे महान यज्ञ में उत्तराखंड द्वारा अर्पित एक आहूति है.

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अब समस्त सरकारी सुविधाओं का लाभ केवल वही दंपत्ति ले पाएंगे जिन्होंने विवाह का पंजीकरण करा लिया हो. पंजीकरण न होने की स्थिति में भी किसी विवाह को अवैध या अमान्य नहीं माना जाएगाी.

    "जिस प्रकार से अभी तक जन्म व मृत्यु का पंजीकरण होता था, उसी प्रकार की प्रक्रिया को अपनाकर विवाह और विवाह विच्छेद दोनों का पंजीकरण भी किया जा सकेगा. हमारी सरकार के सरलीकरण के मंत्र के अनुरूप यह पंजीकरण एक वेब पोर्टल के माध्यम से भी किया जा सकेगा."

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इस कानून के ज़रिए दंपत्ति में से यदि कोई भी, बिना दूसरे की सहमति से अपना धर्म परिवर्तन करता है तो दूसरे व्यक्ति को उस व्यक्ति से विवाह विच्छेद करने और गुजारा भत्ता लेने का पूरा अधिकार होगा.

    पुष्कर सिंह धामी

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    प्रवर समिति में भेजना चाहती थी कांग्रेस

    इससे पहले नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा था कि प्रदेश सरकार यूसीसी के नाम पर सामान्य सत्र को विशेष सत्र का रूप दे रही है, जो नियमों के विरुद्ध है.

    उन्होंने कहा कि विधानसभा सचिवालय की ओर से विधायकों को जो सूचना दी गई है कि उसमें साफ़ है कि पांच सितंबर 2023 को आहूत सत्र को आगे बढ़ाया गया है. यही बात मंगलवार को सत्र शुरू होते समय वरिष्ठ कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने भी कही थी.

    कांग्रेस ने सत्र शुरू होने से पहले भी विरोध प्रदर्शन किया था और सत्र के दौरान दोनों पक्षों में कई बार तीखी बहस भी हुई थी लेकिन ख़ास बात यह रही कि कांग्रेस के किसी भी विधायक ने विधेयक का विरोध नहीं किया.

    नेता प्रतिपक्ष समेत कांग्रेस के विधायकों ने इस विधेयक को महत्वपूर्ण बताते हुए प्रवर समिति को भेजने का आग्रह किया था. दो दिन की इस चर्चा में एक उल्लेखनीय बात और रही, वह भी राम मंदिर निर्माण की चर्चा.

    बीजेपी के विधायकों ने यूसीसी के बजाय राम मंदिर पर चर्चा ज़्यादा की. संभवतः इसलिए भी क्योंकि राम मंदिर निर्माण के बाद विधानसभा का यह पहला सत्र था.

  9. दुर्लभ कैंसर क्या है और ये किसी दूसरे सामान्य कैंसर से किस तरह अलग है?

    वीडियो कैप्शन, दुर्लभ कैंसर क्या है और ये किसी दूसरे सामान्य कैंसर से किस तरह अलग हैं?

    ऐसे कैंसर जिनमें किसी भी आयु वर्ग की आबादी का एक छोटा प्रतिशत शामिल होता है, उसे दुर्लभ कैंसर कहा जाता है.

    ये कैंसर कितना घातक है और क्या इसका इलाज संभव है, इस वीडियो में हम यही जानने की कोशिश करेंगे.

  10. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने बताया- चीन कैसे रख रहा है तिब्बतियों पर कड़ी नज़र

    तिब्बत की सांकेतिक तस्वीर

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    मानवाधिकारों पर शोध करने वालों का कहना है कि धोखाधड़ी रोकने के नाम पर बनाया गया एक ऐप तिब्बती लोगों की निगरानी के काम में इस्तेमाल किया जा सकता है.

    ये चीन का एक सरकारी ऐप है.

    तिब्बत पर शोध कर रहे रिसर्च समूहों का कहना है कि नेशनल एंटी फ्रॉड सेंटर ऐप लोगों के टेक्स्ट मैसेज, इंटरनेट ब्राउज़र हिस्ट्री और पर्सनल डेटा एक्सेस करने में इस्तेमाल किया जा सकता है.

    टर्कॉइज़ रूफ़ और तिब्बत वॉच जैसे मानवाधिकार संगठनों ने ये आरोप लगाया है कि कुछ तिब्बती लोगों को ये ऐप डाउनलोड करने के लिए मजबूर किया जा रहा है.

    हालांकि इन ग्रुप्स ने इस बात के कोई सबूत नहीं पेश किए हैं कि ये ऐप ख़ास तौर पर तिब्बती लोगों को निशाना बना रहा है. चीन की सरकार ने अभी तक इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

    हाल के सालों में चीन की सरकार ने तिब्बत में लोगों के नागरिक और धार्मिक अधिकारों पर अपना नियंत्रण बढ़ा दिया है. इससे सेंसरशिप और सरकार की निगरानी बढ़ी है.

