वडोदरा नाव हादसे में पुलिस ने छह को किया गिरफ़्तार, 12 बच्चों सहित 14 की हुई थी मौत

वडोदरा के पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने एएनआई को यह जानकारी दी है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and चंदन शर्मा

  1. वडोदरा हादसा: मानवाधिकार कार्यकर्ता का दावा, 'बिना लाइफ जैकेट के नाव पर क्षमता से ज़्यादा लोग सवार थे'

    वडोदरा

    गुजरात के वडोदरा की हरणी झील में गुरुवार को एक नाव डूबने से 12 बच्चों समेत 14 लोगों की मौत हो गई.

    इसमें दो शिक्षक भी शामिल थे. ये बच्चे स्कूल से पिकनिक के लिए आए थे.

    वडोदरा के एक समाजिक कार्यकर्ता ने कहा है कि नगर निगम और ठेकेदार की मिलीभगत के कारण ये हादसा हुआ.

    उन्होंने कहा कि नाव में क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे और उनके पास लाइफ़ जैकट थी.

    समाजिक कार्यकर्ता अतुल गमची ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, “वडोदरा की हरणी झील में जो हादसा हुआ उसमें 22 लोगों की मौत हुई है. इस नाव की क्षमता 14 लोगों की थी लेकिन इसमें 27 लोग सवार थे.”

    “नाव पर दो रेस्क्यू करने वाले होने चाहिए थे लेकिन वो थे ही नहीं. लोगों को लाइफ़ जैकेट नहीं दी गई. यहां कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं है. इस घोटाले में वडोदरा नगर निगम और ठेकेदार शामिल हैं.”

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गुरुवार को शोक ज़ाहिर किया और घायलों के जल्दी ठीक होने की कामना की है.

    प्रधानमंत्री नेशनल रिलीफ़ फ़ंड से हर मृतक के परिजन को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने का भी एलान किया गया है.

  2. आज सरकारी आवास खाली कर सकती हैं महुआ मोइत्रा, डायरेक्ट्रेट ऑफ़ एस्टेट की टीम पहुंची

    महुआ मोइत्रा

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    टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा लोकसभा से निष्कासित किए जाने के बाद आज अपना सरकारी बंगला खाली कर सकती हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, डॉयरेक्ट्रेट ऑफ़ एस्टेट ने महुआ मोइत्रा के सरकारी आवास पर एक टीम भेजी है.

    इससे पहले डॉयरेक्ट्रेट ऑफ़ एस्टेट ने महुआ मोइत्रा को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस तीन बार जारी किया था. इस सप्ताह जारी किए गए नोटिस में मोइत्रा से बंगला तुरंत खाली करने को कहा गया था.

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    महुआ मोइत्रा को पिछले साल 8 दिसंबर को लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया था, इसके बाद 7 जनवरी तक उन्हें सरकारी घर खाली करने के लिए कहा गया.

    दूसरी बार 12 जनवरी को भी उन्हें घर खाली करने का नोटिस दिया गया था.

    इस सप्ताह उन्हें तीसरा नोटिस भेजा गया था.

  3. अन्नपूर्णी फ़िल्म को लेकर हुए विवाद पर पहली बार बोलीं अभिनेत्री नयनतारा

    नयनतारा

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    फिल्म अन्नपूर्णी को लेकर हुए विवाद और नेटफ़्लिक्स से इसे हटाए जाने के बाद फ़िल्म की अभिनेत्री नयनतारा ने इस फ़िल्म पर और लोगों की आपत्ति पर प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा है कि फिल्म अन्नपूर्णी के ज़रिए हम लोगों को एक सकरात्मक संदेश देना चाहते थे, ये फ़िल्म लोगों को प्रेरित करने के लिए बनायी गई थी और किसी की भावनाओं को दुखाना हमारा मकसद नहीं था.

    गुरुवार को इंस्टाग्राम पर उन्होंने लिखा- “हम एक सकारात्मक संदेश देने की ईमानदार कोशिश कर रहे थे, जिससे अनजाने में लोगों की भावनाएं आहत हुईं. हमें उम्मीद नहीं थी कि एक फिल्म जिसे सेंसर बोर्ड ने पास किया है और जो थिएटरों में रिलीज़ हो चुकी है उसे ओटीटी से हटाया जाएगा.”

