झारखंड में सियासी सरगर्मी के बीच गुरुवार को क्या-क्या हुआ?

झारखंड के सियासी गहमागहमी के बीच गठबंधन ने अपने विधायकों को हैदराबाद भेजने का फ़ैसला लिया.

लाइव कवरेज

चंदन शर्मा and संदीप राय

  1. झारखंड में सियासी सरगर्मी के बीच गुरुवार को क्या-क्या हुआ?

    झारखंड विधायक

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    प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ़्तार किए जाने के बाद हेमंत सोरेन ने बुधवार शाम झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

    रांची की एक विशेष अदालत (पीएमएलए कोर्ट) ने गुरुवार को उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया.

    झारखंड मुक्ति मोर्चा की अगुवाई वाले गठबंधन के विधायक दल के नेता चुने गए चम्पाई सोरेन ने बुधवार को ही सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया था.

    लेकिन दावा पत्र स्वीकार करने के बाद अभी तक राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का आमंत्रण नहीं दिया है.

    गुरुवार शाम को चम्पाई सोरेन ने राज्यपाल से मिलकर राज्य में सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की.

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    दिन भर क्या हुआ?

    • 31 जनवरी की रात तक ये स्पष्ट नहीं था कि ईडी ने क्या झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गिरफ़्तार कर लिया है?
    • लेकिन गुरुवार सुबह तक साफ़ हो गया कि उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया है.
    • ईडी दफ़्तर पहुंचने के बाद स्वास्थ्य जांच की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए डॉक्टरों को बुलाया गया था.
    • इसके बाद हेमंत सोरेन को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
    • बुधवार को ही हेमंत सोरेन ने ईडी अधिकारियों की कार्यवाही के ख़िलाफ़ झारखंड हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी.
    • गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को याचिका दायर की गई, जिसे सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया गया.
    • गुरुवार को शाम तक जब राज्यपाल की ओर से सरकार बनाने का आमंत्रण नहीं मिला, जिसके बाद रांची से गठबंधन के विधायकों को हैदराबाद ले जाने की ख़बरें आईं.
    • रात में एक एमएलए ने रांची एयरपोर्ट पर विमान में सवार विधायकों की तस्वीर साझा की.
  2. सीरिया और इराक़ में ईरान के ठिकानों पर हमले के लिए अमेरिका ने दी हरी झंडी

      • Author, बर्न्ड डेबुसमान जूनियर
      • पदनाम, बीबीसी न्यूज़, वॉशिंगटन
    अमेरिका

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    बीबीसी के अमेरिकी पार्टनर सीबीएस न्यूज़ ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि सीरिया और इराक़ में ईरानी ठिकानों पर हमले की योजना को अमेरिका ने मंज़ूरी दे दी है.

    अधिकारियों के अनुसार, ये हमले कई दिनों तक चलेंगे.

    बीते रविवार को सीरिया के पास जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर एक ड्रोन हमले में तीन सैनिक मारे गए थे और 40 घायल हो गए थे.

    इसके बाद अमेरिका ने ईरान के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की बात कही थी.

    इस हमले के लिए अमेरिका ने ईरान समर्थित मिलिशिया ग्रुपों को ज़िम्मेदार ठहराया था.

    तीनों अमेरिकी सैनिकों के शव को शुक्रवार को डेलावेयर एयरफ़ोर्स पर अंतिम संस्कार के लिए लाया जाएगा. इस दौरान राष्ट्रपति जो बाइडेन भी मौजूद रहेंगे.

  3. बिहार के बाद झारखंड में राजनीतिक उठापटक पर प्रियंका गांधी क्या बोलीं

    प्रियंका गांधी

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    झारखंड और बिहार के सियासी घटनाक्रमों की तुलना करते हुए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने बीजेपी पर निशाना साधा है.

    प्रियंका गांधी ने कहा है कि बिहार में गठबंधन सरकार के इस्तीफ़े के तुरंत बाद राज्यपाल ने नई सरकार बनाने का न्योता भेज दिया था.

    लेकिन झारखंड में दावा पेश करने के एक दिन बाद भी सरकार बनाने का न्योता नहीं भेजा गया.

    उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, "पहले ईडी लगाकर मुख्यमंत्री को इस्तीफ़ा देने पर मजबूर किया. उन्हें गिरफ़्तार किया गया. अब ख़बरें हैं कि नई सरकार का गठन रोककर विधायकों को खरीदने की कोशिश की जा रही है. पहले बिहार, फिर चंडीगढ़ और अब झारखंड, भाजपा हर राज्य में धनादेश के दम पर जनादेश को कुचल रही है."

    झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ईडी की गिरफ़्तारी के बाद इस्तीफ़ा दे दिया था और चंपाई सोरेन को विधायक दल का नेता चुना गया.

    हालांकि, राज्यपाल ने अभी तक सरकार गठन के लिए समय नहीं दिया है.

    बीते रविवार बिहार में नीतीश कुमार ने महागठबंधन से अलग होकर एनडीए के साथ सरकार बनाई.

    उन्होंने सुबह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दिया और शाम में नौवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

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  4. असम में प्रशासन की मंज़ूरी के बिना भैंसों की लड़ाई रोकने के लिए गुवाहाटी हाईकोर्ट ने दिया निर्देश

      • Author, दिलीप कुमार शर्मा
      • पदनाम, गुवाहाटी से, बीबीसी हिंदी के लिए
    भैंसा लड़ाई

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    गुवाहाटी हाई कोर्ट ने असम में आयोजित होने वाले 'भैंसों की लड़ाई' को रोकने का आदेश जारी किया है.

    पशुओं के अधिकार के लिए काम करने वाली संस्था 'पेटा इंडिया' ने गुवाहाटी हाई कोर्ट में भैंस और बुलबुल पक्षी के बीच करवाई जाने वाली लड़ाई को रोकने के लिए दो अलग-अलग आवेदन किए हैं.

    न्यायमूर्ति मनीष चौधरी ने कहा कि 25 जनवरी 2024 के बाद असम में होने वाली कोई भी भैंस लड़ाई अवैध है क्योंकि असम सरकार द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रियाओं का उल्लंघन हो रहा है.

    पेटा इंडिया से जुड़ी हर्षिल माहेश्वरी ने कहा, "हमने अदालत में बुलबुल पक्षियों और भैंस की लड़ाई को रोकने के संबंध में दो आवेदन किए थे. इस बीच पता चला कि जोरहाट में एक गैर कानूनी आयोजन होने वाला है तो हमने गुवाहाटी हाई कोर्ट में एक अंतरिम आवेदन फाइल कर दिया उसी पर आज कोर्ट ने आदेश दिया है."

    बुलबुल की लड़ाई

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    पिछले महीने 16 जनवरी को असमिया उत्सव माघ बिहू के दौरान कड़े सरकारी दिशानिर्देशों के साथ नौ वर्षों के बाद पारंपरिक भैंस लड़ाई का आयोजन किया गया था.

    वहीं 15 जनवरी को हाजो शहर के श्री हयग्रीव माधव मंदिर में बुलबुल पक्षियों की लड़ाई की आयोजन किया गया था.

    दरअसल सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद असम सरकार ने 2015 में इन दोनों लड़ाई पर प्रतिबंध लगा दिया था.

    लेकिन 2023 में शीर्ष अदालत ने भैंस दौड़ और बैलगाड़ी दौड़ के लिए तीन राज्यों द्वारा पारित कानूनों को बरकरार रखा, जिसके बाद असम कैबिनेट ने 8 दिसंबर को सख्त एसओपी के तहत भैंस और बुलबुल पक्षियों की लड़ाई की अनुमति देने का निर्णय लिया.

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    असम की स्थानीय भाषा में भैंसों की लड़ाई को मोह-जुज कहा जाता है जिसका पारंपरिक आयोजन मोरीगांव जिले के अहतगुरी में किया जाता रहा है.

    पिछले महीने हुई बुलबुल पक्षियों और भैंसों की लड़ाई के आयोजन का उद्घाटन असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने किया था.

    मुख्यमंत्री सरमा ने भैंसों की लड़ाई के उद्घाटन के मौके पर कहा था, "असम की कालातीत बिहू परंपराओं को पुनर्जीवित करने और संरक्षित करने के एक और प्रयास में, मुझे अहतगुरी में नौ साल के अंतराल के बाद मोह-जुज देखने का सौभाग्य मिला."