  11. इंडोनेशिया अपनी राजधानी को दूसरी जगह ले जाने में सफल हो पाएगा? - दुनिया जहान

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    जनवरी 2022 में विश्व के सबसे बड़े द्वीप देश इंडोनेशिया ने अपनी राजधानी को जकार्ता से हटा कर दूसरी जगह ले जाने के लिए एक क़ानून पारित कर दिया.

    राष्ट्रपति जोको विडोडो की इस महत्वाकांक्षी योजना को अंजाम देने के लिए अगस्त 2024 की समयसीमा तय की गई थी.

    दुनिया में केवल आठ ऐसे देश हैं जिन्होंने अपनी राजधानी को स्थानांतरित किया है.

    इंडोनेशिया में राजधानी के स्थानांतरण के लिए कानून पारित होने के बाद कंस्ट्रक्शन का काम ज़ोर-शोर से शुरू हो गया.

    मगर क़ानून पारित होने के दो साल बाद अब राष्ट्रपति चुनाव सिर पर हैं और अभी काफ़ी काम अधूरा पड़ा है.

  12. पाकिस्तान: बलूचिस्तान में चुनाव से एक दिन पहले दो धमाके

    पाकिस्तान में धमाका

    पाकिस्तान में आम चुनाव से एक दिन पहले बलूचिस्तान प्रांत में दो जगहों पर धमाके हुए हैं जिनमें कम से कम 23 लोग मारे गए हैं और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं.

    बलूचिस्तान के अधिकारियों के मुताबिक़, पहला विस्फोट पिशिन ज़िले में निर्दलीय उम्मीदवार इसफंदियार काकर के कार्यालय के बाहर हुआ. इस धमाके में 14 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है.

    सूबे में दूसरा बम विस्फोट किला सैफुल्लाह में जमीयत उलेमा इस्लाम के उम्मीदवार के कार्यालय के बाहर हुआ. किला सैफुल्लाह के पुलिस अधीक्षक अख्तर अचकजई के मुताबिक, इस विस्फोट में नौ लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है.

    अख्तर अचकजई ने कहा कि आम चुनाव से पहले हुए विस्फोटों के कारण प्रांत में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. बलूचिस्तान के कार्यवाहक सूचना मंत्री जॉन अचकजई का कहना है कि आज हुए धमाकों के बावजूद प्रांत में आम चुनाव के कार्यक्रम में कोई फर्क नहीं पड़ेगा और चुनाव गुरुवार को ही होंगे.

    पाकिस्तान में धमाका

    पिशिन और किला सैफुल्लाह निकटवर्ती जिले हैं और इन दोनों जिलों की सीमा अफ़ग़ानिस्तान से लगती है.

    अभी तक किसी भी समूह ने विस्फोटों की जिम्मेदारी नहीं ली है. इस महीने से पहले भी बलूचिस्तान को चुनावी गतिविधियों के लिए निशाना बनाया गया है.

    पिछले हफ्ते बलूचिस्तान के साबी जिले में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ की एक रैली को निशाना बनाया गया था, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी.

    साबी में हुए विस्फोट की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) नामक चरमपंथी संगठन ने ली थी.

  13. पैकेज्ड फूड सेहत के लिए अच्छा या ख़राब

    वीडियो कैप्शन, पैकेट में मिलने वाला खाना कितना ख़तरनाक होता है?

    कई रिसर्च ये बता चुके हैं कि कोई भी ग्राहक फ़ूड आइटम का एक पैकेट खरीदने में 6-10 सेकेंड का ही वक़्त लगाता है.

    ग्राहक ज़्यादा से ज़्यादा उसकी एक्सपायरी डेट देखते हैं और उसकी कीमत. लेकिन उस पैकेट के पीछे की साइड पर बहुत सी ऐसी ज़रूरी जानकारियां होती हैं जो आपको पढ़ना आ जाए तो शायद आप वो पैकेट ना भी खरीदें.

    फ़ूड पैकेट के पीछे इसके तत्वों का लेबल होता है लेकिन उससे कैसे पता चलता है कि ये फ़ूड आइटम खाने के लिए फ़ायदेमंद है या हानिकारक.

    इसी पर बीबीसी की सर्वप्रिया सांगवान ने बात की ग्लोबल हेल्थ एडवोकेसी इंक्यूबेटर के वरिष्ठ सलाहकार अभिषेक प्रताप से.

  14. अमेरिका के शिकागो में भारतीय छात्र पर हमला, तेलंगाना सरकार ने रखी ये मांग

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    अमेरिका के शिकागो शहर में एक और भारतीय छात्र पर हमले के बाद तेलंगाना की राज्य सरकार ने अमेरिका में एक हेल्प डेस्क के गठन का फ़ैसला किया है.

    मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में विदेश मंत्री एस जयशंकर को अमेरिका में रहने वाले भारतीय नागरिकों और छात्रों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार की चिंताओं से अवगत कराया गया है.

    इस घटना पर शिकागो में भारतीय वाणिज्य दूतावास ने भी पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है.

    भारतीय वाणिज्य दूतावास ने कहा, "कॉन्सुलेट सैयद मज़ाहिर अली और भारत में उनकी पत्नी सैयदा रुक़िया फातिमा रिज़वी के संपर्क में है और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाता है. कॉन्सुलेट इस मामले की जांच कर रहे स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है."

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    कॉन्सुलेट ने इस मामले की जाँच कर रहे स्थानीय अधिकारियों से भी संपर्क किया है. सैयद मज़ाहिर अली करीब छह महीने पहले ही हैदराबाद से अमेरिका गए थे.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार वीडियो सर्विलांस में दिख रहा है कि अली अपने हाथ में एक पैकेट लिए रात को घर जा रहे थे और तभी तीन शख्स उनका पीछा करने लगे.

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    अली ने कहा कि इन तीनों लोगों ने उनकी आंख, मुंह और पसलियों में घूंसे मारे. एबीसी 7 न्यूज़ चैनल की रिपोर्ट के अनुसार अली को हमले के बाद स्थानीय अस्पताल ले जाया गया जहाँ उनकी चोट का इलाज किया गया.

    अली इंडियाना वेसलेयन यूनिवर्सिटी से इनफ़ॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में मास्टर्स कर रहे हैं.

    उन्होंने एबीसी7 चैनल से कहा, "अमेरिका मेरे सपनों का देश रहा है और मैं यहां अपने सपने पूरे करने और मास्टर्स की पढ़ाई करने आया था. इस हमले ने मुझे सदमा दिया है."

  15. झारखंड: सीजीएल परीक्षा रद्द होने पर क्या है तैयारी करने वाले छात्रों का हाल

    वीडियो कैप्शन, झारखंड सीजीएल एग्ज़ाम रद्द होने पर क्या है तैयारी करने वाले छात्रों का हाल

    झारखंड में हाल ही में पेपर लीक होने की वजह से सीजीएल परीक्षा को रद्द कर दिया गया.

    तैयारी करने वाले युवा इससे बेहद निराश हैं. उनसे बात की बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा ने.

    वीडियोः शाहनवाज़ अहमद

  16. जसप्रीत बुमराह आईसीसी की टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक बनने वाले पहले भारतीय पेसर बने

    जसप्रीत बुमराह

    इमेज स्रोत, ANI

    जसप्रीत बुमराह आईसीसी की टेस्ट रैंकिंग में अव्वल स्थान पर पहुंचने वाले पहले भारतीय तेज़ गेंदबाज़ बन गए हैं.

    विशाखापत्तनम टेस्ट मैच में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ शानदार प्रदर्शन के बाद बुधवार को वह नंबर एक टेस्ट गेंदबाज़ बन गए.

    30 साल के बुमराह ने इस मैच में कुल नौ विकेट झटके थे. इसकी बदौलत उन्होंने पैट कमिंस, कगिसो रबाडा और रविचंद्रन अश्विन को रैंकिंग में पीछे छोड़ दिया.

    बुमराह चौथे भारतीय क्रिकेटर हैं जो आईसीसी की रैंकिंग में पहले स्थान पर पहुंचे हैं.

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    अश्विन, रवींद्र जडेजा और बिशन सिंह बेदी ही अभी तक ऐसे भारतीय रहे हैं जो इस रैंकिंग में पहले पायदान तक पहुंचे.

    पाँच मैचों की सिरीज़ के दूसरे मुकाबले में प्लेयर ऑफ़ द मैच रहे बुमराह ने बीते 11 महीने से नंबर एक पर बने हुए अश्विन को भी पीछे छोड़ दिया है.

    अब 499 टेस्ट विकेटों के साथ अश्विन तीसरे नंबर पर आ गए हैं.

    बुमराह के पास अब 881 रेटिंग पॉइंट्स हैं.

  17. ग़ज़ा में जंग के बीच गुमशुदा बच्ची की तलाश

    वीडियो कैप्शन, ग़ज़ा: संघर्ष के बीच मदद की गुहार लगाती बच्ची

    छह साल की बच्ची हेंड अपने अंकल के परिवार के साथ ग़ज़ा शहर की लड़ाई से बचकर भागी थी.

    उसकी आवाज़ आख़िरी बार इमरजेंसी सर्विसेज़ को कॉल के दौरान सुनी गई थी.

    देखिए बीबीसी संवाददाता लुसी विलियमसन की रिपोर्ट. इसके कुछ हिस्से आपको परेशान कर सकते हैं.

