झारखंड में सियासी सरगर्मी के बीच गुरुवार को क्या-क्या हुआ?

झारखंड के सियासी गहमागहमी के बीच गठबंधन ने अपने विधायकों को हैदराबाद भेजने का फ़ैसला लिया.

लाइव कवरेज

चंदन शर्मा and संदीप राय

  1. वित्त मंत्री ने आयकर दाताओं को नहीं दी राहत, आयकर स्लैब में नहीं हुआ बदलाव

    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

    इमेज स्रोत, SAJJAD HUSSAIN/AFP via Getty Images

    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को अंतरिम बजट में कई एलान किए हैं, लेकिन कोई बड़ा एलान करने से परहेज किया है.

    वित्त मंत्री ने आयकर दाताओं को कोई राहत नहीं दी है. इससे आयकर दाता निराश हो सकते हैं.

    उन्होंने इस बार आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है.

    उन्होंने भारतीय रेल में तीन कॉरिडोर यानी ​गलियारा बनाने का एलान किया है. इसके तहत, ऊर्जा-खनिज-सीमेंट कॉरिडोर, पोर्ट कनेक्टिविटी कॉरिडोर और अधिक पैसेंजर घनत्व वाले कॉरिडोर बनाए जाएंगे.

    उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण पर समिति बनाने और नए मेडिकल कॉलेजों को खोलने के लिए भी एक समिति बनाने का एलान किया है.

    सर्वाइकल कैंसर से महिलाओं को बचाने के लिए छोटी उम्र में ही टीका लगाने की टीकारण योजना चलाने का भी एलान किया.

    उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने देश के 25 करोड़ लोगों को ग़रीबी रेखा से बाहर निकाला है.

    सीतारमण ने तिलहन के अनुसंधान को बढ़ावा देने का एलान किया है.

    उन्होंने दावा किया कि सरकार के प्रयास से देश में एक करोड़ लखपति दीदी बनी हैं. इस योजना से आत्मनिर्भरता बढ़ी है. इस योजना के तहत अब दो के बजाय तीन करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा गया है.

    सीतारमण ने मोदी सरकार का वादा दोहराते हुए कहा कि सभी को पक्का मकान दिया जाएगा.

  2. अपने बजट भाषण में अब तक क्या बोलीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

    इमेज स्रोत, Prakash Singh/Bloomberg via Getty Images

    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण गुरुवार को वित्त वर्ष 2024-25 के पहले चार महीनों के लिए देश का अंतरिम बजट पेश कर रही हैं.

    जीडीपी का नया अर्थ बताया

    वित्त मंत्री ने जीडीपी (ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट) का एक अन्य ​अर्थ बताया है. उन्होंने इसे गवर्नेंस (सुशासन), डेवलपमेंट (विकास) और परफॉर्मेंस (प्रदर्शन) क़रार दिया है.

    हमारी सरकार के लिए सामाजिक न्याय एक प्रभावी और आवश्यक शासन मानदंड हैं.

    उन्होंने कहा कि हमारे युवा देश की आकांक्षाएं ऊंची हैं. इसे अपने वर्तमान पर गर्व है और उज्ज्वल भविष्य के प्रति इसे आशा और विश्वास है.

    निर्मला सीतारमण

    इमेज स्रोत, Getty Images

    चार '​जाति' का किया ज़िक्र

    निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'चार जाति' की अवधारणा का ज़िक्र किया है.

    उनके अनुसार, ''गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों की आवश्यकताएं, आकांक्षाएं और कल्याण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.''

    और क्या कहा वित्त मंत्री ने

    विकास कार्यक्रमों ने सभी के लिए आवास, सभी के लिए बिजली, सभी के लिए रसोई गैस, हर घर में जल और रिकॉर्ड समय में सभी के लिए बैंक खाते और वित्तीय सेवाओं के ज़रिए हर घर और हर व्यक्ति को लक्षित किया गया है.

    पीएम स्वनिधि ने 78 लाख स्ट्रीट वेंडरों को लोन सहायता प्रदान की है, उनमें से कुल 2.3 लाख को तीसरी बार ऋण प्राप्त हुआ है.