  5. झारखंडः गठबंधन के 43 विधायकों को हैदराबाद ले जाया जा रहा

    झारखंड

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    झारखंड में राजनीतिक अस्थिरता के बीच गठंबधन के विधायकों को हैदराबाद ले जाया जा रहा है.

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा, “तीन चार विधायक रांची में रुकेंगे. हमारे पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त संख्या है. सभी 43 विधायक एकजुट हैं. हमें पूरा विश्वास है. जबतक राज्यपाल हमें नहीं बुलाते हम उनसे मिलते रहेंगे.”

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    झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधान मंडल के नेता चम्पाई सोरेन ने गुरुवार शाम राज्यपाल से मुलाक़ात कर सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू करने को कहा.

    शाम सात बजे सभी विधायकों बस से रांची एयरपोर्ट पहुंचे.

    बस में सवार राजेश ठाकुर ने कहा, “हम एयरपोर्ट जा रहे हैं. आप जानते हैं कि ये लोग किस तरह के हैं, वे कभी भी कुछ भी कर सकते हैं. सभी 43 विधायक जा रहे हैं.”

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, हैदराबाद एयरपोर्ट पर सारी तैयारियां पूरी हो गई हैं. वहां बस पहुंच गई है जो विधायकों को लेकर जाएगी.

    हेमंत सोरेन

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    झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता हेमंत सोरेन ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उनकी गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को याचिका दायर की है.

    झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद हेमंत सोरेन को बुधवार रात ईडी ने गिरफ़्तार कर लिया था.

    हेमंत सोरेन की जगह राज्य के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर रहे चम्पाई सोरेन को उनके उत्तराधिकारी के तौर पर चुना गया है.

  6. कांग्रेस सांसद के 'दक्षिणी राज्यों के लिए अलग देश की मांग को अपरिहार्य' बताने वाले बयान पर विवाद

      • Author, इमरान क़ुरैशी
      • पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए
    डीके सुरेश

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    कर्नाटक के कांग्रेस सांसद डीके सुरेश ने दक्षिण भारत के राज्यों के लिए अलग देश की मांग को 'अपरिहार्य' बताकर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है.

    उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के भेदभाव के चलते दक्षिणी राज्य अलग देश की मांग के लिए मजबूर हो सकते हैं.

    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए डीके सुरेश ने नई दिल्ली में पत्रकारों से कहा कि 'दक्षिण भारत के साथ जो नाइंसाफ़ी हुई है, वो साफ़ तौर पर दिखती है.'

    उन्होंने कहा, “अगर हम निंदा नहीं करते हें, तो हमें एक अलग राष्ट्र की मांग करनी पड़ेगी. दक्षिणी राज्यों से वसूले गए टैक्स को उत्तर भारत के राज्यों को दिया जा रहा है. इनकम टैक्स, जीएसटी, कस्टम आदि के मार्फ़त दक्षिणी राज्यों से चार लाख करोड़ रुपये से अधिक टैक्स इकट्ठा हो रहा है, लेकिन केंद्र से हमें उचित हिस्सा नहीं मिल पा रहा है. इस मुद्दे को उठाने के लिए दक्षिणी राज्यों को मजबूर हो जाना पड़ेगा.”

    सुरेश ने केंद्रीय बजट को, ‘जनता को धोखा देने के लिए कुछ राष्ट्रवादी शब्दों में लिपटा ‘प्रोपेगेंडा’ बताया.

    उन्होंने कहा, “सभी मामलों में कर्नाटक के साथ भेदभाव किया जा रहा है.”

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    भाई के बयान पर डीके शिवकुमार ने क्या कहा?

    उनके भाई और कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बेंगलुरू में पत्रकारों से कहा कि वो ‘एकीकृत भारत के नागरिक’ हैं.

    उन्होंने कहा, “सुरेश ने सिर्फ, राजस्व में उचित हिस्सेदारी न मिलने पर लोगों की निराशा को ही व्यक्त किया है. हम सभी भारत मां के बच्चे हैं और हमें एकजुट रहना होगा. दक्षिण भारत को भी हिंदी राज्यों के अनुसार, बराबर की प्राथमिकता और महत्व मिलना चाहिए.”