  18. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली मेट्रो से की यात्रा, देखें वीडियो

    द्रौपदी मुर्मू

    इमेज स्रोत, ANI

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को दिल्ली मेट्रो से यात्रा की.

    राष्ट्रपति बनने के बाद ये पहला मौका था जब द्रौपदी मुर्मू ने मेट्रो से यात्रा की.

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    इस यात्रा में उनके साथ स्कूली बच्चे भी मौजूद थे.

    अधिकारियों ने बताया कि कश्मीरी गेट से फरीदाबाद के राजा नाहर सिंह (बल्लभगढ़) जाने वाली रूट वॉयलेट लाइन से राष्ट्रपति ने ये यात्रा की.

  19. तुर्की में भूकंप और तबाही का एक साल

    वीडियो कैप्शन, तुर्की में भूकंप के बाद एक महिला ने खुद ही क्यों उठाया जांच का ज़िम्मा.

    पिछले साल छह फ़रवरी को तुर्की और सीरिया में ज़बर्दस्त भूकंप में पच्चास हज़ार लोगों की जान गई थी.

    उसके बाद बिल्डिंग के ग़लत निर्माण या उसमे ग़ैरकानूनी बदलाव के मामलों में कई केस दर्ज़ हुए थे.

    ऐसे ही एक मामला था एक मां का, जिन्होनें इस भूकंप में अपने बेटे को खोया था. उन्होने ख़ुद जांच की, सुबूत जुटाए और बीबीसी के पत्रकारों तक उसे पहुंचाया.

    बीबीसी की टीम ने कई महीनों तक उनके साथ काम किया. ये केस है तुर्की में मौजूद एसगी बिल्डिंग का. देखिए बीबीसी संवाददता एसरा यालकिनाल्प की ये रिपोर्ट.

  20. राज्यसभा में पीएम मोदी बोले- जवाहरलाल नेहरू हमेशा आरक्षण के ख़िलाफ़ थे...

    नरेंद्र मोदी

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    राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर चर्चा के दौरान राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्षी कांग्रेस पार्टी और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को आरक्षण के मुद्दे पर घेरा.

    पीएम मोदी ने जवाहरलाल नेहरू की एक चिट्ठी को पढ़ते हुए ये दावा किया कि पूर्व पीएम आरक्षण के ख़िलाफ़ थे.

    उन्होंने कहा, "दलित, पिछड़े और आदिवासी....कांग्रेस जन्मजात उनकी सबसे बड़ी विरोधी रही है. मैं तो कभी-कभी सोचता हूं कि अगर बाबासाहब न होते तो शायद एससी-एसटी को आऱक्षण मिलता या नहीं, ये भी मेरे मन में सवाल उठता है."

    "इनकी सोच आज से नहीं, उस समय से ऐसी है...मेरे पास इसका प्रमाण है. जब बातें बाहर से उठी हैं, तो फिर तैयारी रखनी चाहिए. मेरा परिचय तो हो चुका है....दस साल हो गए."

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    "एक बार नेहरू जी ने मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखी थी. उन्होंने कहा था, "मैं किसी भी आरक्षण को पसंद नहीं करता. और खासकर नौकरी में आरक्षण तो कतई नहीं. मैं ऐसे किसी भी कदम के ख़िलाफ़ हूं जो अकुशलता को बढ़ावा दे. जो दोयम दर्जे की तरफ़ ले जाए. ये पंडित नेहरू की मुख्यमंत्रियों को लिखी हुई चिट्ठी है."

    "इसलिए मैं कहता हूं कि ये जन्मजात इसके विरोधी हैं."

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    "नेहरू जी कहते थे कि अगर एससी, एसटी ओबीसी को नौकरियों में आरक्षण मिला तो सरकारी काम का स्तर गिर जाएगा. आज जो आंकड़े गिनाते हैं न, उसका मूल यहां है. क्योंकि उस समय उन्होंने भर्ती की होती और प्रमोशन करते-करते आगे बढ़ते तो आज यहां तक पहुंचते."

    पीएम मोदी बोले, "नेहरू जी ने जो कहा वह कांग्रेस के लिए हमेशा से पत्थर की लकीर होता है. दिखावे के लिए आप कुछ भी कहें लेकिन आपकी सोच ऐसे कई उदाहरणों से सिद्ध होती है. मैं अनगिनत उदाहरण दे सकता हूं."

    "इनमें से एक जम्मू-कश्मीर का है. कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर के एससी, एसटी और ओबीसी को सात दशकों तक उनके अधिकारों से वंचित रखा. आर्टिकल 370 को निरस्त किया. तब जाकर कितने दशकों के बाद एससी, एसटी, ओबीसी को वे अधिकार मिले, जो देश के लोगों को बरसों से मिले हुए थे."