    “मैं और मेरी टीम किसी की भावनाएं आहत करना नहीं चाहते और हमें मामले की गंभीरता का अहसास है. मैं खुद भगवान में आस्था रखती हूं और अक्सर मंदिर जाती हूं, तो मैं लोगों की भावनाएं आहत करने के बारे में सोच भी नहीं सकती. जिन्हें भी हमारी फ़िल्म से दुख पहुंचा है, मैं उनसे माफ़ी मांगती हूं.”

    नयनतारा

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    तमिल फिल्म 'अन्नपूर्णी: द गॉडेस ऑफ फूड' में नयनतारा मुख्य भूमिका में हैं. फिल्म एक रूढ़िवादी हिंदू ब्राह्मण परिवार की एक लड़की की कहानी है जो कठिनाइयों का सामना करते हुए शेफ बनने का सपना देखती है.

    ये फ़िल्म 1 दिसंबर को सिनेघरों में रिलीज़ की गयी थी और 29 दिसंबर को इसे नेटफ़्लिक्स पर रिलीज़ किया गया था. लेकिन ओएटीटी पर आते ही इसे लेकर विवाद शुरू हो गया.

    इस फिल्म के खिलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गयी और फिर इसे नेटफ़्लिक्स से हटा लिया गया.

  4. LIVE: गुजरात के हरणी झील में हुए हादसे के बाद जानिए क्या है हाल

    LIVE: वडोदरा के पास हरणी झील में नाव पलटने से कई बच्चों की मौत. ताज़ा हाल बता रहे हैं बीबीसी संवाददाता रॉक्सी गागडेकर छारा (कैमरा- पवन जायसवाल)

  5. केंद्र सरकार के बाद अब ओडिशा सरकार ने 22 जनवरी को सभी सरकारी दफ़्तरों में किया हाफ़-डे का एलान

    नवीन पटनायक

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    केंद्र सरकार के बाद अब ओडिशा सरकार ने कहा है कि 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के आयोजन को देखते हुए राज्य सरकार के सभी कार्यालयों को दोपहर 2.30 बजे तक बंद रखा जाएगा.

    ओडिशा सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक़, राज्य सरकार के सभी दफ़्तर, रेनेव्यू विभाग और मजिस्ट्रियल कोर्ट 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के आयोजन को ध्यान में रखते हुए दोपहर दो 2.30 बजे तक बंद रहेंगे.

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    इससे पहले केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा था कि 22 जनवरी को राम मंदिर के आयोजन को देखते हुए केंद्र सरकार के सभी दफ़्तरों में हाफ़-डे रखा गया है.

    केंद्र सरकार के नोटिफ़िकेशन में कहा गया था- “अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को पूरे भारत में मनाई जाएगी. कर्मचारी भी इस उत्सव में भाग ले सकें इसके लिए पूरे देश में सभी केंद्र सरकार के कार्यालय, केंद्रीय संस्थान और बैंक दोपहर 2.30 बजे तक बंद रहेंगे.”

  6. मालदीव की भारतीय सैनिकों को दी गई डेडलाइन पर विदेश मंत्रालय ने क्या कहा

    जयशंकर

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    गुरुवार को भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह मालदीव के साथ अपने विकास के एजेंडे को आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है.

    भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल का ये बयान ऐसे समय आया है जब मालदीव और भारत के बीच तनाव चल रहा है और मालदीव ने बीते दिनों कहा कि 15 मार्च तक भारत के सैनिकों को मालदीव छोड़ना होगा.

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा- “ मालदीव के विकास में सहयोग देने वाले साझेदार के रूप में जो कुछ भी हो सकता है, हम करेंगे.”

    मालदीव की ओर से भारतीय सैनिकों को देश छोड़ने की डेडलाइन देने के मामले पर उन्होंने कहा कि इस बारे में भारत-मालदीव के बीच कोर ग्रुप की दूसरी बैठक में चर्चा होगी.

    14 जनवरी को भारत और मालदीव ने कोर ग्रुप की बैठक हुई थी. इस बैठक में मालदीव में तैनात भारतीय सैनिकों के मुद्दे पर चर्चा हुई थी ये सैनिक भारत की ओर से मालदीव को दिए गए जहाजों की मेंटेनेंस और उसकी देखभाल के लिए तैनात किए गए गए हैं.

    जयसवाल ने कहा- “दोनों ही पक्षों के बीच बातचीत हो रही है और एक व्यवहारिक समाधान तलाशने की कोशिश हो रही है ताकि हमारे सैनिक भारतीय एविएशन प्लेटफॉर्म का ऑपरेशन जारी रख सकें और मालदीव को लोगों को मानवीय सहायता देते रहें.”