    उन्होंने कहा, “कर्नाटक ने 26 बीजेपी सांसद चुने और यह संख्या 27 तक पहुंच चुकी है. इन सांसदों ने कर्नाटक के लिए क्या किया? क्या कर्नाटक से आने वाले बीजेपी सांसदों ने कम से कम अभी संसद भवन के सामने प्रदर्शन किया?”

    बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजेंद्र ने सुरेश के बयान की निंदा की है और कहा है, “बांटो और राज करो की उनकी नीति हमारे राष्ट्र की सभी बुराइयों का मूल है. डीके सुरेश का बयान एक सांसद के नाते ग़ैर-ज़िम्मेदाराना है, जोकि हमारे संविधान और राष्ट्रीय एकता के ख़िलाफ़ है.”

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  7. दिन भर, पूरा दिन पूरी ख़बरः ज्ञानवापी तहख़ाने में पूजा, मुस्लिम पक्ष के विकल्प?

  8. झारखंड में राज्यपाल से मिले चम्पाई सोरेन, सरकार बनाने को लेकर क्या कहा

    चंपई सोरेन

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    झारखंड में राजनीतिक उथल पुथल के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधानमंडल के नेता चम्पाई सोरेन ने राज्यपाल से मुलाक़ात की है.

    गुरुवार शाम को मुलाक़ात के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा, “हमने मांग की है कि सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए. उन्होंने (राज्यपाल ने) कहा कि यह प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी.”

    चम्पाई सोरेन ने कहा कि उन्हें सभी 43 विधायकों का समर्थन प्राप्त है. साथ ही कहा कि यहाँ राजयपाल महोदय को दिए गए समर्थन पत्र में हस्ताक्षर करने वाले सभी विधायक मौजूद रहे.

    उन्होंने एक वीडियो बनाकर सभी विधायकों की उपस्थिति की गिनती कराई.

    उन्होंने कहा कि सरकार बनाने का दावा बुधवार को ही पेश किया जा चुका है और अब राज्यपाल से सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया गया है.

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  9. अमेरिका ने कहा- वो पाकिस्तान में 'स्वतंत्र और निष्पक्ष' चुनाव चाहता है...

    अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर

    पाकिस्तान में आम चुनावों से एक हफ्ते पहले अमेरिका ने कहा है कि वो देश में 'स्वतंत्र और निष्पक्ष' चुनाव चाहता है.

    अमेरिका ने ये भी कहा है कि वो ऐसी किसी हिंसा की कड़ी आलोचना करता है जिससे चुनावी प्रक्रिया में बाधा पहुंचती हो.

    अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने पत्रकारों की ओर से पूछे गए एक सवाल के जवाब में ये बात कही.

    वीडियो कैप्शन, पाकिस्तान के लिए क्यों बदल गए अमेरिका के बोल?

    मैथ्यू मिलर से पाकिस्तान में चुनाव पूर्व हिंसा और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ के समर्थकों को शांतिपूर्ण तरीके से चुनावी रैली आयोजित करने की पाकिस्तान सरकार द्वारा इजाजत न दिए जाने को लेकर सवाल पूछा गया था.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, मैथ्यू मिलर ने इस पर इतना ही कहा कि "हम पाकिस्तान में 'स्वतंत्र और निष्पक्ष' चुनाव होते हुए देखना चाहते हैं."

    वीडियो कैप्शन, इमरान सरकार गिरने के पीछे असली वजहें – वुसत का व्लॉग

    पाकिस्तान में आठ फरवरी को चुनाव होने हैं. इससे पहले इमरान ख़ान और उनके पार्टी सहयोगियों के ख़िलाफ़ कई आरोप लगाए गए हैं. उनकी पार्टी का चुनाव चिह्न ज़ब्त कर लिया गया है.

    इमरान ख़ान खुद और वरिष्ठ साथी शाह महमूद क़ुरैशी को कई मामलों में सज़ा सुनाई गई है और उनके नोमिनेशन पेपर रद्द कर दिए गए हैं.

    बुधवार को इमरान ख़ान की पत्नी बुशरा बीबी को भी पूर्व प्रधानमंत्री के साथ भ्रष्टाचार के एक मामले में सज़ा सुनाई गई है.