  3. पीएम आवास योजना के तहत 70% आवास महिलाओं को मिले: वित्त मंत्री

    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

    इमेज स्रोत, ANI

    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय अंतरिम बजट 2024-25 पेश कर रही हैं.

    • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने अंतरिम बजट भाषण में कहा, "हमारी सरकार ने नागरिक प्रथम और न्यूनतम सरकार अधिकतम शासन दृष्टिकोण के साथ जवाबदेह, जन केंद्रित और विश्वास आधारित प्रशासन प्रदान किया है."
    • "पिछले 10 साल में 30 करोड़ मुद्रा योजना ऋण महिला उद्यमियों को दिए गए. ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महिलाओं को 70% आवास को मिले हैं."
    • "हमें गरीब, महिला, युवा और अन्नदाता पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है, उनकी जरूरतें और आकांक्षाएं हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं."
    • "...भारतीय अर्थव्यवस्था ने पिछले 10 वर्षों में गहरा सकारात्मक परिवर्तन देखा है, भारत के लोग आशा के साथ भविष्य की ओर देख रहे हैं. जब हमारी सरकार - पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में- 2014 में सत्ता संभाली तब देश को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था. सरकार ने उन चुनौतियों पर सही तरीके से काबू पाया..."
  4. पिछले 10 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है: वित्त मंत्री

    वित्त मंत्री

    इमेज स्रोत, ANI

    • पिछले 10 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है.
    • जब भारत की जनता के आशीर्वाद से हमारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुआयामी और दूरदर्शी नेतृत्व वाली सरकार ने जिम्मेदारी संभाली तब हमारा देश कई चुनौतियों का सामना कर रहा था.
    • 2014 में, देश भारी चुनौतियों का सामना कर रहा था, 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र को अपनाकर सरकार ने उन चुनौतियों पर काबू पाया और संरचनात्मक सुधार किए, जन हितैषी सुधार किए गए.
  5. बजट 2024 लाइव: मोदी सरकार के इस कार्यकाल के आख़िरी बजट में क्या-क्या है?

    छोड़िए YouTube पोस्ट
    Google YouTube सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

    पोस्ट YouTube समाप्त

  6. सबसे लंबा बजट भाषण देने का रिकॉर्ड किस वित्त मंत्री के नाम और किसने पेश नहीं किया बजट

    बजट

    सबसे लंबा बजट भाषण समय के लिहाज से सबसे लंबा बजट भाषण देने का रिकॉर्ड निर्मला सीतारमण के नाम है.

    इन्होंने यह रिकॉर्ड 2020 में बनाया था. हालांकि शब्दों के लिहाज से यह रिकॉर्ड मनमोहन सिंह के नाम है, जो बाद में देश के प्रधानमंत्री भी बने.

    अरुण जेटली शब्दों के लिहाज से दूसरा सबसे लंबा भाषण देने वाले वित्त मंत्री हैं.

    बजट

    वे वित्त मंत्री जो बजट पेश नहीं कर सके

    देश में अब तक 25 वित्त मंत्री हुए हैं लेकिन इनमें से तीन वित्त मंत्री ऐसे भी रहे, जो कभी बजट पेश नहीं कर सके.

    ऐसे लोगों में आज़ाद भारत के दूसरे वित्त मंत्री केसी नियोगी, हेमवंती नंदन बहुगुणा और नारायण दत्त तिवारी हैं.

    बजट
    Budget

    जब बजट पेश करने का समय और दिन बदला

    पहले बजट फरवरी के अंतिम दिन शाम पांच बजे पेश होता था. लेकिन 1999 में बजट पेश करने का समय बदल दिया गया.

    उसके बाद 2017 में बजट पेश करने की तारीख़ भी बदली गई और यह एक फरवरी को पेश होने लगा.

    बजट
    Budget
  7. अंतरिम बजट: जानिए बजट से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण गुरुवार को संसद में वित्त वर्ष 2024-25 के पहले चार महीनों के लिए अंतरिम बजट पेश करेंगी.

    मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में वित्त मंत्री बनीं सीतारमण का यह कुल छठा और पहला अंतरिम बजट होगा.

    लेकिन क्या आपको मालूम हो कि भारत में सबसे पहला बजट अंग्रेज़ के समय पेश हुआ था. उस समय भारत के वायसरॉय लॉर्ड कैनिंग थे.