    “कोर ग्रुप की अगली बैठक भारत में होगी और जिसमें इस बातचीत को आगे लेकर जाएंगे.”

    हालांकि ये बैठक कब होगी इस तारीख को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गयी.

  7. मणिपुर में फिर शुरू हुई हिंसा, पांच आम नागरिकों और तीन सुरक्षाकर्मियों की मौत

    मणिपुर

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    मणिपुर में हिंसा का ताज़ा दौर फिर से शुरू हो गया है. गुरुवार और बुधवार की दरमियानी रात हुई हिंसा में पांच आम नागरिक और सेना के तीन जवान मारे गए हैं.

    इसके एक दिन पहले बुधवार की सुबह टेंग्नौपाल में ‘हथियारबंद चरमपंथियो’ के हमले में दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी और छह लोग घायल हो गए थे.

    दो दिन की हिंसा में कुल सात लोगों की मौत हो गयी है.

    गुरुवार को राज्य के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन किये गए. बीते आठ महीने से राज्य में जारी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है.

    गुरुवार को मणिपुर पुलिस ने एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा- “18 जनवरी को विष्णुपुर ज़िले के निंगथौखोंग खा खुनो में अज्ञात सशस्त्र बदमाशों ने चार आम नागरिकों की हत्या की. मामले की जांच जारी है और अपराधियों को गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है.”

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    इस ट्वीट के थोड़ी देर बाद ही मणिपुर पुलिस ने बताया कि एक और नागरिक की हत्या हो गयी है.

    इससे पहले 17 जनवरी की देर रात मणिपुर पुलिस ने बताया था कि चरमपंथियों ने योजना के तहत सुरक्षाबलों पर हमला किया जिसमें मणिपुर राइफ़ल्स के एक जवान, मणिपुर पुलिस के आईआरबी फ़ोर्स के एक जवान और भारतीय रिज़र्व बटालियन के एक जवान सहित कुल तीन सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गयी.

    बीते साल मई से मणिपुर में बहुसंख्यक मैतेई समुदाय और आदिवासी कुकी-ज़ो समुदाय के बीच जातीय हिंसा जारी है.

    पिछले आठ महीनों में कम से कम 200 लोगों की जान गई है और 50,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं.

  8. डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने कहा- राम मंदिर के ख़िलाफ़ नहीं हैं लेकिन...

    उदयनिधि स्टालिन

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    डीएमके नेता और तमिलनाडु सरकार में मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने कहा है कि उनकी पार्टी अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के खिलाफ़ नहीं है बल्कि एक ‘मस्जिद ढहा कर मंदिर बनाने’ के खिलाफ़ है.

    गुरुवार को उदयनिधि ने चेन्नई में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि 'एम करुणानिधि ने कहा था कि डीएमके किसी धर्म विशेष या आस्था के ख़िलाफ़ नहीं है.'

    उन्होंने 1992 में बाबरी मस्जिद को ढहाए जाने की घटना का ज़िक्र करते हुए कहा , “हमें वहां मंदिर बनने से कोई समस्या नहीं है. हम मस्जिद को ध्वस्त करने के बाद मंदिर बनाने से सहमत नहीं हैं.”

    उदयनिधि ने कहा, "हमारे कोषाध्यक्ष (टी आर बालू) पहले ही कह चुके हैं कि आध्यात्म और राजनीति को एक साथ मिलाना गलत है."

    22 जनवरी को अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी, मोदी सरकार ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 22 जनवरी को हाफ़-डे करने का एलान किया है.

    इस आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्य के सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत सहित कई लोग शामिल हो रहे हैं. हालांकि कांग्रेस ने कहा है कि वह इस आयोजन में शामिल नहीं होगी.

    उसका तर्क है कि मोदी सरकार इस आयोजन को धार्मिक नहीं बल्कि राजनीतिक बना रही है और इसलिए वो 'बीजेपी के इस आयोजन' में शामिल नहीं होंगे. एनसीपी नेता शरद पवार ने भी कहा है कि वो 22 जनवरी के बाद रामलला के दर्शन करेंगे.

    उत्तराखंड पीठ के शंकराचार्य ने भी इस आयोजन में शामिल होने के इनकार किया है.

  9. नमस्कार!

    आपका दिन शुभ हो.

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