  10. बिहार के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बिहार की राजनीति पर ख़ास बातचीत

    वीडियो कैप्शन, बिहार के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बिहार की राजनीति पर ख़ास बातचीत

    बिहार के उप-मुख्यमंत्री और भाजपा के नेता सम्राट चौधरी ने कभी नीतीश कुमार पर कई हमले किए थे, लेकिन अब उनके साथ सरकार में हैं, ऐसे में कुछ पुराने बयान उन्हें तंग कर सकते हैं. ऐसे में चौधरी का कहना है कि पार्टी के लिए पर्सनल कमिटमेंट छोडना पड़े तो छोड़ दूंगा.

    उन्होंने कहा कि अगर पार्टी का सवाल ना हो तो कभी सर नहीं झुका सकता हूं और जितनी गालियां लालू प्रसाद के परिवार ने नीतीश कुमार को दी उसका 10 फीसदी भी मैंने नहीं दिया. भाजपा नेता ने कहा कि अति आत्मविश्वास से चुनाव नहीं लडे़ जाते, इसके लिए संख्या सहयोग की ज़रूरत पड़ती है.

  11. बजट पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- बीजेपी को लगता है कि भारत को 2014 के बाद आज़ादी मिली

    मल्लिकार्जुन खड़गे

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    मोदी सरकार के इस कार्यकाल के अंतिम अतंरिम बजट पर, कांग्रेस नेता और विपक्षी इंडिया गठबंधन के संयोजक मल्लिकार्जुन खड़गे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा, "उन्हें (बीजेपी को) ऐसा लगता है कि 2014 में ही देश को आज़ादी मिली है और मोदी जी के आने के बाद देश में लोकतंत्र आया है और वो प्रधानमंत्री बने. बाकी पहले तो कोई प्रधानमंत्री नहीं था. या यहां पर लोकतंत्र भी नहीं था. इस भाषा में उन्होंने बजट पेश किया है."

    उन्होंने पूछा, "उन्होंने जो दो करोड़ नौकरियां देने का वायदा किया था, वो कहां तक पहुंचा. बाहर से काला धन लाकर सबको 15-15 लाख रुपये देने का वायदा कहां गया. और किसान की आमदनी दोगुना करने, एमएसपी बढ़ाने का वायदा कहां है."

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    खड़गे ने कहा कि सरकार को पिछले 10 सालों में किए गए कामों को तुलनात्मक रूप से बताना चाहिए. उन्हें बताना चाहिए कि 2014 के बाद उन्होंने क्या किया.

    खड़गे ने आरोप लगाया कि "इस बजट में ग़रीबों के लिए, लोवर मिडिल क्लास और मिडिल क्लास के लिए कुछ भी नहीं दिया गया है. अंतरिम बजट की वजह से यह कोई ठोस अनुष्ठान करने वाला बजट नहीं है."

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    उन्होंने इसे 'काम चलाऊ' बजट कहा. उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले सालों में जो वायदे किए थे उनका कोई ब्योरा नहीं दिया. उसमें कितने पूरे हुए, कितने बाकी हैं इस बारे में कोई ज़िक्र नहीं किया गया है.

    उन्होंने कहा, "वो दावा करते हैं कि उन्होंने बहुत कुछ किया लेकिन उन्होंने ये नहीं बताया कि अबतक क्या किया."

  12. पाकिस्तान: इमरान को फिर सज़ा, क्या हैं मायने

    वीडियो कैप्शन, पाकिस्तान: इमरान को फिर सज़ा, क्या हैं मायने?

    साल के पहले महीने के आख़िरी दो दिनों में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को दो बड़े झटके लगे हैं.

    मंगलवार को उन्हें साइफ़र केस यानी गोपनीय सरकारी दस्तावेज़ लीक करने के मामले में 10 साल की सज़ा सुनाई गई और बुधवार को उन्हें तोशाख़ाना मामले में 14 साल जेल की सज़ा हुई है.

    सज़ा उनकी पत्नी बुशरा बीबी को भी सुनाई गई है. ये घटनाक्रम ऐसे समय हो रहा है, जब पाकिस्तान में जल्द ही आम चुनाव होने वाले हैं.

    इस बारे में और जानकारी दे रही हैं. इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता शुमाएला जाफ़री.

  13. मोदी सरकार के अंतरिम बजट में रक्षा क्षेत्र को क्या मिला

    रक्षा बजट

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    2024-25 के अंतरिम केंद्रीय बजट में रक्षा खर्च में अन्य मंत्रालयों के मुकाबले सबसे अधिक वृद्धि की गई है.