    Budget
    Budget
    Budget
    Budget
  8. हेमंत सोरेन की गिरफ़्तारी की रात क्या-क्या हुआ रांची में

      • Author, रवि प्रकाश
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, रांची से
    हेमंत सोरेन

    इमेज स्रोत, Rajbhawan Jharkhand

    ईडी ने क्या झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गिरफ़्तार कर लिया है? रांची के सियासी गलियारों में 31 जनवरी और 1 फ़रवरी की दरमियानी रात यह सबसे बड़ा सवाल रहा.

    ईडी के अधिकारी चाहते तो लोगों को इस सवाल का आधिकारिक जवाब मिल जाता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. यह चर्चा अभी तक आधिकारिक पुष्टि का इंतज़ार कर रही है.

    31 जनवरी की रात क़रीब साढ़े आठ बजे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के बाद हेमंत सोरेन अपने सरकारी आवास गए और फिर ईडी अधिकारियों की टीम उन्हें अपने दफ़्तर लेती चली गई.

    इसके बाद उनकी पत्नी कल्पना सोरेन अपने बेटे के साथ रांची के एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी दफ़्तर आईं. वे आधी रात बाद वहां से निकलीं.

    इस बीच ईडी दफ़्तर में जाती गाड़ी में बैठी उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होती रही, जिनमें उनकी आंखों में आंसू की बूंदें दिख रही थीं.

    छोड़िए X पोस्ट, 1
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 1

    हेमंत सोरेन के मंत्रिमंडल में शामिल रहे जेएमएम नेता मिथिलेश कुमार ठाकुर ने उनकी यह तस्वीर सोशल मीडिया एप एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “आह लगेगी.”

    इसी दौरान महाधिवक्ता राजीव रंजन भी ईडी दफ़्तर पहुंचे. कुछ देर यहां रहने के बाद वे चले गए. देर रात वे दोबारा ईडी दफ़्तर आए और आधी रात बाद वहां से बाहर निकले. उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की.

    इस बीच मीडिया में हेमंत सोरेन को ईडी द्वारा गिरफ़्तार कर लिए जाने की खबरें चलती रहीं. समाचार एजेंसी एएनआइ ने भी देर रात उनकी गिरफ़्तारी की खबर चलायी लेकिन उसमें भी सूत्रों का ही हवाला दिया गया. उन्होंने ईडी के किसी अधिकारी को कोट नहीं किया.

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

    ईडी दफ़्तर में क्या-क्या हुआ

    पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ईडी दफ़्तर पहुंचने के बाद सदर अस्पताल से डॉक्टरों की एक टीम भी वहां बुलायी गई. कहा गया कि इन डॉक्टरों को हेमंत सोरेन की स्वास्थ्य जांच की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए बुलाया गया था.

    हाईकोर्ट में याचिका

    इससे पहले हेमंत सोरेन ने ईडी अधिकारियों की कार्यवाही के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की. एक्टिंग चीफ़ जस्टिस और जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की खंडपीठ एक फरवरी की सुबह 10.30 बजे इस पर सुनवाई करेगी.

    हेमंत सोरेन के सोशल मीडिया पोस्ट

    मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के बाद हेमंत सोरेन के हैंडल से सोशल मीडिया पर दो पोस्ट किए गए, जो वायरल हो रहे हैं. रात 11.10 बजे पहले पोस्ट में हेमंत सोरेन के हैंडल से एक कविता की कुछ पंक्तियां लिखी गईं.

    हेमंत सोरेन ने लिखा, “यह एक विराम है जीवन महासंग्राम है हर पल लड़ा हूं, हर पल लड़ूंगा पर समझौते की भीख मैं लूंगा नहीं क्या हार में, क्या जीत में किंचित नहीं भयभीत मैं लघुता न अब मेरी छुओ तुम हो महान, बने रहो अपने लोगों के हृदय की वेदना मैं व्यर्थ त्यागूंगा नहीं हार मानूंगा नहीं... जय झारखण्ड!”

    छोड़िए X पोस्ट, 3
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 3

    आधी रात बाद 12.02 बजे उनकी तरफ से एक और पोस्ट किया गया. इसमें उन्होंने विधायको के नाम एक पत्र पोस्ट किया, जिसमें चंपई सोरेन को नया नेता चुनने की बात थी. इस पत्र की आखिरी लाइनों में हेमंत सोरेन ने कुछ मार्मिक बातें भी लिखी.

    छोड़िए X पोस्ट, 4
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 4

    हेमंत सोरेन ने लिखा, “चलते-चलते यह भी अनुरोध करना चाहूँगा कि आप सब मेरी अनुपस्थिति में मेरे परिवार मेरे पूजनीय पिता दिशोम गुरू श्री शिबू सोरेन जी और माताश्री जिनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है का भी ख़्याल रखेंगे एवं मेरे छोटे भाई पर भी अपना स्नेह बनाए रखेंगे.”

  9. गिरफ़्तार होने से पहले जनता के नाम जारी वीडियो में क्या बोले बोले हेमंत सोरेन

    HEMANT SOREN

    इमेज स्रोत, FB/HEMANT SOREN

    झारखंड के निवर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार पर सुनियोजित तरीके से गिरफ़्तार करने का आरोप लगाया है.

    उन्होंने दावा किया है कि उन्हें एक ऐसे मामले में अरेस्ट किया गया है, जो उनसे जुड़ा हुआ ही नहीं है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, "साथियो जोहार (प्रणाम)! आज मुझे ईडी गिरफ़्तार करने आई है. दिन भर हमसे पूछताछ करने के बाद, समय बिताने के बाद, उन्होंने मुझे गिरफ़्तार करने का फ़ैसला सुनाया और किस विषय पर?"

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    "ऐसे विषय पर जो मुझसे जुड़ी हुई ही नहीं है. मुझ पर साढ़े आठ एकड़ भूइहरी ज़मीन के मालिक होने का इनका दावा है. वो ज़मीन जो कभी बिकती ही नहीं है. कहीं सबूत नहीं मिला. दिल्ली में भी छापा मारकर मेरी छवि ख़राब करने की कोशिश की."

    हेमंत सोरेन ने कहा, "आज ये यहां आए और समय बिताए. दिन भर वक़्त बिताने के बाद सुनियोजित तरीक़े से इन्होंने मुझे गिरफ़्तार करने का निर्णय सुनाया है. इन्हें पता है कि शाम को कोर्ट कचहरी बंद हो जाता है."

    उन्होंने आरोप लगाया, "एक आदिवासी अपने ताक़त के बल पर जीतकर राज्य की जनता की सेवा कर रहा है. आज लगता है ये वक़्त पर मेरे लिख ख़त्म हो रहा है. अब हमें ऐसे सामंती विचारों और तंत्रों के साथ एक नई लड़ाई लड़नी पड़ेगी."

  10. वाराणसी: ज्ञानवापी मस्जिद में स्थित व्यास तहखाने में शुरू हुई आज से पूजा

      • Author, अनंत झणाणें
      • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, लखनऊ से
    ज्ञानवापी

    इमेज स्रोत, ANI

    वाराणसी की ज़िला अदालत के बुधवार को दिए फ़ैसले को लागू करते हुए ज़िला प्रशासन ने गुरुवार की सुबह ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में स्थित व्यास तहखाने में पूजा अर्चना शुरू करवा दी.

    वाराणसी के ज़िलाधिकारी एस रा​जलिंगम ने गुरुवार तड़के पत्रकारों को इसकी जानकारी दी.

    उन्होंने कहा, "मुझे न्यायालय का जो ऑर्डर है, उसका कंप्लायन्स (पालन) किया गया.''

    वहीं ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यास तहखाने के सामने की बैरिकेडिंग के बारे में पूछे गए सवाल के उत्तर में उन्होंने फिर यही कहा कि 'कोर्ट के ऑर्डर का कंप्लायन्स' किया गया.

    पत्रकारों ने जब डीएम से पूछा कि क्या पूजा कराई गई तो उन्होंने फिर वही जवाब दिया, “कोर्ट ने जो बोला है उसका कंप्लायन्स किया गया.”

    ये भी एक संयोग है कि आज से 38 साल पहले 1986 में अयोध्या के बाबरी मस्जिद का ताला 1 फरवरी को ही खोला गया था.