    गुरुवार को संसद में पेश किए गए बजट में पिछले साल के 5.95 लाख करोड़ के मुकाबले 4.72% की बढ़ोत्तरी करते हुए इसे 6.21 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है.

    पीआईबी के मुताबिक, यह कुल केंद्रीय बजट का 13.04 प्रतिशत है.

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट में रक्षा बजट का 1.72 लाख करोड़ रुपये सेना पर पूंजीगत खर्च के लिए अलग रखा गया है, जिसमें नए हथियार, विमान, युद्धपोत और अन्य सैन्य हार्डवेयर की ख़रीद शामिल है.

    रक्षा

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    चीन सीमा पर आधारभूत ढांचा मज़बूत करने पर जोर

    चीन की सीमा से लगे क्षेत्रों में बुनियादी रक्षा ढांचे के लिए 6,500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जोकि पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 30% और 2021-22 के मुकाबले 160% अधिक है.

    रक्षा बजट में लद्दाख में समुद्र तल से 13,700 फुट ऊंचाई पर न्योमा एयर फ़ील्ड, अंडमान निकोबार द्वीप में स्थानीय पुल कनेक्टिविटी, हिमाचल प्रदेश में 4.1 किलोमीटर लंबी शिंकू ला टनल का निर्माण, अरुणाचल प्रदेश में नेचिफू टनल निर्माण समेत कई परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है.

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    वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि रक्षा उद्देश्यों के लिए डीप-टेक टेक्नोलॉजी को मजबूत करने और क्षेत्र में 'आत्मनिर्भरता' में तेजी लाने के लिए एक नई योजना शुरू की जाएगी.

    रक्षा बजट में कुल राजस्व व्यय 4,39,300 करोड़ रुपये आंका गया है जिसमें रक्षा पेंशन के लिए 1,41,205 करोड़ रुपये, रक्षा सेवाओं के लिए 2,82,772 करोड़ रुपये और रक्षा मंत्रालय (सिविल) के लिए 15,322 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं.

    इस साल के रक्षा बजट का 27.67% पूंजीगत खर्च, 14.82% सेना की तैयारी के लिए, 30.68% वेतन भत्तों और 22.72% रक्षा पेंशन पर खर्च किया जाएगा.

  14. निर्मला सीतारमण ने पेश किया अंतरिम बजट, टैक्स स्लैब पर क्या बोलीं?

  15. हिमाचल और कश्मीर में भारी बर्फबारी से पर्यटकों के चेहरे खिले, देखिए तस्वीरें और वीडियो

    हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में बुधवार को भारी बर्फबारी हुई.

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    इमेज कैप्शन, हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में बुधवार को भारी बर्फबारी हुई.

    इस सर्दी में कश्मीर और हिमाचल के उच्च इलाक़ों में बर्फ़बारी नहीं होने से पर्यावरणविदों और किसानों के पेशानी पर बल आ गए थे, लेकिन गुरुवार को यहां मौसम ने करवट ली है.

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    बुधवार को जहां दिल्ली एनसीआर में भारी बारिश हुई है वहीं गुरुवार को हिमाचल के ऊंचाई वाले इलाक़ों में भारी बर्फबारी शुरू हो गई है.

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    समाचार एजेंसी एएनआई की ओर से जारी वीडियो में दिख रहा है कि भारी बर्फबारी के कारण हिमाचल के कसोल में वाहन संड़क पर रुक गए हैं.

    हिमाचल प्रदेश

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    बीते दो महीनों से बर्फबारी न होने के कारण हिमाचल के जनजातीय इलाक़ों में भी हालात काफ़ी चिंताजनक हो गए थे, जहां नवंबर के बाद आम तौर पर अच्छी ख़ासी बर्फबारी होती है, लेकिन इस बार ये इलाक़ा सूखा रहा है.

    श्रीनगर

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    26 जनवरी को लाहौल स्पीति समेत प्रदेश के कुछ हिस्सों में बर्फ़बारी से लोगों के चेहरों पर जो मुस्कान आई थी, वो जल्दी ही ग़ायब हो गई क्योंकि नाममात्र बर्फबारी हुई थी और बर्फ भी जल्दी ही पिघल गई थी.