    छोड़िए X पोस्ट, 1
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 1

    वहीं इस मामले के एक वादी सोहन लाल आर्य ने गुरुवार को एएनआई से हुई बातचीत में पुष्टि की है कि व्यास तहखाने में जाने का रास्ता बन गया है, लेकिन दर्शन करने वालों को अभी वहां जाने की इजाज़त नहीं है.

    उन्होंने कहा, "आज (गुरुवार) का दिन बहुत गौरवान्वित क्षण लग रहा है. हमारा रोम रोम पुलकित है. ज़िला जज का कल का फ़ैसला अभूतपूर्व लगा. अभी वहां की सारी व्यवस्थाएं पूरी हैं लेकिन अभी वहां (व्यास का तहखाना) जनता को दर्शन करने नहीं दिया जा रहा है. इस क्षण का हम 40 सालों से इंतज़ार कर रहे थे."

    सोहन लाल आर्य के अनुसार, "अभी नंदी के बगल से (उत्तर की ओर) बाबा के तहखाने की ओर जाने के लिए अलग से दरवाज़ा बन गया है. वहां पर तीन पुलिसकर्मी थे. उनसे हमने कहा कि दर्शन करने दिया जाए. इस पर उन्होंने कहा कि अभी दर्शन पूजन का अधिकार नहीं है, जैसे ही मिलेगा सभी दर्शनार्थियों को वहां जाने दिया जाएगा."

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

    इससे पहले, वाराणसी के डीएम एस राजलिंगम के साथ पुलिस और प्रशासन के अन्य आला अधिकारी लगभग रात 11 बजे काशी कॉरिडोर के गेट नंबर चार से अंदर गए. वहां से ज्ञानवापी परिसर के भीतर जाने का रास्ता है.

    वहीं ज्ञानवापी परिसर के चारों ओर लगे बैरिकेड में से कुछ हिस्सा काटकर विश्वनाथ मंदिर परिसर स्थित नंदी की प्रतिमा के सामने से रास्ता बनाने के लिए कई मजदूर वहां पहुंचे.

    भारी संख्या में पुलिस के जवान भी वहां तैनात किए गए. वाराणसी के पुलिस कमिश्नर अशोक जैन ने बताया कि क़ानून और व्यवस्था के सारे इंतज़ाम किए गए.

    तक़रीबन तीन घंटे बाद यानी देर रात 2 बजे डीएम एस राजलिंगम ने परिसर से बाहर आकर मीडिया को बताया, “न्यायालय के आदेश का कंप्लायन्स किया गया.”

    छोड़िए X पोस्ट, 3
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 3

    ज़िला अदालत ने कल सुनाया था आदेश

    बुधवार को ज़िला अदालत ने हिंदू पक्ष को ज्ञानवापी मस्जिद के व्यास तहखाने में पूजा का अधिकार दे दिया था.

    अदालत ने अपने आदेश में लिखा था, "ज़िला मजिस्ट्रेट, वाराणसी/रिसीवर को निर्देश दिया जाता है कि वह सेटेलमेंट प्लॉट नं-9130 थाना- चौक, ज़िला वाराणसी स्थित भवन के दक्षिण की तरफ स्थित तहखाने, जो कि वादग्रस्त संपत्ति है, वादी तथा काशी विश्वनाथ ट्रस्ट बोर्ड, पुजारी से तहखाने में स्थित मूर्तियों का पूजा, राग-भोग शुरू कराए."

    अदालत ने इस आदेश को लागू करने के लिए प्रशासन को 7 दिन का समय दिया था.

    मस्जिद पक्ष ने हालांकि ज़िला अदालत के फ़ैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती देने का एलान किया है.

  11. आज पेश होगा वित्त वर्ष 2024-25 का अंतरिम बजट, लोकसभा चुनाव के बाद आएगा पूर्ण बजट

    अंतरिम बजट

    इमेज स्रोत, Getty Images

    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण गुरुवार को संसद में वित्त वर्ष 2024-25 के पहले चार महीनों के लिए अंतरिम बजट पेश करेंगी.

    मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में वित्त मंत्री बनीं सीतारमण का यह कुल छठा और पहला अंतरिम बजट होगा.

    निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे लोकसभा में बजट भाषण पढ़ना शुरू करेंगी.