    अनंतनाग

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    कश्मीर में भी भारी बर्फबारी

    जम्मू कश्मीर के पूंछ इलाक़े में भी भारी बर्फबारी हो रही है. वहां सड़कों और घरों पर बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है.

    मनाली

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    केंद्र प्रशासित क्षेत्र के कई हिस्सों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे सेब उगाने वाले किसानों के चेहरे पर मुस्कान खिल गई है.

    लाहौल स्पीति

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  16. वेस्टबैंक: जब अस्पताल के अंदर इसराइली सेना ने की कार्रवाई

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    इसराइली सेना डॉक्टरों के भेष में वेस्ट बैंक में जेनिन के एक अस्पताल में नाटकीय तरीक़े से दाख़िल हुई.

    फिर तीन फ़लस्तीनियों को गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई.

    मारे गए लोग हथियारबंद समूहों के सदस्य थे,इनमें हमास का एक सदस्य शामिल था.

    बीबीसी संवाददाता लूसी विलियमसन की ये ख़ास रिपोर्ट देखिए.

  17. झारखंड: पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए

    पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

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    इमेज कैप्शन, पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

    झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गिरफ़्तारी के बाद अदालत ने एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजेने का फैसला सुनाया है.

    रांची की एक विशेष अदालत (पीएमएलए कोर्ट) ने गुरुवार को ये फ़ैसला दिया.

    इस केस से जुड़े एडवोकेट मनीष सिंह ने बताया कि ईडी ने हेमंत सोरेन के लिए दस दिनों की न्यायिक हिरासत मांगी थी.

    लेकिन अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रखा है और अगली सुनवाई कल होगी.

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    हेमंत सोरेन पर क्या हैं आरोप

    सोरेन से कथित जमीन घोटाले के जिस मामले में ईडी पूछताछ करना चाह रही है, वो सेना के 4.55 एकड़ मालिकाना हक वाली जमीन की खरीद बिक्री से जुड़ी है.

    ये जमीन रांची के बड़गाई इलाके में है और इस अंचल के राजस्व उप-निरीक्षक भानु प्रताप की इस संबंध में गिरफ़्तारी भी हो चुकी है.

    ईडी इस मामले में 20 जनवरी को मुख्यमंत्री से पूछताछ कर चुका है. मुख्यमंत्री से रांची में करीब सात घंटे तक जांच एजेंसी ने पूछताछ की थी. ये पूछताछ भी मुख्यमंत्री को जारी कई समन के बाद हुई थी.

    20 जनवरी से पहले ईडी ने सोरेन को सात समन जारी किए थे लेकिन वो जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए.

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    आठवें समन के बाद उन्होंने अपना बयान रिकॉर्ड कराया. सोरेन को पहला समन 14 अगस्त 2023 को जारी हुआ था.

    इस मामले में एजेंसी ने अब तक 14 लोगों की गिरफ़्तारी की है जिसमें 2011 बैच के आईएएस अधिकारी छवि रंजन भी शामिल हैं.

    पिछले साल 13 अप्रैल को ईडी ने झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में क़रीब 22 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें झारखंड कैडर के आईएएस छवि रंजन से संबंधित ठिकाने भी शामिल थे. रंजन पहले रांची के डिप्टी कमिश्नर भी रह चुके हैं.

    ईडी ये कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के प्रावधानों के तहत की थी.

  18. संसद की सुरक्षा में सेंध के अभियुक्तों ने कहा- बिजली के झटके देकर किया जा रहा टॉर्चर

  19. मोदी सरकार के अंतरिम बजट पर क्या कह रहे हैं आर्थिक मामलों के जानकार

    निर्मला

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    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के मौजूदा कार्यकाल का अंतिम बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार 2024-25 में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के मुकाबले 5.1% करेगी.

    मौजूदा समय में राजकोषीय घाटा 5.8% है.

    इस बजट में करदाताओं को कोई नई छूट नहीं दी गई है. यानी इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

    हालांकि स्टार्टअप के लिए टैक्स छूट एक साल के लिए बढ़ाई गई है.

    बैंक बाज़ार डॉटकॉम के सीईओ आदिल शेट्टी के मुताबिक, पिछले साल की बजट घोषणाओं ने ज़्यादा से ज़्यादा वार्किंग पॉप्यूलेशन को कवर करने की कोशिश की थी.

    "लेकिन रिपोर्टों के अनुसार लोग अभी भी पुरानी टैक्स प्रणाली में भरोसा रख रहे हैं और इसमें होम लोन ब्याज पर छूट, टैक्स सेविंग्स के लिए निवेश करना, पारिवारिक हेल्थ बीमा और रिटायरमेंट के लिए बचत जैसी अहम चीज़ें शामिल हैं."

    "अगर टैक्स स्लैब की बात करें तो पिछले 11 साल से इसमें कोई बदलाव तो नहीं आया है और अंतरिम बजट में इसमें बदलाव की उम्मीद भी नहीं थी."

    बजट भाषण सुनते हुए उद्योग जगत के लोग

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    सत्ता में वापसी का भरोसा

    मुंबई स्थित प्रभुदास लीलाधर के रिसर्च एनॉलिस्ट अमित अनवानी ने कहा, "ऐसा लगता है कि चुनाव बाद सत्ता में फिर से आने की उम्मीद में सरकार आगामी पूर्ण बजट के लिए अवसरों को बचा कर रखना चाहती है."

    लेकिन राजकोषीय घाटे को लेकर आर्थिक जानकारों की चिंताएं बरकरार हैं.

    मूडी के सीनियर प्रेसिडेंट क्रिश्चियन डी गुज़मान ने कहा, “यह ध्यान रखने की ज़रूरत है कि केंद्रीय बजट का एक बहुत बड़ा हिस्सा ब्याज चुकाने में जा रहा है. और कर्ज़ सामर्थ्य में कोई बहुत महत्वपूर्ण सुधार नहीं हुआ है.”

    एचडीएफ़सी बैंक की प्रिंसिपल इकोनॉमिस्ट साक्षी गुप्ता का कहना है कि ‘राजकोषीयघाटे को कम करने की सरकार की सोच स्वागतयोग्य है और 2024-25 के लिए उम्मीद से कम बाज़ार कर्ज, बांड मार्केट के लिए अच्छा कदम है.’

    मुंबई के नेक्सडाइम में इंडायरेक्ट टैक्स के डायरेक्टर संजय छाबड़िया ने कहा, "राजकोषीय घाटे की पूरी तस्वीर जुलाई 2024 में स्पष्ट होगी. इस समय सरकार इसे संतुलित करने की कोशिश कर रही है. अंतरिम बजट में उद्योगों की उम्मीद के अनुसार कोई अप्रत्यक्षकर सुधार नहीं किया गया है. अब उद्योग को अगले बजट का इंतज़ार रहेगा."

    मुंबई में एलारा कैपिटल की इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ में अर्थशास्त्री गरिमा कपूर ने कहा, "चुनावी मजबूरियों को संतुलित करते हुए यह बजट सभी महत्वपूर्ण सेक्टरों में तालमेल बिठाने वाला है."

    सैटर्न कंसल्टिंग ग्रुप के मैनेजिंग पार्टनर, निशांत खेमानी ने कहा कि जैसी उम्मीद थी, वित्त मंत्री ने टैक्स बदलावों को लेकर यथास्थिति बनाए रखी. मई 2024 में आम चुनावों के बाद जुलाई में पेश होने वाले पूर्ण केंद्रीय बजट में कराधान क़ानूनों में बड़े बदलाव की हम उम्मीद कर सकते हैं.

  20. दक्षिण अफ़्रीका में बढ़ते अपराध के मामले

    वीडियो कैप्शन, दक्षिण अफ्रीका में बढ़ते अपराध के मामले

    दक्षिण अफ़्रीका में हिंसक अपराध कोई नई बात नहीं हैं, लेकिन अब वहां हत्या और कार-हाइजैकिंग जैसे अपराधों ने पिछले बीस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है.

    दक्षिण अफ्रीका में इस साल चुनाव होने हैं, लेकिन माना जा रहा है कि सरकार अपराधियों पर कोई शिकंजा नहीं कस पा रही है.

    यही वजह है कि कई लोग अब पुलिस के बजाए प्राइवेट सिक्योरिटी पर निर्भर हैं. देखिए जोहानेसबर्ग से डेनियल डि सिमोन की रिपोर्ट.