    इस बजट में महंगाई पर नियंत्रण रखते हुए खपत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का सरकार पर दबाव होगा. साथ ही नौकरी करने वालों पर से कर का बोझ कम करने के लिए आयकर में छूट देने की अपेक्षा भी सरकार से होगी.

    मनरेगा के बजट और किसान सम्मान योजना के तहत हर साल मिलने वाली 6,000 रुपए की मदद में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.

    हालांकि लोगों की उम्मीदें कितनी पूरी होती हैं, ये तो अंतरिम बजट के पेश होने के बाद ही पता चल पाएगा.

    बजट

    इमेज स्रोत, Getty Images

    क्या होता है अंतरिम बजट

    यह बजट कोई पूर्ण बजट नहीं बल्कि लेखानुदान मांग (वोट ऑन अकाउंट) ही होता है.

    इसमें वित्त वर्ष 2024-25 के शुरू के 4 महीनों के अपने खर्चों को पूरा करने के लिए सरकार संसद से अनुमति मांगेगी.

    लोकसभा चुनाव के बाद बनने वाली सरकार जुलाई में बाद के 8 महीनों के लिए पूर्ण बजट पेश करेगी.

    अंतरिम बजट के कारण ही मौजूदा वित्त वर्ष 2023-24 की आर्थिक समीक्षा अभी पेश नहीं होगी. इसे पूर्ण बजट के समय पेश किया जाएगा.

    वे सरायकेला खरसांवा जिले के गम्हरिया प्रखंड के जिलिंगगोड़ा गांव के रहने वाले हैं.

  12. चंपई सोरेन के दावा पेश करने के बाद राज्यपाल की ओर से अभी तक नहीं आया बुलावा

      • Author, रवि प्रकाश
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, रांची से
    चंपई सोरेन

    इमेज स्रोत, Ravi Prakash

    प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ़्तार किए जाने के बाद हेमंत सोरेन ने बुधवार शाम झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया, जिसे राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने स्वीकार कर लिया.

    उसके बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता चुने गए चंपई सोरेन ने सरकार बनाने का दावा पेश किया. लेकिन दावा पत्र स्वीकार करने के बाद अभी तक राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का आमंत्रण नहीं दिया है.

    ऐसे में झारखंड में अभी न तो कोई मुख्यमंत्री है और न ही कार्यवाहक मुख्यमंत्री.

    इससे पहले, राज्यपाल के नाम लिखे पत्र में चंपई सोरेन ने 47 विधायकों के समर्थन का दावा पेश किया है.

    राज्य में सरकार बनाने के लिए 81 सदस्यों की विधानसभा में 41 विधायकों का सम​र्थन चाहिए.

    /Hemant Soren

    इमेज स्रोत, FB/Hemant Soren

    इस पत्र में चंपई सोरेन ने बताया है कि उनकी पार्टी जेएमएम का नेता चुने जाने के बाद समर्थक दलों ने भी उन्हें अपना नेता चुन लिया.

    जेएमएम ने कांग्रेस, आरजेडी और सीपीआई एमएल के विधायकों का समर्थन होने का दावा किया है.

    इससे पहले बुधवार रात कांग्रेस नेता आलमगीर आलम ने रांची में राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात के बाद बताया था कि 43 विधायकों के हस्ताक्षर का पत्र सौंपा गया है. उन्होंने दावा किया था कि उन्हें 47 विधायकों का समर्थन हासिल है.

    उन्होंने ये भी कहा था कि राज्यपाल ने अभी शपथ ग्रहण का वक़्त नहीं दिया है.

    कौन हैं चंपई सोरेन

    हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल में परिवहन के साथ खाद्य और आपूर्ति विभाग का काम देख रहे 67 साल के चंपई सोरेन पार्टी प्रमुख शिबू सोरेन और हेमंत दोनों के विश्वसनीय रहे हैं.

    झारखंड राज्य गठन के आंदोलन में वे शिबू सोरेन के निकट सहयोगी रहे.

    झारखंड विधानसभा में वे सरायकेला सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं. वे इस सीट से सात बार विधायक रहे हैं.

  13. नमस्कार!

    आपका दिन शुभ हो.

    31 जनवरी, 2024 के लाइव अपडेट्स पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.